لومړۍ 200 کرښې.
यह फ़िल्म आपको समर्पित है।
जब मौत हमें आग़ोश में लेने का इंतज़ार कर रही है,
चांदनी की किरणें जिन्होंने तुम्हें छुआ था, मुझसे पूछती हैं, "सूरज कहाँ है?"
मैंने उनसे कहा कि तुम सदा बहने वाली इस नदी की यादों में बसे हो।
श्याम सिंघा रॉय
-हाँ, बोलो। -भाई, ये कैफ़े का मालिक
शूट रोकने का कह रहा है।
उससे बात करो न। मुझसे और सहन नहीं हो रहा।
चिंता मत करो। उसे धमकी देना अच्छा लगता है।
चिंता मत करो। मैं संभाल लूँगा।
-आज कितनी लड़कियाँ आ रही हैं? -आज पाँच लड़कियाँ हैं।
ठीक है। तैयारी करो। मैं बस आ रहा हूँ।
आपकी डिवाइस कनेक्ट हो गई है।
एनएफ़डीसी- प्रशंसा प्रमाण-पत्र वासुदेव घंटा
आकली राज्यम
इरुवर
12 ऐंग्री मैन - मार्ले
डीप फ़ोकस
मणि रत्नम
श्री एल वी प्रसाद निर्देशक-निर्माता
कॉफ़ी इन
-गुड मॉर्निंग। -गुड मॉर्निंग, भाई।
-सब आ गए? सब तैयार? -हाँ, हम तैयार हैं।
-उनके पास स्क्रिप्ट है? -हाँ।
-तुमने उन्हें सीन समझा दिया है? -हाँ, मैंने समझा दिया।
सबने कॉफ़ी भी पी ली है।
याद दिलाने के लिए शुक्रिया। मुझे एक ब्लैक कॉफ़ी देना।
देख क्या रहे हो? जाओ और कॉफ़ी लेकर आओ।
-काम शुरू कर दो। -हाँ, भाई।
अरे, तुम यहाँ क्या कर रहे हो? तुम्हारे पास काम नहीं है?
मुझे फ़िल्म में रोल देने का वादा किया था।
अच्छा? इसलिए हीरो जैसी शक्ल बना रखी है?
गधे! तुझे तो दूर पीछे खड़ा करेंगे।
फ़िल्म बनाने वाले की बात हल्के में लेगा तो पछताएगा।
अब जाओ और ब्लैक कॉफ़ी लेकर आओ।
इसे यहाँ छोड़ दो।
अगर एक शॉर्ट फ़िल्म के ऑडिशन के लिए दो महीने लगाओगे,
तो एक पूरी फ़िल्म कब पूरी करोगे?
हम जो भी करें, सबसे अच्छा करें।
-सही कह रहे हो। -दाईं तरफ़ पैन करो।
इसे अच्छे से करना नहीं कहते, पागलपन कहते हैं।
तुम्हारे निर्देशक बनते-बनते मेरा ये कैफ़े बंद हो जाएगा।
उसके बाद मुझे किसी फ़िल्म स्टूडियो के बाहर चाय की दुकान लगानी पड़ेगी।
-यही है तुम्हारा प्लान? -भाई।
ऑडिशन के लिए इस कैफ़े में 100 से भी ज़्यादा लोग आए हैं।
हम मुफ़्त में तुम्हारे ब्रांड का प्रचार कर रहे हैं।
मेरे कैफ़े का नाम क्या है?
-कॉफ़िन! -कॉफ़िन? ये क्या मज़ाक है?
अरे, कॉफ़ी इन!
-कॉफ़ी इन। -ठीक है।
-कॉफ़िन तो ताबूत को कहते हैं। -अच्छा।
-अच्छा, उन्हें आने के लिए कहो। -ठीक है, भाई।
हैलो।
-तुमने स्क्रिप्ट पढ़ी? -हाँ।
-कोई सवाल? -नहीं।
तैयार। कैमरा चालू करो।
रोलिंग है, भाई।
ऐक्शन!
मैं एक महिला हूँ।
इस विकासशील देश में मैं एक महिला हूँ जिसका एक प्रगतिशील नज़रिया है।
डर के अंधकार को दूर करने के लिए
मैं क्रांति की साड़ी में लिपटी हुई वो महिला हूँ।
डायलॉग तो सही है। इस पर ऐक्टिंग करनी है।
मैं ऐक्टिंग ही कर रही थी।
बहुत ही सपाट था। कोई अहसास नहीं थे।
डायलॉग रटो मत। बस उन्हें ध्यान में रखो।
ऐक्शन!
