Le prime 200 righe.
NETFLIX प्रस्तुत करता है
राधा
लल्ली दिल की बाली डीजे हीरु
राधा
देखो, वीरू! इस बार फोन काटे ना,
तो हम अपना सिर फोड़ लेंगे!
अरे, अरे!
ये हमारे पूजा-ध्यान करने का वक़्त है।
-शाम को फोन लगा चल। - अरे, पर...
अच्छा, ये बताओ...
कि पहली दफ़ा तुम हमसे कहाँ मिली थी?
अरे, तोमर जी की लड़की की शादी में।
कौन तोमर?
पकरिया वाले?
हाँ, वहीं हम शरबत लेकर आए थे,
तो तुमने हमारे गाल पर चिकोटी काटी थी!
हम्म। हो सकता है।
दारू-वारु पीती हो?
दारू क्या, तुम्हारे लिए तो ज़हर भी पी सकते हैं, वीरू राजा!
ठीक है।
सुबह दस बजे मिलो झल्ला चाट भंडार मोबा में।
हम्म।
भैया, हमारा पैसा?
मुझसे पैसा मांग रहा है!
-दूँ क्या? -भैया, पैसा मांग रहे हैं भाड़े का।
राधा?
-वीरू? - हम्म।
चलें?
हाय, राम!
-हमारे दादा क्यों चले आ रहे हैं! -क्या? कहाँ हैं?
ओए, होए, लल्ली!
- -पकड़ो साले को, पहाड़ सिंह!
अरे, उठ!
हे! रुक!
हे! ओए, रुक!
अरे!
-अबे, रुक! -हट ना!
तू जा, मैं साइकल से आता हूँ।
अबे, रुक!
इससे अच्छा तो भाग लेता!
रुक!
-रुक! -हे!
-हे, रुक! -ले तू!
- चल, हट! -अरे, तेरी तो...
-हे! कहाँ गया? -उधर!
पहाड़ सिंह, मिश्रा, यहाँ जाओ! तुम दोनों, पीछे आओ!
फ़रार वीर सिंह उर्फ़ वीरू
हे!
हे!
मार देंगे!
क्या? किधर?
-अरे, चलो फिर। क्या कर रहे हो! -चलो!
- भाग गया। -
पुलिस ने इस एक लाख के इनामी बदमाश...
वीर सिंह उर्फ़ वीरू को गिरफ़्तार किया है।
इस पर 70 बलात्कार, 12 हत्या, और 36 डकैतियों का आरोप है।
माफ़ कीजिएगा। 17 बलात्कार, 12 हत्या
और 26 डकैती...
सब यहाँ पर है।
मान लेते हैं आरोपों में अस्पष्टता है।
ये कह सकते हैं कि इसने अनेकों बलात्कार,
ढेरों हत्या, और कई डकैतियों को अंजाम दिया है।
इतना सब तो नहीं किए हैं, साहब, हम।
अरे, ले जाओ इसको।
अरे, साहब...
भाईसाहब...
मैं हूँ अनुज, "मोबा न्यूज़" से।
मैं ये जानना चाहता हूँ
कि ये अपराधी कैसे पकड़ा गया।
मेरा मतलब ऑपरेशन को लीड कौन कर रहा था?
इसपर थोड़ा प्रकाश डालेंगे?
माननीय एसपी साहब की नेतृत्व में मोबा पुलिस ने
इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
जी।
जी, सर?
जी, सर!
जी, सर।
बाकी जानकारी प्रेस रिलीज़ में।
सर! सर!
हद है, यार, चाटुकारिता की भी।
अरे, कम से कम तुम्हें स्टेज पर फोटो के बहाने ही बुला लेते।
ठीक है ना।
फोटो के लिए बुलाते भी ना तो हम पता है कैसे पोज़ देते?
- -ऐसे!
सुनो।
अरे!
यार, मीडियावाले यहीं पर हैं। तुम ना ब्रेकिंग न्यूज़ बना दोगी।
हम्म। न्यूज़ चला दी...
