Ghajinikanth

Ghajinikanth (கஜினிகாந்த்)

Tải xuống Phụ đề Hindi

Thông tin phát hành

Ghajinikanth WEBRip Amazon
Bình luận bởi IPlateex

Tags

webrip
web
BRip
Được xuất bản vào: 2022-06-14
Lượt tải xuống: 20
Khiếm thính: No

Xem trước phụ đề Hindi

200 dòng đầu tiên.

यह लो, यह लो, आओ, ले लो।

दर्द हो रहा है।

अपना हीरो संभाल लेगा, चलो।

ए!

हीरो!

तुमनें देखा वह?

सुनो...

...लगता है बच्चे को भी मज़ा आ रहा है।

ऐसा क्या?

जाहिर है, मेरा बेटा है।

क्या हुआ, दर्द हो रहा है?

क्या हुआ लक्ष्मी?

-बहुत दर्द हो रहा है। -क्या हुआ?

चलो, चलते हैं।

पकड़ो इसे, आओ।

भैया, क्या हुआ?

अरे, क्या हुआ?

कोई रिक्षा बुलाओ?

अरे, आओ, उसे उठाओ।

रिक्षा की जरुरत नहीं।

वह यहीं बच्चा देगी।

यहाँ बहुत औरते हैं, हम संभाल लेंगे।

संभाल कर!

अरे नहीं, मैं नहीं कर सकती।

उन्होंने हमारें हीरो को मार दिया।

रजनीकांत!

गजनीकांत!

गजनीकांत!

मैं शक्तिशाली दूधवाला हूँ... अरे... अरे!

आ जाओ प्यारे।

यह क्या है?

तुम भीग गये हो और उस केतली में क्या है?

उस केतली में क्या है?

दादी, क्योंकि दादाजी को पसंद है,

पापा ने फिश करी भेजी है।

अरे... अरे... अरे, मेरे प्यारे,

यहाँ आओ।

देखा तुमने?

मेरे पोते का उसके दादा के लिए प्यार।

हाँ सही है, कुछ ज्यादा ही प्यार।

इतने सालों से बेटा नजदीक ही रह रहा है।

आप उसे बुलाकर बात भी नहीं करोगे।

आप बडे अहंकारी हो।

देखो यहाँ, अपनें मतभेद को दूर करो,

क्यों उसे फ़ोन करके बात नहीं करते?

मैं भी उसके बारे में ही सोच रहा था।

तुम बस देखती जाओ,

मेरा पोता मुझे मेरे बेटे से मिलाएगा।

है ना रजनी?

एक काम करो,

अपने पापा को कल यहाँ आने को कहो। मुझें उससे बात करनी है।

मैं उन्हें कह दूंगा दादाजी।

अरे।

आजा, आजा, आजा।

दादाजी ने क्या कहा?

दादाजी।

दादाजी?

बताओ मुझे।

पापा, माँ ने फिश फ्राई बनाई है?

ए, ए, ए... रजनी!

अरे बताओ मुझे...

...तुम्हारे दादाजी ने क्या कहा?

-दादाजी... -रहने भी दो...

...उन्होंने कुछ नया नहीं कहा होगा।

उनकी बहन की लड़की को छोड़ दिया इसलियें वह गुस्सा हैं,

और उसके बदले मुझे ले आये।

माँ... दादाजी...!

क्या हुआ था? उन्होंने तुम्हारे पापा को डांटा?

ऐसा क्यों?

उन्होंने कसम ली होगी।

तुम क्यों अपने बेटे के मुंह से ऐसा सुनना चाहते हो?

पापा!

पापा!

पापा, क्या हो गया?

क्या हो गया माँ?

वह कब से तुमसे मिलना चाहते थे।

और तुम अब आ रहे हो उनके बोलना बंद करने के बाद।

अब भी...

...उन्होंने मेरे साथ बात करना नहीं सोचा।

उन्होंने तुम्हें बुलाया था, पर तुम आये ही नहीं।

इसलियें वह इस अवस्था में हैं।

किस के साथ कहलवाया था?

तुम्हारे बेटें रजनी के साथ।

मेरे बेटे के साथ?

ए, दादाजी ने मुझे आकर उनके साथ बात करने को कहा था?

हाँ!

तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?

पापा मैं भूल गया।

रामनाथन और मैं बचपन से अच्छे दोस्त हैं।

वह रजनी रामनाथन,

और मैं कमल विश्वनाथन।

शादी के बाद, जब उसके यहाँ बेटा पैदा हुआ,

उसने नाम रखा, रजनीकांत।

मैं कैसे चुप रह सकता हूँ?

जब मेरे घर बेटी पैदा हुई,

मैंने उसका नाम कमली रखा।

जैसे रजनी और कमल अच्छे दोस्त हैं,

हम एक कदम आगे बढे।

हम दोनों ने संबधी बनने का फैसला किया है।

पुरानी यादोँ में नहीं जाते हैं।

देखो बेटा तैयार है की नहीं और उसे नीचें आने को कहो।

अरे! हटो, हटो।

यहाँ क्यों खडे हो? वह कहाँ है?

