LOL - Hasse Toh Phasse

LOL - Hasse Toh Phasse

Pobierz napisy Hindi

Sezon 1

Informacje o wydaniu

LOL - Hasse toh Phasse S01 E01 Skeleton in the closet WEBRip Amazon
Komentarz od IPlateex

Tagi

webrip
web
BRip
Opublikowano: 2022-06-09
Pobrania: 16
Dla niesłyszących: No

Podgląd napisów Hindi

Pierwsze 200 wierszy.

- कोई नहीं है यहाँ पर! - बुरा नहीं है!

- अरे इतना अच्छा घर! - बढ़िया है!

मैं हूँ अरशद वारसी और ये हैं बमन पारसी।

बमन ईरानी। यह ठीक है न?

बिलकुल ठीक नहीं है।

ठीक है। माफ़ी चाहता हूँ भाई।

एलओएल, हँसे तो फँसे में आपका स्वागत है।

जी हाँ! इस अनोखे शो के अंदर…

दस कोमेडियन, छह घंटे के लिए, इस खूबसूरत से घर के अंदर…

कैद रहेंगे।

और काम बिलकुल ही आसान है।

अरशद उन्हें उन लोगों को हँसाना हैं, जो ख़ुद नहीं हँस सकते।

यहाँ पर, हँसे तो फँसे।

और अंत में जो नहीं हँसा…

- जी हाँ। - और जो आखिरी तक टिका रहा…

बिना हँसे हुए, उसको मिलेंगे…

-पच्चीस लाख रुपए। -जबरदस्त!

सायरस बरोचा

मल्लिका दुआ

आकाश गुप्ता

कुशा कपिला

गौरव गेरा

आदर मलिक

अदिति मित्तल

अंकिता श्रीवास्तव

सुरेश मेनन

सुनील ग्रोवर

एलओएल हँसे तो फँसे

और ये आ रहे हैं, हमारे पहले कोमेडियन।

आदर मलिक।

अंदर आने का रास्ता काफी अच्छा था।

मैं इस सुरंग से होकर गुजर रहा था। मुझे काफी मज़ा आ रहा था।

यह हास्य-जगत के काफी बड़े कलाकार हैं।

- सच में? - हाँ, क्योंकि

इनकी लंबाई 6 फूट 1 इंच है।

मैं सोच रहा हूँ कि अभी कोई और आएगा।

लेकिन इन्होंने दरवाजा बंद कर दिया।

मुझे अचानक से महसूस हुआ कि यह कमरा बहुत बड़ा है।

और मैं बिलकुल ही अकेला हूँ।

आदर मलिक एक कोमेडियन-सह-सिंगर-सह

एक्टर-सह-इम्प्रोवाइजर हैं।

मुझे मैंने समझा कि यह बहुत कुछ करता है… पर सब कुछ बहुत कम करता है।

- मेनन। - वाह!

आदर को देखने के बाद मुझे लगा कि…

वो होता है न कि आप अचानक से किसी… कमरे में जाते हैं

और आपको कुछ भी पता नहीं होता कि वहाँ कौन होगा?

और आपको फिर कोई दिखाई देता है, जिसे आप भले… ही थोड़ा बहुत ही जानते

हों, तो भी बहुत हल्का महसूस होता है।

और फिर आपको पता चलता है कि इससे मैं बच सकता हूँ।

कितनी देर से यहाँ पर हो तुम?

देर नहीं, बहुत देर से हूँ यहाँ पर!

और वो भी अकेले।

सुरेश मेनन! उसकी ख़ास बात क्या है, पता है?

-क्या? - वो हैरान कर देने वाली बात।

-[अंग्रेज़ी में[ सच में? -किसी को पता नहीं कि वो क्या करेगा?

उसको भी नहीं पता होगा, वो क्या कर रहा है?

- क्या लाजवाब कलाकारी है? - अच्छा, ऐसा क्या?

मैंने सोचा था कि मेरी उम्र के लोग होंगे यहाँ इस शो में।

इसे बोलते हैं, दहशत।

हमारी अगली कोमेडियन हैं अदिति मित्तल।

जिन्हें दुनिया भर में जाना जाता है… अदिति मित्तल के नाम से।

हे भगवान। यह आदर है।

हाय। कैसा चल रहा है सब कुछ?

-नमस्ते सर, पाय लागू सर। -श्री राम लागू।

सर…

तुम्हें यहाँ देखकर मुझे बिलकुल भी ख़ुशी नहीं हो रही है आदर।

जब मुझे यह प्रस्ताव आया कि हाँ यह शो करते हैं… और तुम करोगी…

और तब मैं सोच रही थी कि अगर मैं करूँगी भी… तो…

तो बुरी से बुरी हालत में मैं यहाँ से एक सेट ले जाऊँगी।

- मैंने अभी अभी गौर किया। - क्या?

