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जॉन ट्रवोल्टा द्वारा निर्मित फ़िल्म
प्रोपेलर वन-वे नाइट कोच
जॉन ट्रवोल्टा की किताब पर आधारित
जॉन ट्रवोल्टा द्वारा निर्देशित
28 दिसम्बर, 1962
आइडलवाइल्ड हवाई अड्डा, न्यूयॉर्क
देर रात का समय था,
और टर्मिनल लगभग ख़ाली था।
मेरी माँ ने लिज़ टेलर की एक तस्वीर देखी, जो उनकी आने वाली फ़िल्म,
"द वी.आई.पीज़" से थी।
उन्हें भी बिल्कुल वैसा ही कोट चाहिए था,
लेकिन उन्होंने अपना कोट एक चर्च के बेसमेंट में लगी सेल से ख़रीदा था,
जहाँ सारे अमीर लोग अपने इस्तेमाल किए हुए कपड़े बेचते थे।
- बाय, नानी माँ। - बाय, जान।
- मुआह। - मुझे आपकी याद आएगी।
बाय, मॉम।
बाय, जान।
ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस की
फ़्लाइट 700 रॉयल एम्बेसडर सुपर जेट सेवा से लंदन जाने वाले यात्रियों के लिए आख़िरी घोषणा।
अब गेट नम्बर तीन पर बोर्डिंग की जा रही है।
कृपया सभी यात्री सवार हो जाएँ।
पीए सिस्टम से आने वाली आवाज़ बहुत परिष्कृत लग रही थी।
मुझे लगा कि वह किसी बहुत ख़ूबसूरत महिला की होगी,
जो शायद किसी अभिनेत्री जैसी हो।
अगर मैं मैरिलिन मनरो की तरह व्यवहार करूँ,
तो शायद टिकट एजेंट हमें फ़र्स्ट क्लास में भेज दे।
उन्होंने यह भी कहा कि फ़र्स्ट क्लास में यात्रा करो
तो सभी पेय मुफ़्त होते हैं।
ज़ाहिर है मुझे कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ता था, बस हमें सच में जाने का मौक़ा मिल जाए।
ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस की फ़्लाइट 393
सुपर कॉन्स्टेलेशन सेवा से पिट्सबर्ग,
डेटन, शिकागो, कैनसस सिटी,
डेनवर और लॉस ऐंजेलस के लिए।
अब वेस्ट आर्केड पर बोर्डिंग हो रही है।
कृपया सभी यात्री विमान पर सवार हो जाएँ।
मेरे शरीर में रोमांच की लहर दौड़ गई,
जो मैंने पहले कभी महसूस नहीं की थी।
यह सोचकर जो रोमांच हो रहा था कि कुछ ही मिनटों में, मैं पहली बार हवा में उड़ने वाला हूँ,
वैसा मुझे पहले कभी महसूस नहीं हुआ,
यहाँ तक कि मोहल्ले के बच्चों के साथ डॉक्टर-डॉक्टर खेलते समय भी नहीं।
और यह बात एक आठ साल के बच्चे के लिए बहुत मायने रखती थी।
मुझे उस रात की हर बात याद है।
टर्मिनल की मंद रोशनी,
एयरलाइन के चिह्न के रंग,
और हम तेज़ी से वेस्ट आर्केड के गेट की ओर बढ़ रहे थे।
यहाँ तक कि मेरी माँ भी उत्साहित लग रही थीं,
लेकिन यक़ीनन बिल्कुल अलग वजहों से।
शायद उन्हें मुफ़्त में मिलने वाली ड्रिंक्स के लिए,
या फिर इस उम्मीद में कि विमान में उन्हें कोई ख़ूबसूरत आदमी मिल जाए।
मेरी माँ की उम्र लगभग 49 वर्ष थी और वह काफ़ी आकर्षक थीं।
नीली आँखें, ख़ूबसूरत बाल,
और अपनी उम्र के हिसाब से चुस्त शरीर, उन्होंने ही मुझे बताया था।
अगर उन्होंने मुझे इतनी देर से जन्म ना दिया होता, तो शायद उनका फ़िगर और भी अच्छा होता।
और बहुत से पुरुषों को थोड़ा निकला हुए पेट बुरा नहीं लगता था।
उन्हें लगता था कि कुछ लोगों को यह बहुत कामुक लगता है।
शायद उन्हें किसी बेहद मज़ेदार आदमी से प्यार हो जाए,
