لومړۍ 200 کرښې.
जहाँ दिल्ली के लौंडे एमएमएस क्रांति
की सूत्रधार सनी लियोन को अपने मोबाइल में लिये घूमते हैं,
वही हमारा सन्नी, आज भी स्वर्गीय श्री मस्तराम जी
द्वारा रचित साहित्य से यौवन के रस खींच रहा है।
हैलो,
हाँ, पप्पी।
सन्नी जल्दी निकल ओए!
ये हैं सुनील भटेजा।
पिछले तीस साल से अपने दोस्त गोल्डी के मकान पर कब्जा किए हुए हैं।
लगभग तलाक होने ही वाला है।
आप इन्हें प्रताड़ित पति और परेशान पिता भी कह सकते हैं।
देर हो रही हूँ मुझे।
भाई पुस्तक तो बड़ी मस्त है।
और कोई है क्या इसका नया भाग?
अच्छा... चल फिर कॉलेज में मिलता हूँ। बाय।
जल्दी निकल यार!
बस पापा, एक मिनट।
ओए सन्नी!
ओए तू क्या करता रहता है टट्टी में इतनी देर तक?
मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है।
है? कॉलेज नहीं जाना तुझे?
टट्टी भी ना करूँ क्या पापा? पेट खराब था, समय लग जाता है।
रोज़ तेरा पेट खराब होता है यार! है?
ऐसा क्या खा लेता है भाई तू?
अब देर नहीं हो रही क्या? अब कर लो जाओ।
"देख मत पगली प्यार हो जाएगा"
आज तुम जल्दी उठ गई?
क्या?
आज जल्दी उठ गई तुम।
मैं तो रोज़ ही जल्दी उठती हूँ।
मुझे ही देर हो जाती है।
इसका बाप भी जल्दी उठ जाता है। हाँ!
और तू?
सवेरे-सवेरे चली जाती है छत पर कपड़े सूखाने के बहाने। मौका मिल जाता है इसको--
-ओए! किधर गया यह? - ओह!
क्या हो गया? सुबह-सुबह क्यों शुरू हो गए हों?
होना क्या है? कमीना फिर से शुरू हो गया।
इसको मैं आज दिखाता हूँ।
रूक जा तू! आ रहा हूँ मैं।
ये दर्शन कौर हैं।
दूरदर्शन के हसीन दिनों के दौरान लगभग तीस साल पहले,
सड़क दुर्घटना की शिकार हो गईं,
तब से कोमा में हैं।
सुनील।
-हाँ। - ओए सुनील।
नहीं मुझे नहीं पता।
ओए सुनील, बाहर आ।
क्या हो गया यार गोल्डी, सुबह-सुबह चिल्ला रहा है यार तू?
क्या हुआ?
समझा ले अपने बेटे को।
मेरी बेटी को रोज़ ताड़ता रहता है।
सन्नी।
सन्नी।
इधर आ।
इधर आ!
क्या कह रहे हैं अंकल?
है?
अब पापा मैं तो ब्रश करने आया था। वह वहाँ खड़ी थी तो मैं क्या करूँ?
अरे... ब्रश करने गया था तो वह तो अपने घर पर खड़ी होगी।
तू अपने बाथरूम में जाया कर, शीशे के आगे।
उधर तो आप टट्टी कर रहे थे।
- यह टट्टी क्या होता है? -सुनील, बहुत हो गया।
देख, अगली बार मैं पुलिस में शिकायत कर दूँगा।
क्या यार मतलब, छोटी-छोटी बातों पर तू पुलिस में शिकायत कर देगा।
मतलब बचपन की दोस्ती भूल जाता है यार तू।
ठीक है चल। इस बार छोड़ दिया।
अगली बार नहीं छोड़ूँगा।
इतने सालों से मकान पर कब्जा करके बैठा है।
आठ सौ रूपए किराया देते हैं अंकल।
-मुफ्त में नहीं रहते। - चुप।
ओए-ओए! आठ सौ रूपया किराया!
इसको किराया बोलते हैं?
क्या होता है इससे आजकल?
ठीक है भाई, खाली कर देते हैं। चल।
नहीं, नहीं जी। एक मिनट।
इनके कहने का मतलब यह नहीं था। इनके कहने का मतलब था आठ सौ रूपए?
आपको पता है हमारी कामवाली बाई है ना, उसको भी 2500 रूपए देती हूँ मैं।
अरे यार भाभी आप भी शर्मिंदा कर रहे हों।
हर बार जब भी आता हूँ, आपसे बात करता हूँ
कि मम्मी ठीक हो जाएँगी, मैं घर खाली कर दूँगा।
कुछ तो समझो यार। बचपन बिताया है हमने यहाँ पर।
हाँ तो बाकियों का बचपन भी यहीं निकाल ले ना। है?
ना, एक काम कर।
हम ही घर खाली कर देते हैं। ठीक है ना जी?
मम्मी का क्या है! क्या पता कब ठीक होंगी?
यार भाभी समझाओ यार इसको, कैसी
-मतलब... -नहीं, भाई साहब। मैं नहीं समझा सकती।
आप दोनों ना आज लड़ना है। कल एक हो जाना है।
मैं बीच में बुरी बन जाऊँगी। मुझे नहीं बुरा बनना।
लेकिन अगर आप बुरा ना मानो तो मैं एक बात बोल देती हूँ,
प्रिया भाभी जब से घर छोड़के गई हैं ना
यह हाथ से निकले जा रहा है।
-तू, हरामजादे मेरी बेइज़्ज़ती कराता रह। - पापा।
पापा...
घर में और कोई है तो उसको भी बुला ले?
मैं तो बस देखने आई थी कि सब ठीक है...
