Die ersten 178 Zeilen.
इस फिल्म में नाबालिगों से जुड़े यौन शोषण के मामलों का स्पष्ट विवरण हैं
जो कुछ दर्शकों को परेशान कर सकता है।
यदि आप या आपसे परिचित किसी ने यौन शोषण का अनुभव किया है,
तो अधिक जानकारी और संसाधन के लिए इस यूआरएल पर जाएं।
आबाद रहें। अक्सर हसें। बहुत प्यार करें।
प्रेम जी. विजन, 1952-2013
विशेष धन्यवाद किरण प्रेम विजन
प्रमिता तंवर विजन पूजा प्रेम पथेजा
ब्रेक के बाद एक बार फिर स्वागत है आपका हमारे इस शो पर!
परेश जी, खेल को आगे बढ़ाएं?
बिलकुल, सर।
चलिए।
तो खेलते हैं "सब बनेंगे करोड़पति!"
- चलिए, खेलें। - जी, सर।
परेश जी।
दिल्ली, 2005
सवाल आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर है।
जी, सर।
यह मशहूर गीत, "सारे जहाँ से अच्छा" किसने रचा था?
जी, सर।
चौथा।
सर, मुझे लगता है ऑप्शन दो।
अबे, चौथा है, चूतिये।
ऑप्शन दो।
जयदेव जी को लॉक किया जाए।
एह!
चलिए कंप्यूटर साहब, परेश जी ऑप्शन दो लॉक करना चाहते हैं।
तुम जैसों को किस्मत पैसे देती है, और हम जैसे यहाँ बैठकर झाड़ू मारते रह जाते हैं।
जयदेव को लॉक किया जाए।
नहीं भाईसाहब, यह गलत जवाब है।
चल निकल!
सही जवाब है ऑप्शन चार।
मुहम्मद इक़बाल।
कहाँ गया?
आह।
परेश जी।
हाँ? कैसी है?
कोई बात नहीं, बहुत अच्छा खेलें हैं आप।
क्या बोला डॉक्टर? नार्मल करेंगे या काट के निकालेंगे?
धन्यवाद, सर।
गुड़िया का बुखार कम हुआ?
हाँ, उसे कुछ दिन स्कूल मत भेजना अब। पूरा आराम करने दे।
हम्म।
छोटे लाल रात की बस ले रहा है।
हाँ, पैसे दे के भेजे है उसको मैंने।
रविवार बोल रहे हैं।
मेरे लिए तो अच्छा ही है, हैं अब?
पूरी कोठी अपनी पर्सनल।
हैं? बेटे से कम थोड़ी हूँ उनके मैं?
हाँ, सुन,
ज़्यादा भार-वार मत उठाना।
हम्म।
ख्याल रखना अपना।
हम्म?
चल अब रखता हूँ, काम बाकी है।
कल फ़ोन करूंगा।
अच्छा सुन।
ओ हैलो, सुन।
मुझे तुमसे प्यार है।
एह?
शर्मा गई? ए।
ओए।
चल, बाय।
स्पीकर सिस्टम
वॉल्यूम
सेक्टर 36
मेरे पिता, श्री कालीचरण पांडे,
संस्कृत एवं गणित के विद्वान्,
तथा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के भूतपूर्व विभाग प्रमुख।
अक्सर कहा करते थे,
कि 1686 में, आइसक न्यूटन ने इस विश्व को इसका सबसे बड़ा मूल मंत्र दिया था।
एक ऐसा मंत्र जो पशु-पक्षी, मनुष्य-देवता,
आत्मा-परमात्मा, सब पर लागू होता है।
सब पर।
गति का तीसरा नियम।
"प्रत्येक क्रिया की एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।"
आपने खाना खाया,
आपको तृष्टि प्राप्त हुई।
आपका पेट भरा।
आपने अपने-अपनों के साथ प्यार के दो क्षण बिताए,
आप में सुख और शांति की भावना उमड़ पड़ी।
प्क्रिया-प्रतिक्रिया।
अगर सोचा जाए,
तो न्यूटन से भी पहले हमारे शास्त्रों में भी, इस नियम का वर्णन मिलता है।
रावण ने सीता मैया का हरण किया,
उसकी लंका ध्वंस हो गई।
धृतराष्ट्र पुत्र मोह में इतना लीन हुए…
लापता
…कि महाभारत छिड़ गई।
हमारे नेताओं और अन्नदाताओं ने,
इस नियम को एक बहुत ही भव्य शब्द प्रदान किया है।
"सिस्टम!"