जैसे कि विमान के कप्तान वग़ैरह से।
आइडलवाइल्ड हवाई अड्डे से जल्दी-जल्दी गुज़रने में बहुत मज़ा आ रहा था।
मुझे यक़ीन ही नहीं हो रहा था कि इस बार हम सच में, वास्तव में उड़ान भरने वाले हैं।
हम हवाई अड्डे पर ज़्यादातर तो लोगों को विदा करने ही आते थे।
एक बार मेरी माँ को अपने काम के लिए सच में फ़्लाइट लेनी पड़ी थी,
वह किसी समर स्टॉक नाटक में काम कर रही थीं।
लेकिन इस बार मुझे भी जाने का मौक़ा मिलेगा।
वह सब किसी सपने जैसा लग रहा था।
अब मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था।
हर चीज़ मानो बहुत धीमी रफ़्तार में चल रही थी।
वह बहुत ख़ूबसूरत था।
चाँदी और सफ़ेद रंग का, जिस पर दो लाल सजावटी धारियाँ थीं,
और किनारे पर टीडब्ल्यूए लिखा हुआ था।
ओह, क्या शानदार नज़ारा था।
मेरे चेहरे पर ठंडी हवा लग रही थी, पर वह भी मेरे पहले प्यार में कोई बाधा नहीं डाल सकी।
वह दिखने में बहुत शानदार था और बहुत मज़बूत और शक्तिशाली लग रहा था।
यहीं से एक ऐसा अनुभव शुरू हुआ जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगा।
जब हम विमान में चढ़ने के लिए सीढ़ियाँ चढ़ रहे थे,
मेरा ध्यान एक बहुत अजीब बात पर गया।
हमारे साथ विमान में ज़्यादा लोग नहीं चढ़ रहे थे।
बस कुछ ही लोग थे।
फिर मैंने ऐसा मान लिया जैसे वह फ़्लाइट सिर्फ़ मेरे और मेरी माँ के लिए थी,
यह काफ़ी अनोखा था ना?
विमान में आपका स्वागत है। यहाँ अंदर काफ़ी गर्माहट है।
सीढ़ियों के ऊपर खड़ी एयर हॉस्टेस लम्बी और दुबली थी
और उसके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान थी।
तो हमारे पास आपके लिए एक आपातकालीन नक़्शा भी है।
उसमें कुछ तो अलग था।
कुछ ऐसा जिसे ठीक-ठीक समझ पाना मुश्किल था।
बाद में मेरी माँ को उसके बारे में बहुत कुछ जानने का मौक़ा मिला।
मानो वे पक्की दोस्त बन गईं।
मैंने उनसे पूछा था कि लिज़ बाक़ी लोगों से इतनी अलग क्यों लग रही थी,
और मेरी मॉम ने मुझसे कहा कि ऐसा इसलिए, क्योंकि उसने अपनी ज़िंदगी में बहुत दुःख झेला है,
वह कंसंट्रेशन कैंप में रह चुकी थी और ऐसे कठिन अनुभव इंसान के व्यक्तित्व में गहराई ले आते हैं।
जब इंजन एक-एक करके चालू हुए,
मैं एक बड़ी, मुलायम और आरामदायक लगने वाली कुर्सी पर बैठा था।
मुझे उनकी आवाज़ मुश्किल से सुनाई दे रही थी।
बड़े-बड़े प्रोपेलर यानी हवाई जहाज़ के पंखे घूमने लगे, और पीछे के एग्ज़ॉस्ट से आग की लपटें निकल रही थीं।
मुझे पता था कि जेट का ज़माना आ चुका था,
लेकिन एक ऐसे विमान में सफ़र करने का अलग ही रोमांच था,
जो वहाँ पहुँचने में जेट के मुक़ाबले दोगुना समय लेने वाला था,
ख़ासकर जब यह मेरी पहली उड़ान थी।
मुझे याद है कि मैं अपने सिक्के एक काले फूलों वाले बटुए में बचाकर रखता था।
तुम्हारी नानी यानी मेरी माँ ने
मुझे यह फूलों वाला बटुआ दिया था ताकि मैं इसमें पैसे बचाकर रखूँ।
और अब तुम्हें इसमें पैसे बचाकर रखने चाहिए,
और फिर शायद हम साथ में एक छोटी यात्रा पर जा सकते हैं।
हम फ़िलेडेल्फ़िया जा सकते हैं, हार्टफ़ोर्ड जा सकते हैं।
हम बॉस्टन जा सकते हैं!
