Informazioni sulla release

Enai Noki Paayum Thota WEBRip Amazon
Un commento di IPlateex

Tag

webrip
web
BRip
Pubblicato il: 2022-06-11
Download: 14
Sottotitoli per non udenti: No

Anteprima dei sottotitoli in Hindi

Le prime 200 righe.

काम करके दूसरों को दुख पहुंचाओगे।

सफ़ेद बाल से उम्र दिखने लगती है।

तो मौत के देवता के शिकार बनोगे।

उन बेकार लोगों के तरह।

आपको लगा मैं भी मरूँगा?

जो बोला था वह वरदान चाहिए था।

बिना दुख वाली नई आत्मा चाहिए।

जिसमे सिर्फ और सिर्फ आनंद हो।

बंदूक कहाँ है?

कार में ठहरो मैं लेकर आता हूँ।

जल्दी करो!

कहाँ चले गए?

लड़की के साथ खेल खेल रहे हो।

कितनी देर लगेगी, गधे?

मेरे भाई भी!

यह तुम्हारी वजह से हुआ ।

मेरे भाई की वजह से मैं मौत के करीब हूँ।

मैं अभी उसे मार दूंगा। फिर से उसे लाने को नहीं कहोगे?

चालीस सेकंड तक वह बंदूक मुझ पर ताने हुये था।

बस फटने की देर थी।

जो बंदूक दिखाकर सिर्फ बोलते हैं

मुझे उनपर हँसी आती है।

लेकिन अब मैं शिकायत नहीं कर रहा।

क्योंकि आज मेरा मूड नहीं है मरने का।

आज मरना अच्छा नहीं होगा।

मैं विश्वास नहीं करता लेकिन मेरी माँ ने ज़ोर दिया...

...तो मैंने अपना हाथ ज्योतिषी को दिखाया।

तुम नब्बे साल तक चुस्त ज़िंदगी जीयोगे।

चलो बहुत हुआ।

मिस्टर ज्योतिष... अगर मैं मरा तो मेरे पैसे वापस चाहिए।

और तुम भी मरोगे।

मेरा साथ दो दोस्तों। वह मुझे मार रहा है।

पकड़ो उसे!

जाने मत दो!

यह मत करो। सुनो।

सुनो...

इसमे गोली नहीं है?

फंसा!

तुम तो गए।

मत मारो!

हमारे घर वैसे नहीं थे, हम वैसे नहीं रहे...

जबसे मेरा भाई चला गया।

सारी खुशियाँ उसके साथ चली गईं।

उसने एक बार भी मुड़कर नहीं देखा।

हम उसे कितना चाहते थे।

लेकिन जबसे वह गया, उससे नफ़रत हो गई है।

चार साल हो गए उससे बात किए हुये।

भईया...

तुम्हारी वजह से गोली मेरी तरफ आ रही है।

गोली पर मेरा नाम लिखा है।

गोली पर मेरा नाम लिखा है।

मुझे मेरे भाई को देखना है।

मैं उसे ढूँढने यहाँ...

इस बदबूदार शहर में आया।

लेखा।

मेरी लड़की, मेरी ज़िंदगी।

वह मेरे लिए सब कुछ थी।

चार साल हुये उसे देखे हुये।

चार साल पहले वह मुझे छोड़कर गई थी।

उसका एक दिन फ़ोन आया 'मैं तुम्हारे भाई के साथ हूँ...'

वह मुसीबत में है। क्या यहाँ आ सकते हो?

और मैं आ गया तुम्हारे लिए, भईया।

मैं यहाँ हूँ।

लगता है मैं मरने वाला हूँ क्योंकि आँखों के सामने ज़िंदगी दिख रही है।

भाई तुम्हारा चेहरा याद नहीं आ रहा।

और अभी तो बिल्कुल नहीं।

मैं, सरण्या और थिरु।

सरण्या मेरे से दो मिनट पहले पैदा हुई थी।

मेरी बड़ी बहन।

थिरु हमसे सात साल बड़ा था।

मेरा बड़ा भाई।

सात और दस साल के बीच...

सरण्या और मेरे लिए, भईया पूरी दुनिया थी।

वह हमारा हीरो था।

उसके बाद वह हमारे साथ नहीं रहा।

वह छह साल की लड़की के प्यार में पड़ गया।

दो साल तक।

वह उसके साथ हर पल बिताता।

एक दिन...

लड़की मर गई।

वह थिरु के साथ बाइक पर जा रहा था।

वह अठराह का था तब।

उसके हिसाब से उसकी ज़िंदगी ख़त्म हो गई थी।

वह उम्र ही ऐसी होती है।

या शायद वह वैसा ही था।

दो महीने बाद वह हमें छोड़कर चला गया।

बस चला गया।

मेरे माँ-बाप उसे ढूँढने चले गए।

उन्होने बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं आया।

उसने कहा वह अकेले रहना चाहता है।

उसके बाद वे भी पहले जैसे नहीं रहे।

हमारी बाकी की ज़िंदगी उसी में कटी कि थिरु एक दिन आएगा।

कभी-कभी उसके बारे में पता चलता रहता।

बस।

ग्यारह की उम्र थी, समझ नहीं आया की वह क्यों गया।

बिना बताए जाने के लिए मैं उसे कोसता था।

आज मैं पच्चीस का हूँ और वह बत्तीस का।

मैंने कभी सोचा नहीं था कि...

