ആദ്യത്തെ 200 വരികൾ.
नारकोटिक्स ड्रग्स का सेवन या तस्करी कानूनन प्रतिबंधित है और दंडनीय अपराध है।
इस फ़िल्म निर्माण के दौरान किसी भी जानवर को क्षति नहीं पहुँचाई गई है।
इस फ़िल्म के कुछ दृश्यों में जानवरों को कम्प्युटर ग्राफिक्स से दिखाया गया है।
महिला या बच्चों के विरुद्ध हिंसा दंडनीय अपराध है।
मंज़िल से ज़्यादा सफ़र ज़रूरी है
अरे, 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' नहीं मिला। 'द हिंदू' चलेगा न?
ये मोहन पोथन किस रूम में रुके हैं?
203 में।
मोहन पोथन सर?
- अप्पूटी? - हाँ जी।
थॉमस सर ने आठ बजे तक पहुँचने को बोला था।
ओह, शार्प!
- कुछ खाया? - हाँ, खा कर आया हूँ।
- ठीक। तो फिर चलें? - बिल्कुल।
-ये बैग जीप में रखवा दो। -हाँ जी।
आपने कर्नाटक के ब्रह्मगिरी फॉरेस्ट के बारे में तो सुना होगा, नहीं?
आपने जिस काट्टुकुन्नु हिल्स के बारे में बताया, वो बिल्कुल उसके सामने ही है।
मतलब, वहाँ से कर्नाटक साफ दिखाई देता है।
बिल्कुल!
आप गरारी जानते हैं ना, गरारी?
वो एरिया पहाड़ों की एक गरारी जैसा है।
वे सब आपस में एक-दूसरे से गुंथे हुए हैं।
अगर एक पहाड़ केरल में है, तो अगला कर्नाटक में।
उसका अगला फिर केरल में।
आपको इस जगह के बारे में कैसे पता चला, सर?
एक पुराने जानने वाले से।
हम साथ में काम करते थे।
वो हमेशा कहता था कि उसका एक घर और काफ़ी ज़मीन है वहाँ।
वो ज़मीन और घर कुरियाचन के अलावा और किस का हो सकता है?
मैं कुरियाचन की ही बात कर रहा था।
ब्रीडर कुरियाचन?
सही कहा।
ओह! तो आप दोनों दोस्त हैं? अब समझा!
अरे!
ओफ़्फ़!
इसमें क्या है, सर? शेर है क्या?
अप्पूटी, बैग उठाओ और आगे चलो।
इसे मैं लेकर आता हूँ।
अरे कोई भूत नहीं निकल आएगा, अप्पूटी।
डरने की ज़रूरत नहीं है।
बस ये संबंध बनाने की तैयारी में है।
-कुतिया। -हाँ, हाँ। समझ गया।
लीनामोल
मानना पड़ेगा सर, काफ़ी अजीब आइडिया है।
कौन सा?
एक नाजायज बच्चा पैदा करने की ये तरकीब।
बहुत से लोग यहाँ देखने या जाल बिछाने के लिए आते रहते हैं,
ये कहते हुए कि काट्टुकुन्नु की पहाड़ियों वाले कुत्ते बढ़िया नस्ल के हैं।
जैसे उन दरिंदों पर इनकी कोई भी चाल काम कर जाएगी!
किसी ज़माने में ये नस्ल सिर्फ मलेशिया में पाई जाती थी।
दिखने में बिल्कुल हमारे यहाँ के आवारा कुत्तों जैसे ही लगते हैं,
लेकिन हैं बिल्कुल अलग किस्म के।
कुरियाचन और मैं एक बार उनका अध्ययन करने के लिए मलेशिया गए थे।
दुनिया में ऐसी कोई जगह बची है जहाँ कुरियाचन कुत्ते तलाशने ना गया हो!
ये सब उन्हीं कुत्तों के वंशज हैं जिन्हें कुरियाचन मलेशिया से लाया था।
आजकल तो मलेशिया में भी प्योर ब्रीड नहीं मिलती है।
- क्यों? - सब क्रॉस-ब्रीड हो चुके हैं।
अब, सिर्फ तुम्हारी काट्टुकुन्नु पहाड़ियों में ही ये असली ब्रीड बची है।
वैसे तो कुरियाचन हर चीज़ बर्बाद करने में माहिर है।
चलो, कम से कम उसकी वजह से कुत्तों की ये नस्ल तो बच गई!