हाँ।
जब मेरी माँ किसी बात को लेकर उत्साहित होती थीं, तो उसकी बात ही कुछ और थी।
ऐसा लगता था मानो पूरी दुनिया रोशनी और उम्मीद से चमक रही हो।
ठीक है।
ठीक है।
मैं इसे सरप्राइज़ रखने वाली थी,
लेकिन अब बता देती हूँ कि हम लॉस ऐंजेलस जा रहे हैं।
सच… सच में?
एलनटाउन प्लेहाउस से मेरा एक निर्देशक दोस्त है,
जिसने वादा किया है कि अगर हम फ़रवरी तक किसी तरह पश्चिम पहुँच जाएँ,
तो वह मुझे किसी फ़िल्म में काम दिला देगा।
आप सच कह रही हैं?
मुझे यक़ीन नहीं हो रहा है।
माँ एक एक्स्ट्रा कलाकार के तौर पर
पहले ही काफ़ी काम कर चुकी थीं,
इसलिए वह बात ज़्यादा अविश्वसनीय नहीं लग रही थी।
वह स्कूल में ड्रामा भी पढ़ाती थीं,
और उससे पहले वह मंच पर पेशेवर तौर पर काम कर चुकी थीं।
और जब वह काम नहीं कर रही होती थीं, तब मैं ही उनका सबसे ख़ास दर्शक बन जाता था।
मैं अभी आता हूँ।
मुझे तुरंत जाकर अपना शेड्यूल देखना है।
मैं तो जैसे उड़ता हुआ सीधा अपने कमरे में पहुँचा,
जहाँ मेरे एयरलाइन के शेड्यूल रखे थे।
यूनाइटेड, अमेरिकन, टीडब्ल्यूए।
यह रहा। "प्रोपेलर वन-वे नाइट कोच।
वयस्क किराया 95 डॉलर, बच्चों के लिए आधा किराया।"
यही है!
अब वापस उड़ान का समय देखते हैं।
"ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस की फ़्लाइट 393,
आइडलवाइल्ड हवाई अड्डे से रात नौ बजे रवाना होती है।
यह सुपर कॉन्स्टेलेशन विमान सेवा है जो लॉस ऐंजेलस तक जाती है,
रास्ते में विमान पिट्सबर्ग,
डेटन, शिकागो, कैनसस सिटी और डेनवर में रुकते हुए लॉस ऐंजेलस तक पहुँचेगा।
विमान अगले दिन दोपहर तीन बजे पहुँचेगा।"
सिर्फ़ ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस ही
अमेरिका के 70 शहरों को विदेशों में स्थित 15 विश्व केंद्रों से जोड़ती है।
पूरे देश, पूरी दुनिया में
निर्भर है…
टीडब्ल्यूए
टीडब्ल्यूए ही है सबसे बेहतर
जब तक मैं वापस नीचे आया,
बैठक की बत्तियाँ बुझ चुकी थीं।
और स्टीरियो के रेडियो वाले हिस्से से धीमी आवाज़ में संगीत बज रहा था,
"वाइव्स एंड लवर्स," जिसे जैक जोन्स ने गाया था।
उनकी सिगरेट अँधेरे में जल रही थी और उनकी बग़ल में व्हाइट वाइन का एक गिलास रखा था।
फिर मुझे फ़िक्र होने लगी कि उन्होंने लॉस ऐंजेलस जाने के बारे में जो कुछ कहा था,
हो सकता है वह सच ना हो।
हो सकता है वह उनके मन का एक सपना भर हो।
ओह, ख़ैर।
मैंने सोचा कि मैं अभी भी एक छोटी यात्रा के लिए पैसे बचा सकता हूँ।
शायद मुझे… मुझे अपने शेड्यूल दोबारा देखने पड़ेंगे।
मेरी नानी माँ के पास 1957 की प्लिमथ बेल्वेडीयर कार थी।
तो उसी में हम, 1962 के दिसम्बर में,
आइडलवाइल्ड हवाई अड्डे की ओर जा रहे थे और मैं फ़्लाइट 393 के बारे में सोच रहा था।
हम वहाँ कब पहुँचेंगे?
