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उफ़, तो मैं कैमरे को कहीं रखने की जगह तलाश रही थी।
एक मिनट रुको।
आज 23 जुलाई है। और...
इस टेप के शुरू होने के बाद से बहुत सारी चीज़ें बदल चुकी हैं।
मेरे पति जेल में हैं।
मुझे बाहर आए एक हफ़्ता और एक दिन हुआ है।
मैं 24 मई से हिरासत में थी।
लेकिन मुझे पता है कि अभी मेरे हालात भले ही बहुत ख़राब लग रहे हों,
लेकिन सब ठीक हो जाएगा।
वो... वो वापस आएंगे।
मोटरसाइकिल।
-वो मेरा... -वो वापस आएंगे।
पहले से ज़्यादा मज़बूत।
मेरे गर्भ में जुड़वां हैं। मैं जुड़वों का फ़ोटो लेती हूं।
देखो।
ये 22 हफ़्ते के जुड़वां हैं।
हटो। लॉरेंस, नहीं हटोगे तो...
गुड मॉर्निंग।
छह साल का लड़का।
गुड मॉर्निंग।
आज स्कूल का तुम्हारा पहला दिन है, दोस्त।
ए। ए। ए।
गुड मॉर्निंग, रॉबर्ट।
आज 24 अगस्त है, रैमिंगटन के किंडरगार्टन का पहला दिन।
तुम किंडरगार्टन में क्या करोगे, रैम?
पूरी कोशिश करूंगा कि वहां जाकर ख़ूब सारी गर्लफ़्रेंड्स बनाऊं।
गुड मॉर्निंग, बेबी।
आप बर्फ़ गिरते सुन सकते हैं।
और ठंड में वो डिंग-डौंग हैं।
ए, डिंग-अ-लिंग दो और एक।
बहुत ठंड है।
मज़ेदार है!
कितना मज़ा आ रहा है, बेबी।
अरे, यार! ओह, बहुत प्यारा है।
ठीक है।
जल्दी ही शादी करने वाली हो?
-मैं शादीशुदा हूं। -वाक़ई?
-रैमिंगटन के पिता से। -कब की?
हमारी शादी को डेढ़ साल हो चुका है।
-लगभग डेढ़ साल। -तो वो कहां हैं?
अभी वो शहर से बाहर हैं।
देखो, वहां दूसरे बच्चों के साथ समय मत ख़राब करना, ठीक है?
-ठीक है। -ध्यान देना।
ध्यान देना। सैंटर, ध्यान देना। ये तुम्हारा आज का लक्ष्य है।
लेकिन मैं और जैरेड भागते नहीं हैं।
-मेरा सिर कहां है, रैमिंगटन? -ये रहा।
बच्चे, जल्दी से बड़े हो जाओ।
अपने क्यू वहां रखो...
डैड, ये पतझड़ का सीज़न है।
पेड़ रंग बदलने लगे हैं, आज 18 अक्तूबर है।
आज तारीख़ 18 अक्तूबर है?
मैं तुम्हें ये घर दिखाना चाहती हूं, डैड।
-देखो हम कौन सा लेंगे। -हां, देखो हम कौन सा लेंगे।
ये तो... बहुत बढ़िया हैं। ये पास-पास हैं।
पॉप्स, ये मैं हूं, मैं ही हूं। वापस आपके पास।
आज ख़ूबसूरत दिन है, बेबी। काश तुम मेरे साथ इसका आनंद ले पाते।
मेरी पैसेंजर सीट ख़ाली है।
यार, ज़रा सोचो, जब मैं तुमसे मिली तो 16 की थी।
सोलह साल की।
मुझे हमेशा से पता था तुममें कुछ बात है।
ओह, यार, आई लव यू, रॉबर्ट। मैं अपने रॉबर्ट से प्यार करती हूं।
तुम अच्छे हो, तुम्हें एक कहानी पता है।
ये मुस्कुराहट देख रहे हो, रॉबर्ट?
जानते हो जब तुम घर आओगे तो मैं कितना खुलकर मुस्कुराऊंगी?
यार...
यार, क्या?
मुस्कुराते हुए। मैं और मेरे सारे बच्चे
शायद सारा दिन ऐसे ही घूमेंगे।
जबड़े दुखने लगेंगे।
क्या कहा?
सिबिल फ़ॉक्स ने क्या किया?