मैं एक महिला हूँ।
इस विकासशील देश में मैं एक महिला हूँ जिसका एक प्रगतिशील नज़रिया है।
डर के अंधकार को दूर करने के लिए
मैं क्रांति की साड़ी में लिपटी हुई वो महिला हूँ।
आप किसी समाचार चैनल में एंकर थी?
हाँ। आपको कैसे पता चला?
आपको टीवी में देखा है।
मैं एक खूबसूरत महिला हूँ।
इस विकासशील देश में मैं एक महिला हूँ जिसका...
ये तो डायलॉग नहीं है!
दोबारा पढ़ो, और ठीक से करो। ठीक है?
दरअसल मैंने बहुत सी शॉर्ट फ़िल्मों में काम किया है।
टिक-टॉक पर रोक लगने से पहले, मैं टिक-टॉक स्टार थी।
इससे पहले मैंने ऑडिशन नहीं दी है। मैं सीधे शूट पर आ सकती हूँ।
ये सब ज़रूरी है?
तुम्हें अभिनय से ज़्यादा मेकअप में दिलचस्पी है।
तुम जा सकती हो।
मैं एक महिला हूँ।
इस विकासशील देश में मैं एक महिला हूँ जिसका एक प्रगतिशील नज़रिया है।
डर के अंधकार को दूर करने के लिए
मैं क्रांति की साड़ी में लिपटी हुई वो महिला हूँ।
अच्छा है। मुझे पसंद आया।
मुझे थोड़ा समय दो। मेरी टीम तुमसे संपर्क करेगी।
अरे, उस लड़की ने अच्छा किया। उसे हीरोइन क्यों नहीं रख लेते?
वो अच्छी है, पर किरदार के लिए उतनी भी अच्छी नहीं है।
-साधारण अभिनय कर रही है। -ये ज़्यादा हो रहा है।
लड़की गोरी और लंबी है।
डायलॉग भी अच्छी तरह से बोल रही। तुम्हें और क्या चाहिए?
अभिनेता या अभिनेत्री बनने के लिए
रंग और कद मायने नहीं रखता है।
तो फिर?
शरीर के हाव-भाव। बोलने का अंदाज़।
सादगी। बयाँ करने की अदा।
बयाँ करने की अदा मतलब?
शरीर के हाव-भाव।
हाँ, कल की पार्टी शानदार थी, पर मैं जल्दी निकल गई थी।
अच्छा! पता है कल क्या हुआ था?
कल जब हम घर वापस जा रहे थे...
इसे कहते हैं, शरीर के हाव-भाव।
ए।
जब उसने ऐसा कहा, हम सब हँस पड़े।
हाँ।
चाल-ढाल अच्छी है।
म्यूज़िक अच्छा था न?
नहीं, उसके बड़े नखरे हैं।
हाँ। बाद में कैब में बैठ कर वो रोने लगी।
उस कैब ड्राईवर का चेहरा देखने लायक था। हे भगवान!
वह उससे भीख माँग रहा था। बहुत ज़्यादा डर गया था।
बोलने का अंदाज़ अच्छा है।
-हे, भाई! -है!
-माफ़ करना, मैडम। -ध्यान से।
-कोई बात नहीं। -माफ़ कीजिए, मैडम।
-माफ़ करना, मैडम। -कोई बात नहीं।
सादगी।
अरे! अच्छा।
मुझे जाना होगा। मैं बाद में मिलती हूँ।
-ठीक है, मिलते हैं। -हाँ।
ये है मेरी हीरोइन।
ज़रा सुनो।
हैलो! तुमसे बात कर सकता हूँ? मैं फ़िल्म निर्देशक, वासु हूँ।
-निर्देशक? -हाँ।
कौन-कौन सी फ़िल्मों में निर्देशन किया है?
बोलो।
निर्देशक बनने वाला हूँ।
फ़िलहाल एक शॉर्ट फ़िल्म का निर्देशन कर रहा हूँ।
अगर ये सफल रही, तो मुझे फ़िल्म मिलेगी।
ठीक है।
अच्छी बात है। किस्मत साथ दे।
तुम मेरी फ़िल्म में अभिनय करोगी तो बहुत अच्छा रहेगा।
शुक्रिया। पर मैं? फ़िल्म में अभिनय?
