Die ersten 200 Zeilen.
इस फिल्म में सभी घटनाएं और चरित्र काल्पनिक हैं, इनका किसी से कोई संबंध नहीं है
इस फिल्म को बनाते वक्त किसी पक्षी या पशु को नुक्सान नहीं पहुंचाया गया।
आज सुबह 5 बजे
मौका।
हालात।
वक्त।
ये तीनों इंसान की असली औकात और जात दिखाते हैं।
फिल्हाल, मैं भी ऐसे ही हालात में फंसा हूं।
अगर मैं कहूं कि इसकी वज़ह मैं खुद हूं
तो क्या आप यकीन करेंगे?
उत्तरी चेन्नई, काले और सफेद धंधों के लिए जानी जाती है।
जैसे गाड़ी उठाना।
इस धंधे को शुरू किया था वित्तदाता भूपल जैन सेठ ने।
पर इस काम में
उसको जिल्लत और नुक्सान उठाना पड़ेगा, उसको यह उम्मीद नहीं थी।
इसलिए उसने वापस अपने गांव जाने का फैंसला लिया।
तब उसके बेटे ने इसको संभालने को ठान लिया।
उसकी शक्ति की बुनियाद थे, मेरे मामा दोराई।
दोराई का राइट हैंड था, रवि।
चाबी कहां हैं?
इन दोनों ने मिलकर ने काफी पैसा, नाम और ख्याति कमाई।
सेठ भी दोराई को सही रकम देता था।
पर उसी वक्त पर ओटेरी में दंगा हो गया।
उस दंगे में दोराई का हाथ कट गया।
अब वो इस दुविधा में फंस गए कि दोराई की जगह कौन लेगा।
सेठ, दोराई से अब यह सब नहीं होगा।
गाड़ियां, मैं उठा लिया करूंगा।
मेरी जगह कौन लेगा, ये मैं चुनूंगा।
सेठ को ही फैंसला करने दो।
सुनो, सेठ।
मेरी जगह मेरा भांजा स्कैच लेगा, मैं उसका साथ दूंगा।
-चिंता मत करो। -सेठ, तुम बताओ।
रवि, दोराई मेरा बहुत खास है।
मैं खास नहीं हूं, चलो, देखता हूं।
जब इन टुच्चों से काम नहीं होगा, तब तू मेरे पास ही आयेगा।
मैं उस दिन का इंतज़ार करूंगा, सेठ।
चाहे ही वो यहां से चला गया
पर वो दोबारा मुझे मारने जरूर आयेगा।
यह ही रवि ने सोचा था।
भले ही मैं यहां काम करता हूं।
पर इस गैराज का राजा हूं, मैं।
ये मेरे दोस्त हैं।
गुणा, चिट्टी और भास्कर।
जो गाड़ी खरीदता है और किश्त जमा नहीं करता।
उस गाड़ी को गैराज में उठाकर लाना हमारा काम है।
सोच समझकर स्कैच बनाओ।
जब उसने फोन किया तब मैं समझ गया था कि तुमने ही उसकी बाइक उठाई होगी।
किसने उठाई ये भी तो देखो!
