De første 200 linjer.
नागराज की जय!
नागराज की जय!
जय, नागराज!
नागराज की जय!
जय, नागराज!
जय, नागराज!
हमारा राजा।
नागराज!
हमारा राजा।
नागराज!
हमारा राजा।
नागराज!
हमारा राजा।
नागराज!
हमारा राजा।
आपके प्यार और साथ के लिए शुक्रिया।
मैं इस पद पर सिर्फ आप लोगों के वजह से हूँ।
आप लोगों के वजह से।
शुक्रिया।
-मंजुनाथ! -सर?
मुझे इनकी समस्या बताओ।
जी सर!
सर, भारी वर्षा के कारण
इनका मकान पानी में बह गया।
सर!
मैडम!
जब तक आपके समस्या का हल नहीं मिलता।
आप कृपया हमारे घर में रहिए।
सर।
यह मेरा व्यक्तिगत निमंत्रण है।
शुक्रिया, सर।
आइए। कृपया आइए।
बेटी, मेरे साथ आओ।
'स्वच्छ बेंगलुरु अपना मुहल्ला स्वच्छ रखे'
नमस्ते सर!
नमस्ते!
अगले महीने मेरी बेटी की शादी है
और मेरे पास पैसे नहीं है
सर कृपया मेरी मदद करें।
यह लीजिए।
मंजुनाथ।
सर?
कृपया यह लीजिए।
लावण्या।
कृपया यह भी लीजिए।
भगवान आपका भला करे!
सर,
दोनों गुर्दे ख़राब हो चुकें हैं।
गुर्दे देनेवाला सिर्फ एक ही है,
और वह हैद्राबाद में है।
जब तक गुर्दा यहाँ पहुँचेगा,
बहुत देर हो चुकी होगी
हमारे पास कितना समय है?
लगभग एक घंटा।
डाक्टर,
कृपया देखिए अगर मेरा खून मेल खता हो तो
मेल खाता है, सर।
हाँ डाक्टर!
रक्तचाप गिर रहा है!
छुरी?
खिंचाव!
हृदय गति समान!
सलाईन चढाओ।
नब्ज कैसी है?
मैं तुमसे प्यार करती हूँ नागु।
श्रीमान नागराज।
नागु।
सर।
शर्म करो!
ओह, भगवान!
सर?
लावण्या।
मंजुनाथ।
सर।
कितना बुरा सपना था!
सिर्फ लोगों को दे रहा था।
सब कुछ मुफ्त में बाँट रहा था।
मेरे गुर्दे।
मेरे गुर्दे?
वही है।
-लावण्या, -नागु।
तुम्हारा मंगलसूत्र?
यही है नागु। यही है।
नागु।
मंजुनाथ, हटो।
सर।
शर्म करो! शर्म करो!
शर्म करो! शर्म करो!
शर्म करो नागराज!
शर्म करो! शर्म करो! शर्म करो!
शर्म करो नागराज!
-नागु का ध्यान रखो। -जी मैडम।
शर्म करो नागराज!
नागराज! मुर्दाबाद।
नागराज! मुर्दाबाद।
अब सब ठीक है, सर?
सब कुछ बढ़िया है, मंजुनाथ!
मुर्दाबाद, नागराज!
मुर्दाबाद, नागराज!
मुर्दाबाद।
क्या कर रहे हो? हटो यहाँ से।
मारो उसे!
उधर जाओ! इधर आओ,
उसकी मदद करो!
नागराज सर आ रहें हैं!
चिल्लाना बंद करो!
हे, अपनी शकल दिखाओ!
अपनी शकल दिखाओ!
मंजुनाथ, प्रमोद, क्या बकवास है?
बॉस, यह ऊपर नहीं जा रहा है।
ऊपर उठाओ, कमीने!
हम कोशिश कर रहे हैं, सर!
नमस्ते, मेरे दोस्तों!
मेरा नाम नागराज
मैं आपका विनम्र राजनेता हूँ।
हाय... हाय... नागराज!
हाँ! हाय
आपको भी हाय!
हाय! हाय!
वापस जाओ! नागराज, वापस जाओ!
