ആദ്യത്തെ 200 വരികൾ.
हैलो, दोस्तो। तो अभी आपको दुल्हन का कमरा दिखाने वाली हूँ।
यह प्यारी, हसीन, ख़ूबसूरत उलट-पलट सजावट हमने की है।
तो माहौल सेट है।
बाहर मंडप भी सेट है, दुल्हन की सहेली… नज़र न लगे, काफ़ी सेट है।
पर अब हमारी सुंदर, हसीन, प्यारी दुल्हन से मिलने का समय है।
- टाडा! -अवनी कालरा, यह क्या बकवास… धत्!
ठीक है, दोस्तो, तो मुझे गुस्सैल दुल्हन की उम्मीद नहीं थी।
आपको बताती रहूँगी। तब तक साथ बने रहिए। सारे अवनीयनों को ढेर सारा प्यार।
बाय!
NETFLIX ओरिजिनल सीरीज़
-ऐसा फिर कभी मत करना। -तू और तेरी इंस्टा लाइफ़, अवी।
मेरी ज़िंदगी का क्या? असली ज़िंदगी?
रियलिटी शो बना रखा है। मम्मी भी फ़ॉलो करती है तुझे।
इतनी गुस्सा क्यों है?
पता नहीं। तू इतनी खुश क्यों है?
क्योंकि मेरे दो जिगरी दोस्तों की शादी है।
मतलब, मैं बारात में भी नाचूँगी और रिबन के टाइम पैसा भी कमाऊँगी।
यार, मैं क्या कर रही हूँ, यार?
इतने बड़े परिवार और उनकी उम्मीदों से कैसे निपटूँगी?
अभी उन्होंने वीडियो कॉल पर मुझे प्रणव की बीवी और चोपड़ा जी की बहू बोला है।
बीयर से मेरा पेट फूल रहा है क्या?
-हमें बस टकीला ही पीना चाहिए न? -नहीं!
मेरा क्या? सुनैना देव।
कुछ नहीं होगा, यार। अपना यही नाम रख लेना, सुनैना देव चोपड़ा।
जैसे, करीना कपूर खान। मेरा परफ़्यूम कहाँ है?
अभी तो कॉलेज से निकली हूँ, यार। कितने-कितने सपने देखे थे।
कुछ उखाड़ा भी नहीं है। मेरी पूरी ज़िंदगी बदल जाएगी, यार।
कुछ नहीं होगा, यार, तेरी पूरी ज़िंदगी को।
तू हमेशा से ही ऐसी है। ऐन वक्त पर तेरी हालत खराब हो जाती है।
ज़्यादा सोचकर मज़ा खराब मत कर, यार।
-मेरा परफ़्यूम कहाँ है, यार? -अवी!
क्या हो गया?
तू पागल है? इतना थोड़े सोचते हैं। शादी ही तो है।
अच्छा, सुन। सुसु….
सुन।
अच्छा, तूने ये भी तो सपने देखे थे न करियर के साथ-साथ,
कि प्रणव के साथ क्या घर होगा, शानदार कमरा होगा, वगैरह-वगैरह।
गोवा में मस्त डेस्टिनेशन वेडिंग होगी। बस 50 लोग, परिवार के लोग।
पर 200 लोग आ जाएँगे। यह सब भी सोचा था न तूने?
हो रहा है अब।
मज़े कर। इतना मत सोच।
एक बार तू प्रणव को देखेगी, तो सब भूल जाएगी। और तू सोचेगी…
"अच्छा, आखिरकार यह हो रहा है।"
ठीक है?
ठीक है?
मुझे पता है तू कैसे ठीक होगी?
टकीला!
हाँ, जय देख रहा है। कोई नहीं, पूछ लूँगी उससे।
-संभाल लेना। अच्छा। -चिंता मत कीजिए।
आंटी!
-कितने अच्छे लग रहे हो आप? -शुक्रिया। वो सुनैना…
हाँ, मैं हूँ न उसके साथ, आंटी। क्या…
सरप्राइज़ एंट्री प्लान करी है न आपके लिए।
यह भी कोई वक्त है क्या?
क्या, आंटी!
हम एक बार जीते हैं, एक बार मरते हैं,
शादी भी एक ही बार होती है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो।
-मतलब, आप समझ गईं न। करने दीजिए न। -अरे…
मैंने कहाँ मना किया?
