প্রথম 200টি লাইন।
कनाडा किस तरह का देश है?
जिस तरह से आप इसे देखते हैं यह उस पर निर्भर करता है।
नोवा स्कोटिया, कनाडा के महासागर में मज़ा करने की ज़गह।
मैं इसकी राजधानी के शहर, हैलिफ़ैक्स, में बड़ी हुई।
आप किसी भी दिशा में एक घंटे से कम कार में जाएँ
और आप अपने आप को पाएँगे सुंदर सागर के तट पर बिल्कुल चिंतारहित।
एक तरह से नोवा स्कोटिया कनाडा का वह रूप है
जो शोरगुल से दूर है
और जिसे बहुत सारे लोग कनाडा मानते हैं।
बचपन में मेरे लिए इस प्रांत की यह छवि थी।
प्रकृति से जुड़ा, खुले दिल वाला...
और हर तरह के लोगों का स्वागत करने वाला।
आख़िरकार, कनाडा अपनी जानता का ध्यान रखता है।
-क्या तुम कनाडा वासी हो? -क्या...
हमारे यहाँ स्वास्थ्य देखभाल सबके लिए उपलब्ध है।
चौदह साल पहले सबको शादी करने का हक हक़ीक़त में बदल गया था।
और हम दुनिया में दूसरा देश हैं जिसने चरस को वैध बनाया है।
चरस, चरस
पर जब आप गहराई में देखते हैं,
तो इस परिपूर्ण रूप में दरारें दिखने लगती हैं।
पाइप नहीं, बिल्कुल नहीं!
पर्यावरणीय जातिवाद रोको आमजीवनांग के साथ एकजुटता
राजनेता वदा एक बात का करते हैं पर काम कुछ और करते हैं...
हमारा उपनिवेशवाद का इतिहास आज भी जारी है।
चेतावनी: यहाँ से तेल का पाइप जाता है
और हर रोज पर्यावरण को बचाने के हमारे मौके कम होते जा रहे हैं,
क्योंकि ऐसा लगता है कि सरकार के लिए व्यवसाय के हित जनता की चिंताओं
से ज़्यादा ज़रूरी हैं।
जैसे-जैसे मुझे और पता चला तब मेरे पास इसके बारे में खुल कर बात करने के सिवा
कोई और चारा नहीं रहा।
क्या आपके पास कोई विचार है कि हम कैसे जानता और मीडिया
का ध्यान वैश्विक तापमान के बढ़ने की तरफ़ खींच सकते हैं?
मैं यह भी कहना चाहती हूँ
कि लोग, ख़ासकरके सबसे अधिकारहीन लोग,
और ख़ासकरके दुनिया में वो लोगो जिनका इस सबसे कोई संबंध नहीं था,
वही लोग इस समय सबसे ज़्यादा कष्ट सह रहे हैं।
जिसमें कनाडा भी शामिल है।
और जो पर्यावरण जातिवाद कनाडा में हो रहा है वो भी शामिल है,
जिस में वह प्रांत भी है जहाँ से मैं हूँ।
ऐसा हो रहा है।
और यह उन लोगों के साथ हो रहा है जो सबसे अधिकारहीन हैं,
और हमें इसके बारे में बोलना चाहिए।
हैलिफ़ैक्स, नोवा स्कोटिया
नमस्ते। इंग्रिड।
-नमस्ते, इंग्रिड। -नमस्ते, इंग्रिड।
नमस्ते। मैं तुम्हारे लिए दरवाज़ा खोलती हूँ।
धन्यवाद।
मैं प्रोफेसर इंग्रिड वाल्ड्रॉन को मिलने जा रही हूँ
जिन्होंने नोवा स्कोटिया के पर्यावरण जातिवाद पर एक आवश्यक पुस्तक लिखी,
"देयर इज़ समथिंग इन द वाटर।"
आपको देख कर अच्छा लगा।
-आपका बहुत बहुत धन्यवाद। -तुमसे मिल कर अच्छा लगा। कोई बात नहीं।
मैं एक दिन अपने दफ़तर में जागी और मैं अपने ट्विटर पर गई।
मैंने एक नया प्रशंसक देखा। लिखा था "टाइनी कैनेडियन।"
"ऐलेन पेज, अभिनेत्री" नहीं लिखा था इसलिए मैंने इस पर ध्यान नहीं दिया।
और फिर मुझे लगता है मैं एक महिने बाद वापस गई
और मेरे ट्विटर पेज पर बहुत सारी टिप्पणियाँ थीं।
पहले कभी इतनी नहीं थीं।
और मैंने सोचा "हो क्या रहा है?"
और मुझे एहसास हुए यह तुम्हारे कारण था!
