نخستین 200 خط.
टीटीटी जगह दो। हवा आने दो।
पटेला, चल चलते हैं।
क्या चल रहा है? सिनेमा या गेम?
रिजल्ट आ गया यार...
पटेला, टिकट का क्या हुआ?
टिकट हो गए।
बस मुझे बैग लाना है।
क्या हुआ? फर्स्ट क्लास!
बोला था ना? फालतू चिंता कर रही थी।
-रिजल्ट देखा? -खुद देख लो।
कहा था ना पटेला...
...यह लड़कियां भरोसे लायक नहीं।
-बोलें क्यों नहीं? -वह आलसी है!
उसको मेहनत करने दे। अपने सारे काम मुझसे करवाता है।
खैर, यह बेवकूफ मीरा कहां है?
उसे यही आना था ना?
उसकी हमेशा की आदत है।
रिजल्ट को लेकर बेपरवाह।
यह बता तू घर आएगी
या बस अड्डे पर मिलेगी?
बस अड्डे पर ही मिलूंगी। शायद पापा छोड़ेंगे।
ठीक है।
अरे, मेरा ऑफर लेटर मिल गया!
वाह! क्या बात है! बधाई हो।
पता है ना मेरा हो गया?
लेकिन... मुझे पीजी करना है।
फॉर्म कब भरेगी?
भर दिया।
दो यूनिवर्सिटी ने मंजूर भी किया...
थिएटर में सिनेमा चल रहा है।
सफर में सोएंगे,
बातें नहीं। मैं थक गई हूँ।
बस खटमल ना हो।
यह वही बस है।
चलें।
मीरा?
हां! ठीक है। शुक्रिया आंटी।
वह दोपहर में निकल गई।
उसे आना नहीं था, तो पहले ही बता देती।
उसकी हमेशा की आदत है।
पकड़ना मुश्किल है।
पता नहीं कहां गई। उसकी मां को बताएं क्या,
-कि वह हमारे साथ नहीं है? -शायद नहीं।
उन्हें चिंता हो जाएगी।
वह ठीक होगी जहां भी है।
अब क्या करें?
प्लीज़ प्लान मत बदलना।
बिल्कुल नहीं। यहां पहुंचकर घर वापस नहीं जाने वाली।
मुश्किल से आज्ञा मिलती है ऐसे घूमने की।
-प्लीज़! चलो। -चलो... चलते हैं...
"मेरे लिए तुम ही हो, मेरे दोस्त"
"तुम ही हो"
"मेरे लिए तुम ही हो, मेरे दोस्त"
"तुम ही हो"
"मेरे भीतर की सारी दुनिया के
"तुम ही हो बादशाह"
"मेरे लिए तुम ही हो, मेरे दोस्त"
"तुम ही हो"
"मेरे लिए तुम ही हो, मेरे दोस्त"
"मेरे दिल की हर बात के लिए"
"तुम ही एक आकार हो"
"मेरे लिए तुम ही हो, मेरे दोस्त"
"बस तुम ही हो"
"मेरे लिए तुम ही हो, मेरे दोस्त"
यह खामोशी।
शायद, यही है मेरे लिए।
मैंने जिंदगी को जो भी समझा,
यह गलत साबित करने की यात्रा रही।
अभी तक।
मैंने जिंदगी सिनेमा से सीखी।
अगर में थिएटर में नहीं हूँ, कहानी के पीछे छिपती,
इस जगह,
पहाड़ों के आगोश में...
सुकून मिलता है।
सिनेमा दोस्त है,
साथी है, गुरु है, सब कुछ।
जिंदगी और सिनेमा के बीच फंसी हुई हूँ,
अब असल जिंदगी से,
इससे क्या उम्मीद करूं?
मैं नहीं जानती।
इस दुनिया में कैसे रहना है?
अब यकीन नहीं है।
वह दिन,
मैं जितना भी भूलना चाहूँ, नहीं भूल सकती।
मुझे सब अच्छी तरह याद है,
पता नहीं, अच्छी बात है या बुरी।
शायद मैं नौ साल की थी।
गर्मियों की छुट्टियां थी,
सारे दोस्त अपनी बाबा दादी के घर थे।
या रिश्तेदारों के घर!