हर चीज़ की मनमानी तो करती रहती है।
और सब कुछ न हमेशा आखिरी वक्त पर।
चलो, करो! मैं जा रही हूँ।
सु! बेटा, आज शॉट्स नहीं, शूट आउट हो जाता।
आंटी इस कमरे में आने ही वाली थीं, जो हम जैसा महक रहा है।
कहाँ है? पॉटी कर रही है?
सु?
अवी मुझसे न होगा! माँ को संभाल लेना प्रणव से कहना, माफ़ कर दे। प्यार
सत्यानाश!
प्रणव? हाँ, कितनी देर?
माफ़ करना, यार। यहाँ से कम-से-कम एक-दो घंटा।
हाँ, कोई जल्दी नहीं है।
बढ़िया! हम इंतज़ार कर रहे हैं। बाय!
-सु। -मैडम।
बाथरूम उस तरफ़ है।
मुझे सीसीटीवी फुटेज़ देखने हैं। क्या मेरी मदद कर पाओगी?
नहीं, मैडम। आईटी वाले छुट्टी पर हैं।
मैडम! कुछ खो गया है क्या?
मेरा भेजा!
ए मुश्किल है। फ़ौरन अस्पताल जाना है।
मेरी मदद करोगे? हाँ?
-हाँ, ज़रूर। आओ। -बढ़िया। अच्छा। हटना।
नज़दीकी अस्पताल जाना है या कोई ख़ास अस्पताल?
-हाँ? -अस्पताल?
-लड़की वाले या लड़के वाले? - क्या?
मतलब, शादी में आए हो न?
मतलब, लड़की की तरफ़ से हो या लड़के के?
मैं तो दोनों तरफ़ से हूँ। दरअसल, बीच में से हूँ।
मैं वेडिंग प्रोजेक्ट मैनेजर जय हूँ।
बढ़िया। ठीक है। सही है। लाजवाब।
हैलो, यार। अच्छा, जस, एक छोटा सा काम था, यार।
एक काम कर। रिसेप्शन से सुनैना के कमरे की चाबी ले ले
और खुद को अंदर बंद कर ले। हाँ, वह मेरे साथ है।
परिवार के लिए बड़ा सरप्राइज़ है! तू भी इसमें शामिल हो जा।
तुमसे प्यार है। बाय।
मैडम…
अगर ज़रूरी न हो, तो मैं लौटना चाहूँगा। मुझे कई काम करने हैं।
अगर तुमने मेरी मदद नहीं की, तो करने को कुछ बचेगा ही नहीं।
रोको!
भैया, इसको देखा है?
नहीं, मैडम।
-ठीक से देख लो! थोड़ी देर पहले आई होगी! -भाग गई?
-किसी और के साथ? -ओए!
हमें उसे ढूँढ़ना होगा।
हमें? हम कौन?
हम। तुम और मैं। हम।
एक सेकंड।
किसी और को नहीं पता है?
वाह! शुक्रिया। मुझे लग रहा है कि….
मैं ख़ास हूँ।
पता है, शायद सबसे पहले हमें परिवार को बताना चाहिए।
शांत। परिवार को कोई कुछ नहीं बता रहा है।
मेरे दो जिगरी दोस्तों की शादी है, जिसमें से एक गायब है।
उसे ढूँढ़ना मेरा काम है।
पर मेरा काम तो नहीं है न?
मेरा अपना काम है, जो दाँव पर लगा है।
कैसे आदमी हो? यहाँ शादी दाँव पर है, तुम्हें काम की पड़ी है अपनी।
सुनो, अपनी वह मर्ज़ी से भागी है न। शायद वह मिलना ही नहीं चाहती।
वह बस घबरा गई है।
मैं बचपन से जानती हूँ उसे। उसे यही चाहिए।
जो भी हो। पर यह उनका आपसी मामला है, यार। मेरा कुछ लेना-देना नहीं है इससे।
दरअसल, मेरी टीम तो बहुत खुश होगी। उनका बरसों पुराना सपना पूरा हो गया।
दुल्हन भाग गई, शादी रद्द, मुफ़्त में पैसे मिल गए।
छी।
चुप रहना बस। बाकी मैं संभाल लूँगी।
क्या कर रहे हो, यार? आराम से। प्लीज़, आराम से।
-अच्छा, आराम से। कोई समझौता कर लेंगे। -
बहुत पैसे हैं मेरे पास। बहुत पैसे हैं।
-उसकी माँ को दिल की बीमारी है। -एक सेकंड।
-हैलो। - हैलो?
