Ramprasad Ki Tehrvi

Ramprasad Ki Tehrvi

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റിലീസ് വിവരങ്ങൾ

Ramprasad Ki Tehrvi 2019 1080p NF WEB-DL DDP5 1 x264-TEPES
Ramprasad Ki Tehrvi 2021 1080p WEB-DL H264 AAC Esubs D0T-Telly
Ramprasad Ki Tehrvi 2021 720p WEB-DL AAC H264-HD5
Ramprasad Ki Tehrvi (2021) Hindi 720p JC WEBRip ESub x264-Shadow BonsaiHD
Ramprasad Ki Tehrvi 2021 2160p Hybrid WEB-DL DDP 5 1 H 264-Shadow
ExtraMovies team - Ramprasad Ki Tehrvi (2021) 720p HDRip Hindi DD5 1 x264 AAC ESubs
Ramprasad Ki Tehrvi (2021) Hindi 720p HDRip ESub 550Mb HEVC - World4ufree guru
Ramprasad Ki Tehrvi (2021) Hindi 720p | 480p HDRip ESub x264 850Mb | 350Mb - World4ufree guru
കമന്ററി എഴുതിയത് Kuldeep_Gurjar
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ടാഗുകൾ

Web-DL
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WEB-DL
x264
1080
720p
720
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480p
480
പ്രസിദ്ധീകരിച്ചത്: 2021-04-25
ഡൗൺലോഡുകൾ: 65
ശ്രവണ വൈകല്യമുള്ളവർക്ക്: No

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ആദ്യത്തെ 200 വരികൾ.

खंडन यह फ़िल्म एक काल्पनिक रचना है और इसमें

दिखाए गए सभी नाम, पात्र, जगह, घटनाएँ काल्पनिक हैं। किसी भी घटना या जीवित या मृत

व्यक्ति से कोई भी समानता संयोग मात्र है।

हम सभी धर्मों और सभी की आस्था का सम्मान करते हैं। इस फ़िल्म का उद्देश्य किसी भी

व्यक्ति, जाति, समुदाय, वर्ग या धर्म की किसी भी परंपरा, संस्कृति, आस्था, भावना का

किसी भी प्रकार से अपमान करना या ठेस पहुँचाना नहीं है।

नहीं, नहीं।

सुर सही नहीं लगा।

सही नहीं है। फिर से बजाओ।

अरे!

रहने दीजिए ना।

-क्यों पीछे पड़े हैं आप इसके? -सुर गलत जा रहा है इसका।

-यह लो। -बजाओ बजाओ।

यह लो। इतनी तबीयत खराब है आपकी। आप आराम कर लीजिए। हाँ?

चलो। सक्षम बेटा, रात काफी हो गई है। जाओ घर जाओ।

नहीं, नहीं। बैठ।

अरे--

-उसका सुर सही नहीं लग रहा। -कल सुबह ठीक कर लेना।

नहीं, साज़ को कभी बेसुरा नहीं छोड़ना चाहिए।

हमें साज़ की इज़्ज़त करनी चाहिए।

नहीं तो सुर नाराज़ हो जाएँगे।

और एक भी सुर गलत हो गया तो सरगम कैसे बजेगी?

-चल बजाओ-- -जो मन में होता है कीजिए।

हमारी बात तो कभी सुननी ही नहीं!

पूरे घर को कबाड़ बना रखा है!

और यह बड़ा सा बाजा!

ख़ुद तो बीमार रहते हैं। सारे घर की सफाई हम ही को करनी होती है।

बस, कुछ भी!

दादा जी मैं कल आऊँगा और आपको ठीक से बजाकर सुनाऊँगा।

इसका एक सुर नीचे हो गया है। एक तार टूट गया है इसका सुर। फिर से चढ़ाना पड़ेगा।

-ठीक है दादा जी, कल आकर तार भी चढ़ा दूँगा। -ठीक है।

- शुभ रात्री। - शुभ रात्री बेटा!

- शुभ रात्री अम्मा। - हाँ, शुभ रात्री।

तुम तो अपने घर जाओ।

यहाँ रहना ही किसको है वैसे भी!

