Eldonaj informoj

Bhooth Bangla 2026 HINDI WEB-DL NF
Komentaĵo de tedi
Retail NF | 2:43:00

Etikedoj

webdl
Publikigita je: 2026-06-12
Elŝutoj: 48
Aŭdhandikapuloj: Yes

Antaŭrigardo de Hindi subtekstoj

La unuaj 200 linioj.

ये बारिश रुक ही नहीं रही।

ट्रेन निकल गई होगी, पक्का।

किससे पूछें?

स्टेशन मास्टर से पूछते हैं।

आओ।

ये इधर।

-हैलो, सर। -भाईसाहब।

एक बजे वाली पैसेंजर गई क्या?

अरे, ये है कौन?

कुंभकर्ण का ताऊ।

-हैलो। -उठ जा, भाई।

सर।

1:00 बजे वाली पैसेंजर गई क्या?

जाने के लिए गाड़ी को आना तो पड़ेगा।

सभी ट्रैक पर पानी भरा है।

सभी ट्रेन लेट है।

कब आएगी ट्रेन?

जब आएगी तो दिख जाएगी।

अबे, चलो, यार। ये मेरे पापा जैसी बातें कर रहा है।

भाई!

भाई, क्या ठंड है!

-जस्सी पाजी। -हाँ?

वहाँ देखो, यार, किसी ने आग जलाई हुई है।

-वहाँ चलते हैं। -हाँ।

-चलो। -चलो, चलो।

नमस्ते, बाबा जी। थोड़ी ठंड लग रही है। बैठ जाएँ यहाँ?

मैं क्या बाबा जी, आप यहीं से हैं?

बोलता नहीं है।

वो क्या है जी, हम लोग दिल्ली से आए थे एक दोस्त की शादी में।

वहाँ लोग बता रहे थे कि यहाँ सालों पहले शादियाँ नहीं होती थीं।

शादी के दिन दुल्हनें गायब हो जाती थीं।

एक समय था जब ऐसा होता था।

बहुत साल पहले की ये बात है।

टाइम क्या हुआ है?

अरे, भाई, अभी सिर्फ सात ही बजे हैं। चिंता मत करो।

एक घंटे में लखनऊ पहुँच जाएँगे।

10:30 बजे की फ्लाइट है। बड़ा टाइम है अपने पास।

अरे, क्या हो रहा है, भैया?

आगे से नहीं जा सकते। बारिश की वजह से पेड़ गिर चुका है सड़क पर।

पर हमें तो लखनऊ पहुँचना है एक घंटे में।

ये वाली सड़क से तो नहीं जा पाओगे।

बहुत सारे पेड़ गिरे हैं वहाँ।

मंगलपुर से होकर जाओ।

मंगलपुर?

अरे, क्या सोच रहे हो?

वो जो बोल रहा है, उस रास्ते से चलो ना।

फ्लाइट पकड़नी है, भाई।

पर… वहाँ खतरा है, साहब।

क्या खतरा है वहाँ पर?

सर, दूल्हा-दुल्हन का शादी के बाद

उस रास्ते से जाना मना है, साहब।

क्यों?

सर, लोग कहते हैं कि दुल्हन को राक्षस उठा ले जाता है, साहब।

अरे, क्या बकवास है ये!

ऐसी बातों पर हम यकीन नहीं करते।

चल, गाड़ी निकाल!

साहब, बकवास नहीं है, साहब।

मैं भी मंगलपुर से हूँ।

12 साल पहले आखिरी दुल्हन गायब हुई थी।

तब से किसी ने ना शादी की,

ना ही कोई नई नवेली दुल्हन वहाँ गई है, साहब।

अबे, तेरी लोक कथा के चक्कर में ना हमारी फ्लाइट छूट जाएगी।

चुपचाप से बस मोड़ और चल!

अब क्या हो गया?

सर, टायर तो पंक्चर हो गया।

अरे, यार।

सबको नीचे उतरना पड़ेगा।

आप आराम करो। मैं टायर बदलकर फिर सबको बुलाता हूँ।

बहुत ठंड लग रही है।

आप यहाँ आ जाओ।

तुम बैठो। मैं चाय लेकर आती हूँ।

-जी। -आओ। बैठ जाओ।

-आप भी शॉल ले लो। -हाँ, हाँ।

आज बहुत ठंड हो गई है ना अचानक?

कोई नहीं, गर्म-गर्म चाय पीजिए।

सासु माँ।

अरे, यार!

सिग्नल भी नहीं मिल रहा, चाचा।

मुझे नहीं लगता हम फ्लाइट पकड़ पाएँगे।

हे भगवान! कहाँ फँस गए?

-ठंड भी बढ़ती जा रही है। - चाय लेंगे?

हाँ, धन्यवाद।

साथ में रहिए।

अब समझा तुम क्यों कह रहे थे,

कि दुष्यंत महाराज को किसी से मिलना नहीं था।

डॉक्टर कह रहे थे,

भयंकर छूत वाली बीमारी थी।

40 दिन तक कमरे से बाहर ही नहीं आए।

पूर्णिमा के दिन मिले थे आखिरी बार।

जब पूजा करने आए थे महल में।

तब भी कह रहे थे कि मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है।

पिछले दो हफ़्ते से खाना खाने ये बाहर ही नहीं आए अपने कमरे से।

उनके कमरे के बाहर थाली रखी थी।

आज सुबह जब बाहर आया तो थाली वहीं पड़ी थी।

तब पता चला ये…

बड़े महान व्यक्ति थे दुष्यंत आचार्य।

आखिरी समय में कोई उनके पास भी नहीं जा पाया।

पता नहीं, किसकी किस्मत में ये सारी संपत्ति है?