मुझे थिरु के बारे में लेखा से पता चलेगा...

और मैं मुंबई आऊँगा।

पता नहीं वह मुझे पहचानता भी है या नहीं।

हैलो, भईया।

मेरा नाम है...

रघु।

सोचने लगा...

मेरी कहानी शुरू होती है लेखा से।

पाँच साल पहले शुरू हुई थी...

यह प्रेम कहानी।

ज़िंदगी प्यार की वजह से शुरू होती है।

प्यार में अजीब सा एहसास होता है।

उसके बगैर कुछ नहीं है।

मुझे लगा लेखा मेरी ज़िंदगी में...

मुझे मेरे भाई से मिलाने के लिए आयी थी।

मैं कॉलेज के आखरी साल में उससे मिला।

मैं मैकेनिकल इंजीनियरिंग करना चाहता था।

लेकिन पिताजी ने कहा कम्प्युटर में भविष्य है...

और मैंने कम्प्युटर इंजीनियरिंग की।

मैं चाहता था की काश वह मेरी क्लास में होती।

रघु?

रघु, इप्रोम क्या होता है?

पता नहीं, सर।

बाहर शूटिंग चल रही है। जाओ जाकर देखो।

ना मेरे क्लास में थी ना मुझे पढ़ाती थी।

ना मेरी सीनियर ना मेरी जूनियर।

पता था तुम आओगे। जल्दी आओ।

कहाँ?

खूबसूरती देखने जो कॉलेज में नहीं मिलेगी।

क्या?

बहुत सुंदर है वह?

देखो तो पता चलेगा।

कॉलेज के पास बहुत पैसे थे।

स्टूडेंट से बहुत फीस ली जाती थी।

सुंदर कैम्पस।

फिर भी वह और पैसा बनाना चाहते थे।

इसलिए फ़िल्म शूट करने के लिए भाड़े पर देते थे।

हर हफ्ते कोई ना कोई शूट होते रहता।

देखो कौन आया।

ज़िंदगी नीरस होती

अगर पढ़ाई ना होती।

आँखों के लिए नहीं कुछ रसीला

जैसे बाग में ना हो कोई झूला।

कॉलेज में बाराह सौ स्टूडेंट थे।

लेकिन उसकी पहली नज़र मुझ पर पड़ी।

बस वहीं शुरू हुआ।

वह फ़िल्म की हीरोइन थी।

पहली नज़र में पसंद आ गई।

शायद उसे भी मैं पसंद था।

बिन तालाब कमल क्या करती,

नंगे पैर वह जमीन पर कैसे चलती।

जैसे लाखों रंगो से वह बनी,

बिन फ्रेम चित्रा कैसे बनी।

रोल, कैमरा... और एक्शन!

जीब नीचे।

हीरो आ रहा है हाथ हिलाओ।

कट।

शॉट ओके।

तुम्हें टायटेनिक का पहला शॉट पता है।

-हाँ। -वैसा ही है।

सच में।

उसे देख है मुझे क्या होरा, चढ़े...

...जैसे मुझे सौ का पारा

उसे देख मन मेरा डोला...

...हर दिन है मूवी ऐसा कोई बोला।

हज़ार गुलाब भी कम पड़ेंगे,

ऐसा प्यार सारे पाप धो देंगे।

हरा बैकग्राउंड क्यों है? अच्छा नहीं दिख रहा।

उसे मूवी में बदल देंगे।

उसे देखने के लिए मैं क्लास नहीं गया।

अच्छे इरादे से।

जैसे हर सुबह होती उसकी

छवि आँखों में दिखती।

हूँ मैं बंदा नया,

खुदके बारे में पता चल गया।

कहाँ था यह फूलों का बगीचा,

क्यों इसे मेरे जीवन में खींचा।

तुम्हारे चेहरो को देखना,

बढ़ाता है मेरे दिल की धड़कन।

उसने मुझे कई बार देखा।

मैं उसकी तरफ देखता हूँ यह भी।

एक बार उसकी नज़र मुझे ढूँढ रही थी। हे देवी!

तुम पागल हो क्या? कारवां के पास जाओ।

उसे देख है मुझे क्या होरा,

चढ़े जैसे मुझे सौ का पारा

उसे देख मन मेरा डोला...

...हर दिन है मूवी ऐसा कोई बोला।

जब भी आता हूँ तुम्हें देखने...

...घूमती है ज़िंदगी मेरे आँखों के सामने।

घर जाता हूँ फिर दिखता है तेरा चेहरा...

...क्यों आई मेरी ज़िंदगी में करने मुझे अधमरा।

जैसे वह अंदर आई मेरी तरफ देखा।

और कोई नहीं था।

उसने गुलाब दूध मंगाया और मेरे बाजू में बैठी।

बाप रे!लड़की और गुलाब दूध!

वह मेरा मौका था उससे बात करने का।

हैलो...

यह पीरियड फ़िल्म है?

हाँ!

मेरा मतलब...

यह पूरी फ़िल्म पीरियड है या आपका कोई मॉडर्न लुक भी है?

पूरी फ़िल्म।

Commenti

No comments yet. Be the first to leave one.

Keep it about this subtitle — sync, quality, typos.500 characters left