बच्चे, जब ऑडोमीटर 62 पर पहुँच जाएगा,
हम भी वहाँ पहुँच जाएँगे।
अब बड़े-बड़े बिलबोर्ड्स को देखना मज़ेदार लग रहा था,
जिनमें सफ़र के अलग-अलग अवसरों का प्रचार किया हुआ था, जैसे,
"पैन एम से उड़ान भरिए, सात घंटे में पैरिस।"
या "टीडब्ल्यूए, कैलिफ़ोर्निया जाने का सबसे अच्छा तरीक़ा।"
और अब मैं इस विमान में हूँ,
इस एयरलाइन की सबसे दूर की यात्राओं में से एक पर जा रहा हूँ।
विमान के इस पहले हिस्से में कुल मिलाकर लगभग 15 लोग थे।
मैंने एक हंटर्स कैप पहनी हुई थी जिसे मैं उतारना भूल गया था,
शायद बाहर ठंड से अंदर आने की वजह से ध्यान नहीं रहा।
तो बस, उड़ान भरते समय, मेरा चेहरा कुछ ऐसा था।
मुझे पता चल रहा था कि मेरी माँ मेरे लिए उत्साहित थीं,
लेकिन उस पल वह बस बेसब्री से विमान के उड़ान भरने का इंतज़ार कर रही थीं,
ताकि वह सिगरेट पी सकें और अपनी ड्रिंक ले सकें।
मुझे इंजनों के पीछे से आग निकलते हुए देखकर बहुत मज़ा आ रहा था।
फ़्लाइट के दौरान मिलने वाली मैगज़ीन के अनुसार,
वह एक प्रोपेलर इंजन के लिए बहुत सामान्य बात थी।
मेरे साथ उड़ चलो
चलो उड़ें, चलो दूर कहीं उड़ चलें
अगर तुम्हें कुछ विदेशी शराब चाहिए
तो दूर बॉम्बे में एक बार है…
जैसे ही हमने रनवे पर तेज़ी से दौड़ना शुरू किया, मुझे फिर से वही जादुई सा एहसास होने लगा।
और उसी लम्हे में, विमान हवा में उड़ गया।
मुझे यक़ीन नहीं हो रहा है मैं उड़ रहा हूँ।
मेरी माँ बिल्कुल सामने देखने लगीं,
और फिर वह मेरी तरफ़ मुड़ीं और मुझे देखकर मुस्कुराने लगीं।
मुझे अपनी माँ का वह चेहरा हमेशा याद रहेगा।
विमान का उड़ान भरना मेरी सोच से कहीं ज़्यादा सहज था।
पता नहीं क्यों, लेकिन उस रात अब तक जो कुछ भी हुआ था,
सब कुछ बिल्कुल सही लग रहा था।
कई सालों तक, चाहे मुझे कितने भी नकारात्मक अनुभव क्यों ना हुए हों,
मेरे हवाई अड्डे के लिए निकलने के समय से लेकर,
अपने गंतव्य तक पहुँचने तक,
मुझे ज़िंदगी सुरक्षित लगती थी और मैं ख़ुश रहता था।
मेरी माँ को मैनहैटन कॉकटेल पसंद थी,
लेकिन मुझे कोका कोला अच्छा लगती थी।
लिज़ हमारी सीटों के बग़ल में आकर खड़ी हो गई।
मैं आपके पीने के लिए क्या ला सकती हूँ?
- क्या मुझे एक कोक मिल सकती है? - ज़रूर।
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