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Julkaistu: 2021-01-10
Lataukset: 32
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Nepali tekstityksen esikatselu

200 ensimmäistä riviä.

संसद भवन, नई दिल्ली

रमिका सेन प्रधान मंत्री

मैं सेना को लागू कर रही हूँ

और भारत के सबसे बड़े

अपराधी को मौत की सज़ा सुनाती हूँ!

दीपा हेगड़े मुख्य संपादिका

यह बकवास है।

कोई इतना झूठ कैसे लिख सकता है?

और वो भी एक वरिष्ठ पत्रकार, अगर वो ये सब लिख रहा है,

मेरे लिए इस पर यकीन करना मुश्किल है!

वे इस किताब को छापना भी चाहते थे!

लेकिन सरकार ने...

इस किताब को रद्द करवा दिया और इसके हाथ आने पर,

सारी कॉपियां जला दी...

पुलिस सूत्रों से

मुझे ये एक कॉपी हासिल हुई है!

दीपा... उसे इंटरव्यू के लिए बुलाओ।

सर, मैं जानती हूँ वो एक वरिष्ठ पत्रकार है!

लेकिन, इस किताब में

मुझे कोई भी सच्चाई दिखाई नहीं दे रही है!

मुझे दिल्ली में इंटरव्यू के लिए जाना है

और मुझे देर हो रही है।

लेकिन अगर सरकार खुद इस किताब को रद्द करने के लिए

इसमें इतनी दिलचस्पी दिखा रही है, शायद इसमें कोई सच्चाई हो?

मैं इस टीवी चैनल का मालिक हूँ,

लेकिन जनता तुम्हें जानते हैं।

और तुम्हें ये फैसला खुद लेना है!

लेकिन मैं आनंद को...

पचास सालों से जानता हूँ...

एक शब्द लिखने से पहले भी,

वो सौ बार सोचता है...

और उसने एक किताब लिख दी?

मैं आपको आधा घंटा दूंगी!

उसके बाद, इस काम के लिए किसी और को ढूंढ लीजिएगा!

-श्याम? -सर।

इंटरव्यू को आर्काइव रूम में करने का इंतज़ाम करो!

-सभी को बाहर भेज दो। -हेलो, सभी।

-किसी को इस बारे में पता नहीं चलना चाहिए। -कमरा खली कीजिए!

-जल्दी कीजिए। -मुझे लाइव रिकॉर्डिंग नहीं चाहिए।

ठीक है, सर!

हम पत्रकार हैं,

छोटी से छोटी चीज़ भी...

हमें उस बात की जड़ तक पहुंचने पर मजबूर करती है!

ये किताब जो आपने लिखी है,

ये एक बहुत बड़ी बात है।

ये बहुत सारे सवालों को जन्म देगी।

ये बातें बड़ी हस्तियों से संबंधित हैं।

मैं बैंगलोर ये सोचकर आया था कि बड़ा अफसर बनूँगा...

यहाँ रहकर, कुछ काम करूँगा...

ये तो मुझे ऑफिस में भी तंग कर रहे हैं।

एक तरफ, मैं बिना पैसों के गाँव वापस नहीं जा सकता,

और मेरे पिता के लिए कर्ज़े को चुका नहीं सकता!

-गुड मॉर्निंग, सर! -ए! बाहर जाओ!

सोडती की देवी यालम्मा!

इस गरीब को थोड़ा साहस दें और रक्षा करें!

मैडम, रेप के लिए, सिर्फ मर्द ही ज़िम्मेदार हैं...

चुप रहिए, मिस्टर नागराज...

हे भगवान! ये क्या है! ये औरत तो देवी दुर्गा की तरह बात कर रही है!

दीपा मैडम को चाय कौन देगा?

आपने एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी लिखी है...

आपकी इस कल्पना के लिए, आपको रिकॉर्ड कहाँ से मिले?

क्या जनता इसे पढ़ेगी?

उन्हें इस पर यकीन होगा?

किताब मुझे दीजिए!

एल-डोराडो - लीजेंड फाइनली फाउंड सच्ची घटना पर आधारित

क्या अब वे इसे पढ़ेंगे?

एल-डोराडो का मतलब जानती हैं?

आपका मतलब द लॉस्ट सिटी ऑफ़ गोल्ड?

हज़ारो सालों से,

कई राजाओं ने

एक गोल्डन किंगडम को ढूंढने के पीछे पागल होकर,

अपनी सेना गँवा दीं!

कोई भी उसे नहीं ढूंढ सका!

अगर वो किसी को मिल जाती,

वो सबसे शक्तिशाली राजा कहलाता!

-है न? -मुमकिन है।

मैंने ये किताब ऐसे ही किसी के बारे में लिखी है।

-लेकिन... -ये मेरी कल्पना नहीं है,

इसे सच साबित करने के लिए,

इस दुनिया में सिर्फ एक ही रिकॉर्ड है!

जो रेत में दबा हुआ है...

द सिमोलिक हीरोइक स्टोन!

सिंबॉलिक हीरोइक स्टोन?

कपड़े धोने के लिए, जो पत्थर तालाब के पास होता है,

ये वो पत्थर नहीं है!

इस पत्थर में, अगर किसी की तस्वीर हो,

इसका मतलब उसने कुछ बड़ा हासिल किया है!

ये सिंबॉलिक स्टोन कितना भी नीचे क्यों न दबा हो,

मैं इसे देखना चाहती हूँ!

मैं इसे देखना चाहती हूँ।

अगर वो वास्तव में है!

खुदाई दल इकठ्ठा करो!

जितना भी पैसा क्यों न लगे!

उसे खोदकर बाहर निकालो।

हम उन्हें कहाँ भेजे, सर?

