لومړۍ 200 کرښې.
भ्रष्टाचार का नाश करेगा!
गन्नू भैया राज करेगा!
भ्रष्टाचार का नाश करेगा!
गन्नू भैया राज करेगा!
भ्रष्टाचार का नाश करेगा!
गन्नू भैया राज करेगा!
भ्रष्टाचार का नाश करेगा!
शांत हो जाओ भैया। शांत हो जाओ सब लोग!
शांत हो जाओ!
ये आवाज़ सिर्फ तुम लोगों की आवाज़ नहीं है।
ये आवाज़ इस देश की जनता की है…
जिसकी भांग-भसड़ कर के रख दी है सरकार ने।
पर अब टाइम बदल गया है…
क्योंकि हर समस्या का हल अब हमारे अपने हाथ में है।
और ये हल, आज से हमारे सौजन्य से…
सबको फ्री में बाँटा जाएगा।
अरे सुन ले दुश्मन खोल के कान।
आ गए गन्नू महान!
धत तेरी की।
हे भगवान!
आज बचा ले।
फिर कभी नहीं पीऊँगा इसे।
भैया…
आपने रात को मिक्स कर ली थी।
व्हिस्की के बाद आप चौकीदार की रम भी पेल गए थे।
हे भगवान…
आज बचा ले। फिर कभी मिक्स नहीं करूँगा इसे।
भैया, भाभी आयी थी सवेरे।
- प्रकाश भैया, उठो! - क्या हो गया?
गन्नू भैया कह रहे हैं घर चलना है।
उठो जल्दी।
अरे तूने बड़ा माथा खराब कर रखा है।
अरे, भैया, उठो!
भाभी आयी थी सुबह।
घर चलना है।
- भाभी… सवेरे-सवेरे? - हाँ।
फंसी भैया, उठो।
भैया गुस्सा हो जाएँगे चलो जल्दी घर।
हाँ, हाँ।
अरे तुम्हें क्या ई-मेल करूँ? उठो!
- मद्दी भैया, उठो! - क्या हो गया, यार?
गन्नू भैया कह रहे हैं घर चलो।
अकेले नहीं जाएँगे।
अरे, हम नहीं जा रहे।
हम नहीं जा रहे, बोल दे रहे।
ठीक है, बेटा। ना, ठीक है।
साला जो नहीं चलेगा ना…
उसका टोटल ड्राय डे है आज।
ड्राय डे
जल्दी करो। फटाफट।
- आज तो लग गए। - चलो।
घुस, घुस। चल।
- चलो, चलो। - स्टार्ट करो गाड़ी जल्दी से।
चालू कर ले।
- स्टार्ट कर भाई। - हाँ, रुको।
क्या हो गया?
क्या हुआ?
तेल नहीं है इसमें।
अरे भागो बहनचोद।
चल, चल। मद्दी।
चल जल्दी।
ठेका खुल गया है।
चलो, चलो।
शर्म करो।
अरे चुल्लू भर पानी में डूब क्यों नहीं मरते तुम लोग।
हद हो गयी पागलपन की।
- पर तुम लोगों को कैसे पता लगेगा! - हाँ, तो वो मीटिंग होगी।?
घर थोड़ी ना है, ये तो खुद में ही पागलखाना है।
सिर्फ एक को सुधारने की सोची थी…
पर यहाँ पे पूरा का पूरा खानदान ही ऐसा है।
सही है!
और तुम क्या राजा भोज के खानदान से आ टपकी हो?
अरे, राजा भोज का खानदान तो तुम्हारा है, ननद जी।
तभी तो तुम्हारा पति घर जमाई बन के पल रहा है इस घर में।
देख लिया राजा भोज का खानदान!
ज़्यादा ना बोल, बहू।
तेरे टुकड़ों पर नहीं पल रहे हैं हम।
तुम तो पल ही रहे हो, जेठ जी!
कितना उधार उठाया है तुमने हमारे मर्द से?
सब मालूम है हमें। अब बोलो।
लौट के जवाब देता हूँ तुम्हारी बात का।
ये तो हीरोइन है हीरोइन!
कपड़े देख लो इसके।
- अरे, ज़ुबान सुन लो इसकी। - क्या, बड़ी भाभी?
चाय नहीं बनी?
बड़ा टाइम लग रहा है चाय उबलने में।
एक काम कर, ये भगोना छोटी बहू के मुँह पे रख आ…
आग उगल रही है तब से, चाय झट से उबल जाएगी।
बापू ने कितना समझाया था।
एक शिक्षक की बेटी होकर, लफंगे से शादी करेगी तू?
एक नंबर का शराबी है वो।
क्यूट है गन्नू।
और अगर शिक्षक की बेटी नहीं सुधारेगी गुंडे को…
तो क्या फायदा आपकी शिक्षा का।
जल्दी बढ़ो। हमें पाँच किलोमीटर अभी और जाना है।
जल्दी, जल्दी।
अबे अंधा है क्या? देख के नहीं चल सकता?
अरे भाई अंधा है क्या? देख के नहीं चल सकता?
सर, गन्नू जा रहा था।
- जल्दी, जल्दी। - अरे, गन्नू। इधर आ!
रोक, रोक।
अरे, रोक लो, भाई साहब।
रोक लो।
ओ, गन्नू बेटा!
अबे रुक जा, गधे की पूँछ!
पहले तो घर वालों के सामने शर्म से सिर झुका रहता था।
अब तो सारी दुनिया के सामने नाक कट जाएगी।
भाभी, बोलते समय कुछ मान-मर्यादा का ध्यान रख लिया करो।
अब बोलते क्यों नहीं?
