Le prime 200 righe.
05 अगस्त 2019 लाहौर, पाकिस्तान
घूर क्या रहे हो? कैंसर है।
किसी खूबसूरत खातून का इंस्टाग्राम नहीं।
वक़्त कितना है मेरे पास?
तीन साल,
शायद,
हिन्दुस्तानी हुकूमत ने आज एक चौंकाने वाले फैसले में
मकफूजा कश्मीर के स्पेशल स्टेटस को रद्द कर दिया है।
भारतीय संसद ने आज आर्टिकल 370 को एक तरफा तौर पे खत्म करने का ऐलान किया।
उसके बाद दफ्तर-ए-खारजा ने इस एक तरफा फैसले की निंदा करते हुए कहा है
कि पाकिस्तान इन गैर कानूनी हरकतों का कड़ा मुक़ाबला करने के लिए तमाम विकल्प पे गौर करेगा।
आर्टिकल 370 रद्द कर दिया!
कैसे कर सकते हैं ये? ये गलत है, जनाब।
नहीं, गलत नहीं।
ऐलान-ए-जंग है।
तीन साल कहा ना तुमने?
काफी है।
कूटनीति का वक़्त अब गुज़र गया है, सर।
संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के भरोसे बैठे रहे तो,
हिन्दुस्तान का अगला कदम हमारे आज़ाद कश्मीर पर होगा।
जो जबाब देना है वो कोई खुदा का बंदा नहीं कर सकता।
शैतान से दोस्ती करने का वक़्त आ गया है।
जिम!
आपके लिए जनरल क़ादिर का फ़ोन है।
जनरल क़ादिर, खैरियत?
खैर नहीं, कहर चहिए।
क्या करना है?
हिन्दुस्तान को घुटनों पर लाना है।
सोच लीजिए, जनरल।
गोली अगर छूट गई, तो बन्दूक में वापिस नहीं जाएगी।
सोचना तुम्हें है। कर पाओगे?
वक़्त लगेगा, पर हो जाएगा।
03 साल बाद
अफ्रीका में किसी जगह
ना रेडार को दिखेगा, ना सिग्नल से रूकेगा।
ना डाँट से डरेगा, ना समझाने से समझेगा।
एक बार लॉन्च किया, तो समझो दोजख से जिन निकल आया।
और कयामत की उल्टी गिनती शुरू।
बढ़िया। डिलीवरी कहाँ चाहिए वो जिम बताएगा।
क्यों? उसे तुमपर भरोसा नहीं?
जिम को?
अगर खुदा उसे कहे कि जो चाहे माँग लो,
तो वो कहेगा, इसमें तुम्हारी कोई चाल है।
जिम के पत्ते सिर्फ जिम देखता है।
साहब, ये आदमी राफे है?
क्यों?
एक आदमी आया है, वो राफे के लिए पूछ रहा है।
हमने कहा, हम राफे को नहीं जानते।
वो बोला राफे फायेद से मिलने आया है।
कहां है वो?
वी.आय.पी. एरिया में ख़ास खयाल रखा जा रहा है।
कौन हो तुम?
ऐ, हिन्दी।
बोलो!
अबे हिन्दी में बोल।
अरबी में तुझे गाली देने में मज़ा नहीं आएगा।
अब चौंकने में तू पाँच सेकंड लगाएगा।
फिर पाँच सेकंड सोचेगा ये आवाज़ पहले कहाँ सुनी है?
फिर पाँच सेकंड तुझे यकीन नहीं होगा।
फिर तू पूछेगा?
पठान! तू?
ज़िंदा है।
वो कहाँ है?
तू बचा कैसे?
सवाल पहले मैंने पूछा तुझसे?
रूबई कहाँ है?
उफ! पठान मियाँ का दिल ज़ख्मी है।
इश्क़ और मुश्क छुपाए नहीं छुपते।
तेरी पहुँच से बहुत दूर।
और अब तू भी बहुत दूर जा रहा है।
कोई आखिरी पैगाम?
बस एक तोहफा देना था उसे।
घुँघरू टूट गए, राफे। नाच।
मारो उसे!