आपका सिंबॉलिक हीरोइक स्टोन कहाँ है?

वो कहाँ है?

आपका एल डोराडो!

केजीएफ नगर से 18 किलोमीटर दूर आपको बागनूर मिलेगा।

वहां से, अगर बाइंडूर सड़क पर 12 किलोमीटर बाद बाएं मुड़े,

तो चार किलोमीटर बाद बाईं ओर एक पहाड़ दिखेगा,

उस पहाड़ के पास, खजूर का एक पेड़ है,

उस पेड़ के आसपास अगर 34 फुट तक खुदाई करें,

तो आपको सिंबॉलिक हीरोइक स्टोन मिलेगा, ऐसा उन्होंने कहा, सर!

दल इकठ्ठा करो, इसी वक्त निकलो

और खुदाई करके उसे बाहर निकालो...

सच कह रहे हैं, सर? तीन दिन में मेरी शादी है, सर!

हम एक बूढ़े आदमी के कहने पर ऐसे रवाना हो जाएं?

अंदर वो आदमी आनंद है।

इसलिए मैं गंभीर हूँ!

सर...

सन 1950 से 1980 तक,

सारे कागज़ात यहाँ हैं...

मैंने और कागज़ात भी मंगवाए हैं,

लेकिन इनमें से किसी में भी केजीएफ के बारे में कुछ नहीं लिखा है!

कोई बात नहीं, इन्हें छोड़िए...

इस किताब को छोड़िए!

आपसे सुनते हैं!

आपके अपने मुँह से सुनते हैं!

कौन है ये आदमी?

क्या वो एक हीरो था...

या एक विलेन?

उस जगह क्या हुआ था?

केजीएफ में मिला सोना बहुत मूल्यवान है!

लेकिन जिसके हाथ से वो सोना बाहर आया,

उसके पीछे एक बहुत बड़ी कहानी है!

दुनिया में, जहाँ भी सोना मिलता है,

कोलार जिला 1951

वो किस्मत से मिलता है!

सन 1951 में,

केजीएफ से 18 किलोमीटर दूर,

जब कुछ किसान कुंआ खोद रहे थे,

उन्हें एक अजीब सा पत्थर मिला...

कुछ सरकारी अफसर उसकी जांच करने के लिए आए,

उनके साथ सुर्यवर्द्धन भी था!

भैर्या मैसूर जिला

माँ!

वो किस्मत का खेल था।

उस रात दो घटनाएं घटी!

वो जगह उन्हें मिली...

और उसका भी जन्म हुआ!

जैसे पत्थरों और चट्टानों को ढूँढना आसान नहीं,

वैसे ही सोना ढूँढना भी मुश्किल काम है!

लेकिन सुर्यवर्द्धन...

उसने देखा कि हर एक पत्थर में सोना था!

उसने वहां से धुल को भी जाने नहीं दिया।

तुमने एक राजा जैसे बेटे को जन्म दिया है।

मेरा राजा...

उसका कोई बाप नहीं है।

उसकी माँ बिलकुल अकेली है!

क्या तुम्हें इसका बाप चाहिए?

सुर्यवर्द्धन ने लीज पर उस ज़मीन को 99 सालों के लिए

चूना पत्थर खनन के लिए ले लिया।

बात को राज़ रखने के लिए...

उसने लोगों को ज़बरदस्ती

वहां खनन के लिए रखा।

बेटा, तुम्हारे माँ की जान बचाने के लिए

इतने पैसे काफ़ी नहीं हैं!

चौदह की उम्र में शादी,

पंद्रह में बच्चा,

दुःख भरा जीवन।

पच्चीस साल की उम्र में, मौत उसे लेने आ चुकी थी!

लेकिन, अपने बेटे को देने के लिए,

उसके पास सिर्फ एक ही संपत्ति थी!

उसके आखिरी शब्द।

सभी सोचते हैं कि अगर पैसा हो,

तो वे खुशाल ज़िंदगी जी सकते हैं...

लेकिन पैसों के बिना, कोई चैन से मर भी नहीं सकता है।

कोई कभी इस बारे में नहीं सोचता!

मुझसे वादा करो...

मैं नहीं जानती तुम कैसे ज़िंदा रहोगे,

लेकिन जब तुम मरोगे...

तुम बड़े आदमी बनोगे...

तुम बहुत अमीर बनकर ही मरोगे!

मैं वादा करता हूँ मैं बहुत अमीर बनूँगा, माँ।

उसने उसे मंज़िल तो दिखा दी थी,

लेकिन मंज़िल तक पहुंचने का रास्ता नहीं,

उसे वो खुद चुनना था।

पैसे! मुझे पैसे दे! पैसे!

मेरे पास नहीं है।

तेरे पास पैसे नहीं हैं?

ये ले पैसे।

ए...

मेरे लिए इतना काफ़ी नहीं है... मुझे और पैसे चाहिए!

काफ़ी नहीं है?

छुटटों के लिए, भीख मांगनी पड़ती है।

अगर और ज़्यादा चाहिए, तो मारना पड़ता है!

मुझे पैसे दे!

बल।

अगर बल है, तो पैसा भी मिलेगा।

बल...

वो मुझे कहाँ से मिलेगा?

शक्तिशाली लोग शक्तिशाली जगहों से आते हैं।

इस सपने को पूरा करने के लिए, वो सपनों की नगरी, बंबई आया!

बंबई सोने के काले बाजार का मुख्या स्थान था!

इस इलाके में, दो सोने के स्मगलर थे,

दुबई का इनायत खलील

और बंबई का शेट्टी,

उनमें कड़ी दुश्मनी थी!

और इस दुश्मनी में एक और आया!

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