आगे जाना है क्या?
सरकारी ज़मीन तो यहीं तक है।
यहाँ से ऊपर की 150 एकड़ ज़मीन कुरियाचन की है।
नहीं, रहने दो।
किसी की निजी संपत्ति में बिना पूछे नहीं घुसना चाहिए।
-अप्पूटी, सामान नीचे उतार दो। -हाँ।
वैसे भी, इससे आगे ना जाएँ तो बेहतर होगा।
बिना वजह उस औरत को डराने का कोई मतलब नहीं है।
कौन औरत?
मलाथी चेट्टाथी।
कुरियाचन की पत्नी, जो मलेशिया से है।
आप दोनों तो अच्छे दोस्त हो फिर भी आप उसके परिवार से नहीं मिले हैं?
अब भला उसके कितने लोगों से मिलूँ?
मैं तिरुवल्ला और त्रिशूर वाली उसकी पत्नियों से मिल चुका हूँ।
सुना है कि ये तब से उनसे नहीं मिला है
जब से ये मलेशिया वाली आई है।
हाँ, यही तो कमाल है मलाथी चेट्टाथी का।
ये कह सकते हैं कि उससे शादी करने के बाद कुरियाचन की किस्मत बदल गई।
सुना है कि वो थोड़ा बहुत मलेशियन काला जादू भी जानती है।
तो, कुरियाचन की तलाश कहाँ तक पहुँची?
अरे, कैसी तलाश!
अब तो कुछ… पाँच, छह साल हो चुके होंगे?
एक बार अखबार में खबर आई थी कि वो पेरुम्बावूर में अपनी किसी औरत से मिलने गया था।
यहाँ, उसे सिर्फ ख़त नसीब होते हैं।
चाहे वो कहीं भी हो,
पुलिस उसका सुराग ढूँढे, उससे पहले ही कुरियाचन गायब होना जानता है।
सुंदर है ना, अप्पूटी?
क्या यहाँ के हर जवान को दीवाना बनाने के लिए काफ़ी नहीं है?
मैं कुत्तों के काम-शास्त्र के बारे में कुछ नहीं जानता।
आप क्या इसके पेट से होने तक यहीं रुकने का सोच रहे हैं?
यहाँ रुका नहीं तो पता कैसे चलेगा कि काम हो गया?
और खाने का क्या?
मैं तीन हफ़्तों का स्टॉक लेकर आया हूँ।
और फिर जंगल में कंद-मूल तो मिल ही जाते हैं।
मैं ऐसी लाइफस्टाइल का आदी हूँ।
कुरियाचन की संगति का असर तो
उसके साथ रहने वालों पर पड़ ही जाता है।
आठ महीनों बाद
डॉक्टर, और ऊपर चढ़े तो इंजन जवाब दे जाएगा।
- पहले आप जवाब दोगे या इंजन? - चुप करो।
काम खत्म करो और डॉक्टर को वापस भेजो।
अंधेरा होने से पहले नीचे लौटना है।
उस इमली के पेड़ से 100 मीटर दूर है घर।
पेड़ तक जाने की 200 मीटर की चढ़ाई का क्या?
अभी आया।
ये सच में डॉक्टर है ना?
बिल्कुल!
खैर, जब डॉक्टर जाँच करें, तुम चेट्टाथी के साथ ही रहना।
हाँ।
आप इस जगह के लिए नए हो क्या?
हाँ।
लग ही रहा था।
यहाँ ज़्यादातर पोस्टिंग साउथ के लोगों की ही होती है।
साँस फूल रही है?
आवाज़ से… क्या लग रहा है?
हम काफ़ी ऊँचाई पर हैं, हैं ना?
आपको विटामिन ई की ज़रूरत है।
एवोकैडो और पपीता खाओ।
मुझे ही देख लो।
हाँ।
ए!
हट!
ये तुम्हारे हैं क्या?
नहीं, बस यहीं मँडराते रहते हैं।
आपके कान बंद तो नहीं लग रहे हैं ना?
दूध में रोटी डुबाकर खाई थी बस।
ठीक है।
ठीक हो जाओगी आप।
करवट नहीं लेनी है। सीधा पीठ के बल लेटना है, ठीक?