क्या देख रहा है बे?
जब सारी दुनिया जल रही है और हर समय डर लग रहा है
मदद के लिए चीख रहा हूँ लेकिन कोई ना है आसपास
हर जगह बेरंग उदास चेहरे में और अंधेरे में देख रहा हूँ
मैं सारी आशा और विश्वास खो रहा हूँ... लेकिन कोई हिम्मत करने वाला नहीं
बुराई को जलाने के लिए तीर उठा, और सब कुछ सही कर दे
वो आक्रमण करता है, वो अकेला ही लड़ता है वो अंधेरे का दीपक है, योद्धा है वो
मारो उसे।
मौसम बिगड़ने वाला है, राफे।
अपनी कुर्सी की पेटी बाँध ले।
दरवाज़ा बंद करो। दरवाज़ा बंद करो।
सॉरी, राफे।
यश राज फिल्म्स प्रस्तुत
पठान
नई दिल्ली, भारत
जे.ओ.सी.आर. मुख्यालय
आ रही हूँ, बरून।
अब तुम केक-केक करते रहोगे तो मैं काम कैसे खत्म करुँगी?
तुम मोमबत्ती जलाओ हैप्पी बर्थडे गाना शुरू करो,
बुझने से पहले मैं घर पहुँच जाऊँगी।
मैम, मुझे सारी जानकारी मिल गई है।
दोबारा चेक करो।
मुझे अभी सारी जानकारी चाहिए। वित्त मंत्रालय से पुष्टि करो।
-मैम? -हाँ?
एक आवश्यक सूचना है।
हमारे फ़ेस स्कैनर सॉफ्टवेयर ने अभी-अभी एक चेहरे की पहचान की है।
कौन है वो?
रूबई?
कहाँ?
पेरिस। पैले रॉयल मेट्रो स्टेशन, सुरक्षा कैमरा।
-कितना वक़्त हुआ? -15 मिनट, ज़्यादा से ज़्यादा।
इस पर तुरंत एक टीम सक्रिय करो।
सिर्फ़ नज़र रखो। रोकना मत।
एक प्लेन तैयार रखो।
ब्लू चैनल यूज़ करो। हमें तुरंत टेक-ऑफ करने की पर्मिशन चाहिए।।
ठीक है, मैम।
अरे हाँ और बरून से कहो कि...
आपके लिए केक का पीस फ्रिज में रख दे।
कितना टाइम लगेगा?
पाँच घंटे, ज़्यादा से ज़्यादा।
-मैम! -हाँ?
मैम, क्या हम पठान के लिए जा रहे हैं?
क्या जानते हो पठान के बारे में?
ज़्यादा नहीं, मैम।
बस यही कि जब भी उसका नाम आता है, लोग असहज हो जाते हैं।
टॉपिक बदल देते हैं।
मैम... वो हमारी तरफ़ है ना?
हमारी तरफ़ था।
तरफ़ क्या हमारा सेंटर-फॉरवर्ड था।
ओपनिंग बैट्समेन, ओपनिंग बॉलर।
विकेट कीपर और चार स्लिप भी।
जानते हो, अगर पठान नहीं होता
तो ना तुम यहाँ होते, ना मैं होती।
और ना ही कोई डिपार्टमेंट जोकर होता।
दो साल पहले म्यांमार में एक मिशन के दौरान,
पठान बहुत बुरी तरह ज़ख्मी हुआ।
हफ्तों भर तक हस्पताल में था। वो काफी गंभीर मामला था।
सब को लगा की पठान का चैप्टर खत्म हो गया।
पर हम ये नहीं जानते थे कि वो एक...
पूरी नई किताब लिख रहा था।
भारतीय मिलिटरी अस्पताल, नई दिल्ली
सुना था तुम्हें चोटें लगी हैं?