अगर स्कैच ने कोई योजना बनाया, तो बेकार नहीं जायेगा।
अगर ऐसा हुआ, तो मुझे जरूर बताना।
मैं उसे अकेले निपटाऊंगा।
इतराओ मत, जाओ।
उसने मुश्किलों से स्कैच बनाना सिखा, अब सुनो स्कैच की बात
निज़ार बाजार क्रीम वाली बिरयानी, स्कैच खट्टा-मीठा है।
हसीनाओं ज़रा बचकर, कहीं ये तुम्हारा दिल ना चुरा ले जाये।
ये तेज स्कैच तुम्हें स्वर्ग में ले जायेगा।
वो लड़के, जो ज्यादा अकड़ते हैं, स्कैच के डर से भाग जाते हैं
अगर तुम इसका दिल देखोगे, तो वो 24 कैरेट सोने का है
छुप्पा-छिप्पी, ये कातिल आंखें, गोलियां उड़ गई
कोई भी हसीना, मेरे प्यार में पड़ जाएगी
मैं तो चालाक इंसान को पागल बना देता हूं और जिंदगी बिंदास जीता हूं
देखो, सोचो, आग लगा दो, मैं सबको चित कर दूंगा
चाहे वो गिलब्रट की बाइक या स्कूटर हो, या दौलत की फैन्सी कार, सच्ची खूबसूरती
स्कैच के हाथों से कुछ नहीं बच सकता
गिलबर्ट की बाइक हो या कोई भी गाड़ी दौल के बेंज हो या सुंदर चश्मे
स्कैच के लिए कोई बड़ी बात नहीं है
हसीनाओं ज़रा बचकर, कहीं ये तुम्हारा दिल ना चुरा ले जाये।
ये तेज स्कैच तुम्हें स्वर्ग में ले जायेगा।
स्कैच हमारा रक्षक है।
स्कैच, बहुत तेज है।
स्कैच, बिना मुश्किल के स्कैच बना देता है।
अगर तुमने झूठ बोला या गलती करके छिपे
अगर तुमने मुश्किल पैदा की, तो तुम्हें थप्पड़ मिलेगा
पुरानी वाइन, तो देरी मत करना
वो आयेगा या पानी
उसे विजेता बनाना आता है, अगर कोई स्कैच के साथ हो, तो
निज़ार बाजार, क्रीम वाली बिरयानी, हमारा स्कैच खट्टा-मीठा है
विदेशी जल्लीकाटू को पूरी तरह से बैन करना चाहते हैं
पर तमिलनाडु का कुछ नहीं बिगड़ा
लंका के राजा, रावण ने सीता को अपहरण किया
भगवान राम ने रावण को उसकी चिता पर पहुंचा दिया
राउडी, तुम्हारे हाथ में बंदूक है? अगर मैंने गोली चलाई, तो तुम मर जाओगे
सुनो, सूप लेना है क्या?
वो पलक झपकते ही मुश्किल से निकल लेगा
डील करो और खेलो, हम तुम्हें कूड़े में गिरा देंगे
गिलबर्ट की बाइक हो या कोई भी गाड़ी दौलत की गाड़ी हो, या सुंदर लड़की
स्कैच इसे बुना मुश्किल के अपना बना लेगा
गिलबर्ट की बाइक हो या कोई भी गाड़ी दौल के बेंज हो या सुंदर चश्मे
स्कैच इसे हवा के झोंके की तरह चुरा लेगा
जरा बचके हसीनाओं, तुम्हारा दिल वो चुरा लेगा
तुम 24 घंटों के अंदर स्वर्ग में पहुंच जाओगे
जो लोग ज्यादा अकड़ते हैं, वो स्कैच के नाम से डरकर भागते हैं।
अगर तुम इसका दिल देखोगे, तो वो 24 कैरेट सोने का है
सेठ, मैंने कार को सर्विस के लिए दिया। इसमें से मेरा सामान गायब हो गया है।
किसने साफ की मेरी कार?
-मैंने की थी। -तूने साफ की?
नमस्ते। क्या है?
हमारे लड़कों को क्यों मार रहे हो।
सुनो! तुम जाओ।
ये सुबह-सुबह इतना शोर क्यों मचा रहा है।
पता नहीं। इसका सामान गायब हो गया तो,
लड़कों पर शक कर रहा है।
इन लोगों ने कार में मिला मोबाइल और पर्स लौटा दिया।
-यह बोतल और ढक्कन क्या है? -इसकी कार चूहादान है!
मैंने चश्मा साफ करने के लिए मैथेनॉल रखा था।
तू पढ़ा-लिखा है ना?
अगर उसकी एक बूंद भी ए.सी. पर गिरी ना, तो तू मर जाएगा।
इसलिए उन्होंने फेंका होगा।
एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी।
वापस लेकर आ और रख इसकी गाड़ी में वापस।
ओए, तो मुझे जानता नहीं है।
जब तूझे ही अपने बारे में नहीं पता! तो मैं जानकर क्या करूंगा?
क्यों सेठ, सही कहा ना?
अगर इतनी चिंता करता रहा, तो अपने बालों को डाइ करवाने लगेगा!
नमस्ते, अंकल।
मेरा मैथेनॉल बॉक्स कहां है?
सुन! इसकी नाक पर छींक दे।
कितना जाम लगा है! इतनी भयानक गर्मी में मर गये।
इतना परेशान क्यों हो रहे हो?
यहां से निकलने में एक घंटा लगेगा।
क्या हुआ है?
तुम शहर में नये आये हो?
