De første 200 linjer.
हैलो, अंकल। हाय, आंटी।
नमस्ते, डैडी।
डैड ज़्यादा हो जाएगा।
हैलो, सर। हाय, मैडम।
नहीं।
पैरी पौना। पैरी पौना, आंटी।
पैरी पौना किसको बोलते हैं?
पैर छूने को। पैरी पौना। पैरी पौना।
तेजस!
माँ
-तुम्हें ही कॉल करने वाला था। -इतना घबराया हुआ क्यों है?
पहली बार मिल रहा हूँ ना उसके पेरेंट्स से तो थोड़ा…
इसा के मम्मी-पापा हैं, अच्छे ही होंगे।
मम्मी, इशा नहीं, एशा।
अच्छा बाबा, एशा।
वो करोड़पति लोग हैं, मम्मी। थोड़े अलग किस्म के होते हैं।
अच्छा, एक बात बताओ।
जैकेट कौन सी पहनूँ?
दोनों ही अच्छी हैं।
दोनों थोड़ी पहन सकता हूँ मैं। बोलो ना।
अच्छा, ज़रा पास लेकर आ।
ये पहली वाली की बटन टूटी हुई है।
- दूसरी वाली पहन। - ओह शिट! क्या नज़र है!
अच्छा, मुँह खोल।
एक मिनट। एक मिनट।
लाओ, तुम्हारी वाईफाई दही।
ये ले।
अच्छा, अब जल्दी से तैयार हो जा।
वो क्या कहते हैं अमेरिका में?
गॉड स्पीड।
तुम्हें पता है ना तुम इसके लिए ना कह सकते हो?
एशा।
तुम्हें मेरे लिए ये करने की कोई ज़रूरत नहीं है।
तुम पे कोई दबाव नहीं है।
ये तुम्हारे लिए नहीं…
हमारे लिए कर रहा हूँ।
मेरी मम्मी कहती हैं, मन सच्चा हो तो सब अच्छा होता है।
तो सब ठीक होगा।
मेरे पेरेंट्स बुरे लोग नहीं हैं।
वो बस थोड़ा अलग सोचते हैं।
मैं समझता हूँ।
पेरेंट्स अपने बच्चों को लेके थोड़े ज़्यादा सावधान होते ही हैं।
खास तौर से जब वो अमीर हों।
जोक था।
होना भी चाहिए था,
क्योंकि जब वो लोग तुम्हें अपना लेंगे, तब पता चलेगा कि वो कितने प्यारे हैं।
फिर तो जल्दी से मिलना पड़ेगा।
रुको, देखने दो।
अच्छा है?
एलसिक्सएक्स, पॉलीग्राफ इंस्ट्रूमेंट
वो क्या है ना, सुशू हमारी इकलौती बेटी है,
इसीलिए हम तसल्ली करना चाहते हैं।
बिल्कुल।
बॉब को लगता है कि तसल्ली करने के लिए साइंटिफिक तरीका सही रहेगा।
कोई बात नहीं, आंटी। मैं भी साइंस में भरोसा रखता हूँ।
अच्छी बात है।
और वैसे भी, आजकल बहुत हो रहा है वो… पता है ना, फ्रॉड।
है ना, बॉब?
इसके लिए आँख मूँद के भरोसा नहीं कर सकते।
मॉम, प्लीज़।
ऐसा पहली बार तो नहीं होगा ना, सुशू।
पिछली बार डैड ने तुम्हें बचा लिया था।
भरोसा कीजिए, आंटी। मैं फ्रॉड नहीं हूँ।
ये मशीन को तय करने दो।
तैयार हो, जॉन?
हे! आराम से।
- मैं प्यार करती हूँ, ओके? - मुझसे ज़्यादा नहीं।
सब ठीक हो जाएगा।
सुशू, तुम जानती हो कि डैड को पीडीए पसंद नहीं है।
पैम, एशू को लेकर बाहर जाओ।
क्या? नहीं, मैं यहाँ जैस के साथ रहूँगी।
तुम सच का सामना नहीं कर पाओगी।
ये बिल्कुल प्यारे से पपी जैसा है।
कहाँ मिला? टिन्डर?
हिन्जर? मिक्सर ग्राइन्डर?