वह अंदर तैयार हो रहा है।

अरे, जल्दी आओ, सब तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं।

मैं तैयार हूँ, आ रहा हूँ।

उसनें कहा वह आ रहा है, तो चलो चलते हैं।

नमस्ते अंकल!

इतने हैरान क्यूँ हो अंकल?

बच्चा, जो चड्डी में घूमता था,

वह बड़ा होकर सुंदर नौजवान बन गया है।

तुम अभी भी अपने बचपन के कपड़ो में ही हो।

-क्या बोल रहे हो? -नीचे देखो।

मुझें लगा तू बड़ा हीरो बनेगा बिल्ला, रंगा, बाशा की तरह।

तुम धर्माथिन थलाइवन के रजनी बनने के लिए बडे हुए हो।

वह भी उनके दूसरा जन्म जैसा।

तुम रजनीकांत नहीं हो।

तुम गजनिकांत हो।

बहुत हुआ!

डींगे हांकना बंद करो।

दूसरा रिश्ता ढूंढो।

अब आखरी रास्ता बचा है हमारे लिए।

अगर वह भी काम नहीं आया,

ख़तम! ख़तम!

ए!

ए!

-सर। -क्या कर रहे हो?

फसल पर दवाई छिड़क रहा हूँ।

ए!

अगर हम दवाई खाते रहे, क्योंकि वह मौजूद हैं।

वह जहर में बदल जाएगी।

और शरीर को कुछ भी करने के लिए नाकारा बना देगी।

जरुरी नहीं अगर वह पौधा हैं या पेड़...

...और इस हिसाब से, इंसान भी।

देखो यहाँ, मिटटी को ख़तम करने...

...के बाद कितना भी इसमें खाद डालो।

वह फिर भी जहर ही रहेगा।

रामनाथन, यह सत्यमूर्ति है।

यह किसानो के भगवान के जैसे हैं।

यह हमेशा किसी भी चीज़ के लिए प्राकृतिक तरीकें अपनाते हैं।

अगर संक्षेप में कहूँ तो,

अरे गुना, कहानियों में घूमना बंद करो।

मैं तो सच बोल रहा था, और मैं बस बता रहा था।

नमस्ते!

-रामनाथन। -सत्यमूर्ति।

चलों वहां चलते हैं और बैठते हैं।

इसका बेटा वैज्ञानिक हैं, तुम्हारी तरह।

-क्या? -जूनियर वैज्ञानिक...

...पर धीरे धीरे वहां पहुँच जायेगा।

उसका नाम रजनीकांत है।

नाम की तरह,

वह हीरो की तरह ही दीखता है।

वह उसकी तरह ही है।

चाहे कितना भी ऊँचा क्यों ना हो जाए,

वह संस्कारी है और बड़ों का आदर करता है।

वह ऐसा ही है।

और आपका बहुत आदर करता है।

जब हमने कहा आपकी बेटी है।

उसनें कहा देखने की भी जरुरत नहीं,

बस जाओ और सीधा शादी तय कर दो।

वहीँ रुक जाओ।

मुझें गलत मत समझना...

...क्या आपके लडके में कोई कमी है?

सर, आप मुझे अपनी जाँच से छोड़ सकते हैं।

मेरे बेटे को नहीं।

अरे नहीं, आप मुझें गलत समझ रहे हैं।

देखो यहाँ, अगर पत्ते पर एक छोटा सा भी दाग हो।

मैं हर पहलु पर विचार करता हूँ।

यह मेरी बेटी का जीवन है।

मुझें १०० बार सोचना पड़ेगा।

मिस्टर रामनाथन।

मैं आज जाऊंगा और आपके बेटे से मिलूँगा।

अगर मुझे वह पसंद आया,

तो हम इसे आगे बढ़ाएंगे।

क्यारे? सेटिंगा?

मैं, वेंगैयाँ का बेटा, अकेला खड़ा हूँ,

-बोलो पापा। -ए!

अभी मैं मिला लड़की के बाप से, सत्यमूर्ति।

वह लैब पर आयेंगें और तुम्हें मिलेंगे।

अच्छे से बात करना!

अच्छा... ठीक है!

और, गुना ने बढ़िया उमीद दिखाईं है उन्हें।

कहते हैं लड़की बहुत ही खुबसूरत है।

ध्यान रखना।

गुना अंकल ने सच ही कहा है।

बस आधे घंटें में, वह मेरा नाम दुल्हा से सेव करेंगे,

और आप को फोन आएगा संबधी जी कहते हुए।

अरे, अरे, अरे, अरे!

मुझे ऐसी हरकतें दिखाने के बजाए,

भूलना मत जो मैंने तुम्हें कहा है।

यह कैसा है? तुम्हें बिना भूले बोलना है।

समझ गये?

क्योंकि आप मुझें डराते रहते हैं, मैं सबकुछ भूल जाता हूँ।

अरे सच में?

वरना, याददाश्त की दवाईयों का ब्रांड एम्बेसडर बन जाता।

फ़ोन रख।

दोस्त!

कोई सत्यमूर्ति तुमसे मिलने आये हैं।

ठीक है!

क्यारे? सेटिंगा?

Bình luận

No comments yet. Be the first to leave one.

Keep it about this subtitle — sync, quality, typos.500 characters left