शायद मैं समझ गई हूं।
मुझे पसंद है।
"वो इसे बिग ईज़ी कहते हैं।
लेकिन सच कहूं तो, सही परिवहन के बिना,
ये... जब हम "सही परिवहन" कहेंगे, तो ज़ूम आउट करेंगे
और फिर, "ये बेतहाशा मुश्किल हो सकता है।"
सही।
और फिर जब मैं अपना परिचय दूंगी, तब मुझ पर वापस आएगा।
"प्रेम और शांति, परिवार, मैं हूं फ़ॉक्स रिच।
और एक पत्नी और छह लड़कों की मां होने के नाते...
मैं परिवहन की अहमियत जानती हूं।
एक पत्नी और छह लड़कों की मां होने के नाते...
रिच मोटर्स ऑफ़ न्यू ऑरलींस में आपकी निजी ऑटो ख़रीदार के रूप में
सेवा के इस मौक़े की मैं शुक्रगुज़ार हूं।"
बढ़िया।
"मैं जानती हूं आपके और आपके परिवार के
घूमने-फिरने के लिए सही गाड़ी की ज़रूरत क्या मायने रखती है।
देखिए, सच कहूं तो, कार घर से ज़्यादा अहम होती है।
क्योंकि आप कार में सो तो सकते हैं लेकिन अपने घर को आप ड्राइव नहीं कर सकते।"
-तो यही है। -बढ़िया है।
तो मेरे ख़्याल से हम ये करेंगे कि आपको ये सब बोलते हुए फ़िल्माएंगे।
-ठीक है। -और फिर हम साथ में...
फिर आप मेरी ओर भी देख सकती हैं
और हम साथ में दूसरी चीज़ें कर सकते हैं और पक्का करेंगे कि ये सही हो।
-हम इसे आप पर लाकर ख़त्म कर सकते हैं। -मैं ये भी चाहती हूं
कि मैं ये देख सकूं कि मैं कैसी लगती हूं, बालों को लेकर, लिप ग्लॉस को लेकर...
-हां, बिल्कुल, हम ये भी कर सकते हैं। -और देखते हैं शूट कैसा आता है।
हां। मुझे बस एक सैकंड लगेगा।
-हम आपके लिए लाइटें ठीक करते हैं। -ठीक है।
तो मैं एक नज़र देखता हूं कि हम यहां किसके साथ काम कर रहे हैं।
वो इसे बिग ईज़ी कह सकते हैं, लेकिन सच कहूं तो,
न्यू ऑरलींस में बिना परिवहन के होना
एकदम नारकीय हो सकता है।
-बहुत ख़ूब। -मुझे अपने कंधे पीछे को करने हैं।
-फिर कोशिश करते हैं। -एक बार और करते हैं।
या जितनी बार आप चाहें। ज़रा सा आगे को आएं।
मेरा जन्म सिबिल वर्डैड फ़ॉक्स के रूप में
अठारह अगस्त, 1971 को हुआ था।
मेरी मां शिक्षक थीं
और मेरी नानी हैंक विलियम्स की मां की हाउसकीपर थीं।
मैं एक ऐसे परिवार से थी जिसमें कुछ करने की, ख़ुद को कुछ बनाने की
ज़बरदस्त इच्छा थी।
मेरी मां ने
बहुत छुटपन में ही मुझे सिखा दिया था
कि अमेरिकी ख़्वाब हक़ीक़त है।
और वो कहतीं,
"सिबिल, कोशिश करो तो तुम इसे हासिल कर सकती हो।"
तो ये मैं थी एक शहरी युवा लड़की
और मैं कोशिश करने के लिए दृढ़ थी।
ये रिच परिवार है।
इसके बारे में आपका क्या ख़्याल है?
मैं अपने पति रॉबर्ट से तब मिली थी जब 16 साल की थी।
मैंने अपने हाई स्कूल के प्रेमी से शादी की थी।
हमने अपना पहला घर ख़रीदा,
अपने पहले बिज़नेस का डिपॉज़िट जमा कर दिया था।
हम कामयाब होने वाले थे।
हम आंट सैंड्रा के घर के पास पहुंच रहे हैं।
और उन्हें पता भी नहीं कि कौन आ रहा है।
-और वहां वो जा रहे हैं। -वहां।
सिबिल!
