لومړۍ 200 کرښې.
हमारे अपने लोग, कैसे एक दूसरे से अलग हो जाते हैं,
यह सब अलग समय पर निकाली हुई तसवीरों को देखकर समझ में आता है।
उनके आँखों के झलकते भाव,
इन तसवीरों में बदले बदले से होते हैं।
आज आपकी इतनी अनुपस्थिति देखकर, मैं बहुत निराश हूँ।
देखा जाए तो आज इतना बड़ा विषय होने के नाते ज्यादा लोग आयेंगे ऐसा मैंने सोचा था।
आज के अपने सम्माननिय वक्ता,
श्री सुधिरजी देशपांडे,
आज अपने पास आये है और हमसे कुछ बातचीत भी करेंगे।
मैं उन्हें विनती करता हूँ वे अपना संभाषण शुरू करे।
नमस्कार दोस्तों।
मैं आप सभी का स्वागत करता हूँ।
आज का अपना विषय कुछ कठिन है,
फिर भी मैं कुछ गम्भीर विषय को लेकर मेरा संभाषण नहीं दूंगा।
यहाँ पर यह प्रोजेक्टर और लैपटॉप है।
फिर भी मैं कोई कठिन प्रेजंटेशन नहीं दिखाउंगा।
अगर जरूरत पड़ी, तो ही हम इसकी सहायता लेंगे।
मैं आपको सिर्फ एक कहानी बताउंगा।
कहानी सही है...
...ऐसा मेरे दोस्त के साथ घटीत हुआ है।
फिर...
बीस साल पहले, मेरा यह दोस्त,
अविनाश पाठक,
डिप्लोमा पूरा करके एक गिअर बॉक्स बनाने वाली कपनी में...
...सुपरवायजर के काम पर लगा।
बहुत से कष्ट उठाते, एक एक पायदान पार करते हुए,
प्रोडक्शन मैनेजर बन गया।
अभी कुछ अच्छे दिनों की शुरुवात हुई है ऐसा उसे अहसास होते ही...
एक मिनट पापा,
मुझे बताईये आखिर क्या प्रॉब्लम हुआ है?
अरे, हमारी कंपनी गियर बॉक्स का मैन्युफैक्चरिंग बंद कर रही है।
मतलब आपका प्रोडक्शन डिपार्टमेंट बंद होगा क्या?
हाँ।
सिर्फ डिजाइनिंग का डिपार्टमेंट शुरू रहने वाला है।
फिर आपको वहां से निकाला गया क्या पापा?
नहीं। वह कह रहे की डिजाइनिंग में काम करो।
तो फिर क्या हुआ?
लेकिन उसके पहले मुझे एक सॉफ्टवेयर सीखना होगा।
केटिया या फेटिया नाम का।
पापा वह बहुत ही आसान होता है।
यह देख, इस उम्र में मैं अब और कुछ नया नहीं सीखूंगा।
-फिर क्या? -मुझे लगता है की मैं...
-...वोलंटरी रिटायरमेंट ले लूँ क्या? -अरे, पापा!
अरे, आप यह क्या बोल रहे हैं?
-ऐसा जल्दबाजी में रिजाइन देकर कैसा चलेगा? -क्यों नहीं?
अभी समीर, सानिका... का पढ़ाई, और शादी ब्याह बचा हुआ है।
अभी इसे कुछ असिस्टंटशिप या कुछ और मिलने वाला है, है ना?
पापा इतना आसान नहीं है वह।
इधर भी बहुत सारे प्रॉब्लम हुए हैं।
अभी तो आपको ही मुझे पैसे भेजने पड़ेंगे।
ठीक हैं। इतना कुछ प्रॉब्लम नहीं होगा।
यह देख, मकान की सारी किश्तें दे चुके है।
और इसकी नौकरी तो अभी है।
पर मैं कहाँ परमानेंट हूँ।
अभी अभी स्कूल में...
काउंसलर्स को रखना शुरू किया है।
हो जाएगा परमानेंट।
मैं आपको सच बताऊँ तो, मुझे मेरा काम ठिक से नहीं आ रहा है।
काम ठिक से नही हो रहा है मतलब?
मतलब मुझे आजकल के बच्चों की कुछ समस्या समझ में ही नही आ रही है।
वह क्या कह रहे है। उनको क्या चाहिए।
मैं कैसे उनको काउंसल कर सकती हूँ?
पापा, सुनो ना...