मैं अकेली थी,
हमेशा की तरह।
मैं रिश्तेदारों के घर कभी नहीं गई,
उनसे कभी लगाव नहीं हुआ।
यह पहाड़ और चट्टानें, सारे जानने वालों से कहीं सच्चे थे।
मेरे मां-बाप नौकरी करते थे।
यह रोमांचक था,
मैं डरी हुई थी,
लेकिन फिर भी चली गई।
मैं आगे की पंक्ति में बैठकर सिनेमा देखना चाहती थी।
पापा हमें कभी नहीं ले गए।
थिएटर में सिनेमा चल रहा है
मैं उसकी शक्ल तक नहीं देख पाई,
मैं समझ नहीं पाई कि क्या हुआ,
लेकिन मुझे पता था यह गलत है।
मैं घर भाग जाना चाहती थी
लेकिन नहीं जा सकी।
मुझे सिनेमा देखनी थी,
मैं इसीलिए गई थी वहां।
उसे मेरे सिनेमाई अनुभव का निर्णय लेने नहीं दे सकती।
इसलिए वापस बैठकर सिनेमा देखना जारी रखा
लगातार आगे की पंक्ति में देखती रही,
उस आदमी को पहचानने की कोशिश करते।
लेकिन वह सब काली परछाई भर थे।
मैं अपने बुरे अनुभवों के बारे में नहीं लिखना चाहती,
मेरे समय या मेरे सुकून,
ऐसा आदमी किसी के योग्य नहीं।
लेकिन यह घटना... एक कड़ी है...
हर चीज की एक कड़ी होती है।
मां मुझे उस छोटे शहर में नहीं पालना चाहती थी,
उन्हें डर था मैं किसी के साथ भाग जाऊंगी!
इसलिए हम बड़े शहर में शिफ्ट हो गए।
यार, क्या सुंदर लड़की है!
जानेमन इधर भी देखोगी नहीं?
बस आ गई।
ऐसे जाने से क्या मैं तुम्हें छोड़ दूंगा?
उसकी मदद मत कर,
समझती नहीं।
हेलो!
मैं घर पर बैठा था...
अरे, तेरा प्यार आ गया।
जा जा... आज तो बोल ही दे!
रुको मीरा
ओह मीरा...
चल साजी, अंदर चले
यह मेरे लिए है?
हां।
क्यों?
ऐसे ही।
कलाकृति जैसा था।
उसकी मेहनत देखकर, मैं मना नहीं कर पाई।
शुक्रिया।
बस शुक्रिया?
और क्या बोलना चाहिए?
ठीक है...
न्यूज़ लिखनी है, देखो उसने...
लो आ गई।
यह क्या है?
उसने तुम्हें गुलाब दिया!
लेकिन मुझे नहीं पता था,
गुलाब ले लेने का कुछ और मतलब होता है।
यार, उसने ले लिया!
तुम उसे जीत ही लिया!
बता मीरा!! तुम उसे क्या कहां?
देख, इसमें मदद चाहिए।
साओ, पहले फॉर्मूला लिख।
इसे काट दे, दोबारा लिख।
हेलो मीरा…
-हेलो। -मीरा।
हेलो।
ए प्लस बी स्क्वायर
-होल स्क्वायर, ठीक है? -यह हो गया
ए स्क्वेयर
प्लस टू ए बी
प्लस बी स्क्वायर।
सवाल लिख।
एक्स प्लस सिक्स
एक्स एक्स प्लस टू
इकवल टू एक्स
एक्स प्लस टू
हमारे शहर में, लड़के लड़कियां इकट्ठे नहाते थे।
तो यह अजीब नहीं लगा।
ठीक है
एक्स की वैल्यू लिख
पीछे कन्नड़ गाना
यार, यह क्या कर रही है?
इन्हें कुछ पैसे दे दे क्या?
हमें देने चाहिए। पहले ही हमारी क्लास बदनाम है,
यह लड़कियां उसे और बर्बाद कर देंगी।
हेलो मीरा।
क्या कर रही हो?
दिखाओ!
मुझे नहीं पता अगर वह रिश्ता आगे बढ़ता, लेकिन...
स्कूल आने में तनाव होता है।
वह बहुत परेशान करता है।
कल बस स्टॉप पर आ गया?
पिछले हफ्ते दर्जी की दुकान पर।
-हेलो मीरा। -अब यहां बैठ रहा है।
-साजिदा -छी! वह फिर पीछे बैठ गया।
पहले ही हमारी क्लास बदनाम है,
साजिदा...
साजिदा...
मीरा, प्लीज़ उसे बोलो मुझसे बात करें।
चल आगे बैठते हैं।
साजी, प्लीज़ उससे साफ बात कर ले
वरना परेशान करता रहेगा।
कल मेरे घर के पास तेरा घर पूछ रहा था।
'आई लव यू' बोला जवाब क्यों नहीं दिया?
मोहन प्लीज़। मुझे यह सब पसंद नहीं।
साजी…
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