لومړۍ 200 کرښې.
खंडन इस फ़िल्म में दिखाए गए सभी नाम, पात्र,
जगह, घटनाएँ, संवाद, चुटकुले काल्पनिक हैं। किसी भी घटना या जीवित या मृत व्यक्ति से
कोई भी समानता संयोग मात्र है। यह फ़िल्म पूरी तरह से काल्पनिक है और किसी भी
ऐतिहासिक नाम, तथ्य, स्थान, व्यक्ति, भाषा, वेषभूषा, कला आदि से संबंधित
कोई पुष्टि आदि नहीं करती।
यह फ़िल्म मात्र मनोरंजन के उद्देश्य से बनी है और हमारा उद्देश्य किसी भी व्यक्ति,
समुदाय, जाति, संस्कृति, परंपरा या आस्था को ठेस पहुँचाना या अपमान करना नहीं है। इस
फ़िल्म का कोई पात्र किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता और कोई भी विचार
पात्र तक सीमित है। किसी भी प्राणी या पक्षी को फ़िल्म निर्माण के दौरान क्षति नहीं
पहुँचाई है और वैध अनुमति के बाद ही उनका इस्तेमाल किया गया है।
आप सबको मेरा नमस्कार!
ज़िंदगी के सफर में मैंने कई लोगों की कहानियाँ सुनी है।
उनमें से ज्यादातर कहानियाँ बड़ी दिलचस्प थीं।
एक दिन मैं एक आदमी से मिला।
और जो बातें उसने मुझे बताई, मैं उनमें से ज्यादातर पर यकीन नहीं कर सका।
मैं वह कहानी बताता हूँ और फिर आप बताइये कि आपका इस बारे में क्या विचार है।
यह कहानी दरअसल एक परिवार की है।
चीकू पंडी और उसके भाइयों की।
शुरुआत उनके पिता से करते हैं।
उनका नाम-- मुझे उनका नाम नहीं मालूम।
उनका परिवार स्वभाव से ही हिंसक है।
हालाँकि वे शांत व्यक्ति हैं।
पर उनकी पत्नी को हिंसा पसंद है।
उनका बड़ा बेटा, ससुर जी और छोटा बेटा
हिंसा के प्रति उनके झुकाव को स्वीकार कर चुके थे।
लेकिन उनके पिता यह स्वीकार नहीं कर पाये।
अपने सबसे छोटे बेटे चीकू पंडी को लेकर वे अपने परिवार से अलग हो गए।
उनका विश्वास था कि अगर चीकू अपने भाइयों और दादा जी की
गलत संगत से दूर पला तो ज़िंदगी में आगे बढ़ेगा।
चीकू की देखभाल के साथ-साथ वे अपने लगाए ओक के पेड़ों की देखभाल भी करते थे।
यही उनका बिज़नस था।
इसके अलावा, वे छोटे-मोटे कर्जे भी दिया करते थे।
चीकू पंडी के पास प्रकृति को लेकर अक्सर कई सवाल हुआ करते थे।
पेड़ क्यों नहीं दौड़ते?
वे हमेशा एक ही जगह क्यों रहते हैं?
अगर पेड़ दौड़ सकते, तो पिताजी उनसे पैसे कैसे कमाते?
ये बेचारे कौए अपना घोंसला कहाँ बनाते?
अगर कोई गरीब बूढ़ा अपने लिए एक झोपड़ी बनाना चाहता तो कैसे बना पाता?
क्या दो पेड़ों को आपस में प्यार हो सकता है और क्या वे अंडे दे सकते हैं?
क्या इस पर विश्वास होता है?
अगर मैं कहूँ कि ये कौए के अंडे हैं, तो आप मान जाएँगे।
अगर कोई पेड़ कटने वाला है तो भी वह वहीं पर सीधा ही खड़ा रहेगा।
हम प्रकृति को इसी तरह जानते हैं और इसी से उसके पिता का बिज़नस चलता है।
चीकू पंडी के बचकाने सवालों का जवाब कभी किसी ने नहीं दिया।
तो अपना समय बर्बाद मत कीजिये। मुझे भी उनके जवाब नहीं मालूम।
मैं बहुत जल्दी मुद्दे से भटक जाया करता हूँ। मेरी बात पर ध्यान मत दीजिये।
चलिये कहानी पर आते हैं।
मैं आपको चीकू पंडी के स्वभाव के बारे में बताता हूँ।
वह बहुत बिज़ी होने का दिखावा करता और सुबह-सुबह यहाँ-वहाँ घूमता रहता था।
सामान्य दिनों में स्कूल जाता था।
उसे क्रिकेट खेलने में बड़ा मज़ा आता था।
अक्सर लोगों का यही मानना होता है कि अगर आप पढ़े-लिखे हैं,
तो आप ज़िंदगी में कुछ भी बन सकते हैं। उसके पिता का भी यही मानना था।
हमारी सरकार भी इसी सोच को बढ़ावा देती है और चीकू पंडी इससे अछूता नहीं था।
सही कहा ना?