और वहाँ पर ही यह यात्रा शुरू हुई।
इंग्रिड
पर्यावरण जातिवाद एक ऐसी स्थिति,
एक ऐसी समस्या है,
जिसमें स्वदेशी समुदाय,
अश्वेत समुदाय, और दूसरे समुदाय जो श्वेत नहीं हैं,
उन्हें असमान मात्रा में पर्यावरण का बोझ,
और प्रदूषण और संदूषण को झेलना पड़ता है।
पर यह सरकार की धीमी प्रतिक्रिया के बारे में भी है, है ना?
इन मुद्दों के बारे में कुछ करना।
हम यह जानते हैं कि आप जहाँ रहते हैं
उसका असर आप के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
कनाडा में आपका पता आपका स्वास्थ्य तय करता है।
इसलिए हम जानते हैं कि कुछ समुदाय
कम स्वस्थ हैं उनके पते के कारण।
नोवा स्कोटिया के सबसे अधिक अफ़्रीकी
रहते हैं ऐतिहासिक अफ़्रीकी नोवा स्कोटिया के समुदायों में,
जो ग्रामीण समुदाय होते हैं,
और उन में से बहुत से जमीन में दफनाए गए कचरे के पास रहते हैं।
और हम यह भी जानते हैं कि स्वदेशी समुदाय
ज़्यादा मात्रा में ऐसी ख़तरनाक ज़गहों
में रहते हैं।
जब आप दूर रहते हैं, अदृश्य समुदायों में
जिनके लिए बोलने वाला कोई नहीं होता,
जो सरकार के लिए अदृश्य होते हैं
तो आपकी बात ज़्यादातर सुनी नहीं जाती।
आपको पर्यावरण जातिवाद को देखना होगा
नोवा स्कोटिया के इतिहास के संदर्भ में,
नोवा स्कोटिया और कनाडा में उपनिवेशवाद के संदर्भ में।
अनिच्छा है, कनाडा में एक झिझक है
जातिवाद की सच्चाई मानने में।
जातिवाद हमारे सारे सामाजिक संरचनाओं में उपस्थित है
और कनाडा में हम इस बात कतराके हैं।
जातिवाद और पर्यावरण जातिवाद का
रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर वास्तविक प्रभाव पड़ता है,
ख़ासकरके इन विशेष समुदायों को लो कर।
इसका असर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से
अश्वेत और स्वदेशी समुदायों पर पड़ा है।
अगर आप किसी विशेष समुदायों को योग्य नहीं मानते...
उनमें मानवता नहीं देखते...
उन्हें मूल्यवान नहीं मानते,
हम आम तौर पर ऐसा ही सोचते हैं उन लोगों के बारे में जो श्वेत नहीं हैं...
जो फिर बात समझ में आती है
कि आपकी प्रतिक्रिया वैसी नहीं होगी
जैसी वह एक श्वेत समुदाय के लिए होती क्योंकि...
क्योंकि यह समुदाय आपके लिए मायने नहीं रखते, व्यक्तियों के लिए।
इसलिए मुझे लगता है एक दूरी है, क्योंकि आप इन समुदायों से मिलने
और इन की प्राथमिकताओं को समझने में समय नहीं लग रहे,
इनके अनुभव, इनकी चुनौतियाँ
कभी भी पर्यावरण नीति में नहीं लिखीं जाएँगी।
इसके लिए ज़रूरी है कि आप इन समुदायों की बातें सुने
और आम तौर पर ऐसा नहीं हो रहा है।
अगर आप नोवा स्कोटिया के नक्शे को देखते हैं
और आप वहाँ निशान लगाते हैं जहाँ अश्वेत और स्वदेशी समुदाए रहते हैं
और फिर वहाँ निशान लगता हैं जहाँ कचरा दबाया जाता है और जहाँ विषाक्त उद्योग हैं
एक परेशान करने वाला संबंध स्पष्ट हो जाता है।
मैं ऐसे ही कुछ समुदायों की तरफ जा रही हूँ यह सुनने के लिए कैसे ये पर्यावरण के बोझ
लोगों के जीवन पर असर डालते हैं।
शेलबर्न
सबसे पहले मैं शेलबर्न के नगर में जा रही हूँ,
यह से बस 20 मिनट की दूरी पर है और यहाँ से मेरे परिवार के कुछ लोगा आते हैं।
बहुत लोग इसे एक उत्तम तटीय शहर मानते हैं
एक समय था जब शेलबर्न काउंटी में आज़ाद अश्वेत लोगों
की उत्तरी अमेरिका में सबसे ज़्यादा आबादी थी...
