200 baris pertama.
सबको नमस्कार।
आप सोचते होंगे यहाँ क्या कर रहा हूँ? फिल्म से मेरा संबंध नहीं।
यह कहानी लंदन, टर्की, पाकिस्तान जैसे कई देशों से होकर गुज़रती है।
वहां की भाषा बोलते हैं तो हमारे दर्शकों को समझ नहीं आएगी।
सबटाइटल ऐड कीजिये और उसे सीन के साथ टॉगल करें।
हालाँकि सबटाइटल पढ़ने और सीन देखने में उलझन होगी। पर इस तरह...
...विभिन्न देशों के विभिन्न दर्शक...
...तमिज्ह बोल सकेंगे।
तो, इस फ़िल्म के सभी पात्र तमिज्ह बोलेंगे।
जो हमारी सुविधा के लिए है। उम्मीद है फिल्म देखने का ज्यादा आनंद आएगा।
और उम्मीद है कि आपको फिल्म पसंद आएगी।
धन्यवाद। आनंद लीजिये।
-यह फाइल क्राइम ब्रांच वालों को दे दो। -जी!
हेलो।
यह हैं अल्गोर्निया मर्डर केस के दो मुख्य संदिग्ध।
जो भी इनके बारे में जानकारी देगा उसे ५०,००० लीरा इनाम दिया जाएगा।
जारीकर्ता इस्तांबुल पुलिस डिपार्टमेंट।
-जाओ उधर देखो। -ओके।
हमारे साथ आओ।
कार में बैठो।
हमें अभी लड़की मिल गई है।
इसके ज़रिये वह भी मिल जाएगा।
जैसे ही वह हमें मिलता है मैं आपको कॉल करूंगा। बाय।
बताओ मुझे...
...वह कहाँ है?
इतने आदमी हैं तुम्हारे पास...
...उनको बोलो जा कर ढूँढ लें!
मनहूस औरत!
मैं तुम्हें दो विकल्प दे रहा हूँ।
उसे यहाँ बुलाओ...
...तो हम तुम्हें जाने देंगे नहीं तो...
...उसके साथ तुम भी मरोगी।
तुम्हारी कीमत तब तक ही है जब तक वह यहाँ नहीं पहुँचता।
वह आ गया तो तुम्हारे पास कोई विकल्प नहीं बचेगा।
सिर्फ एक्शन होगा।
जिस तरह हमने प्लान बनाकर तुम्हें पकड़ा है...
...क्या उससे हमारी ताकत का अंदाज़ा नहीं हुआ?
अगर मैं तुम्हें पकड़ सकता हूँ तो वह कब तक बचेगा?
तुमने प्लान बनाकर मुझे पकड़ा?
मैं तुम्हारे जाल में आई हूँ तुम्हें अलग करने के लिए।
यह सब उसका प्लान था!
तो उसे आने के लिए बोलो। देखें उसमें कितना दम है।
उसने सच जानने के लिए ६००० किलोमीटर तय किये हैं...
...क्या तुम तक पहुँचने के लिए आधा किलोमीटर और नहीं चलेगा?
आ गया वह।
बताओ...
...किसके लिए काम करते हो, कौन है इस सब के पीछे?
नहीं बताया तो तुम मरोगे।
-बताओ मुझे! -नहीं बताया तो मैं मारूंगा।
बताया तो तुम मरोगे!
तो तुम पहले मरो!
'कुछ हफ्ते पहले'
-नमस्ते। -नमस्ते।
शेनबेगम, चाय परोसो।
'मुख्यमंत्री निवास, तमिज्ह नाडू'
नमस्ते मैडम। सेलवंदर आ रहे हैं।
नमस्ते।
-कृपया बैठिये। -नमस्ते।
नमस्ते।
नमस्ते। आप यहाँ क्यों बैठे हैं?
मैं यहाँ सर्वनन के दोस्त दीपक के तौर पर नहीं आया।
बल्कि आज मुझे उप मुख्यमंत्री के साथ काम है।
आप काम के लिए क्यों ना आये हों, पहले अंदर चलिये।
समुद्र... समुद्र...
अपनी टाँगें मत हिलाओ, बेटा।
तुम उप मुख्यमंत्री हो, तुम अपने बेटे को जूते क्यों पहना रहे हो?
जो मेरा होमवर्क अप्पा ने किया उसमें बहुत गलतियाँ थी, इसलिए टीचर ने मेरे कान खींचे।
उसके लिए ही यह दंड है। प्लीज शर्मिंदा मत करो।
देखो क्या कर रहे है!