सुशू, देखो, मुझे सब पता है।
नहीं मॉम, ग्राइन्डर एप गे लोगों के लिए है।
हम कैंपस में मिले थे, ओके?
- तुम लोगों ने वो कर लिया? - हे भगवान! मॉम, चुप करो।
आपको हुआ क्या है?
सुशू, तुम मुझे बता सकती हो।
आप मुझसे ये बात डैड के सामने क्यों नहीं पूछतीं?
उनके सामने तो आप अलग तरह से पेश आती हैं।
जब इंग्लिश पिक्चरों में मम्मियाँ ऐसी बातें करती हैं तो तू बहुत खुश हो जाती है, सुशू।
पर जब मैं कूल बनने की कोशिश करती हूँ, तो तू मुझे हमेशा रोकती है।
हाँ, हम कर चुके हैं।
-क्या? - देखा, आप कूल नहीं हैं।
हमने नहीं किया है, मॉम।
भगवान का शुक्र है।
आपकी बात दिमाग में घूमती रहती है।
शुक्र है।
पता नहीं कैसे पर…
ये क्लीन है। कुछ ज़्यादा ही क्लीन है।
तो, ये पैसों के लिए नहीं कर रहा है?
ग्रीन कार्ड के लिए भी नहीं?
थैंक यू, अंकल। थैंक यू, आंटी।
इतनी जल्दी नहीं, बेटा।
भारतीय शादियाँ परिवारों के बीच होती हैं।
तो पहले, मैं तुम्हारे परिवार से मिलना चाहूँगा।
ज़रूर, अंकल। हमारे शहर में आपका स्वागत है।
अरे! अरे! ए, हँसो मत।
सरिता बहन, कुछ तो अपना वज़न संभालो।
पल्लवी बहन, मुझसे ये कपल गरबा नहीं होगा।
अरे, ऐसा क्यों? हटो, मैं बताती हूँ।
लहराती आजे…
-है ना? आओ। -हाँ।
एक, दो, तीन, चार।
-लहराती आजे… -लहराती आजे…
समझ गई ना?
-वाह, पल्लवी बहन! वाह! -अच्छा, अब सीधी हो जाओ।
-स्लिप डिस्क करोगी क्या? - पल्लवी काकी बेस्ट हैं।
हाँ। यस।
अच्छा, अभी बाकी सब तुम संभालो।
अरे, पल्लवी बहन, अभी पंडाल सजाना बाकी है।
और खोपरा पाक भी बनाना बाकी है।
अरे, एक बार दिन के हिसाब से कलर्स तो बताती जाओ।
पच्चीस साल से बता रही हूँ।
अब तो सीख जाओ।
ये देख लो।
वृंदावन कोऑप सोसाइटी कॉम…
कॉमोर… कॉमर… कॉमरेरेट… कॉमरेड…
कॉमरेट… कॉमरेटी…
मनोहर, कॉमरेट नहीं, कॉमेमोरेट।
हाई सोसाइटी का शब्द है।
तेरे बेटे के अमरीकी ससुराल वाले हैं ना, समधी, इंप्रेस हो जाएँगे।
जनक भाई, इस बार का फेस्टिवल गजब होना चाहिए।
अरे, अपने तेजस की शादी इतने बड़े घर में तय हुई है ना।
-बेस्ट करेंगे। -हम्म!
काका… बेस्ट तो नहीं होने देंगे।
अगली बार यहाँ पे मेरा फोटो होगा।
ए विरलिया, एक बार सोसाइटी का इलेक्शन हार के तेरा दिल नहीं भरा?
ओ काका, विरल भाई के सामने उँगली नहीं, हाँ?
-तेरी उँगली की तो… -जनक भाई।
सोसाइटी के ट्रेजरर और चेयरमैन की एक प्रतिष्ठा होती है।
ऐसे हर किसी के मुँह नहीं लगते हैं।
वैसे भी ना मुँह लगने की हर एक की उम्र--
बचपन में तुम लोगों के लंगोट बदले हैं मैंने।
अभी काकी को नमस्ते करते हुए शर्म आती है?
-जय श्री कृष्णा। -जय श्री कृष्णा, काकी।
जय श्री कृष्णा।
चल, मेरा वादा रहा।
अगले साल मेरा वोट मैं तुझ ही को दूँगी।
तेरे काका को नहीं, ठीक है?
