نخستین 200 خط.
नए सहस्राब्दी के पहले दशक में, खासकर 2007 में, मल्टीनेशनल कंपनियों के
चेन्नई शहर में आने से आईटी क्रांति आई।
इससे अचानक घरों के भाड़े बढ़ गए
और अच्छी पगार वाले आईटी वालों की ज़रूरत की वजह से
दूसरे क्षेत्रों में काम करने वाले, खासकर
निचले वर्गों को ज़्यादा दिक्कत हुई।
ओये!
भाग यहाँ से।
मुझे बाहर ले जाने के लिए शुक्रिया।
मैं अगले हफ्ते किसी से मिल रहा हूँ, मैंने तुम्हें बताया था।
सब ठीक रहा तो, हम विदेश जा सकते हैं।
पापा, बिजली चली गयी।
रुको, मैं आया।
पापा, आपको अंधेरे से डर नहीं लगता क्या?
नहीं।
बड़े से डाइनोसॉर से?
नहीं।
आप सिर्फ मम्मी से डरते हैं।
पापा, गौरैया बनाओगे?
गुदगुदी हो रही है पापा।
गुदगुदी हो रही है।
अंकल, मम्मी आंटी को बुला रही हैं।
अमुधा, घर कि मालकिन तुमसे मिलना चाहती हैं।
किस लिए, इतनी रात को?
अच्छा, डोसा देखना ज़रा।
पानी बिलकुल नहीं आ रहा है।
उसको ये भी बताना की बाथरूम में पानी जमा हो जाता है।
आओ, मेरे पति ने तुम्हें शाम को कॉल किया था।
पर तुमने लगता है फोन नहीं उठाया।
हम समुंदर किनारे गए थे।
वहा बहुत शोर था।
मैं तुम्हें बताने को सोच रही थी।
पापा, मैं शेर हूँ।
और आप हो चूहा।
ठीक है?
चलो अब, भागो।
चूहे, उठाओ मुझे।
अमुधा!
अमुधा!
हम मम्मी को भी खेल में शामिल करें?
हाँ, कर सकते हैं।
तुम्हारी मम्मी हैं कहाँ?
अमुधा!
एक ढोसा भी ठीके से बनाना नहीं आता।
पूरा जला दिया।
क्या हुआ?
क्या हुआ?
मैं तुम्हें पूछ रहा हूँ।
आजकल वो औरत कुछ भी अनाब शनाब बकती है।
पानी की मोटर चलाने बोलती हूँ तो उसे अच्छा नहीं लगता और मूह बनाती है।
अगर मैं छत पर कपड़े सुखाती हूँ, तो सारे क्लिप गायब हो जाते हैं।
वापस भाड़ा बढ़ाया क्या?
घर खाली करने बोल रही है।
एकदम अचानक बोल रही है।
बिलकुल, बोलेगी ही।
तुम कोई राजमहल में रखते हो क्या हमें?
ओए, चूहे, तुम यहाँ क्यों खड़े हो?
शेर आ गया है। भागो यहाँ से।
चुप कर, वरना बहुत मारूँगी।
भाग यहाँ से।
कमस्कम तीन महीने की नोटिस तो देना बंता है, पता है न तुमको।
मैं इन्हे कोर्ट घसीटुंगा।
कुछ भी।
वो रास्ते के बीच खड़े होकर चीखेगी, पता है तुम्हें।
उसने सीधा घर खाली करने के लिए बोला।
बस।
गुस्सा मत करो सिद्धू।
सबसे पहले, चलो इस मोहल्ले से निकलते हैं।
हमें चार मई से पहले घर खाली करना होगा, ऐसा वो कहती है।
भाड़ में जाये, वो कौन होती है हमें एक महीने की महोलत देने वाली?
एक हफ्ते के अंदर घर ढूंढकर चलो यहाँ से निकलते हैं।
अगर हम दो सौ ज़्यादा देंगे तो...
हमें स्कूल के नज़दीक एक घर मिल जाएगा।
सिद्धू!
बात सुनो मेरी।
"अच्छे और बुरे वक़्त में..."
"तुम मेरी प्यारी माँ बनी रहो"
स्टोन... पेपर... सिसर।
स्टोन... पेपर... सिसर।
स्टोन... पेपर... सिसर।
स्टोन
स्टोन... पेपर... सिसर।
पापा!
मम्मी को बाय बोलो।
बाय!
नाम क्या है तुम्हारा?
मेरा नाम है विविथा।
पापा का नाम क्या है?
मेरे पापा का नाम है भूपति।
मैंने तुम्हें कहा था की पापा का नाम बोलने पहले श्रीमान लगाया करो।
पापा का नाम क्या है?
मेरे पापा का नाम है...
भूपति... श्रीमान भूपति।
सिद्धार्थ!
मेरा नाम है आई डॉट सिद्धार्थ।
मैं यूकेजी में पड़ता हूँ।
पापा क्या करते हैं?
मेरे पापा... मेरे पापा एक...
मेरे पापा एक...
मैं स्पोकेन इंग्लिश क्लास जा रही हूँ।
हाँ।
मैं चाबी नीचे देकर जा रही हूँ।
मैं साडे बारा तक वापस आ जाऊँगी।
मैं उसकी नौकरानी हूँ क्या?