"इंस्पेक्टर और कॉनस्टेबल के बीच नैन-मटक्का!"
-दइया रे दइया! -
मैडम।
हाँ?
एसपी साहब बुला रहे हैं।
अर्जेंटली बुला रहे हैं।
आ रहे हैं।
हम्म!
कहने को तो हम इंडियन पिनल कोड फॉलो करते हैं।
लेकिन काम करना पड़ता है इंडियन पॉलिटिकल कोड के अधीन।
सर, आप ज्ञान के सागर हैं।
मन तो करता है रोज़ डुबकी लगाएँ।
ये मीडियावाले हमेशा हमसे पहले कैसे पहुँच जाते हैं?
सर, कई दफ़ा तो वारदात से भी पहले पहुँच जाते हैं।
सर! सर!
सर, एमएलए साहब के यहाँ क्या वारदात हुई है?
चलिए।
अरे! हम मोबा से हैं!
धक्का क्यों मार रहे हैं?
लोकतंत्र के चौथे खंभे को ही गिरा दोगे क्या!
हे, दादा!
खंभा हो ना तो चुपचाप खंभा जैसा खड़े रहो। कोई नहीं गिरा रहा है।
जय हिन्द, सर!
वारदात कहाँ हुई है, सर?
ये पेड़ देख रहे हो?
यहीं टंगे थे!
अंकल हॉन्ग...
अम, माननीय अंकलजी की लाश कहाँ है, सर?
एसपी!
अंकल हॉन्ग ब्रीड के 15-15 किलो के दो...
चोरी हो गए!
अंकल?
अंकल नहीं। कटहल।
दो चमचमाते शानदार कटहल!
हे!
हँस मत!
पकने से पहले हमारे कटहल नहीं मिले
पोंगा बजा देंगे!
सब का।
इतने बड़े एमएलए के घर में रात दिहाड़े चोरी हो गई।
कोई काम की नहीं है पुलिस।
-हाँ! आओ इधर! -ऐसे लोगों को भर्ती कर रखे हैं।
-किधर गए अंकल काँग? -हॉन्ग?
अंकल हॉन्ग, सर।
शर्मा जी, जांच शुरू करो। पता लगाओ कटहल का।
सर, हमें ना...
ऑपरेशन करवाना पड़ सकता है, सर, अपेंडिक्स का।
वो क्या है ना, सर, कि अचानक
भयंकर पेट में दर्द शुरू हो जाता है, सर।
यहाँ, यहाँ पर। नहीं, यहाँ पर।
फिर तो बड़ा मुश्किल हो जाएगा।
नहीं, सर।
ये केस बसोर को दे देते हैं।
वो वीरू जैसे इनामी बदमाश को पकड़ने वाली
कटहल को तो चुटकी बजाकर ढूँढ लेगी।
सर, अपराधी पकड़ना एक बात है।
-लेकिन कटहल ढूँढना... - लेकिन-वेकिन कुछ नहीं।
अपराधी को पकड़ना बहुत ज़रूरी है इससे पहले कि कटहल पाक जाए या कोई पका के खा ले।
मगर, सर, ये तो कोई केस ही नहीं बनता है।
- एफ़आईआर में लिखेंगे क्या? -नहीं बनता है, तो बनाओ।
देखो...
378 के तहत...
संगीन चोरी का मामला दर्ज करो।
हाँ।
सर, ऐसे तो मुश्किल हो जाएगी।
कल को लोग मुर्गी, लौकी, तुरई की रिपोर्ट लिखवाने आ जाएँगे।
प्लीज़ सहयोग दीजिए।
साले चोरों का स्टैंडर्ड कितना गिर गया है।
कटहल चुरा रहे हैं! बताओ!
हम पुलिसवालों का स्टैंडर्ड कौन सा आसमान छू रहा है।
हम कटहल ढूँढ रहे हैं।
ओह! वाह, वाह!
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