रोयापुरम कुमार।
-अपने बाप की समाधि पर फूल चढ़ाने आया है। -सड़क के बीच में?
जब इसका बाप मरा था, तो इसने उसकी यहीं समाधि बना दी।
पहले तो यहां झाड़ियां थी।
इसने ये जगह खरीद ली।
सरकार ने हाइवे बनाने के लिए ये जगह दोबारा खरीदने की कोशिश की।
इसने सरकार से हर साल एक घंटे की अनुमति मांगी।
सरकार ने इसका राउडी धाक देखकर इसकी बात मान ली।
हार लेने कौन गया है?
हमारा नेता दोस्त ही लाने वाला था।
कछुए की चाल चलता है?
अगर ये इतना मशहूर है, तो खटारा में क्यों घूमता है?
अरे, इसके पास बहुत-सी कारें हैं।
पर ये इसकी पसंदीदा कार है।
ये इसपर किसी को हाथ लगाने नहीं देता।
इस कार को खरीदने के बाद ही ये कुमार,
रोयापुरम बन गया।
एमएलए आ गया है।
तुम्हें राजनिती के लिए मैं ही बकरा मिला था?
इसी के दम पर तुम गुंडा गर्दी करते हो, है ना?
शिवा भी अपना ही आदमी था।
उसे अपना धंधा करने दो। बिना वज़ह क्यों परेशान करते हो, उसको?
बातचीत करके मामला रफा-दफा करो।
मैं उसे तुम्हारे अड्डे पर लेकर आऊंगा।
ठीक है, लेकर आओ उसे। बात करते हैं।
हे जीवनदाता, दुखनिवाकरक, मैं आपकी आरती करती हूं।
आप सबसे बुद्धिमान हैं। आप हमारे लिए प्रेरणादायक हैं।
अम्मू?
नमस्ते प्रिया।
-नमस्ते मां। -बस कर!
शुभकामनाएं!
तो आज स्कूटर लेकर आई हो।
पिताजी के पैर में चोट लगी है, तो वो काम पर नहीं गये।
-तुम चलाओगी? -मुझे तुम पर भरोसा है।
नमस्ते।
तेरी स्कूटर चोरी हुई थी, ना? तूने शिकायत दर्ज की?
की तो है, पर मुझे नहीं लगता कि वो वापस मिलेगी।
परीक्षा के बाद, हम लाइब्रेरी चलेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज को परिभाषित करें और...
इसके घटक क्या हैं?
क्या हुआ?
-मैं हॉल के टिकट स्कूटर में ही भूल आई। -अरे! चल जल्दी।
तुम्हारा स्कूटर कहां हैं?
मैंने तो यहीं खड़ा किया था, अब नहीं है।
सर, क्या आपने हमारा स्कूटर देखा?
मैं तो कैंटीन गया था।
हम आपके भरोसे ही पार्क करते हैं यहां।
-तुमने चाबी निकाली थी? -नहीं, भूल गई।
तुम इतनी लापरवाह कैसे हो सकती हो?
तुझे लाइसेंस और आईडी कार्ड में अंतर नहीं पता।
बेकारा कॉलेज!
वो तुम्हारा स्कूटर है ना?
हां।
कौन हो तुम? तुम हमारा स्कूटर क्यों लेकर गये थे?
तुम्हारा है क्या? चिल्ला क्यों रही है?
पहले स्कूटर चुराया, फिर मुझे ही सुना रहे हो?
नमस्ते।
चोर कौन है?
चोर क्या वापस करने आता है?
-स्कैच चुप क्यों है -एक मिनट।
मुझे तुम्हारा हॉल टिकट मिला।
वरना मैं वापस नहीं आता।
तो तुम इसे बिना पूछे उठा लोगे?
ऊंची आवाज में बात मत कर।
तुम्हारे बाप का नाम नारायण है ना?
वो मेरे पिताजी हैं, सर।
सर, हुह?
तुम नारायण की बेटी हो?
अगर उसने चार महीने की किश्त नहीं भरी, तो हम और क्या करेंगे?
सिर्फ चार महीने, नहीं?
अरे! इसे लेकर जाओ।
चुप नहीं रह सकता?
इधर आओ।
अपने पिताजी को बोलना पैसे दें और इसे लेकर जायें।
शुक्रिया, सर।
सर?
चोर है वो।
-तुम इसे शुक्रिया कैसे कह सकती हो? -चुप रह ना।
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