ആദ്യത്തെ 200 വരികൾ.
येय धाड़।
बैंड बज गया।
पिछला सीज़न
मुन्ना भैया!
जलवे हैं मुन्ना भैया के।
ज़िंदगी हो तो ऐसी हो।
जिंदा तो झाँट के बाल भी हैं।
कौन वकील हायर किये हैं?
रमाकांत पंडित।
नमस्ते आंटी।
तो बात ऐसी है... कि अब आप उस लड़के के घरवालों से नहीं मिलेंगे।
मादर...
मादरचोद!
मुन्ना अगली बार आप के निवास पर पहुँचे और आप नहीं हुए...
रिस्क है।
अगली बार मुन्ना भैया घर आए... जिंदा वापस ही नहीं लौटे तो?
रिस्क तो वहाँ भी है कालीन भैया।
हमारे लिए काम करोगे?
तुम दोनों हमारे लौंडे हो ही नहीं सकते।
कट्टों का व्यापार बढ़ाने के लिए ही शामिल कराए हैं तुम दोनों को।
पूरी छूट दे रहे हैं।
तो अब इससे जितना कमा सकते हो, कमा लो।
शर्त यह है...
कि कट्टे चलते रहने चाहिए।
रक्तपात हो रहा है मिर्ज़ापुर में।
शहर साफ करिये।
रति शंकर अभी तक छोटे-मोटे हमले करवा रहे थे।
पर अब मुन्ना पर, उसके बाद हमारे ऊपर।
च, छ, ज, झ... ञ।
ठीक से पढ़े होते तो बच जाते आज।
हमको आपका यह व्यापार नहीं संभालना है।
हमको मिर्ज़ापुर चाहिए शरद।
जौनपुर है तो आपके पास।
उसी को संभालिए।
पूर्वांचल की गद्दी है यह मिर्ज़ापुर... जिस पर राज कर रहे हो तुम।
फंड किधर हैं त्रिपाठी?
इलेक्शन सर पर है, रेशम ज्यादा चाहिए हमको।
हमारा... होने वाला है।
नहीं।
हर बार गरम करके ठंडा ही छोड़ देते हैं हमको।
इत्ता देर तो कभी नहीं कर पाते कालीन भैया।
यह मक़बूल के भांजे हैं बाबर...
आप लोग साथ में रखिए और इनको काम-वाम सिखाइए।
अगर काम हाथ में लिए हो, तो वफादारी से करना।
चूतिया है तुम्हारा लड़का।
चूतिया है यह महत्त्वपूर्ण नहीं है।
हमारा लड़का है, यह महत्त्वपूर्ण है।
इलेक्शन में पैसा भेजो...
जीत के बाद, भैया से बात करके मिर्ज़ापुर तुम्हारा कर देंगे।
हमको एक्स्ट्रा पैसा चाहिए।
अभी सपोर्ट करोगे तो... व्यापार बढ़ा देंगे तुम्हारा।
अरे आप कब बनेंगे सीएम?
और हम सीएम बन जाएँगे तो का नाचना छोड़ दोगी?
फ्लॅट बुक किये हैं...
आपके और पापा के नाम पर।
मुन्ना भैया एक दिन मिर्ज़ापुर के राजा होंगे...
और उनके घर की जो भी बहू बनेगी ना, राज करेगी शहर पर।
करना क्या है सर?
खात्मा करना है सिन्हा।
इन दोनों से शुरूआत करो।
फिर किसी दिन आपको हमारे हाथ की चाय पिलाएँगे।
तुम अपना ध्यान तो रखोगे ना?
अपना नहीं, तुम्हारा भी ध्यान रखेंगे स्वीटी।
-मादरचोद। -ए।
स्वीटी... प्यार है हमारा।
-क्या कर रहे हो? -क्या है ये?
-ए छोड़ इसे। -क्या कर रहा है तू?
गाड़ी रोक वर्ना ठोक देंगे।
तुम दोस्त हो ना हमारे?
- -आह!
तुम्हारे दोस्त कंपाउंडर, मारने आए थे हमको।
गुड्डू भैया हम सोच रहे हैं कि डिम्पी को पढ़ाई के लिए लखनऊ भेज दें।
मिर्ज़ापुर अब सुरक्षित नहीं है।
कुछ दिन के लिए अंडरग्राउंड ही रहो तुम लोग...
मिर्ज़ापुर से बाहर।
वाह!
अरे सैंपल देखकर तो लूंगी में ही निकल गया हमारा।
भैया जी... एक और पार्टी का पता चला है।
हमको जॉइन कर लो।
मिल के मिर्ज़ापुर चलाएँगे।
हमारे लड़के...
हमसे बिना पूछे कोई काम नहीं करते।
क्या है ना भैया जी...
ठीक लगा...
