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ആദ്യത്തെ 200 വരികൾ.

इस पार्टी की ज़िम्मेदारी मेरी नहीं है।

यह इन दोनों ने की है।

मेरी बात सुनो, दोस्तों।

अगर पुणे शहर के लिए राजदूत चुना जाए,

क्या मिस्टर गौतम प्रधान को सर्वसम्मति से चुना नहीं जाएगा?

-सही। -बेशक।

इसके बावजूद, वह मुंबई के एक लड़की का दीवाना बन गया है?

-हाँ। -यह क्या है?

बस एक ही चीज़ साबित होती है।

प्यार।

इसके अलावा, हमें यक़ीन है कि

तुम उसे हमारे परिवार का हिस्सा बनाओगे।

तुम उसे पूरी तरह से पुणेरी बनाओगे।

आख़िरकार, यह पुणे के संस्कार हैं।

सही कहा।

दादीजी, आपकी बारी।

मैं क्यों?

पर मैं कुछ नहीं कह सकुंगी।

-दादीजी। -दादीजी।

माँ, आपको कुछ कहना होगा।

ठीक है।

मुझे याद है बचपन में गौतम चारों और दौड़ते रहता था।

तुम बहुत जल्दी बड़े हो गए।

अब तुम मेरी पोती को घर लाने वाले हो।

मुझे यक़ीन है कि वह तुम्हारा बहुत ख्याल रखेगी।

और मुझे यक़ीन है कि तुम भी उसकी देखभाल करोगे।

हमेशा एक-दूसरे के प्रति सच्चे रहना।

एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त बने रहना।

मेरे और तुम्हारे दादा जी की तरह।

पता है,

शादी से पहले मैं उन्हें नाम से नहीं बुलाती थी।

पर बाद में, मैं यह अक्सर करने लगी।

चीज़ें बदल गई क्योंकि हम अच्छे दोस्त बन गए।

तुम्हें एक साथ बूढ़े होना होगा, समझे?

बाद में, मेरी तरह तुम अपने बालों को रंग सकते हो। तुम्हें कोई नहीं रोकेगा।

वैवाहिक जीवन सुखद रूप से जीना, ठीक है?

गौरी पार्टी में क्यों नहीं आई?

मुझे वह लड़की बहुत पसंद है। कितनी प्यारी है, न?

और सबसे महत्वपूर्ण बात, उसका दिल मुंबई जैसा है।

मैं नहीं कह रहा कि पुणे की लड़कियाँ अच्छी नहीं है।

पर, गौतम, तुमने मुंबई की लड़की चुनकर अच्छा काम किया।

उन्हें समय की परवाह है।

वह सब कुछ शीघ्रता से करेगी...

और तुम से भी सब कुछ सही समय पर करवाएगी।

भगवान तुम्हारा भला करे।

इसके अलावा, हम पुणे के लोग लोगों के उत्थान के लिए पैदा हुए हैं।

लोगों का उत्थान।

हाँ।

मौसी, आप दूल्हे की माँ हैं, आपको कुछ कहना होगा।

हाँ, कुछ कहिए।

शादी के बाद, आपको ऐसा मौका नहीं मिल सकता है।

नहीं, मेरी बेटी बहुत प्यारी है।

गौतम ने सही साथी चुना है।

उसके जन्म से मेरे पास उसकी बहुत यादें हैं।

मेरा दिन उससे शुरू उस पर ही ख़त्म होता है।

मैं उसे कहती रहती हूँ, "गौतम, तुमने खाना खाया?

गौतम, उठ जाओ।

गौतम, तुम्हें सर्दी लगी है?

गौतम, तुम्हें अभी सोना चाहिए।

गौतम, गौतम, गौतम।"

जिस तरह एक दुल्हन की माता-पिता चिंतित हैं,

उसी तरह दूल्हे के माता-पिता भी चिंतित हैं।

यह चिंता है।

हमारा बेटा जो अभी-भी हमारे लाड़ प्यार में है

जल्द ही किसी और पर ज़्यादा ध्यान देने लगेगा।

उसका ध्यान उसी पर लगा रहेगा।

यह सही है, और दरअसल ऐसा ही होना चाहिए।

मुझे यक़ीन है कि तुम्हारी और गौरी की शादीशुदा ज़िंदगी सफल होगी।

-बढ़िया, मौसी। -बढ़िया।

क्या बात है!

तुम क्यों रो रहे हो?

तुम्हारी विदाई नहीं हो रही।

नहीं दरअसल...

आप सभी ने मेरे बारे में अच्छी बातें कही।

इसने मुझे थोड़ा भावुक कर दिया।

आप सभी लोग बहुत प्यारे हैं।

आप सभी मुझसे बहुत प्यार करते हैं।

और मैं आप सभी से झूठ कहते आया हूँ।

मुझे लगा...

सब ठीक हो जाएगा, मैं...

इंतज़ार करते रहा।

पर मैं अब झूठ नहीं कह सकता।

यह शादी नहीं हो रही।

छह महीने पहले

उसका फ़ोन नहीं लग रहा।

वापस कोशिश करो।

मैं दो बार कोशिश की। आने दो। उसे सबक सिखाऊंगी।

वह सही समय पर कभी नहीं आती है।

चिंता मत करो। वह आ जाएगी।

लो आ गई।

-क्या है? तुम्हें इतनी देरी क्यों हुई? -माफ़ करना।

तुम अकेले क्यों?

-इस लड़की की समस्या क्या है? -हमेशा की तरह।

तुम वहां क्या कर रहे हो? आओ।

यह रहा वो।

तुम्हें इतनी देरी क्यों हुई?

मुझे उसकी वजह से देरी हुई। मैं क्या कर सकती हूँ?

