Sacred Games

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സീസൺ 2

റിലീസ് വിവരങ്ങൾ

Sacred Games 2019 Hindi S02 Complete 720p MSubs x265 HEVC
Sacred Games S02 2019 1080p NF DL H264 Multi DDP 5 1 MSUBS Telly Exclusive
Sacred Games S02 2019 720p NF DL H264 Multi DDP 5 1 MSUBS Telly Exclusive
Sacred Games S02 720p NF WEB-DL Dual-[Hindi-Englsih]-AAC x264-BonsaiHD
Sacred Games Season 02 Complete 720p WEB-DL Hindi x264 ESub - KatmovieHD
Sacred Games S02 COMPLETE DUBBED 720p NF WEBRip x264-GalaxyTV ⭐
Sacred Games SEASON 02 S02 COMPLETE DUAL-AUDIO HIN-ENG 720p 10bit WEBRip 2CH x265 HEVC-PSA
Sacred Games SEASON 02 S02 COMPLETE DUAL-AUDIO HIN-ENG 1080p 10bit WEBRip 6CH x265 HEVC-PSA
Sacred Games 2018 S01 Complete Season 1 Hindi 720p NetFlix x264 DDP 5 1 ESub - xRG
Sacred Games 2019 S02 Hindi 720p NetFlix x264 AAC MSub - xRG
കമന്ററി എഴുതിയത് Kuldeep_Gurjar
Episode 02 Syncing Issue Fixed 😊😊😊😊

ടാഗുകൾ

webrip
web
BRip
1080
x265
HEVC
x264
720p
720
Web-DL
web-dl
WEB-DL
HD
2CH
പ്രസിദ്ധീകരിച്ചത്: 2019-08-16
ഡൗൺലോഡുകൾ: 82
ശ്രവണ വൈകല്യമുള്ളവർക്ക്: No

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ആദ്യത്തെ 200 വരികൾ.

‪अस्वीकरण - यह सीरीज़ काल्पनिक है ‪और यह विक्रम चंद्रा द्वारा

‪2006 में लिखे गए उपन्यास “सेक्रेड गेम्स” पर ‪आधारित है। हमारा उद्देश्य इस सीरीज़ में

‪दिखाए गए चरित्रों के कार्य या उनके दर्शाए गए ‪संबंधों की पुष्टि, प्रचार, प्रोत्साहन

‪और समर्थन करना नहीं है। इस सीरीज़ के किसी भी ‪चरित्र के साथ किसी व्यक्ति, स्थान,

‪वास्तविक घटनाओं, भाषा आधारित समूहों, ‪राजनैतिक दलों, समुदायों,

‪धर्म या पंथ के साथ किसी भी तरह की समानता ‪मात्र एक संयोग और अनजाने में किया गया कार्य है।

‪ छोड़, बहनचोद छोड़, छोड़, छोड़।

‪ अपुन किधर था, मालूम नहीं।

‪इधर कौन लाया? मालूम नहीं।

‪काय को लाया। मालूम नहीं।

‪लाइफ़ हराम हो गयी थी सरदारजी...

‪जैसे अब आपकी होने वाली है।

‪मादरचोद।

‪जय हिन्द, सर।

‪बिबिन्का 623 एक्टिवेट हो गया है।

‪प्रधान मंत्री कार्यालय

‪ ...सबसे बड़ा करोड़पति। ‪आखिरकार मोंट्रियल जा रहा है।

‪टैक्स में 40 करोड़ बचाने के लिए।

‪सर, बिबिन्का 623 एक्टिवेट हो चुका है।

‪बहनचोद!

‪ 40 दिन बाद जब ‪अपुन वो अंधे कुएं से निकला...

‪तो दिमाग में बस एक ही कीड़ा नाचरेला था।

‪अपुन को बस गांड मारनी थी। ‪जिसने भी अपने साथ ये किया...