-हैलो, जैकब? अरे! एक सेकंड… -साले! फ़ोन रख!
-एक सेकंड। हैलो, जैकब! - जय?
पंडित जी को लेने जा रहा हूँ। एक-डेढ़ घंटा लगेगा।
परोमा को बता देना।
सुनो, बारात जब तक नहीं आएगी, लड़की वाले छुप-छुप के खाएँगे।
- हाँ। -तो केटरिंग पर नज़र रखना।
-ख़ासकर छोले काउंटर। - समझ गया।
-फ़ोन करूँगा, ठीक है? - ठीक है।
पंडित जी, आपको लेने आ रहा हूँ। मुझे अपना लोकेशन भेज दीजिए।
पर थोड़ा समय लगेगा।
- -नहीं। पानी नहीं है।
इम्पाला
मैं ड्राइवर नहीं हूँ, मैडम।
कितनी अजीब हो तुम!
इतना भरोसा नहीं है कि किसी को बताऊँगा नहीं,
पर इतना है कि मुझे बिना जाने मेरी गाड़ी में बैठ गई।
तुम मुझे धोखा देने वाले नहीं लगे।
देखो…
पर सवारी तो दे रहा हूँ।
बस यह नहीं पता कि कहाँ ले जा रहा हूँ।
सही कहा।
मुझे न बहुत ज़ोर से एहसास हो रहा है कि वो न मिगेल्स में है।
-मिगेल्स। वो पेस्ट्री शॉप? -हाँ, यार।
आमतौर पर लोकेशन फ़ॉलो करते हैं हम लोग। एहसासों को कौन करता है?
तो क्या हो गया? ऐसा कोई नियम है क्या कि पाँच साल साथ रहो, तो शादी करनी पड़ती है।
-खुशहाल जीवन की बात बकवास है। -आपका ऑर्डर।
-बाकी और… -मिस्टर मिगेल, माफ़ कीजिएगा।
आपने इसको देखा है?
नहीं देखा है।
-प्लीज़ आप ठीक से देख लीजिए एक बार। -नहीं देखा न उन्होंने।
तीन बार पूछने से दिख थोड़ी जाएगी।
मदद के लिए शुक्रिया। चीज़ केक के मज़े लो।
तनाव होने पर मुझे मीठा चाहिए होता है।
स्ट्रेस्ड का उल्टा होता है न डेज़र्ट्स। स्ट्रेस्ड, डेज़र्ट्स।
-पापा जोक्स। -पापा जोक्स क्या?
इंस्टाग्राम पर यह खूब जमेगा।
हम्म?
अच्छी दिख रही हो। एक निवाले से कुछ नहीं होगा।
कल की पूल पार्टी में अच्छी दिखना चाहती हूँ।
कल पूल पार्टी तब होगी, जब आज शादी होगी।
पर तुम क्यों गए?
किसी इन्टर्न को भेज देते न।
- नहीं, मैं… -बेवकूफ़ हो क्या?
परोमा, वो शादी का एमवीपी है, यार। एकदम उलझा हुआ लग रहा था।
उसे लेकर आ जाऊँगा। चिंता न करो।
जो चाहे करो, जय।
परोमा, पंडित जी के बिना तो शादी हो भी नहीं सकती न।
उसे लाना ही था। सोचा मैं ही चला जाता हूँ।
उसे समय पर पहुँचा दूँगा।
सुन, दिक्कत नहीं होगी। मैं आ जाऊँगा।
हैलो, परोमा!
परोमा, सुन। परोमा।
हैलो। हैलो?
उसने तुम्हारा फ़ोन काट दिया?
वह मेरी बॉस है।
तो? मुझे धौंस जमाने वाले पसंद नहीं।
अच्छा? फिर तो तुम खुद को बिल्कुल पसंद नहीं करती होगी।
मैंने कब धौंस जमाई?
-मैंने मदद माँगी थी। -मदद?
धोखा दिया तुमने। झूठ बोला था मुझसे। पर शिकायत नहीं कर रहा हूँ।
पर वह नहीं मिली, तो जल्द ही शिकायत करूँगा।
पर ढूँढ़वा तो तुम रहे नहीं।
हैलो, यार। अच्छा, सुन न, शौर्य।
एक छोटा सा काम था। पता है न सुनैना कितनी लापरवाह है।
उसका फ़ोन खो गया और फ़ोन ऑफ़ है।
और हमें उसे फ़ौरन ढूँढ़ना है।
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