लंदन

ऑक्सफ़ोर्डशायर काउंटी काउंसिल

डॉ. वासुदेव आचार्य डी.लिट. धर्मशास्र

अब जो मैं बोल रहा हूँ, वैसे ही बोलो।

बोलो।

अरे, मंत्र का उच्चारण सही करो। बोलो।

ये कहाँ से लेकर आए हो इस मंदबुद्धि को?

कहाँ से लेकर आए हो इस मंदबुद्धि को?

मज़ाक उड़ा रहे हो मेरा?

अरे, मज़ाक नहीं-- आप ही ने तो कहा जो आप कहेंगे वो मैं कहूँ।

वही तो बोल रहा हूँ।

कन्या को बुलाओ।

शीला, कन्या को लेकर आओ।

आ गई।

ये कौन लेकर आ रहा है कन्या को?

अरे, कन्यादान करने के लिए कन्या का पिता ही कन्या को लेकर आएगा ना!

बिल ब्रायसन लगभग हर चीज़ का संक्षिप्त इतिहास

कन्या को वरमाला दो।

अरे मूर्ख… दाएँ हाथ में पकड़ो वरमाला।

दाएँ हाथ से, अर्जुन।

कन्या, माला वृक्ष को पहनाओ।

अब वृक्ष को टीका लगाइए।

वृक्ष को!

पेड़ को।

अब तलवार लो।

तलवार उधर है।

काटो।

वृक्ष को काटना है, वृक्ष को!

तो ऐसा बोलिए ना। मेरा काम ये रोज़ का है क्या?

आप भी कमाल करते हैं!

काट, भई।

महाराज, इसलिए ये शादी नहीं हो रही है।

पूरे परिवार में दोष है।

अब मीरा और ये राहुल… दोनों विवाह कर सकते हैं।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में द्वादशी तिथि को ये विवाह संपन्न होगा।

यानि आपके हिसाब से 13 नवंबर।

पापा।

मेरा वेडिंग डेस्टिनेशन फिर से बदल गया है।

-उदयपुर में नहीं हो रहा है? -नहीं।

क्योंकि उदयपुर महल पानी के बीचों बीच है ना।

और राहुल की दादी को पानी से डर लगता है, इसलिए…

पानी से डर लगता है तो वो बुढ़िया नहाती नहीं है क्या?

अर्जुन?

वो गुजरात वाले किला का क्या हुआ?

वहाँ की वास्तु खराब है तो वहाँ भी नहीं हो सकता।

लो।

मैं तो वैसे भी इस शादी के खिलाफ़ था।

वो तो तुम राहुल को चाहती थी, इसलिए मैं मान गया।

अब उन लोगों को नर्क में शादी करनी है तो करने दो।

मुझे बुला लेना, मैं आकर कन्यादान कर दूँगा।

वैसे, एक और बात।

मैं कल सिडनी जा रहा हूँ। सेमिनार है।

इसके बीच में ना तुम दोनों मुझे कुछ पूछना मत।

पापा।

ये लीजिए।

पापा, आपने भैया के बारे में कुछ बताया नहीं?

देखो, मैं बहुत गरीब आदमी हूँ।

मेरे पास इस घर के अलावा कुछ नहीं है।

देखो, मैं बहुत गरीब आदमी हूँ।

इस घर के अलावा मेरे पास और कुछ नहीं है।

करेक्ट।

लेकिन पापा, भैया को बहुत लोन चुकाने हैं।

और काफी लोगों ने उन पर केसेस भी किए हैं।

तो मैंने बोला था लोन लेने के लिए?

मैंने बोला था उसे लोन लेने को?

बच्चे स्कूल के बाद कुछ ऐसा पढ़ते हैं,

जो ज़िंदगी में काम आए।

ये नया है।

और उसने क्या किया?

एनाकोंडा पकड़ने चला गया।

ताइक्वांडो सीखने गए थे भैया।

कुछ भी!

अपने बाप के पैसे से कौन हाथापाई सीखने जाता है? कौन?

हाँ, हाँ!

आऊँगा, आऊँगा।

कोई नहीं है फ़ोन में। सब सुन लिया ना?

या रिपीट करूँ?

अब सुनो…

वो जैसा भी है, मेरा बेटा है।

तुम्हारी शादी हो जाने दो, उसके लिए मैं सबकुछ करूँगा।

और उसे बताना मत।

नहीं तो चार आदमी से वो उधार ले लेगा।

हँस क्यों रही हो?

-बाय। -बाय।

-गुड मॉर्निंग। -गुड मॉर्निंग।

पर उन्हें बताना नहीं मैंने आपको बताया, वरना वो मुझे मार डालेंगे। ठीक है?

वो अब भी मुझसे प्यार करते हैं इतना?

"वो अभी भी मुझसे प्यार करते हैं इतना?"

हाँ!

सुन, कोई भी मेरे बारे में पूछेगा ना,

कह देना, मैं मर गया हूँ। क्या बोलेगी?

मैं मर गया हूँ। सुन!

बेवकूफ़।

जी?

क्या आप बता सकती हैं मुझे मीरा आचार्य कहाँ मिलेंगी?

मैं ही हूँ।

मिस आचार्य।

मैं हूँ रिचर्ड गार्डनर।

स्मिथ एंड एसोसिएट लॉ फर्म से।

ऐतराज़ ना हो तो हम थोड़ी देर बात कर सकते हैं?

क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?

ज़रूर। आइए।

Komentoj

No comments yet. Be the first to leave one.

Keep it about this subtitle — sync, quality, typos.500 characters left