...आपका अगर कहना हो गया हो तो...
नहीं, मुझे बात करनी है।
अगर मैं वोलंटरी रिटायरमेंट लेता हूँ,
तो कंपनी मुझे एक अच्छा पैकेज दे रही है।
वह हम सब इन्वेस्ट कर देंगे और इसमें बाकी सब हो जाएगा।
पापा फिर बाद में आप क्या करेंगे?
मैं कुछ कंसल्टेंसी शुरू करूंगा।
नहीं नहीं, डरो मत।
मैं कुछ घर में बैठा हुआ नहीं रहूंगा।
लेकिन पापा, इससे अच्छा आप वह सॉफ्टवेयर सिख लीजिए?
मैं अभी कुछ भी नया नहीं सीखूंगा।
समीर, अभी और कितनी देर तक बात करेगा?
कौन, किसने बात किया अभी?
कोई है क्या तेरे साथ में?
नहीं...कोई नहीं है।
पापा मुझे लगता है आप इतने जल्दबाजी में कंपनी छोड़ने का निर्णय ना ले।
हाँ।
पापा।
दोस्तों, अविनाश पाठक इन्हें स्नेह के साथ विदाई देने के लिए हम यहाँ उपस्थित हुए है।
सही तो यह मुझे पसंद नहीं आया अविनाश का...
...मेरे विनती के बावजूद व्हीआरएस लेना।
श्री पुजारी साहब मुझे इतना प्यार करते है, यह अगर पहले ही बता देते...
...तो मैं मेरे निर्णय के बारें मे दुबारा सोच सकता था।
यह तूने भाषण में लिखकर लाया है ना।
नहीं, जो वक्त पर सूझेगा वही बोलूंगा।
मुझे तो भाषण देना मतलब टेंशन आ गया है,
-हमारा समीर बहुत अच्छा बोलता है। -जी।
वह डिबेट चैम्पियन था ना चार साल।
समीर के बारें मे मुझे परसों ही कुछ पता चला है सही है क्या?
मैं सीधे पूछती हूँ...
-...अफ़वाहो पर विस्वास नहीं रखना चाहिए ना। -क्या?
पता चला उधर अमरीका में एक लड़की के साथ वह रहता है?
नहीं उसने वैसा कुछ हमें बताया नहीं है।
हाँ अगर रहता भी है तो, उधर सब चलता है यह सब।
हाँ, लेकिन आपको यह सब चलता है क्या?
अब हम यहाँ बैठकर क्या करेंगे?
मैं अभी आती हूँ।
मैं भी।
यह देख अविनाश,
बच्चों के लिए हमे क्या करना है यह जो तेरा स्वभाव है ना,
मुझे कभी भी पसंद नहीं है।
और जब उनका भला उनको समझ ना आये तो हमें भी ध्यान देना चाहिए।
अभी हमारी, पूर्णिमा,
शुरू शुरू में फैशनेबल कपड़े पहनने पर बहुत जोर देती थी।
पर मैंने उसे स्पष्ट कह दिया था।
शरीर का आकार जिसमें से दिखता हो, वह कपड़े नहीं पहनना है।
लोगों की नजरे अच्छी नहीं होती।
-पर उसे यह सब अच्छा लगा? -मैंने उसे कोई ऑप्शन दिया ही नहीं।
मैंने तो उसे स्पष्ट कह दिया है...
...दोस्तों को घर बुलाने को ना नहीं है,
पर यह दरवाजा लगाकर, अभ्यास नहीं करना है।
यह तो कभी कभी उनके कमरे में बगैर नोक किये ही...
-...अन्दर जाकर सब ठीक है ना देख लेती है। -बिलकुल।
-फ़ोन दीजिये ना। -क्यों?
-फ़ोन करना है। -तेरा कहाँ है?
घर वाले पिछले महिने से मेरा बिल चेक करते है,
फिर यह कौन था? इसके साथ इतना वक्त क्यों बात किया?
अविनाश को उसके अच्छे भविष्य के लिए मैं प्रार्थना करता हूँ।
धन्यवाद।
दोस्तों,
सबसे पहले...
...इस शानदार विदाई के लिए सबका शुक्रिया।
मुझे पता है आप सबके मन में एक ही सवाल है।
मैंने व्हीआरएस क्यों लिया?
क्या मैंने वह नया सॉफ्टवेयर सिखना नहीं चाहिए था?
