لومړۍ 200 کرښې.
हाई, ये डेनियल।
-कैसे हो? -स्वागत, सर।
बढ़िया, सर।
आईएसबीसी बैंक कहाँ है?
डच स्क्वायर पर, सर।
चलो वहाँ चलते हैं।
खैर, चीफ मिनिस्टर आपका गेस्ट हॉउस पर इंतजार कर रहे हैं।
मैं सीएम से बात करूंगा।
पहले बैंक चलते हैं।
सीधे आईएसबीसी बैंक चलो।
आप यूनिफार्म में हो, है ना?
बेहतर होगा यहीं रहो।
-मैं वापस आता हूँ। -सर।
मि. डेनियल एलेग्जेंडर स्वागत है।
-प्लीज बैठिए। -धन्यवाद, सर।
मैं और होम मिनिस्टर अभी आपकी ही बात कर रहे थे।
सीबीआई से मदद मांगने के मामले में केरल पुलिस की खराब इज्जत है,
जब भी कोई सनसनीखेज मामला सामने आया।
दुर्भाग्य से, यह दोबारा हो रहा है।
मुद्दे पर आते हैं...
एक बदमाश, जिसे जन्मजात अपराधी या बहुत बुद्धिमान कहा जा सकता है।
वह तुम्हारा निशाना है।
-क्यों ऐसा ही ना? -हां, सर।
पिछले डेढ़ साल में, उसने १४ बार वार किया।
बिना किसी सबूत के।
सर आपके पास आरोपी की कोई तस्वीर, या और कोई जानकारी?
अभी तक कुछ नहीं।
हमें कैसे मिलेगी, सर?
बिना अनुपात के, सीसीटीवी कैमरों को इतना ऊँचा रखा गया है!
डेनियल, अगर हम इसे नीची जगह पर रखेंगे,
अगर कुछ लोग आकर डाका डालते हैं, हम क्या करेंगे?
मैं मलयालम समझ सकता हूँ।
प्लीज मलयालम में बात कीजिए, सर।
कैसे?
मेरी माँ पलक्कड़ से थी। वह मलयाली थी।
मतलब... हमने उन्हें ऊपर रखा है, डर के मारे कोई उन्हें चुरा लेगा,
अगर हम नीचे लगाते हैं।
उन्हें ऊपर रखने में कोई परेशानी?
-प्रिय ऑफिसर... -सर।
अब तक, १४ डाके डल चुके हैं।
१७८० करोड़।
और हमारे पास केवल...
कागज के १४ टुकड़े वो वारदात स्थल पर छोड़ गया है,
डाके की राशि लिख कर।
वह भी, १४ झूठी लिखावट में।
वह मीडिया को भी तुरंत भेज रहा है।
सर, अभी तक उसने कितने लोगों को लूटा है?
उसके और उनके बीच में समान कड़ी क्या है?
बेशक, हमारी फाइलों में शिकायतकर्ताओं की सूची है।
अगर हम उस पर नजर डालेंगे, हमें कोई सुराग मिल सकता है।
डेनियल, उस सूची पर किसी का नाम नहीं होगा।
क्यों, सर?
अभी तक उसने जो भी लूटा है, ब्लैक मनी था!
सर, हमें नहीं पता किसने पैसा खोया, और कितना खोया।
एक भी शिकायत नहीं है।
हमें भी १७०० करोड़ हैं, मीडिया से ही पता चला।
मैं इस केस की जांच-पड़ताल कैसे करूँ?
पैसा... चाहे काला हो या सफेद...
क्या यह लोगों का नहीं है?
एक देश या राज्य में, थोड़ा ब्लैक मनी होगा।
लोगों को ब्लैक मनी राशन जैसे, मिर्ची,
धनिया या शक्कर खरीदने के लिए चाहिए, है ना?
-सर, माफ करना। -शक्लें बनाने से कुछ नहीं होगा।
-मुद्दे पर आओ। -सर...
मुझे लगता है यह आब अजीब है।
मुझे नहीं पता किसे पकड़ना है, किसी बचाना है।
मुझे यह नहीं पता मैं उन्हें क्यों बचाऊं!
सर, प्लीज मुझे जाने दीजिए।
मैं इस केस के लायक नहीं हूँ।
मैं पूरी तरह तुमसे सहमत हूँ।
पर हम दूसरों की तरह नहीं सोच सकते, सही?
हम पुलिस हैं!
जब उसे सलाखों के पीछे डाल देंगे,
तभी हम काले धन के सूत्र का पता लगा सकते हैं।
तो चलो पहले आदमी को पकड़ते हैं!
-जी, सर। -बढ़िया।
शक्ल बनाओ, जब जवाब न हो?
-सॉरी, सर। -कोई बात नहीं।
चीफ मिनिस्टर के नाते, मुझे केवल एक बात कहनी है।
हमारी जमीन से ब्लैक मनी साफ हो जाना चाहिए।
और फिर, मीडिया का मुंह बन्द करो।
सरकार और पुलिस लोगों के सामने जोकर बन गए हैं।
-सही है ना,कोयप्पापरबन? -पूरी तरह।
तय रहा।
उसे दो दिन में पकड़ो और गोली मार दो!
-ये आदमी... -खैर...
मैंने उसे देखने की इच्छा से ऐसा कहा बस।
और एक बात।
यह केरल है।
यहां की हवा अलग है।
-मैंने तूफान देखें है सर। -तूफान अलग हैं, केरल की हवाएं अलग हैं।
-अच्छा डेनियल। -सर।
अगली बार जब हम मिलेंगे,
हर चीज का समाधान हो।
पक्का, सर।
सर...