अपने दादा और बड़े भाइयों की तरह गुंडागर्दी करने के बजाए,
वह अपनी ज़िंदगी उस तरह जीता था, जैसा उसके पिता चाहते थे।
उसे मालूम था कि उसके पिता हमेशा उसकी रक्षा करेंगे।
उसे विश्वास था कि उसकी ज़िंदगी हमेशा शांत और सरल रहेगी।
"वह मोती जो अपने सीप से टूटकर काँटों के बीच आ गिरा"
"वह खज़ाना जो मैं खुद की संतुष्टि के लिए ढूँढता रहा"
"प्यार और स्नेह में खुशी ढूँढता हुआ"
"यह दुनिया उसकी उम्मीद में इंतजार कर रही है"
"अपने आस-पास की दुनिया देखो"
"तुम्हें नई सच्चाई पता चलेगी"
"चिड़ियाँ भी तुम्हारी दोस्त बन जाएँगी"
"धरती को बारिश का इंतजार होता है"
"बारिश की फुहारें प्रकृति का आशीर्वाद होती हैं"
"सूरज उसे दिशा देता है"
"और उसकी किरणें हम पर चमकती हैं"
"जब तुम्हारी आँखें शीशे जैसी चमकेंगी"
"मैं अपना अक्स देख पाऊँगा"
"मेरे दिल और माथे की रेखा"
"मैं तुम्हारे हाथों से लिखवाऊँगा"
वह गार्ड ड्यूटी पर होता है तो सुसू करने तक नहीं जाता।
वह भैंस की तरह दीवार पर पसरा होता है, पेड़ की तरह एक ही जगह पर खड़ा रहता है।
चाहे जितनी भी दिक्कत हो, हमें उसे खत्म करना ही होगा।
और फिर हम उसका खून और मल साफ कर देंगे।
तुम्हारे प्लान के हिसाब से हमें अंत में उसे मारना होगा।
-मैंने भी तो यही कहा। -मेरी बात सुनो।
कार्पेट हेड तुम्हारा आखिरी शिकार होगा।
चीकू उसे 12 की गिनती पर जंगल ले जाएगा।
वह कैसे?
वह उस समय जंगल में क्या कर रहा होगा?
-वह वहाँ पहले पहुँचा होगा। -सुनो, यार!
हम जंगल जाकर नंबर तीन और चार पर हमला करेंगे।
-फिर वह मोटा-- -ठीक है, भाई।
अब बताओ, चीकू कहाँ होगा?
चीकू कहाँ है?
ए, चीकू!
चीकू!
ए!
क्या हुआ तुम्हें?
इधर ध्यान दो।
हम हत्या करने का प्लान बना रहे हैं,
टॉयलेट घूमने नहीं जा रहे!
लाइट बंद करो।
और मोमबत्ती लेकर आओ।
चलो शुरू से शुरुआत करते हैं।
उस 60 एकड़ की ज़मीन पर रब्बर के खेत और बीच में एक बंगला है।
हमारा निशाना वह अय्याश सत्यन वहीं होगा।
सॉरी। वह बड़े पिछवाड़े वाला चूतिया!
और हम यहाँ उसे मारने आए हैं।
मुझे लगता है, यही सही समय है।
आस-पास ज्यादा लोग नहीं हैं।
यहाँ-वहाँ पाँच-छह गुर्गे घूम रहे हैं।
और रात की ड्यूटी के बाद वे सभी थके हुए लग रहे हैं।
उनकी शिफ्ट खत्म होने से पहले हमें अपना काम खत्म करना होगा।
बेशक!
हम यहाँ से सुबह पाँच बजे निकलेंगे।
मैं 5:45 बजे कांजिरापल्ली से पहले जंक्शन में उतर जाऊँगा
और जंगल से होते हुए दो मील पैदल चलकर पड़ोसी के बागान तक पहुँच जाऊँगा।
उसी समय, मैं कंजिरापल्ली बस स्टॉप पर उतरूँगा और चलना शुरू करूँगा।
पंद्रह मिनट के बाद,
मैं उस मोटे सांड के घर के पास वाले बागान में पहुँच जाऊँगा।
और फिर जब पेरिया अन्ना हमें मिस्ड कॉल देगा, हम जंगल में 200 फीट आगे बढ़ेंगे।
वह भद्दी शक्ल वाला और चप्पल चोर जंगल की रखवाली कर रहे होंगे।
मेरे हाथ में जो हथियार होगा…
मैं उससे पीछे से उन पर वार करूँगा।
और फिर, मैं तुमसे उस जगह मिलूँगा जहाँ हमने हमारे हथियार छुपा कर रखे हैं।
तुम वो हथियार खोद कर निकालोगे जो हमने एक हफ्ते पहले छुपाए थे।
मैं तुम्हारी मदद करूँगा।
मैं भद्दी शक्ल वाले से हथियार छीन लूँगा और…
फिर उस मोटी नाक वाले और टेढ़ी नाक वाले को मार डालूँगा।
हथियार हासिल करने के बाद मैं उन्हें अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर की तरह छुपा दूँगा।
-भद्दी शक्ल वाला मेरा है। -सिंगल हड्डी मेरा है।
टक टिस पदोड़ी मेरा है।
टक टिस पदोड़ी पर हमला करने से पहले, हमें उसे पत्थर से मारना होगा।
वर्ना हम उस पर काबू नहीं कर पाएँगे।
टक टिस पदोड़ी जितना तगड़ा दिखता है उससे कहीं ज्यादा ताकतवर है।
कितनी तेज बदबू आ रही है! साला, यह खाता क्या है?