फैसला लिया।
आप इस बात से ज्यादा डिस्टर्ब हैं कि कंपाउंडर आपके पापा को मारने आए थे...
या इस बात से कि... मार नहीं पाए?
हमको मिर्ज़ापुर चाहिए शरद।
गुड्डू बबलू जब जॉइन किए थे...
तो बोले थे, आएँगे तो दोनों साथ में...
तो अब जाएँगे भी दोनों साथ में।
अब होगा तांडव।
हम राजा और तुम्हारे बारे में... जानते हैं।
सिर्फ त्रिपाठियों का बीज गिरेगा तुम्हारे अंदर।
गलती तुमने अकेले तो नहीं ना की थी, दो लोग किए थे।
काटो।
- -आह!
जिस अखंडा से आप परिचित हैं...
वो व्यापारी थे।
और हम बाहुबली हैं।
ए!
शबनम!
आ गई तू!
ओ भोसड़ीवाले चाचा...
थोड़ा शांत हो जाइए।
वर्ना आत्मा को शांति मिल जाएगी।
मुन्ना... ये हमारी बेटी का रिसेप्शन है।
हमें इनवाईट नहीं किये आप?
मादरचोद!
नहीं।
गुड्डू भैया को...
-आह! -ए।
बंदूक नहीं चलानी आती प्रेसिडेंट साहिबा को?
तू इधर।
हम पेट से हैं।
मुन्ना, मुन्ना।
अरे बबलू बोल!
नहीं हम इंतज़ार ही कर रहे थे कि कब लोग आप आँखें खोलें और कब हम इन्हें...
हाँ गुड्डू भैया?
सीज़न 2
साले।
मार देंगे।
जान ले लेंगे साले!
मादरचोद!
नहीं मरेंगे।
हम नहीं मरेंगे।
जितनी गोली लगे...
नहीं मरेंगे।
जितनी गहरी खाई हो।
नहीं गिरेंगे।
हम नहीं गिरेंगे।
माँ चोद देंगे।
मुन्ना भैया।
मुन्ना भैया।
ये कालीन भैया हैं।
माँ चोद देंगे।
सबकी माँ चोद देंगे।
मुन्ना भैया।
इनकी माँ... आपकी दादी हुईं।
है ना बाबूजी।
है ना?
गुड्डू...
गुड्डू का क्या हुआ पापा?
बेटा अभी ठीक हो जाओ...
फिर बात करेंगे।
कितने दिनों बाद आज... सजीव हुए हो।
मक़बूल?
क्या हुआ गुड्डू का?
उनकी स्कॉर्पियो जंगल में मिली... जली हुई।
जंगली जानवर बहुत हैं अंदर।
कुछ नहीं कह सकते।
हम लड़के लगाए हैं खोजने के लिए।
भाभी कहाँ है?
उनकी तबीयत अभी भी खराब है भैया जी...
गोली लेकर सोई हैं।
साला एक गोलियाँ खाकर जाग गया...
और दूसरी गोली खाकर सो रही है।
अजायबघर है यह।
कोई बात नहीं अखंडा।
बहू की तबीयत खराब है, आराम करने दो।
आप पहली बार हमको इतना बड़ा काम सौंपे थे पापा।
-और हम... -तुम अच्छा किये।
हाँ लेकिन पूरा खत्म नहीं कर पाए।
हम आपको गर्व महसूस कराना चाहते थे।
फैमिली की राय से चलोगे...
तो फैमिली को और भी गर्व कराओगे।
कराएँगे बाबूजी।
ज़रूर कराएँगे।
अब तो हमको मरने का भी डर नहीं रहा।
मक़बूल।
विंध्यवासिनी देवी के यहाँ... चढ़ावा भिजवा देना इनका।
मरने का डर खत्म हो गया है इनका।
-भेनचोद! - भेनचोद!
बाबूजी।
ए, तुम रुको यहाँ।
पंकज का क्या हुआ?
पंकज बच नहीं सके भैया जी।
छाती पर गोली खाए थे ना।
और भोसड़ीके तुम बच गए!
हमको तो बस छू करके निकली थी।
हमारी गिनो।
जी भैया जी।
एक।
दो... तीन।
चार।
भोसड़ीके इसके आगे मत गिन लेना।
वह गांड का छेद है हमारी।
भैया जी चूतिया थोड़ी ना हैं हम।
गांड का छेद ठीक से जानते हैं।
-बहुत मारे हैं आप हमारी। -हाँ।
भैया जी पाँच।
पाँच छेद हुए...
फिर भी मरे नहीं हम।
हिन्दी फ़िल्म के हीरो हैं बे हम।
हमें कोई नहीं मार सकता।
हम...
अमर हैं।
अमर।
हम योग्य हैं।
- शुक्ला भैया! -जिंदाबाद!
No comments yet. Be the first to leave one.