फिर मैंने सोचा की उससे क्या होगा?
बहुत सारी कोशिशो के बाद अगर मैं सीखता तो भी क्या,
एक साल के बाद फिर कुछ नया आयेगा।
फिर वह भी सीखना पड़ता था।
फिर यह रुकता ही नहीं है।
बाजार में नया टिवी आया है...
...फिर घर का टिवी घाटे में बेचकर और नया लो।
हर छ महीने में मोबाइल बदलो।
हर दो साल में कंप्यूटर बदलो।
फिर पांच साल बाद हमारी अच्छी बुरी कल्पनाओं को बदलो।
मुझे यह लगा की यह कहीं ना कहीं रुकना चाहिए।
इसके लिए मैंने यह सारे बदलाव को नकारने का प्रयास किया।
मैंने रिटायर होने का निर्णय घर बताने के बाद,
मेरी लड़की ने मुझसे पुछा,
पापा आप कंपनी छोड़ने के बाद क्या करोगे?
उस समय मेरे पास इस सवाल का जवाब मेरे पास नहीं था,
पर आज मुझे समझ में आ गया।
देखा जाए तो करने जैसे बहुत सारे काम रह चुके हैं।
मुझे फोटोग्राफी पसंद है।
मुझे शास्त्रीय संगीतबारी में जाना अच्छा लगता था।
मुझे यूरोप देखना है।
यह सब मैं अभी कर सकता हूँ।
आप जल्दी उठ गए हैं?
-मुझे रातभर नींद नहीं आयी। -क्यों?
सुबह नींद आ रही थी, तो यह अलार्म बज उठा।
यह अलार्म कैंसिल कर दो ना।
मैं कल से १० बजे तक बेड पर ही लेटा रहूंगा।
यह लो।
यह बेसिक कुछ चीजे सिख लो ना अभी।
क्यों?
कल आपने अच्छा भाषण दिया।
मैंने कुछ तय नहीं किया था।
जैसे जैसे सूझता गया वैसा कह दिया।
वह यूरोप जाने वाली बात सच थी या बस ऐसे ही फेक दी?
नहीं सही थी। चलते है ना।
अभी पैसों का इस्तेमाल बहुत संभल कर करना होगा।
उसमे यह सब फ़ालतू का खर्चा?
नहीं। जायेंगे।
तो जैसे तय किया था वैसे पंद्रह दिन युरोप में बिताकर,
यह मेरा दोस्त वापस भारत पहुंचा।
उसके बाद क्या करना है यह सारी योजनायें उसकी तैयार थी।
पर उसी समय, वह घटना घटी।
जिसके बाद उसका सारा जीवन बदल जाने वाला था।
कितनी अच्छी ट्रिप हुई अपनी!
मैं बहुत अच्छा फिल कर रही हूँ और पॉजिटिव भी।
क्या कर रहे हो कब से उस फोन के साथ?
अरे यह फोन शुरू ही नहीं हो पा रहा है। देख!
बैटरी फुल है, पर आगे कुछ भी नहीं हो पा रहा है।
क्या हुआ?
अविनाश का फोन ही नहीं लग रहा है।
-फिर असावरी को कॉल कीजिये ना। -हाँ।
हाँ।
हाँ।
नहीं।
ठीक है...शुक्रिया।
कस्टमर केयर वाले बोल रहे है की उन लोगों ने आपका फोन बंद नहीं किया है।
एक बार ऑफ करके ऑन करने को कहा है।
दसबार ऑफ करके ऑन किया है मैंने।
मैंने कहा उनको।
मोबाइल गैलरी में फोन लाने को कहा है उन लोगो ने।
ओह... इतनि अच्छी ट्रिप होने के बाद मुझे अभी यह सब नहीं करना है।
मोहन का कॉल...
हैलो।
हैलो, आप वापस आ गए हो क्या?
हाँ जी, अभी अभी आये।
ठीक है अविनाश का फोन नहीं लग रहा है ना इसलिए तुम्हे कॉल किया था।
हाँ जी, उसके फोन का पता नहीं कुछ गड़बड़ है।
ठीक है। माफ करना,
आप अभी आये हो फिर भी मैं आपको तकलीफ दे रहा हूँ,
पर आज शाम तक मुझे पैसे भरने है इसलिए आपको कॉल किया।
उसे कहा की उसने जो चेक दिया था वह बाउंस हो चुका है।
कैसा चेक दिया था आपने उसको?
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