नहीं, मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है। माफ़ करना।
काम करना शुरू करोगी तो दिलचस्पी भी आ जाएगी।
पिछले दो महीनों से ऑडिशन ले रहा हूँ।
इस किरदार के लिए तुम बिल्कुल सही हो।
नहीं... तुम समझ नहीं रहे हो।
मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है। तो इस बात को यहीं खत्म कर दो। ठीक है?
मुझे जाना है। बाय।
उसे कोई दिलचस्पी नहीं है।
-उससे बात कर। -हैलो!
ऐसी हीरोइन का मिलना बहुत मुश्किल है जो तेलुगु बोलती हो।
प्लीज़, मान जाओ।
तुम यहाँ मुफ़्त में कॉफ़ी पी सकती हो। ये मेरा ही कैफ़े है।
भाई, ख़ुद को संभालो।
बात ये है कि मुझे फ़िल्में पसंद नहीं हैं। मैं फ़िल्में देखती भी नहीं।
सही है।
मेरी हीरोइन को फ़िल्में देखना पसंद नहीं है।
वो दिखने में बिल्कुल तुम्हारे जैसी है।
बड़ी आँखें, गुस्सैल रवैया और ठीक-ठाक सी शक्ल।
क्या कहा?
-मतलब... -मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है। नहीं होगा।
-कुछ बोलो, भाई। -बात खत्म!
सुनो...
चलो, यार!
मुझे अपना कैफ़े संभालना है।
तो फिर तुम्हारे कैफ़े में ऑडिशन करता ही रहूँगा।
चलो उसे मनाते हैं।
हे, ये सब क्या है?
तुम ख़ुद को क्या समझते हो? बात समझ नहीं आती?
मेरे घर तक मेरा पीछा किया? पागल हो गए हो?
ये बहुत हो रहा है। तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?
हे... शांत रहो।
ये सही नहीं है। मैं समझता हूँ।
हम यहाँ तक इसलिए आए क्योंकि हम तुम्हें मौका देना चाहते हैं।
हम बहुत मेहनत कर रहे हैं। मना मत करना।
ये क्या बखेड़ा है? ये लोग कौन हैं?
पापा, इन लोगों ने कैफ़े से यहाँ तक मेरा पीछा किया।
मेरे मना करने के बावजूद ये ज़बरदस्ती कर रहा है।
मैं शी-टीम को बुलाती हूँ।
तुम शरीफ़ लड़के लगते हो। क्या करते हो?
फ़िल्म निर्देशक हूँ।
फ़िल्म निर्देशक? कौन-कौन सी फ़िल्में बनाई हैं?
कोई बात नहीं।
निर्देशक बनने वाला हूँ।
अच्छा! पर मैं अपनी बेटी की शादी किसी फ़िल्म वाले से नहीं करवाना चाहता।
माफ़ करना। कोई और लड़की ढूँढ लो।
जानता हूँ, फ़िल्म वालों को कोई घर भी किराये पर देना नहीं चाहता।
-आपकी बेटी... -उसका नाम कीर्ति है।
मैं कीर्ति को शॉर्ट फ़िल्म में अभिनय करने के लिए कह रहा हूँ।
शॉर्ट फ़िल्म? उसे यूट्यूब पर रिलीज़ करोगे?
-उसे किसी निर्माता को दिखाना है। -हाँ, यूट्यूब पर आएगी।
-आपकी बेटी उसमें आ सकती है। -अच्छा? इसने और क्या-क्या फ़िल्में बनाई?
-शोषण की शिकायत है तो... -ये क्या बवाल है।
कीर्ति, मेरी बात सुनो।
तुम्हारे पिता ने हाँ कर दी है। अब तुम भी हाँ कर दो।
क्यों?
क्योंकि ये मेरा आखिरी मौका है। मेरे पास कोई और रास्ता नहीं है।
तुम नहीं मानी तो मैं तुम्हारे पापा को बता दूँगा, तुम सिगरेट पीती हो।
क्या कहा?
पापा तुम्हारा यकीन नहीं करेंगे।
तुम सच में ऐसा करोगे?
प्लीज़, कीर्ति। मैं डिलीट कर दूँगा।
प्लीज़ मेरी परेशानी को समझो।
तुम्हें परेशान करने के लिए माफ़ी चाहूँगा। ये मेरे लिए बहुत ज़रूरी है।
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