इधर इतना बड़ा एलओएल है।

लोल'स!

सुनील की हाजिर-जवाबी इतनी अच्छी है…

कि मुझे लगता है कि इसकी वजह से बाकी के सारे कोमेडियन को…

थोड़ी सी घबराहट तो होने वाली है।

-वो अपनी मिमिक्री के लिए बहुत मशहूर है। -अच्छा।

और अगर वो किसी की मिमिक्री करे…

तो वह उस आदमी को वहाँ उतार देता है।

यह एक सम्मान मिलने के जैसा है।

तुम्हारी मिमिक्री की है उसने?

हमारे अगले कोमेडियन…

- अरे नहीं। - हे, भगवान!

अरे नहीं सर।

- हे भगवान! -ज़िंदगी बर्बाद हो गई।

- आ जाओ सर। -मैं कैसे रहूँगा इस घर में अब?

मैं दस मिनट में चला जाऊँगा बाहर।

मैं तो बोलता हूँ, हम लोग आराम से रहते हैं यहाँ पर।

-सुनील। -हैलो, सुनील सर।

सुनील की ताकत को मैं अच्छी तरह से जानता हूँ। तो सावधान रहना पड़ेगा।

तो जितना हँसना है अभी हँस लो, गले मिल लो। जो कुछ भी है, और फिर…

हम पहले कभी नहीं मिले। और फिर भी यह इतने अच्छे से मिले।

- हम कभी नहीं मिले। -हाँ।

मतलब कि कभी गुस्से वाली हँसी…

जैसे 'हाह' करके भी नहीं हँस सकते हैं क्या?

गुस्से वाली हँसी, अगर आप इजाज़त दें तो, गुस्से वाली हँसी।

हे भगवान, लग रहा है जैसे…

औरतों के सजने सँवरने वाले किसी कमरे में आ गई।

जब मैं उस लाल दरवाजे से होकर गुजरी, मुझे लगा कि जैसे…

मुझे इस जगह के चप्पे चप्पे को जानने की ज़रूरत है।

अगर मुझे इस जगह पर छह घंटे गुजारने हैं…

यह तो डरावना है भाई।

ऐसा लग रहा है कि स्कर्ट में कोई कैमरा रखा हुआ है।

हाँ।

कुशा कपिला, इंटरनेट की मल्लिका।

आपको पता है, कुशा कपिला इन्स्टाग्राम पर इतनी लोकप्रिय हैं…

कि अगर छह घंटा वो बिना फोन के रहेगी तो मुझे लगता है कि उनके चाहने वाले…

उनको लगेगा कि उसको कुछ हो गया है।

-हे, कुशा। - हे भगवान।

हे भगवान!

फिर मैंने सुनील को देखा और मुझे लगा जैसे…

धत तेरी की!

मतलब ऐसा कि अरे ये कैसे हो गया यार।

मैं नहीं… मैं पहले से ही हार चुकी हूँ।

कुशा के किरदार इतने कडक हैं न?

कि उसको शीशे में उतारना और फिर उसको हँसाना।

बहुत ही मुश्किल… है।

हे भगवान, सायरस बरोचा।

हँसाता कम है, खुजाता ज्यादा है।

सायरस का क्या है न? वो ख़ुद जोक मारेगा…

ख़ुद हँसेगा और ख़ुद ही को निकाल बाहर करेगा।

अरे बाहर निकल के यहीं पर आके बैठेगा न?

- धत, यह तो सोचा ही नहीं। - धत!

हैलो।

हैलो, हैलो।

पहला आदमी जिसे मैंने देखा, सुरेश मेनन।

सड़े से सड़े सपने से भी ज्यादा सड़ा सपना अगर होगा, तो वह यह है।

- इसको क्यों बुलाया… -अरे छोड़ो यार… इनको तो…

मर गया यार। मैं सही में मर गया।

बरोचा को क्यों बुलाया यार?

धत तेरी की। ये माइक तो पूरा बेकार है यार।

मैं इनको भारत का सबसे बड़ा मज़ेदार इंसान मानता हूँ।

मुझे लगा कि मैं थोड़ी देर इनको मिलकर, हँस के यहाँ से निकल जाऊँगा।

आकाश गुप्ता, कॉमिकस्तान सीजन 2 के सह विजेता।

मुझे यकीन है इस बार यह अकेले जीतने की तैयारी में होगा।

- अरे नहीं। - हे।

-आकाश! - नहीं!