सब मुझे मलाथी चेट्टाथी बुलाते हैं।
- डॉक्टर, आपने मेरा नाम पूछा था ना? - हाँ, हाँ।
- तो मतलब ईयर-बैलेन्स की दिक्कत है? - हाँ।
वैसे सुनने में तो इन्हें कोई तकलीफ़ नहीं है ना?
सुनने में तकलीफ!
मुझे तो इनका कुछ बुरा सोचने में भी डर लगता है।
ये तो जबर्दस्त सुनती हैं।
ठीक है फिर।
मैं डॉक्टर को जीप तक छोड़ के आता हूँ।
हाँ।
मुझे रास्ता पता है। चला जाऊँगा।
नहीं। मैं आता हूँ साथ में।
आसपास कुत्ते हो सकते हैं।
अनजान लोगों को देखकर ये थोड़े भड़क जाते हैं।
मेरे या चेट्टाथी के सामने शांत रहते हैं।
इतनी हाइट पर, हाई ब्लड प्रैशर की वजह से भी ईयर-बैलेन्स की दिक्कत हो सकती है।
हाँ।
इनका तो हार्ट का ऑपरेशन हुआ था, है ना?
-दो-दो। -हाँ।
इतनी बीमारियों के साथ, ऐसी जगह पर रहना
- डॉक्टर… - हाँ?
- जीप के लिए? - नहीं, उसे तो मैंने स्टैंड पर ही दे दिए थे।
यहाँ आने का पूरा किराया पहले देना होता है।
वरना तो ये गाड़ी खिसकाते भी नहीं हैं।
उठाओ यार इसे।
सिबी? कौन है लाइन पर?
सिबी, आवाज़ आ रही है?
हाँ, अप्पूटी चेटा। शाजन बोल रहा हूँ। बोलिए।
हाँ, शाजन
मैं बस यहाँ से नीचे उतर रहा हूँ।
निकल गया था 7:15 पर।
अच्छा, 7:15 पर। ठीक है, आ जाओ। ओवर।
हाँ, ओवर, ओवर।
क्या है ये सब?
पुलिस का बनाया हुआ एक सिस्टम है।
- आपने सुना ना, मैंने बोला 7:15 पे निकले हैं? - हाँ।
अगर 8:00 बजे तक जीप नीचे नहीं पहुँची,
तो वहाँ के लोगों को पुलिस को खबर करनी होती है।
ये लो।
ओह, मैं मिश्री लाना भूल गया।
दिमाग से निकल गया।
इस जल्दबाज़ी में था कि डॉक्टर के निकलने से पहले उन्हें ले आऊँ।
परसों ले आऊँगा।
परसों क्यों?
परसों मैं पोस्ट ऑफिस जा रहा हूँ।
ये आज सुबह से ही ऐसा कर रही है।
कुछ गड़बड़ है क्या?
ये जल्दी ही बच्चे देने वाली है।
इसीलिए।
- चेट्टाथी! ओ! चेट्टाथी! - हाँ?
पेशाब के लिए जाना हो तो बता देना।
तुझे मुझको गोद मेँ बिठाकर पेशाब नहीं करवानी है।
ज़रा सा चक्कर आ गया तो मुझे लाचार बुढ़िया मत समझ!
प्लेबॉय
गुड मॉर्निंग!
अरे, उठ गईं?
मैं आपके लिए कॉफी बना देता हूँ।
फरिश्ता
ए, पीयूष!
'कामुक कली' का नया अंक नहीं आया क्या, चाचा?
दस कॉपियाँ मँगवाई थीं।
केतली गरम होने से पहले ही गायब हो गईं।
कितने ठरकी भरे पड़े हैं आपके गाँव में!
सही बोला! तू तो जैसे नीम की गोली लेने आया था ना!
वैसे, पप्पाचन सर तुझे ढूंढ रहे थे।
- बात क्या है? - तुझे लगता है वो मुझे बताएँगे?
बस गाड़ी से सर निकाल के पूछ रहे थे।
अगर वो आएँ तो बता देना मैं पोस्ट ऑफिस में हूँ।
ए, आज पगार का दिन है क्या?
हाँ।
ये लड़का कौन है?
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