इस चुड़ैल के आगे घिग्घी बँध जाती है क्या तुम्हारी?
वाह, वाह!
अपनी अम्मा से सीख ले मर्यादा।
बहू को चुड़ैल बोल रही है।
चुड़ैल को चुड़ैल ना बोलूँ तो क्या बोलूँ? चुड़ैल!
भैया, ठेका आ गया है, कुछ बोतल पैक करा लूँ।
अरे यार, लेट हो जाएँगे।
अरे कहाँ लेट हो जाएँगे।
टैम्पो में दस मिनट बच तो गए।
ये बात भी सही है।
अरे, रोकियो यहाँ।
अरे चलो भाई, फटाफट कर लो गला तर।
बंद कर ये दुकान। सत्यानाश हो तेरा।
अरे, पाँच मिनट रुकना भाई।
अरे रुक, कहाँ जा रहा है?
अरे ओ पहलवान!
करवा ली तुमने ऐसी-तैसी?
बच गए तुम्हारे पाँच मिनट?
भैया, क्या लेना है?
अरे, बीयर ही उठाइयो। हार्ड नहीं झेली जाएगी सुबह-सुबह।
- हैंगओवर वैसे ही हो रहा है। - बीयर दे दे दबा के ठंडी वाली।
शुरू हो गया।
शर्म कर, शर्म कर। बाल-बच्चे हैं तेरे।
- हैं ना? - हाँ, हैं।
हाँ, तो क्या…
अरे यार! जानकी ने ठेके का माहौल खराब कर रखा है।
हाँ, यार। नॉन शराबियों की एंट्री बिलकुल बंद करवाओ इस ठेके पे।
फ़ादर-इन-लॉ! इन्हें तो तू ही संभाल भाई।
- अरे, गन्नू बेटा! - जय राम जी की!
अरे, तू जय राम जी की छोड़।
- पाय लागू। - अरे, छोड़ तू यार।
एक काम बताया था तुझे।
छः महीने से स्टाफ की सैलरी नहीं आयी है।
करवा रहा हूँ काम।
अरे, कल ही नरौतपुरा आ रहे हैं, दाऊ जी।
मीटिंग है मेरी उनके साथ में।
तो मैं बोल के करवाता हूँ। कोई दिक्कत ही नहीं है।
उठ! अरे कब चैन आएगा तुझे?
जब जला लूँगी मैं अपने आपको तब?
अरे बस कर, जानकी। दारू उतरने दे इसकी।
मैंने अपने आप समझा दूँगा इसको।
अरे तू क्या समझाएगा! तू तो खुद ही एक नंबर का पियक्कड़ है!
जानकी! गन्नू से बात कर रही है तू। थोड़ा इज्ज़त से बात कर।
चल हट।
अरे ये अपने ख़सम की इज्ज़त नहीं करती, हमारी कहाँ से करेगी?
दो-चार और दे इसको।
- ऐसे ना सुधरेगा ये। - मार-मार!
अरे, मेरा काम भी अर्जेंट है, बेटा।
नहीं तो स्कूल बंद हो जाएगा।
बस!
अब, जब दाऊ जी नरौतपुरा स्टेशन पहुँचेंगे ना…
तो वैसे ही झुनझुना बजाना जैसे रात भर सिखाया है।
ठीक है? आ गयी बात समझ में?
- शाबाश, निकलो। - रुको।
झुनझुना ड्रिल सिखा रहे थे बच्चों को रात भर?
हाँ, पूछ ले इनसे।
दिखाओ क्या सिखाया।
- ले बेटा बता। - तुम दिखाओ!
चाचू! चाची पेट से है।
कौन से वाली? ये वाली? ये वाली?
ये वाली।
निर्मला… ये तो कितनी अच्छी ख़बर है
अच्छी खबर ये नहीं है कि मैं पेट से हूँ।
अच्छी खबर ये है कि तुम्हारी अम्मा भी पेट से है।
डॉक्टर ने बताया कि इनका भी दूसरा महीना चल रहा है।
ना उम्र का लिहाज़ ना बिरादरी की चिंता।
कैसा लगेगा जब अगल-बगल बिस्तर पर साथ-साथ सास-बहू…
बच्चा जनेंगी।
अरे तुझे क्या दिक्कत है?
बेटा, तुम लोग निकल लो।
तू अपना जनियो, मैं अपना जन लूँगी।
बड़ी आयी, मास्टराइन!
ज़्यादा अक्ल झाड़ने की ज़रूरत नहीं है!
अब तो पार्टी देनी पड़ेगी पूरे जगोधर में।
तू गेस्ट लिस्ट बना लियो, मैं मेनू डिसाइड कर लूँगा।
थैंक यू, निम्मो। बरसों की आस पूरी हो गयी हमारी।
कान खोल के सुन लो।
कुछ नहीं होगा।
अरे, शांत हो जा, निम्मो!
ज़्यादा अंग्रेज़ी ना झाड़ो और डॉक्टर से मीटिंग फिक्स कराओ।
मुझे नहीं चाहिए ये बच्चा। बस!
शुभ-शुभ बोल, निम्मो।
देख चार साल हो गए हमारी शादी को…
बच्चा नहीं हुआ तेरी ज़िद की वजह से।
मुझे समझ नहीं आता तुझे दिक्कत क्या है बच्चे से।
दिक्कत बच्चे से ना है…
दिक्कत तुमसे है।
मुझसे?
बच्चा पैदा करेंगे?
ना काम के ना काज के, दुश्मन अनाज के!
देख कभी-कभी सोच समझ के भी बोलते हैं।
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