यह तो बर्दाश्त के बाहर है!
उसके पादने से बदबू तो आती है।
जैसे ही मैं यह रुमाल अपने सर पर बांधूँगा…
वहाँ बस एक्शन ही एक्शन होगा।
क्योंकि उस समय मेरे पास…
एक नौ इंच का हथियार होगा।
मैं लाल के साथ तुम्हारे पास आऊँगा।
क्या तुम्हें याद भी है कि मैंने तुम्हें क्या काम दिया था?
नहीं तो मैं वहाँ अपना हथियार लेकर पहुँचता हूँ।
मैं और लाल वहाँ आते हैं।
जब हम वहाँ पहुँचेंगे तो सर से लेकर पाँव तक तुम्हारी कुटाई होगी।
मुझे लगता है, मुझे जितना कहना था मैंने कह दिया।
क्या तुम्हें लगता है कि मैं तुम्हारे पैरों में गिर जाऊँगा?
मुझे तुम्हें कितनी बार बताना पड़ेगा? मैंने तुम्हें चाभी दी थी ना?
स्ट्रॉबेरी फ्लेवर।
वे लोग इतने सारे हैं और हम बस तीन ही हैं!
क्या ऐसा कर पाना संभव भी है?
हम यह अपने पिताजी के लिए कर रहे हैं।
मुझे सच में नहीं पता, हम ज़िंदा वापस लौटेंगे भी या नहीं।
पर और कोई रास्ता नहीं है।
हमें यह करना ही होगा।
अगर हम सफाई से उनकी लाशों को गायब कर पाये,
तो हम बड़ी खुशी से और गर्व के साथ उस बड़े पिछवाड़े वाले चूतिये को मार पाएँगे।
चीकू पंडी किसी पालतू पोमेरेनियन की तरह था।
उसके भाई उसे जंगल में खींच कर ले गए।
अगर उन्होंने किसी दुश्मन की तरफ इशारा करके
चीकू को उसे काट डालने के लिए कहा तो वह क्या करेगा?
यह साला कुत्ता सिर्फ बंद दरवाजे के पीछे से भौंक कर बहादुर बनने का दिखावा करता है।
यह पालतू कुत्ता पूँछ हिलाते हुए वापस घर की तरफ भाग जाएगा।
अगला स्टॉप।
सुबह-सुबह 1000 के नोट का मैं क्या करूँगा?
-मेरे पास 100 रुपये का चेंज भी नहीं है। -आखिरी स्टॉप! आखिरी स्टॉप।
यह लो। उतरने से पहले चेंज ले लेना।
रुक! रुक!
ए, रुक!
ए! कौन है तू?
कहाँ भाग रहे हो?
कहाँ तक भागोगे?
ए!
भगवान के लिए, भागना बंद कर!
मैं अब और नहीं भाग सकता।
मुझे जाने दो, अन्ना।
मैं चुपचाप यहाँ से चला जाऊँगा।
मैं चुपचाप चला जाऊँगा।
मैं घर वापस नहीं आ रहा, अन्ना।
प्लीज़, अन्ना।
मैं चुपचाप चला जाऊँगा।
बीस मील!
मैं इस समय बात नहीं कर सकता।
-होल्ड करो। -नल्ला साला!
-वह तुम्हारे पास ही है क्या? -हाँ, वह यहीं है।
उससे बात करो।
ए, चीकू!
ए! अबे ले ना!
-हैलो? -हैलो?
तुम मेरे ही बेटे हो ना?
तुमने मेरी ही कोख से जन्म लिया है ना?
तुम्हारे पिताजी ने हम सबको घर से बाहर भगा दिया और तुम्हें अकेले बड़ा किया।
साला कमीना!
एक हरामज़ादे ने तुम्हारे बाप को मार डाला!
क्या तुम में उस आदमी को मारने की हिम्मत नहीं है?
फट्टू साला!
उसका गला रेत डालो और साबित कर दो कि तुम अपने बाप की औलाद हो!
नहीं तो कहीं जाकर मर जाओ! मुझे अपने बड़े भाई से बात करने दो।
अगर वह फिर से भागने की कोशिश करे, तो छोटा भाई समझ कर उस पर दया मत करना।
तुम्हारी माँ जो कहती है वह सुनो, उसे खत्म कर देना!
"परसों ओणम का त्योहार है"
"मुझे लोरी गा कर सुलाओ ना, मंजाड़ी"
"बीजों को बोने के लिए बांध लो, मंजाड़ी"
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