चिंता मत कीजिए, सर।
हमारी इतनी कोशिशों के बावजूद भी, हम उसे गिरफ्तार नहीं कर पाए।
और बाहर वाला डेनियल यह करेगा?
खैर... अगर वह बन्द भी कर देगा, हम ताला खोल देंगे।
हमें बेवकूफ बना कर, प्रशंसा हासिल नहीं करने देना चाहिए।
तुम उसे नहीं करने दोगे?
सर, माँ कसम, मैं भी नहीं करने दूंगा।
हां!
सर!
यह क्राइम ब्रांच ऑफिसर फिलिपोस है।
अभी तक जिस टीम ने जांच पड़ताल की यह उसका लीडर है।
और उनके अधीनस्थ अफसर हरिहरन।
-सर... -मि. डेनियल से मिलिए।
चलिए हमारी पूरी कोशिश करते हैं।
सर...
जब आपने मेरे फोन नहीं उठाए, मुझे चिंता हो गयी थी।
मैंने अपना फोन बंद कर दिया था।
-अच्छा... क्या वे पहुंच गए? -वे कब से आ गए।
वे ऊपर इतंजार कर रहे हैं। आओ।
-कोई परेशानी है? -हे!
मेरे कमरे में अभी किसी को मत भेजना।
-मैं बोलूँ उसके बाद ही भेजना, ठीक? -अच्छा, मैडम।
प्लीज आइए।
गुड मॉर्निंग!
हेलो, फादर!
कुछ पिएंगे?
हमें कुछ नहीं चाहिए। धन्यवाद।
तो बिना वक़्त जाया किए...
-सौदे की बात करते हैं। -हां।
-ठीक है, है ना? -हो गया।
-ठीक है, सर। -ठीक है।
मेरे प्यारे दोस्तों!
-हे भगवान! -कौन हो तुम?
सुनो!
-हाथ ऊपर! -फादर, उसके पास बंदूक है!
शोर मत करो!
मैडम, आपको परेशान नहीं करूंगा।
मैं बैंक का कोई व्हाइट पैसा नहीं लूंगा।
पर ये... यह बैंक का नहीं है!
यह अवैध लेनदेन है बिना सरकार की जानकरी के!
मेरा मतलब, काला धन!
तो तुमने अगर शोर मचाया, तुम्हारे लिए ही परेशानी होगी।
अगर इस तरह का सौदा बैंक में होता है...
फादर!
ओह नहीं!
मैं जब बोल रहा हूँ बीच में टांग अड़ाई?
प्लीज! नहीं!
ओह नहीं!
वहाँ देखो। पुलिस!
हेलो!
-हाई जान! तुम्हारा नाम क्या है? -शहनाई।
-शहनाई? -पम्बा शहनाई?
पम्बा शहनाई?
-पद्मा शेनॉय! -अच्छा नाम!
रो मत, आंटी!
डरो मत। यह केवल परफ्यूम है!
सूँघो! सूँघो!
बढ़िया खुशबू, हुह?
इतनी जल्दी बेहोश हो गयी! शायद उसके पसीने के कारण!
सर!
इस बैंक से कोई बाहर नहीं जाएगा, बिना मेरी इजाजत के। ठीक है?
हां, सर!
तो, तुम भेदिये हो?
जिस नंबर पर पहले फोन किया, वापस लगाओ।
और कमिश्नर को बोलो, जो मैं बोल रहा हूँ।
चलो, जल्दी।
हमें कुछ करना होगा।
तुममें से तीन, अंदर जाओ। जल्दी!
सर...
कौन जाने उसके पास बंदूक है या अन्य हथियार?
हेलो! क्या चल रहा है?
सर, उसने मुझे देख लिया है।
और कोई दिक्कत?
उसके पास बंदूक है, सर।
-मैं उसे देता हूँ। -ठीक है।
यहाँ।
हेलो, कमिश्नर! यहाँ अभी शांति है।
पर अगर किसी ने घुसने की कोशिश की, किसी भी तरह,
चीजें और पेचीदा हो जाएंगी।
तुम क्या चाहते हो?
यह सही सवाल है।
मैं अपनी मांगे लिखकर पादरी के साथ भेज रहा हूँ।
ठीक है।
-जब मैं बाहर आऊंगा, -आप जा सकते हैं, फादर।
मैनेजर मेरे बंदूक के निशाने पर होगा।
हमें भागने के लिए कार चाहिए।
जब हम उस कार में जाएंगे, कोई भी हमारा पीछा नहीं करेगा।
हम सीधे हेलिपैड पर जाएंगे।
वहाँ हेलिपैड पर, हमारे बच निकलने के लिए एक हेलीकाप्टर होना चाहिए।
अगर मैं यह सब कहूँगा, पता है तुम केरल पुलिस, एक भी बात नहीं मानोगे।
पर मुझे बचना होगा, सही?
ऊपर कौन है?
-पादरी कहाँ है? -क्या पादरी ऊपर गया?
-पादरी कहाँ है? -क्या, सर?
-वो फादर कहाँ है? -मैंने उसे भेज दिया।
जाओ और ढूंढो वह कहां है!
मि. डेनियल...
मेरा सवाल केवल ये...
उसने पैसों से भरा सूटकेस वहाँ से कैसे निकाला?
मैं बता सकता हूँ, सर। प्लीज देखिए।
ये तस्वीरें हैं, उसके पादरी बन कर, बाहर जाने के बाद
मिनटों में, अगर इतने लोग और मीडिया वहाँ पहुंच गए,
उसने उन्हें खुद बताया होगा।
इस लाल टोपी वाली आदमी को देखिए।
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