-हाय दीपक। -हेलो।
-बाय बेटा। -बाये अप्पा।
अपना बैग उठाओ।
अप्पा ने आपका सोलर प्रोजेक्ट मंज़ूर कर लिया है। आज सिग्न कर देंगे।
सर्वनन, बिज़नेस में नुकसान की वजह से मैं बिलकुल कंगाल हो चुका था।
हालत नहीं सुधारते तो मैं चला गया होता।
तुमने अपनी दोस्ती के चलते मुझे यह ४० करोड़ का प्रोजेक्ट दिलवाया है।
मैं तुम्हारी मदद को कभी भूलूंगा नहीं।
दीपक, मेरे अप्पा मुख्यमंत्री हैं...
...फिर भी मैंने इसका कोई अनुचित लाभ नहीं उठाया और ना ही अप्पा ने।
पहली बार है वह भी तुम्हारे लिए।
मुझे पता है कि मार्किट की बड़ी मछलियाँ भी इस प्रोजेक्ट के पीछे पड़ी हैं।
फिर भी यह मुझे मिला है वह भी तुम्हारे कारण।
सुन कर अच्छा लगा...
...इसलिए यह मदद याद रखना, खूब मेहनत करना और मेरा नाम खराब मत होने देना।
आओ, अप्पा से मिलते हैं।
स्वागतम।
देखो, मैं तुम्हारे कागज़ात पर ही सिग्न कर रहा हूँ।
यह आखिरी प्रोजेक्ट है जो मैं एक मुख्यमंत्री के नाते मंजूर कर रहा हूँ।
ऐसा क्यों कह रहे है?
-क्या उसने तुम्हे बताया नहीं? -नहीं।
आने वाला चुनाव हम जीतेंगे और मैं सर्वनन को मुख्यमंत्री घोषित कर दूँगा...
...खुद राजनीति से सन्यास ले लूँगा।
कब तक मेरे जैसे लोग रास्ता रोक सकते हैं?
समय आ गया है कि जवान लोग सत्ता संभालें।
यह लो। सरकार यह प्रोजेक्ट तुम्हें संभालती है।
-भगवान को याद रखना और अच्छे से काम करना। -बिलकुल!
-तुम्हारे आते ही खुशखबरियां मिलने लगी है। -क्या?
आने वाले चुनाव में, हमारी ऍम.एस.के पार्टी...
...और आई.पी.डी. पार्टी पहली बार गठबंधन कर रही हैं।
और इस गठबंधन की पहली चुनाव प्रचार कांफ्रेंस के लिए...
...राष्ट्रीय नेता, गुप्ता जी १० तारीख को हमारे राज्य में आ रहे हैं।
-ऐसा क्या? -हाँ, अप्पा। १२ दिन बाद।
हमें इसे सफल बनाने लिए बहुत से इंतजाम करने होंगे।
इस कांफ्रेंस का सारा खर्चा मुझे उठाने की आज्ञा दी जाए।
-टेंडर मंज़ूर करने की घूंस दे रहे हो? -मेरा यह मतलब नहीं था।
-तो? -देखो, दीपक...
...जो चोरी करता हैं एक दिन भिखारी बनता ही है।
जिसे भीख माँगना बेईज्ज़ती लगता है वह चोरी करेगा।
और जो यह दोनों काम सकता है वही घूंस लेता है।
इसलिए, उस प्रोजेक्ट की चिंता करो जो सरकार ने तुम्हें सौंपा है।
पार्टी के लोग इस कांफ्रेंस को खुद संभाल लेंगे।
अंकल... अंकल! अंकल! मेरे कहने का मतलब वह नहीं।
राजनीति और सरकार दो अलग अलग चीज़ें हैं।
सर्वनन, मैंने एक नया ए.सी. बनाने का यूनिट शुरू किया है...
...अगर तुम्हें बुरा ना लगे तो...
...कम से कम कांफ्रेंस हॉल के लिए मुझे ए.सी. भिजवाने दो।
ए.सी. भिजवाने से पहले उसकी कीमत वसूल कर लेना।
ओके।
हेलो।
क्या?
मैं लेफ्टिनेंट जनरल ऍम.जे. रहमान हूँ।
आपका बेटे, सुभाष का चीफ...
यह दिया है।
कर्नल सुभाष की पार्टनर। आइये सुभाष से मिलते हैं।
क्या हुआ?
दो दिन पहले आतंकी कैंप नष्ट करने का एक ऑपरेशन हुआ था।
ऑपरेशन सफल रहा।
लेकिन वापिस आते समय सुभाष को अचानक गोली लग गई।
सुभाष, उनकी तरफ देखो, हे भगवान!
क्या हुआ, मेरे बेटे?
दो दिन से वह कोमा में है।
-चिंता की बात नहीं। -घबराइये नहीं।
-इसे कुछ नहीं होगा। -साले साहब।
क्या टर्की से मैं यही देखने के लिए यहाँ आया था?
साले साहब, अपनी हालत तो देखो!
तुम इसी के काबिल थे!
तुम सोचते हो मैं यहाँ तुम्हारे प्यार में खिंचा आया हूँ?