क्या? वापस जाओ?
अगर मैं आता हूँ, तो समस्या, मैं नहीं आता हूँ, तो समस्या।
सर, समस्या है की आप
ठीक से काम नहीं कर रहें।
किसने कहा?
मंजुनाथ, वे क्या बोल रहे हैं?
रुकिए, रुकिए, रुकिए!
सर, हम प्रसाद मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल से आए हैं।
हम चाहते हैं आप रस्ते को अच्छा बनाए।
वहाँ गड्ढे, गटर और नाली के पानी का रिसाव होता है
और कूड़ा फेंका जाता है।
मंजुनाथ,
मैंने उसे कहीं देखा है!
उसका नाम क्या है?
डाक्टर शेखर कुमार।
डाक्टर प्रसाद के अस्पताल में काम करता है।
-इसकी बिजली काट दो। -जी, सर।
अगर आप कुछ नहीं करेंगे,
तो हम विधायक या मुख्यमंत्री के पास जायेंगे।
और आपकी शिकायत करेंगे।
ठीक है!
शांत हो जाओ!
ककड़ी की तरह रहिए! ठंडा!
असल में, हमने दो साल पहले ही रस्ते का काम किया था।
बंद किया था मतलब
रास्ता पागल हो चूका है।
पागल हो गया है।
वह हमारी गलती नहीं है
तो इस बार हम पागल नहीं बनायेंगे, हम रस्ते का काम करेंगे।
आशा करता हूँ आप समझ रहें हैं मैं केह रहा हूँ।
आप लोग समझ रहें हैं, है ना?
देखिए, मैं जानता हूँ।
उस रस्ते पर काफी गड्ढे,
गटर और नालियाँ का रिसाव हैं।
लेकिन मैं यह निश्चित करूँगा...
तीन दिन के अंदर वहाँ कुछ भी नहीं रहेगा।
कम से कम रस्ता तो रहेगा?
सर, नहीं!
बेहूदा बातें मत करो,
रास्ता रहेगा!
बेवक़ूफ़ सवाल मत पूछो।
मेरी माँ,
मेरा राज्य मुझे बुला रहा है। अब मुझे काम पर जाना पड़ेगा।
कृपया मेरा समय बर्बाद ना करें।
ठीक है, कृपया!
मंजुनाथ...
इतना आंदोलन सिर्फ एक सड़क के लिए!
क्या बकवास है, मंजुनाथ?
सर।
डाक्टर प्रसाद के अस्पताल पहुँचने से पहले ही
काफी मरीजों की एम्बुलेंस में ही जान जाती हैं।
और इसलिए यह समस्याए है।
क्यों मंजुनाथ?
हमने तो पिछले साल ही सड़क को बनवाया था।
-क्या हुआ? -नहीं सर।
हमने आपके घर के पास वाली सड़क बनवायी थी...
और उस पर ही पिछले छह महीने से काम कर रहे हैं।
-यह तुम्हारे लिए आखरी चेतावनी है मंजुनाथ! -सर!
पहले तो, पुरानी बकवास बातें मत करो...
दूसरी, एक नगरसेवक का वेतन कितना होता है?
8,000 रुपये, सर।
तो, अगर मैं कुछ बुनियादी सुख सुविधा ले लूँ
उसमेंं समस्या क्या है?
अब, कृपया मुझे बताओ...
अगर हमारे पास डाक्टर प्रसाद के खिलाफ कुछ है।
समस्या क्या है?
सर, समाज में उनकी बहुत इज़्ज़त है।
नंजुंडया उसकी राजनैतिक रूप से मदद करता है।
हे भगवान?
नंजुंडया?
हाँ, सर!
नगरसेवक बनाने से पहले
उसने मुझे बुलाया और कहा...
सर, कृपया मुझे बीए की पदवी दिला...
हे नंजुंडया, देखो...
अपनी सोच बड़ी रखा करो, दोस्त।
छोटा झोल क्यों करें?
बड़ा झोल करो...
वैसे भी, तुम पदवी खरीदने वाले हो।
तो, ऊँचे दर्जे की पदवी खरीदो।
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