वो पहले दिन के परफॉरमेंस की लिस्ट बनाई?
-हाँ, वही करने जा रहे थे। -अच्छा।
साला मनोहर…
हमेशा अपनी बीवी की लोकप्रियता की वजह से जीत जाता है।
चलो-चलो, घर पे वो लाइट वाला आ गया होगा।
- आधे घंटे में आता हूँ। -अरे, तेजस चिल्लाता होगा। चलो।
-अरे… -अरे, चलो।
-बहुत काम है। -आधे घंटे…
तुम जैसी लड़की मुझ जैसे लड़के के साथ क्या कर रही है?
इतनी सुंदर, इतनी प्यारी, इतनी हॉट…
हॉट रहने देते हैं। हॉट नहीं बोल सकते, भाई।
किंजू, क्या रिकॉर्ड किया, बता?
थैंक्स, तेजस भाई।
हे, रुक।
-डिलीट कर विडियो। -अरे, क्या हो गया?
ये जनक काका की पोती हमारे घर में क्यों घूम-घूमकर विडियो बनाती रहती है?
अरे, बच्चों की छुट्टियाँ हैं।
तू भी तो छुट्टियों में अपनी सोसाइटी के घर-घर में घूमते रहता था।
अच्छा है।
अगर पजामा भी पहन लेता तो तेरी नज़र उतार देती।
मम्मी, बस इन दोनों के ऊपर से तुम नज़र उतार लो, काफी है।
जब दिल सच्चा हो तो सबकुछ अच्छा ही होता है।
तू चिंता मत कर।
अच्छा ये बता, एशा और उसके मम्मी-पापा को ये खोपरा पाक पसंद आएगा?
क्या बात है, पल्लवी बहन। क्या बात है!
ज़बरदस्त है। ज़बरदस्त!
बस, अब एक बार तुम्हारा डांस देख लें, उसके बाद तो बात पक्की।
हे नाचो!
तेजस, इधर आ।
एशा के मम्मी-पापा इस सगाई से खुश तो हैं ना?
-बेशक खुश हैं, मम्मी। -तो फिर तू इतना नर्वस क्यों है?
दरअसल, बहुत ही ट्रेडिशनल से लोग हैं ना।
हमसे भी ज़्यादा।
तो, वो बस चाह रहे थे कि तुमसे और पापा से एक बार मिल लें बस।
और अगर मैंने उसे रिजेक्ट कर दिया तो?
ऐसा मत कर, मम्मी। हार्ट फेल हो जाएगा।
अरे, नहीं, नहीं।
-अगले साल ना हम वहीं चलेंगे हम बारात लेके। -हम्म।
एक-दो साल में मैं सेट हो जाऊँ,
फिर पापा और तुम भी आ जाना। साथ में रहेंगे।
अरे, हम वहाँ क्या करेंगे? हम यहीं ठीक हैं।
यहाँ हमारे लोग हैं, हमारी बेटी है।
अरे, हाँ। उसको संभाल लेना हाँ, मम्मी, प्लीज़।
तू क्यों तारा के पीछे पड़ा रहता है?
उसके पीछे पड़ने की क्या ज़रूरत है?
उसकी तो खुद की आदत है दूसरों के काम में टाँग अड़ाने की।
- जीने दो, भाई। जीने दो। - हमको भी तुम जीने दो।
-जीने दो, भाई। जीने दो। -हमको भी तुम जीने दो।
देखिए, हम यहाँ कोई नारेबाज़ी करने नहीं आए हैं।
आज हमारा मकसद है कि हम उन तमाम लोगों को हौसला दें,
जो अपने वजूद को छुपाकर जी रहे हैं।
उन्हें यकीन दिलाएँ कि उन्हें ना सिर्फ अपने परिवार से
और ना ही समाज से डरने की कोई ज़रूरत है।
अपनी जेन्डर आइडेंटिटी और अपने सेक्शुअल ओरिएन्टेशन को स्वीकार करें।
और डर के नहीं, बस खुल के जिएँ।
-थैंक यू। -ये हम-हम क्या कर रही है?
इसका तो पति है ना? छुपा रही थी क्या?
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