मैं यहाँ तुम्हारी बॉडी को ताबूत में जाते हुए देखने के लिए आया हूँ!
गायत्री देखो तुम्हारे पति को सुभाष से कितना प्रेम है।
क्यों ना हो, आखिर दोनों क्लासमेट रहे हैं।
साले साहिब अगर मुझे वह मिल जाए जिसने तुम्हें गोली मारी है...
...मैं उसकी पूजा करूंगा! मैं तुमसे इतनी नफ़रत करता हूँ!
तुमने मुझे बहुत दुख दिया है।
प्यारी बहन, प्लीज! इससे शादी मत करना।
इस शादी में आखिरी समय पर पहुँच कर हल्ला मत करो।
चुप रहो! प्यारी बहन इससे शादी करके अपनी ज़िन्दगी बर्बाद मत करो।
वह मूर्ख है। वह मेरा सीनियर था, फेल होकर मेरा क्लासमेट बन गया।
वह बचा खाना नहीं जो बर्बाद होगी!
वह बासमती है!
मूर्ख कहते हो? मैं बॉर्डर पर बंदूक लिए नहीं डोलता!
मैं विदेश में एक दूतावास में काम करता हूँ, समझे?
इसके दांत देखो, अब भी शादी करना चाहती हो?
वह मेरे दांतों के कारण नहीं...
...बल्कि मेरे कौशल के वजह से फंसी है। है ना, बेबी?
देखो! यह शादी उसकी मर्ज़ी से हो रही है।
चुप रहो। मंगलसूत्र पहनाओ जी।
मैं नहीं मानता।
मंगलसूत्र मत पहनना, सुना!
सुभाष, क्या हो गया है तुमको?
पहना दिया।
उसने पहना दिया! तुम...
शादी के बाद दूल्हा दुल्हन के साथ रात बिताता है...
...लेकिन मुझे वह रात दांतों के अस्पताल में बितानी पड़ी।
-माफ़ कीजिये, पेशेंट को आराम करने दीजिये। -ओके, डॉक्टर।
पेशेंट को रेस्ट करने दो। खुद को संभालो।
-साले साहब! -नर्स...
...मैं बड़े डॉक्टर से मिलने जा रहा हूँ, मुझे रिपोर्ट दो।
जी डॉक्टर।
देखो तुमने क्या किया, प्रिय।
मैंने तुम्हारे लिए मंदिर मैं मन्नत मांगी है और वहीं से यह कुमकुम लाई हूँ।
देखना...
...तुम्हें कुछ भी नहीं होगा।
जब मैंने तुम्हें अपनी बहन की शादी में देखा था, तभी फ़िदा हो गई थी।
उसी समय मैं तुम्हारे प्रेम में गिर गई थी।
लेकिन तुम्हारे सामने इकरार नहीं कर पाई।
तुम्हें देखते ही मेरी जुबां बंद हो जाती थी।
मुझे याद हैं जब तीन महीने पहले तुम्हारे जन्मदिन पर मैं तुम्हारे कमरे में आई थी
मुझे यकीन था कि मैं अपने प्यार का इज़हार कर दूँगी।
लेकिन तुम सोये हुए थे।
मुझे पता नहीं था कि क्या करूँ।
इसलिए, प्यार से मैंने तुम्हें चूम लिया।
तुम्हें चूमते हुए मैंने तीन शब्द कहे थे, आई लव यू।
तुम्हें तो वह भी नहीं पता।
आज भी तुम्हें चूमते हुए मैं तीन शब्द कहूंगी, गेट वेल सून।
और तुम्हें यह भी पता नहीं रहेगा।
मैडम पेशेंट को तंग मत कीजिये।
तुम दो सेकंड लेट नहीं आ सकती थी, मैंने चुम्मा मिस कर दिया।
मुझे सुभाष के कहने पर यह नाटक करना पड़ा, सॉरी।
यह कैसा बचपना है?
आतंकी कैम्पों का सफाया करने का ऑपरेशन। ४५ आतंकी...
...और हमारी तरफ से कोई भी शहीद नहीं हुआ।
इसलिए दो दिन में मुझे कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा।
राजनीति के चलते आप कभी स्कूल में मुझे मैडल मिलने पर नहीं आ पाए...
...इसीलिए मैंने यह ड्रामा किया।
उसके साथ ही आपको तीन दिन के लिए राजनीति से आराम भी मिल गया, इसीलिए झूठ बोला।
तुमने अच्छी एक्टिंग की।
तुमने तो हमें हार्ट अटैक ही दे दिया था।
इसका मुझे फ़ायदा ही हुआ है।
और यह भी पता चल गया कि कौन मेरे बारे में क्या सोचता है।
तुमने झूठ बोला था, और मैंने भी।
No comments yet. Be the first to leave one.