यहाँ बस ये हैं और हम हैं।

और ये हैं कि…

कभी इनका सुर इधर जाता है, कभी उधर जाता है। परेशान करके रखा है!

-लो अब मानेंगे थोड़ी। -

[पियानो के सारे पर्दे एक साथ बजने की आवाज़]

क्या हुआ?

गिर गए?

क्या--

ए सक्षम! देख तो। क्या हुआ इन्हें!

क्या हुआ आपको? क्या हुआ?

-सक्षम देख तो! -दादू?

- क्या हुआ आपको? क्या हुआ? -दादू!

उठिए ना!

हाँ बस।

-आ गए। - सामान ले लो।

आहिस्ता।

चलो।

-क्या कहा था मैंने याद है ना? -नमस्ते।

मेरी बॉल रखी है ना? मैंने कहा था रखने के लिए।

चुपचाप रह!

पंकज तीसरा भाई है।

-दूसरा भाई नहीं आ रहा? -छोटा बेटा पहुँच ही रहा होगा।

ख़बर तो दे दी होगी।

सब काम धंधे में लगे हैं।

-प्रणाम चाची। -प्रणाम चाची।

पंकज आया है।

प्रणाम चाचा।

-चाचू। -बेटा।

कैसे हो?

-ख़ुश रहो बेटा। -आइए।

कैसे हो बेटा? भगवान ख़ुश रखे।

यह उसका बेटा है।

गज्जु भैया।

चले गए बाबूजी।

अरे रहने दे।

-अम्मा से मिलकर आता हूँ। -हाँ।

मोटा हो गया है।

- कौन, मुझे बोल रहे हों? -नहीं, पंकज।

-ओह। -थोड़ा मोटा हो गया है।

हाँ।

जीजा जी तो गए बेटा।

चलो उधर जाते हैं कमरे में। चप्पल पहना दो।

-यह लो। -आओ।

-भूख लगी है? - चलो कुछ खिला देती हूँ।

किस्मत वाला था।

लाइए।

- पंडित जी करा देंगे? -हाँ।

-अच्छा ठीक है। -डॉक्टर को दिखा दो।

-पाउडर लगाया है। -पुराना तुम्हारा--

-बाकी की चीज़ें? - कितनी गांठें बांधूँ इसकी?

-हाँ? -तीन।

कुछ सफ़ेद पहन लेता।

कोई नहीं।

नीतू नहीं आया।

फ्लाइट को देरी हो गई उसकी थोड़ी।

आ जाएगा चार बजे तक।

तुम कैसे आए?

-बस से आया। - हाँ।

-ट्रेन में तो मिल ही नहीं रहा रिज़र्वेशन। - अरे ऊपर ही तो रखा है।

ठीक हम लेकर आते हैं।

क्रिसमस की छुट्टियाँ चल रही हैं ना।

छुट्टियाँ ना भी हो तो कहाँ मिलती है आजकल टिकट।

हम तो टैक्सी से आए हैं ना।

-टैक्सी से। -इतनी दूर से?

चलो।

समय पर पहुँच गए बहुत बड़ी बात है।

-अरे मामा जी। -ठीक है।

आप कब आए?

हम तो सबसे पहले आए थे।

तुम्हारी अम्मा का फ़ोन आया तो फौरन ही निकल लिये।

चलो सब्जी खरीदने जाना है।

हमको मालूम था तुम लोग देर करोगे।

हमारी तो बहन है।

- काम तो करना ही होगा ना? -जी।

नहीं मामा जी, बहुत ही अच्छा हो गया। आप आ गए नहीं तो--

नहीं तो?

बड़ी मुश्किल हो जाती ना।

-अच्छा। -मामा जी थक गए होंगे। थोड़ा बैठ जाइए।

अरे बैठने नहीं आए हैं गजराज। यहाँ बहुत काम हैं।

हम आ गए हैं ना। मामा जी आराम कीजिए।

नीतू? नीतू कहाँ है? नीतू कब आयेगा?