एक मिनट।

मुंबई घूमने की योजना मेरी नहीं थी।

तुमने मुझे कहा कि गौतम के आने की खबर किसी को नहीं देनी है,

और तुम घूम रही थी?

तुम्हारी परेशानी क्या है?

वैसे, क्या यही वह आदमी है?

वही समझ लो।

-रुको। क्या हो रहा है? -कुछ नहीं।

मेरा पूछने का मतलब है क्या तुम वही आदमी हो।

जिसने पूरे दिन छपे हुए फूलों वाला अजीब जैकेट पहना।

वैसे, यह अक्षय है, मेरा पति।

-नमस्ते। -हेलो।

और मैं तनूजा।

क्या यह वही है?

-हाँ। -क्या मतलब?

गौरी कहती थी, "मैं शादी नहीं करुँगी जब तक वह न करे।"

क्या तुम वही तनूजा हो?

-हाँ! -हाँ!

वैसे मुझे प्यास लगी है, तुम क्या लोगे?

मैं वाइन पिऊँगी।

समझा।

तुम्हारे पास ये विशेष गुण भी हैं।

मैं वाइन पिऊँगी, और वाइन सेहत के लिए अच्छा है।

एक मिनट, तुम क्या लोगे?

-यह क्या है? -आम का रास।

-मैं यही लूँगा। -आम का रास?

-हाँ। -छोड़ो। चलो अपनी शराब आर्डर करें।

-सच में आम का रस पीना चाहता है? -चलो अपनी शराब आर्डर करें।

माफ़ करना।

दो...

-वोडका शॉट। -वोडका शॉट।

-ए, गौतम! -संभलकर।

-मुझे सच में माफ़ कर दो। -कोई बात नहीं।

सब ठीक?

सुनो। योजना यह है कि हम मेरी मौसी के घर चलेंगे।

अगर मैं उसे इस तरह घर ले गई, मैं ख़त्म।

सुनो, हम नीरजा के घर जा रहे हैं, समझी?

स्कूटर की चाबी कहाँ है?

-मेरे पास है। -ठीक है।

यह लो और उसे अपने साथ ले चलो, समझे?

हे भगवान। एक मिनट।

ए, संभलकर।

-यह क्या है? -आम का रस।

यह लो।

और संभलकर।

-ए, पता? -हमारे पीछे आओ।

हाँ, ठीक है।

-मुझे माफ़ कर दो। -कोई बात नहीं, जान।

कैसी हो?

बढ़िया।

तुम यह पहनने वाले हो?

यह लड़कियों का हैल्मेट है।

पर तुम्हें पहनना होगा। यह मुंबई में अनिवार्य है।

तुम लड़कियों का हैल्मेट पहनोगे।

कस कर पकड़ो। चिंता मत करो।

हम पांच मिनट में पहुँच जाएँगे। सो मत जाना।

-गौतम। -हाँ?

तुमने बियर क्यों नहीं पी?

यह एक मज़ेदार कहानी है।

शुरू में, मैं तुम्हें देख रहा था,

और मेरी आँखें तुम से हट नहीं रही थी।

थोड़े समय के लिए तुम्हें आपे से बाहर जाते देख अच्छा लगा।

यह आश्चर्यजनक है!

इसका मतलब जब मैं घर पर बियर पिऊँगा

तुम ग़ुस्सा नहीं करोगी।

मुझे मज़ा आया।

-मुझे आ रही है। -हाँ, सच में।

-मुझे उलटी आ रही है। -क्या?

-क्या? -मैं उलटी करने वाली हूँ।

नहीं! गौरी, हम पाँच मिनट में पहुँच जाएँगे...

-नहीं, रुको! -मैं नहीं...

-मुझे रूकने दो। एक मिनट। -मौसी का घर...

गौरी, रुको!

बहुत मज़ेदार था!

हमारे पोते-पोतियों को सुनाने के लिए मुझे मज़ेदार कहानी मिल गई।

तुम्हारी दादी ने रात को शराब पीकर

शिवाजी पार्क के सामने रास्ते में उलटी की।

तुम बहुत मज़ेदार लड़की हो।

जब हम पहली बार मिले तब तुम बहुत अलग थी।

आरक्षित, अभिमानी, कोई बकवास नहीं।

पर मुझे तुम्हारा यह रूप ज़्यादा अच्छा लगता है।

पता है मुझे क्या पसंद है, यहाँ तक कि तुम भी असुरक्षित हो सकते हो।

गौतम।

धन्यवाद।

मैंने वाइन की जगह वोडका पी और मुझे नशा हो गया,

पर फिर भी तुमने कुछ नहीं कहा।

-तुमने मुझे आज़ाद छोड़ा, धन्यवाद। -हाँ।

तुम बहुत अच्छे हो।

मुझे तुम पसंद हो।

मुझे तुम पसंद हो।

सच में पसंद हो।

मुंबई।

तुम्हें पुणे से प्यार हो गया।

हाँ! एक तरफ़ से मैं तुम पर हंस सकती हूँ,

मैं तुम्हारी गलती पकड़ सकती हूँ, "इसलिए मुझे तुम पसंद हो।

एक मिनट, इसका मतलब...

तुम मुझे इसलिए पसंद नहीं करती क्योंकि मैं पुणे का अच्छा लड़का हूँ,

पर इसलिए क्योंकि तुम मुझ पर हंस सकती हो और मेरी गलती पकड़ सकती हो।

बताओ, मेरे दोष क्या हैं?

हे भगवान, इसके लिए हमें फिर पार्टी करनी होगी।

पार्टी बहुत हुआ, मेरे दोष के बारे में बताओ।

तुम गली में क्रिकेट खेलते हो,

शॉर्ट्स पहनते हो,

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