उनके वंशज अब ज़्यादातर शेलबर्न के दक्षिण छोर में रहते हैं।
पर 250 साल पहले जिस पल से वो यहाँ बसे थे,
अश्वेत नागरिकों को उनके श्वेत समकक्षों
जैसा बरताव प्राप्त नहीं हुआ।
यह एक ऐसी वास्तविकता है जिसका वो आज भी सामना कर रहे हैं...
क्योंकि जो कचरा शहर में 1940 में रखा गया था
वो आज भी, उसके हटने के सालों बाद, दक्षिणी शेलबर्न के निवासियों
पर बुरा असर डाल रहा है।
और जानने के लिए मैं स्थानीय कार्यकर्ता लुईस डेलिल से बात करूँगी।
ए, तुम्हें कुत्ते सच में पसंद हैं।
हाई, जान!
-यह इलाका बहुत सुंदर है। -हाँ।
हाँ, यह जगह बहुत सुंदर है।
मेरा परिवार लौकपोर्ट से है।
-हाँ, मैंने इसके बारे में सुना। -हाँ।
-इसलिए मैंने बहुत समय बिताया है... -मैं कुछ लोगों को जानती हूँ...
-क्या तुम फ्रेड पेज जानती हो? -...शेलबर्न में।
-फ्रेड? नहीं। -नहीं।
-मैं बस जानकी हूँ मेरे पिता थे डेनिस पेज... -लौकपोर्ट से।
डेनिस पेज, लॉरी पेज।
-मैं लॉरी पेज को जानती हूँ। -हाँ।
अरे। ज़ैक हमेशा यह कहता है:
"मेरा कजिन, मेरा कजिन, मेरा कजिन।"
-ज़ैक पेज। -लॉरी। मैं लॉरी को जानती हूँ।
-हाँ। -हाँ।
-हाँ। -बढ़िया है!
लुईस
जब से यहाँ अश्वेत वफादार आए,
जैसे मैंने कहा था, हम क़रारबद्ध थे।
जब हम यहाँ आएँ, हम अपने लिए
बेहतर हालात के वादे के साथ यहाँ आएँ, क्योंकि हम गुलाम थे।
बहुत सारे लोग यहाँ गुप्त रास्तों से आए
और जहाजों से बंदरगाह पर आए
और हम उन लोगों के वंशज हैं,
और मुझे बहुत ज़्यादा गर्व है
कि मैं उस अश्वेत वफादारों के
ताकतवर परिवार का हिस्सा हूँ।
40 की दशक की शुरुआत में वो इकट्ठा होना शुरू हुए।
तुम जानती हो लोग कैसे होते हैं।
वो अपने परिवार के पास इकट्ठे होते हैं।
और लोगों ने एक दूसरे के आसपास घर बनाने शुरू किए।
40 की दशक के अंत में...
उन्होंने तय किया वो डालेंगे...
उसे ढेरा कहते थे।
जहाँ सबकुछ डालते थे। कुछ भी छाँटा नहीं जाता था।
आपसास के सभी क्षेत्रों, शेलबर्न, और शेलबर्न नगर-पालिका
का सारा कचरा वहाँ जाता था।
वहाँ पर अस्पताल से भी कचरा था।
शायद वहाँ शरीर के हिस्से भी थे।
नौसेना के अड्डे से चीजें थीं,
हम नहीं जानते वहाँ से क्या ढेरे में क्या फेंका गया।
जहाज़ की मरम्मत करने के स्थान की चीज़ें जैसे रंगलेप और तेल।
वहाँ पर पुरानी कारें थीं।
दुकानों से खाना था,
वहाँ पर जनवरों को फेंका जाता था,
जैसे मृत जानवरों को।
वहाँ पर सबकुछ था...
उस ढेर में सबकुछ फेंका जाता था।
उन्हें उसे हटाना पड़ा क्योंकि वह एक कचरे के पहाड़ की तरह था।
इसलिए उन्होंने उसमें आग लगा दी।
और वह काफ़ी दिनों तक जलती...
बिना अंत के, और गंध बहुत बुरी होती थी।
और धुआं
तुम्हें लपेट लेता था।
आप अपनी खिड़कियाँ नहीं खोल सकते थे।
मुझे याद है कि...
कोई कहता, "ढेर में आग लगी है।"
सबसे पहले, गंगा-चिल्ली बहुत जोर से चिल्लाने लगती थीं।
और फिर वो चली जाती थीं।
और धुआं एक काले बादल जैसा होता था।
और जब वह बुझने लगती,
या बारिश होती तो
हर चीज़ पर कालिख होती थी।
मुझे याद है सुबह उठ कर विद्यालय जाना
और हम भाग्यशाली होते थे अगर हम विद्यालय पहुँचते
और हममें से ऐसी गंघ नहीं आ रही होती थी कि हम किसी...
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