मुझे सब पता है, क्या देखने आई थी।
चल नीचे जा।
ओए, नाश्ते में कुछ बनाया है कि नहीं?
हाँ, रोटी और आलू की सब्जी।
-चल खाते हैं। -हाँ।
ओह दो रोटी इसको भी भेज दे यार।
मैं नहीं खा रहा।
चार रोटी भेजूँगी आपको और घी लगाकर।
-ठीक है। -इसको मत देना।
बर्बाद कर दिया तूने मुझे।
सुनील जी की बेटी, स्वीटी।
स्कूल में अक्सर गेट बंद हो जाने के बाद ही पहुँचती है।
और यह बंटी है। बड़ा मुश्किल है इनको समझना।
आप भी कोशिश कीजिए।
फिर गेट बंद हो गया यार।
अब कैसे जाएँगे?
जैसे रोज़ जाते हैं।
यार ये स्कूल वाले इतनी ऊँची दीवार क्यों बनाते हैं?
रोज़ नापनी पड़ती है।
हाँ यार मुझे भी लगता है रोज़ ना, ऊँचा कर रहे हैं ये लोग।
-हैलो। हाँ मैडम। - हैलो मि. बंटी।
मि. बंटी आपको हमारी कंपनी लोन दे रही है हमारी बैंक की तरफ से।
कितने का लोन मिलेगा?
सर आपको कितने का चाहिए?
समोसा खाएगी?
कोल्ड ड्रिंक के साथ?
खा लूँगी।
हाँ।
ढाई सौ का मिलेगा?
सर मज़ाक कर रहे हैं क्या?
अगर ढाई लाख तक का लोन चाहिए तो बताइये।
और चुकाएगा कौन? तेरा बाप?
चल रख।
किस पर चिल्ला रहा है?
यार लोन के लिए फ़ोन था।
"भेन के लोड़ो का फ़ोन था।"
बैठ जल्दी।
-ठीक है। आ जा तू भी। - ठीक है।
अरे मैं कैसे आऊँ?
भाई, सुन ना।
दो मिनट घोड़ी बनेगा?
यहाँ खुले में? घर चल ना?
अरे यार वह... दीवार फाँद कर स्कूल जाना है। ऐसा बन ना।
- झुक ना। -अच्छा तो ऐसे बोलना।
अरे यार ऐसा नहीं यार। थोड़ा...
अरे और, आगे आ ना।
थोड़ा नीचे जा। और नीचे जा।
ठीक है।
रूक।
- एक बार और सोच ले ना। -ऊपर।
घर पर दीवार पर नहीं चढ़ना पड़ेगा।
आजा, आजा। आज तो तुझे प्रिन्सिपल के दर्शन कराता हूँ।
भाई तेरा घर खाली है क्या? चलें?
इनसे मिलिए, ये हैं पप्पी। सन्नी का दोस्त। दार्शनिक और मार्गदर्शक।
हिन्दी ऑनर्स का मेधावी छात्र।
अश्लीलता की छप्पन विधाओं में पूर्ण रूप से पारंगत।
सीधे कहे तो अश्लील साहित्य का सबसे बड़ा सप्लायर।
-अबे देरी हो गई। जल्दी चल। -चल, चल।
वह हिन्दी वाला बिगड़ जाएगा...
-कि कहाँ थे? -आ गए, आ गए।
सर, क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?
अबे शौचालय में पूछकर आओगे क्या?
तू साले, एक स्टॉप पहले ही रूका कर। अगली क्लास है।
मुझे लगा कि सर चॉक पकड़कर खड़े हुए हैं।
सॉरी सर।
पुरुष
भाई अब अगर आ गए हैं तो, थोड़ा कर ही लेते हैं।
अबे यार वह हिन्दी वाले का लेक्चर है।
-भाई कुएँ के पास आए हैं तो -चल।
चले जाते हैं ना।
छात्रो एवं छात्राओ,
आज हम हिन्दी साहित्य में सौंदर्य रस पढ़ेंगे।
पधारिए।
अहोभाग्य हमारे जो आप हमारी कक्षा में पधारे।
विलंब का कारण?
लघुशंका में देरी हो गई।
भविष्य में ध्यान रखेंगे।
अत्यधिक लघुशंका मधुमेह का कारण बन सकती है।
जाँच कराइए।
और कक्षा को कक्षा रहने दीजिए।
धर्मशाला ना बनाए।
-विराजिए। -सॉरी सर।
आप रूकिए।
आपका परीक्षाकॉपी जाँचने का हमें सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आपको त्योहार पर निबंध लिखने के लिए दिया गया था।
विवाह उपरांत बहन की पहली लौडी!
आप कहीं ई भूल जाते हैं, कहीं आ की मात्रा, कहीं अ भूल जाते हैं, कहीं कुछ और।
मुझे समझ में नहीं आता आपको दी किसने?
अर्थात हिन्दी ऑनर्स आपको दी किसने?
आपने दी सर।
चलिए, हम अपनी गलती मानते हैं।
आप बैठिए जाकर।
और कुछ अच्छा अध्ययन करने का प्रयास करें।
अनुप्रास अलंकार।
चंचल चितवन को चित्त के चोर से चित्त को चुराकर चली।
वाह! वाह!
भाई यह बुड्ढा बोर कर देगा।
-तेरा भाई तेरे लिए नया माल लाया है। -सच्ची।
-ओए, इधर आ जा। - एक और उदाहरण है।
चंदु के चाचा ने चंदु की चाची को चाँदनी रात में...
-एकदम पहली धार का! -रसीली प्रॉडक्शन।
- हाँ! -खोल, खोल।
देखिए यह जो वाक्य है इसमें च शब्द...
की आवृत्ति हो रही है। मतलब बार-बार आ रहा है।
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