मैम, हाँ।
पैरों में मेटल प्लेट, गर्दन में टाईटेनियम डिस्क,
और कंधे में बायो-डिग्रेडेबल स्क्रू।
लगते तो बिल्कुल ठीक हो।
बहुत मुश्किल है, मैम। एयरपोर्ट सिक्योरिटी पे बीप, बीप, बीप।
मेटल ढूँढते रहते हैं।
मुझे लगता है रिटायरमेंट सूट नहीं कर रही आप को।
क्यों?
रिटायरमेंट का अलग सुख है, पठान।
कितने शौक हैं, हम सोचते हैं कि अब भी वक़्त है।
मास्टर शेफ कल बनेंगे, इंडियन आयडल परसों।
तुम्हें कोई हॉबी ढूँढनी चाहिए, पठान।
ढूँढ ली। "किंत्सुगी"।
पंजाबी शब्द है?
जापानी। और मुझे पता है आप मतलब जानती हैं।
जानती हूँ।
अगर कोई कीमती चीज़ टूट जाए,
तो जापानी उसे पिघले हुए सोने से जोड़ते हैं।
उसकी खूबसूरती और मजबूती ज़्यादा निखर जाती है।
और वो पहले से ज़्यादा कीमती माना जाता है।
मैम, आप ये फ़ाइल देखिए।
ये है हमारी ऑर्गनाइज़ेशन के टूटे हुए टुकड़े।
मेरी तरह सैनिक, मैम।
जो किसी चोट या सदमे की वजह से वक़्त से पहले रिटायर कर दिए गए।
पर खत्म नहीं हुए।
इनका जोश और हौसला अब भी बरक़रार है।
ये आज भी देश के लिए और बहुत टूटने और तोड़ने के लिए तैयार हैं।
क्या करना चाहते हो? इन सबको जोड़कर एक नया यूनिट बनाना है?
हाँ, मैम।
जानते हो कितने लेवल्स पे कितने लोगों को यक़ीन दिलाना पड़ेगा?
इतनी लंबी प्रक्रिया है कि हाथ जोड़ते-जोड़ते हाथ चिपक जाएँगे।
कर लो कोशिश।
आपको क्या लगता है, मैम। मैं इतने महीनों से इस हॉस्पिटल में सिर्फ बाल बढ़ा रहा हूँ?
मैंने इसे आज़माया है, और बख़ूबी निभाया भी है।
जेओसीआर
जोकर?
"संयुक्त अभियान एवं गुप्त अनुसंधान", मैम।
तुम मुझे नौकरी दे रहे हो?
नहीं, मैम!
मैं तो अपने बॉस को उनकी कुर्सी वापिस दे रहा हूँ।
आपको नई हॉबी की तलाश थी।
किंत्सुगी ट्राइ कीजिए, प्लीज़।
ये बिखरे हुए, टूटे हुए सारे सैनिक मकसद की तलाश में
मिशन के लिए तैयार।
आप वो सोना हो, जो इन सबको जोड़ सकती हैं।
पहले से ज़्यादा मजबूत,
पहले से ज़्यादा खतरनाक।
और इस तरह टीम जोकर का जन्म हुआ।
हर वो मिशन, जो देश के लिए ज़रूरी तो है
पर कोई कर नहीं सकता, जिसकी ज़िम्मेदारी कोई नहीं ले सकता।
वो है हमारा मैदान। हमें रोकने के लिए हमारा कोई रुल नहीं था।
तो ज़ाहिर है, जिन्हें रुल्स से लगाव था
उन्हें हमसे प्रॉब्लम थी, जैसे हमारे कर्नल लूथरा।
वाह!
सुंदर!
बहुत सुंदर।
वैसे इस जगह पर हमारे और दूसरे डिपार्टमेंट्स के लिए मनोरंजन क्लब बनना था।
जिम, सॉना, पूलटेबल वगैरह।
सॉना? पूलटेबल्स?
एक्सक्यूज़ मी, सर। आप ऐसा नहीं बोल सकते।
-ये लोग मेरे ऑफिसर्स हैं। -ये ऑफिसर्स नहीं हैं।
चार टूटे-फूटे जोकर्स को लेकर तुमने टीम जोकर बना दी!
ये सब टूटे हुए अंडे के छिलके हैं, बस।
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?
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