सरप्राइज़!
मुझे पता भी नहीं था कि मेरे परिवार के पास वो सब कुछ था जो हमें चाहिए था।
हम एक दूसरे के साथ थे।
देखिए, मेरी कहानी अमेरिका के
दो मिलियन से ज़्यादा लोगों की कहानी है
जो ग़रीबों और अश्वेतों की सज़ा का शिकार बन रहे हैं।
तो मैं आपसे कह रही हूं कि बाहर आएं और मेरा साथ दें। और एक बात और थी। क्या थी?
ओह, हमारा सीधा प्रसारण होगा।
अगर आप आज रात आ न सकें,
तो मैं कहूंगी कि शाम को सात बजे
मेरे फ़ेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण देखें
क्योंकि हम इस अनुभव का सीधा प्रसारण करेंगे।
देखिए, ये महज़ एक बातचीत नहीं है।
ये यक़ीनन एक अनुभव है, और मुझे उम्मीद है आप मुझसे वहां मिलेंगे।
टूलेन यूनिवर्सिटी, आज शाम सात बजे, रॉजर मैमोरियल चैपल पर।
शांति और प्रेम।
ए, फ़टाफ़ट यहां आओ।
इसे हमेशा सही होना चाहिए। बैल्ट हमेशा सही होनी चाहिए।
हे भगवान, ड्रायर से इस तरह कपड़े किसने निकाले हैं?
लेडीज़ एंड जैंटलमेन, कृपया मेरे साथ ज़ोरदार
ग्रीन वेव स्वागत करें
मेरी मां का, जो आज शाम आपकी वक्ता हैं।
फ़ॉक्स रिच।
"मैं शुरू से ही ये बात साफ़ कर दूं।
मैं जानती हूं मैंने बस अपनी ज़िंदगी बचा ली।"
सोलह सितंबर, 1997,
मेरे पति और मैंने ग्रैंब्लिंग फ़ेडरल क्रेडिट यूनियन को लूटा।
धत, उस दिन मैंने यही कहा था। मैंने आख़िर ऐसा क्यों किया?
मैं आख़िर सोच क्या रही थी?
रॉब और मेरा सपना था कि श्रीवपोर्ट का पहला हिप-हॉप क्लोदिंग स्टोर खोलें।
कल्चर
लेकिन हम ख़र्चे ही पूरे नहीं कर पा रहे थे।
और उस वक़्त की किसी भी और बात से ज़्यादा मुझे ये याद है
कि मैं नाकाम नहीं होना चाहती थी।
और हम हताश हो गए थे।
हताश लोग हताशाजनक काम करते हैं।
ये एकदम सीधी-साफ़ बात है।
जब मैंने अपने पति और उनके भतीजे को
एक बैंक लूटने के लिए छोड़ा,
तो उनके कार से उतरते ही
मैं जान गई थी...
कि हम एक ऐसी दुनिया में दाख़िल हो गए हैं...
जिसे हम कभी नहीं भूल पाएंगे।
उस ज़माने में,
हथियारबंद डकैती के लिए पांच से 99 साल की सज़ा होती थी।
और 15 जून, 1999 को
मेरे पति को 60 साल की सज़ा हो गई
बिना परिवीक्षा, पैरोल या
सज़ा के निलंबन के लाभ के।
इंसानी ज़िंदगी के...
साठ साल।
मेरी ममा ने कहा, "लफ़ड़ों में पड़ना आसान है।"
बीस साल हो चुके हैं।
बीस साल हो चुके हैं।
दो दशक बीत गए हैं।
दो लंबे दशक बीत गए हैं।
बाहर निकलना मुश्किल है।
ये लगभग दासता के दौर जैसा है।
जिस तरह गोरे लोग आपको वहां रखते हैं
जब तक उन्हें ऐसा न लगे कि अब आपके बाहर आने का वक़्त आ गया है।
और ये हालत ऐसी ही है।
निजी बदला।
निजी बदला।
हां।
और देखिए, मैंने अपनी बच्ची से कहा था, मैंने कहा, "तुम्हें करना ये होगा
कि अपने बालों को सिर पर ऊपर बांधो
जैसे तुम अधपगली हो।
कोई ड्रैस पहनो, पैंट और फ़्लैट जूते पहनो,
और एक अदालत से दूसरी अदालत के चक्कर लगाओ।"
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