छोड़ो मुझे।
कल रात तुमने मेरी बात तक नहीं सुनी।
मैं किससे बात करू?
मैं इस घर में एक पल और नहीं रुक सकती।
मुझे घिन आती है।
मैडम... घर भाड़े के लिए है क्या?
ओए, इनको घर दिखा लाओ।
नमस्ते, भाईसाब।
भाड़ा, चार हज़ार।
एडवांस, चालीस हज़ार।
उसके अलावा तीन सौ रुपये आँगन की साफ-सफाई और रंगोली बनाने के लिए।
मैंटेनेंस पाँच सौ रुपये।
बिजली का दाम... छ रुपये प्रति यूनिट।
ग्यारह महीने का एग्रीमंट होगा। उसके बाद भाड़ा बढ़ेगा।
हर रोज़ छः बजे से सात बजे तक पानी चालू किया जाएगा।
तभी ज़रूरत का पानी रख लेना।
समझे?
दीवार पर कील ठोकना माना है।
टीवी की आवाज़ कम होनी चाहिए।
हैलो, मैं रामथाई बोल रही हूँ।
-बैचलर हो की परिवार है? -परिवार।
कितने लोग हो?
मैं, मेरी पत्नी और मेरा बेटा।
-मुस्लिम हो क्या? -नहीं।
-भाड़ा कितना? -3500 के करीब।
दस महीने का भाड़ा - एडवांस।
एक महीने का कमीशन।
कॉमन टॉइलेट है क्या?
तुम्हारे बजेट में, ऐसा ही मिलेगा।
अमुधा, हमारे पास कितना पैसा है?
ज़्यादा से ज़्यादा, 5000 तक का भाड़ा।
हम भर पायेंगे क्या?
ज़्यादा से ज़्यादा 4500।
वो भी बड़ी मुश्किल से।
उसके ऊपर से बिजली का बिल भी है।
मैंटेनेंस का पैसा नहीं है।
अपार्टमेंट लेना मतलब, अलग से खर्चा होगा।
-100 रुपये! -100 रुपये!
आराधना!
लक्ष्मण!
विविथा!
सिद्धार्थ!
लोहित!
चलो सारे नंबर डिलीट कर देते है शालिनी।
चलो एक दूसरे से दूर हो जाते हैं।
बहुत हो गया ये खेल।
वो यहाँ से आया और वो वहाँ से आयी।
नंबर डिलीट कर रही हो?
मेरे तरफ देखकर बोलो।
क्या तुम्हारे लिए ये बस एक खेल है?
आओ, खाना खाते हैं। मुझे भूख लगी है।
क्या तुम किसी शलिनी के प्यार में पड़े थे?
ये सिनेमा का एक किरदार का नाम है।
मुझे ये नाम पसंद है। बस इतना ही।
अगर मैं तुम्हें धोखा देता और तुमसे शादी न करता, तो तुम क्या करते?
मध्यांतर के पहले का सीन।
हमेशा कहानी सोचते हो, है न?
अगले हफ्ते, मैं सुनाऊँगा ये कहानी...
कहानी के उन किरदारों के लिए तुम्हें कितनी फिक्र है।
थोड़ा फिक्र अपने अपनों के लिए भी कभी कर लिया करो...
बहुत सही बोला!
वापस बोलो! और एक बार
उफ, खाना खाओ।
मुझे एक महीने का भाड़ा दलाल को कमिशन देना अच्छा नहीं लगता।
अगर हम थोड़ा और कोशिश करते हैं, तो हमें बिना कमिशन का घर नहीं मिलेगा?
रुको... मैं देखती हूँ।
घर देखने के लिए लोग आए हुए हैं।
जाओ, देख लो।
कैसा चल रहा है?
क्या, शहर में भी नहीं चली?
उन्होने कहा था की इस फिल्म में फाइट, इमोशन, कॉमेडी - सब हैं।
ये आम जनता के लिए बनाई गयी है।
हट साला, करोड़ों खर्च करके एक मूवी बनती है पर रिटर्न कुछ भी नहीं।
शाम को कितना कलेक्शन होता है देखो और फिर मुझे कॉल करना।
नमस्ते! ठीक है फिर।
हम बड़े आर्टिस्ट लेंगे और एक बड़ी मूवी बनायेंगे।
ठीक है, सर।
किसी हीरो से बात किया?
नहीं सर।
मैं फोन कर दूंगा उसे। जाओ और मिलके आओ।
अमावस्या के बाद।
पंद्रह तारीख के बाद मिलो मुझसे।
-ठीक है? -ठीक है सर।
-बाई। -शुक्रिया सर।
तुम लोग अगर बाहर जाते हो, तो चाबी मुझे दे जाया करो।
कल शाम को दो लोग घर देखने आए थे।
मैं घर कैसे दिखाऊ अगर तुम लोग ताला मार कर निकल जाओगे।
इलांगों, पीछे एक बैग है। देखो ज़रा।
उसके अंदर एक बोतल है।
येही है प्रॉडक्ट।
अचार, सर?
हाँ, हमारे घर का मावाडु।
इस पर तीन से चार कान्सैप्ट तैयार करो। ठीक है?
ठीक है सर...
घिसी-पिटी चीज़ें मत लिखना।
एक इमोशनल कहानी लिखो।
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