यार देखो मैं तो वैसे भी न ज़िंदगी में बड़ा ही अनाड़ी किस्म का इंसान हूँ।

और ऐसा घुसना और इतने बड़े बड़े लोग आपके सामने बैठे हैं।

तो आपको समझ नहीं आता कि क्या करना है?

तो मैं तो घुसते ही पहले घर देखने चला गया।

मुझे उसकी आँखों पर हँसी आती है।

तो, ऐसा था कि मैं उससे आँखें नहीं मिलाऊँगी।

मल्लिका दुआ, एक्टर और बहुत ही मज़ेदार कोमेडियन।

मल्लिका दुआ के बारे में एक बात बताऊँ।

एक बंदा था। उसको एक अजीब सी बीमारी थी। उसको हँसी नहीं आती थी।

वो डॉक्टर के पास गया इलाज कराने के लिए।

और डॉक्टर ने पता है, क्या कहा?

कि इसे दवा नहीं दुआ की ज़रूरत है।

बहुत खूब।

-हैलो, नमस्ते। -सबसे बेकार ग्रुप है यह।

अरे नाश्ता।

जहाँ पर मुफ्त का खाना होता है, मैं पहुँच जाती हूँ।

तो सच कहूँ तो कोमेडियन से ज्यादा मुझे नाश्ते में दिलचस्पी थी।

तो मैंने यह शो असल में नाश्ते के लिए किया है।

अंकिता श्रीवास्तव।

यह एक एक्टर है और एक कोमेडियन है।

और यह सभी कोमेडियन की पसंदीदा यू-ट्यूबर भी है।

तुम्हें कैसे पता? क्या तुमने सबसे पूछा है?

स्क्रिप्ट में लिखा था, मैंने बोल दिया यार।

- कोई आ रहा है… - कोई आ रहा है।

हैलो।

अंकिता।

अंकिता के साथ मैं पहले काम कर चुका हूँ और हमने ऐसे शो में भी…

काम किया जहाँ दर्शक हम दोनों में से किसी के ऊपर भी नहीं हँसे।

मतलब, क्या वह यहाँ पर किसी काम आ सकती है?

बेशक मैं यहाँ पर सबसे ज्यादा जानी-पहचानी हस्ती हूँ।

और फिर मैंने सायरस बरोचा को देखा।

क्या मुझे इस दरवाजे से…

उस टेबल तक भी जाना चाहिए? क्या कोई फायदा होगा भी?

बताऊँ क्या? जब भी मैं गौरव गेरा के बारे…

में सोचता हूँ तो मेरे दिमाग में सिर्फ दो शब्द आते हैं।

गौरव और गेरा।

एक आदमी, हजार चेहरे।

हाँ, इतने चेहरे बनाता है यह आदमी…

कि असल में वो क्या सोच रहा है न वो समझ में नहीं आता।

यह बाकी कोमेडियन के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं है।

जरा सा भी नहीं। बिलकुल खतरा है यह।

वो ऐसे करता करता, ढूँढता ढूँढता गया…

-अरे तुम लोग! - कैसे हो?

मैं ठीक से बिठा नहीं पा रहा था दिमाग में कि क्या होगा? कैसे होगा?

जैसे ही मैंने गौरव गेरा को देखा,

तो मुझे लगा अब यहाँ पर मैं अच्छा समय तो बिताऊँगा ही। ये तो कम से कम तय है।

हाय, कैसे हो जानेमन?

अच्छा घर, अच्छी खुशबू यार।

इन्हें हमने दूर से देख लिया। इनकी हरकतें देख ली।

- चलो चल कर इनसे मिलते हैं। - चलो इनको सीधा करते हैं।

चलो जल्दी करो जान।

मेरे लिए दरवाजा खोलो अरशद।

जब भी कहो।

ओह… क्या जोरदार एंट्री है! क्या जोरदार एंट्री है!

जय हो।

ये पुरानी फिल्मों के डॉक्टर आते थे न, तो ये…

सर।

यह पिछले तीन दिनों से यह जोक बोलने की कोशिश कर रहा था।

अब सब भगवान के हाथ में है।

बमन सर और अरशद सर आए अंदर।

आने की ख़ुशी थी…

पर उनके जाने का डर था।

लग रहा था कि ना जाओ। आप मत जाओ।

क्योंकि जैसे ही वो जाएँगे उसके बाद…

Komentarze

No comments yet. Be the first to leave one.

Keep it about this subtitle — sync, quality, typos.500 characters left