अरे बताया तो अभी। उसकी फ्लाइट देरी से है। बस आता ही होगा।

-जी। -बंबई से एक ही हवाई जहाज आता है क्या?

बाप मरा है उसका।

मामा जी उसे मालूम है, बाप मरा है उसका।

वह आ जाएगा। आप तो रहते हैं रायबरेली।

-और वह आ रहा है मुंबई से। - अरे कोई पानी लाएगा?

-आप समझ नहीं रहे हैं। -हाँ?

अरे--

-जीजा जी आ गए! -आइए।

कब आए?

अब नज़र पड़ी तुम्हारी? मैं कब से यहाँ अकेला बैठा हूँ।

अरे आप से पहले तो हम आए हैं।

हाँ-हाँ, पाँच-सात मिनट पहले आ गए होंगे।

-अरे भाई आपसे घंटा भर पहले आए हैं। -क्या?

-हम दोनों साथ ही आए हैं। -आप दोनों साथ आए हैं।

हाँ लेकिन--

- नीतू आ गया। - आ गया।

- आ गए। - मुंबई से आए हैं।

अकेले आए हैं।

-नमस्ते नीतू चाचू। - बहू नहीं आई है।

लाइए।

ठीक है वह आया है। अम्मा से मिल तो ले पहले।

- हाँ मैं नहीं कर रहा। - कोई और रास्ता नहीं है?

-चलो फिर तैयारी करो। -अम्मा कहाँ हैं?

पंडित जी, जल्दी कीजिए।

जूते उतारो।

अब तो बाबू जी का लाड़ला भी आ गया है।

संभालो अपने आप को।

संभालो अपनी माँ को।

-संभालो। -बस करो अम्मा।

मेरा बेटा…

लाली, अब देर हो रही है।

-हाँ। -निकलना पड़ेगा।

- जल्दी करो! -अम्मा।

बाबू जी छोडकर चले गए।

आओ, उठो।

रूको, मेरे लिए रूको।

-अरे ताऊ जी! -ताऊ जी!

तुम ऐसे कैसे हमें छोडकर जा सकते हो?

-रामप्रसाद। -अरे--

-अरे! -संभालो!

-आराम से। -बिठाओ, बिठाओ इन्हें।

आराम से।

-इतना बड़ा जोखिम क्यों ले लिया? -सुनते नहीं हैं ना।

-क्यों? सुनाई देना बंद हो गया? -वह वाला नहीं।

मैं अपनी आखिरी याद के लिए उसका चेहरा देखना चाहता हूँ।

-मन की करते हैं। -हाँ।

अच्छा।

-नमस्ते। -अरे हट!

क्यों डांट रहे हो? हमने तो बोला था गाड़ी में पेट्रोल नहीं है।

-बोले धक्का मारकर जाएँगे पर जाएँगे। - और तुम ले आए।

इधर तो वो भी आई हुई हैं बड़ी भुआ जी।

-अभी तक हैं वो? -चुप कर।

-अरे पंडित जी? -जी।

-सब हो गया ना? -हाँ।

-चलिए भाई उठाइए। -चलिए आओ।

मामा जी एक मिनट।

-हम ज़रा अम्मा को बुलाते हैं। -हाँ। जाओ।

हाँ, ले आओ।

अम्मा, विदाई का समय हो गया।

चलो।

आइए।

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

- अम्मा कितना बड़ा घर है? - बहुत बड़ा घर है!

बहुत बड़ा घर है जी!

फौज भी तो काफी बड़ी है ना हमारी।

उस छोटे से घर में कैसे समाएँगे?

इसके बाद और बच्चे नहीं।

-अरे सरगम अभी पूरी कहाँ हुई है? -हटिए आप! जाइए!

चुप करो। सब चुप करो तुम सब!

अरे सुनिए! शाम को जल्दी आइएगा।

अरे हम खाने पर इंतज़ार करेंगे!

आते हैं सावित्री।

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

राम नाम सत्य है!

- क्या भाव लगा रहे हो लकड़ियाँ? -400 रूपए मन साहब।

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