और हम सबके भविष्य
इसी एक शब्द से बनते भी हैं,
और बिगड़ते भी हैं।
और जो इस सिस्टम के विपरीत जाता है,
वह या तो महा साहसी होता है, या महा मूर्ख।
और मैं, राम चरण पांडे,
साहस के इस हानिकारक आडम्बर में न तो कभी पड़ा हूँ,
और न ही कभी इसमें पड़ने की इच्छा रखी।
क्योंकि…
कॉकरोच कितनी भी बॉडी बना ले…
जीत हमेशा जूते की होती है।
वह तो ठीक ही है, सर।
लेकिन, सर, ये, यह हिंदी और विज्ञान से, लेक्चर में मेरी,
मेरी बेटी का क्या लेना-देना है, सर?
लेना-देना है, मंडल बाबू। लेना-देना है।
आपने लापरवाही की,
आपकी बेटी गायब हो गई।
प्क्रिया-प्रतिक्रिया।
आज उसका जन्मदिन है, सर।
वह आज पंद्रह साल की होती।
पता है, सर?
पढ़ाई में बहुत मेधावी थी, तुम्पा।
-बहुत मेधावी। - हम्म, हम्म।
पिछले जन्मदिन से वह
माँ को बोली अगर इस परीक्षा में फ़र्स्ट आएगी न, तो उसको…
उसको टीवी खरीद के देना होगा।
यार हैलो, मंडल बाबू, सुनिए न।
कल उसका रिज़ल्ट भी आया था।
फ़र्स्ट आई।
अभी तो एक टीवी खरीदकर देना होगा न, सर?
देना होगा न, सर?
यार, मंडल बाबू। हैलो, सुनो न, यार।
यार देखो, यार, राजीव कैंप से बच्चे आज से तो लुप्त नहीं हो रहे।
ये कार्यक्रम तो सालों से चल रहा है।
मतलब हम उनको ढूँढकर लाते हैं, वे फिर भाग जाते हैं।
हम फिर ढूँढकर लाते हैं, फिर भाग जाते हैं।
इस भागने ढूँढने में, हम पांडे से पी. टी. उषा बन गए।
लेकिन हमें तो कोई मैडल नहीं दे रहा, भाई।
तो सर आप एक…
एक एफ़आईआर तो लिख सकते हैं न, सर? यह तो कर सकते हैं न सर आप?
कर सकते हैं कि नहीं, सर?
नहीं, यह भी आप हमें बताएँगे कि एफ़आईआर कब और कैसे लिखनी है। हैं न?
ऐसा करो, यह वर्दी भी आप पहन लो।
नहीं, नहीं, नहीं, सर। ठीक है, सर।
यार, 15 साल की है। आ जाएगी वापस, यार।
अब तो मर गई न, सर?
मर गई न, सर?
यार, पाठक, पानी लाओ यार।
लाया।
हम्म।
अरे मुझे नहीं, उसे।
अरे बाबा, यह लो पानी पी लो, रो मत। लो, लो, लो।
अरे, मंडल बाबू, सुनिए, सुनिए। यार आप कुछ भी सोच रहे हो।
कुछ भी, कुछ भी। इतना नहीं है। दिमाग में मत लाओ यार यह सब चीज़ें।
आज बर्थडे है न उसका?
नहीं, नहीं, नहीं, सर। नहीं, सर। ठीक है, सर।
जन्मदिन मुबारक हो, थुम्पा।
ठीक है?
हम ढूँढेगे उसे, आप चिंता मत करो। ढूँढेगे।
सर, यह पोस्टर लगवा देते तो…
हाँ, हाँ लगाओ। लगाओ न। जाते समय, बीच में लगाना।
आ जाओ, आ जाओ। लगा दो। चलो चलो, उठो। रोना बंद करो। आ जाओ, आ जाओ, आ जाओ।
- लगाइए, लगाइए। हम ढूँढेंगें। - आओ। आ जाओ, आ जाओ।
जा रहे हैं, सर।
- हाँ, इधर। - हाँ। अरे, चाय बोलो यार एक।
बोर्ड पर लगा दो, चलो, चलो, चलो। शाबाश।
…पहले निपटा लेते हैं।
हम्म, ठीक है, टीवी चला दे जब तक।
कौन खेल रहा है रे पहले?
- यह देखो। - बौल्ड?
लापता तुम्पा
मार, मार, मार।
- चौका। -अबे, यार।
गेट पे है।
अली! जा बॉल लेकर आ।
पिछली बार संदीप गया था। तू लेकर आ अब। जा।
हाँ, जा रहा हूँ।
बंदर का हाथ है।
बंदर का हाथ बड़ा होता है। यह लंगूर का हाथ है।
लंगूर और बंदर एक ही होता है।
अच्छा। तुझे बड़ा पता है। हैं?
अरे, धातु-धातु का फर्क होता है, एनिमल प्लैनेट!
देख, बंदर शाकाहारी होता है।
और यह, लंगूर माँसाहारी। देख, नाख़ून देख इसके।
बंदर है।
लंगूर है।
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