‪ईसा, पारुलकर, सब की।

‪बाहर आया तो मालूम पड़ा कि ये खेल... ‪इन सब चूतियों से,

‪आपसे... मुझसे... बड़ा है।

‪ अपुन का टिप ‪कभी गलत नहीं होता, सरदारजी।

‪अपुन बोला था... त्रिवेदी बचेगा।

‪कसम से केहता है, सच बोला था।

‪इसी पहेली को सुलझाओ...

‪सारे जवाब मिल जाएंगे।

‪NETFLIX ओरिजिनल सीरीज़

‪पहली कड़ी ‪मत्स्य

‪ सर, ये पैम्फलेट मिला है बंकर में...

‪ये किसी आतंकी गिरोह के ‪रिक्रूटमेंट का पोस्टर लग रहा है।

‪आमतौर पर, जब भी कोई बड़ा अटैक करते हैं ‪ये लोग, तो ऐसा पोस्टर बनाते हैं।

‪और इसपे लिखा है कि जंग का वक़्त आ गया है।

‪आयसिस इंडिया में घुसने की कोशिश ‪तो कर ही रहा है...

‪-शायद कोई स्प्लिंटर ग्रुप हो। ‪- नहीं।

‪स्टेट लेवल पे ‪हम आइसिस पर बहुत कड़ी नज़र रखे हुये हैं।

‪वहां कोई चिंता की बात नहीं है।

‪हमारी एजेंट, अंजली माथुर...

‪वो हिज्बुद्दीन पर ध्यान रखे हुए थी, ‪टिप ऑफ मिला था बलूचिस्तान से।

‪- मारियो, ‪- सर।

‪ इसके लिए एक एसआईटी बनाओ।

‪लश्कर, आइसिस और हिज़्बुद्दीन...

‪-अभी के लिए उनके पीछे जाते हैं। ‪-जी सर।

‪सरताज, बढ़िया काम।

‪तुम एसआईटी में शामिल होना चाहोगे?

‪जी, सर।

‪सर, इंस्पेक्टर माजिद खान आंतकी सेल का स्पेशलिस्ट है।

‪ ज़रूर।

‪ माजिद, तुम सरताज को रिपोर्ट करोगे।

‪जी, सर।

‪बॉस बन गया है तू।

‪ पार्टी दे दे।

‪ इतना बड़ा कन्साइनमेंट ‪भोंसले के एनजीओ से जुड़ा हुआ है।

‪अब बीच में ये हिज़्बुद्दीन कहाँ से आया?

‪भोंसले किसी और के लिए काम नहीं कर सकता?

‪तुझे लगता है?

‪बड़े केस में घुसता नहीं ना,

‪तुझे पता नहीं शाहिद खान क्या चीज़ है।

‪93 ब्लास्ट से लेकर, कंधार हाईजैकिंग तक,

‪सब में उसका हाथ है।

‪चेक तो करना पड़ेगा ना।

‪तू शाहिद खान को ढूंढ...

‪मैं गायतोंडे के तीसरे बाप को ढूंढता हूँ।

‪बस। बस, बस, बस।

‪बस, बस, बस, बस।

‪ 25 दिन में क्या होने वाला है?

‪ मेरा बाप सबकी गांड मारने वाला है।

‪लेकिन मैं... त्रिवेदी को बचाएगा।

‪ कौन सा बाप?

‪वो गाँव वाला पंडित?

‪ नहीं, साहब। तीन बाप हैं मेरे।

‪साला बाप ही से तो सारा पंगा है।

‪पहले बाप ने अपुन को डर दिया, दूसरे ने डेयरिंग।

‪पर तीसरे ने, जिसको सब से ज्यादा प्यार किया, ‪उसने धोखा।

‪ समय पर विजय पाना मुमकिन है...

‪क्योंकि समय रेडियोएक्टिव है।

‪वो घटता है, और रहता है, हमेशा के लिए।

‪यह एक चक्र है...

‪और समय के इस चक्र को

‪चार युगों में बांटा गया है।

‪मेघा?

‪मेघा।

‪ हाँ?

‪क्या हम दोबारा कोशिश कर सकते हैं?

‪ क्या बात कर रहे हो?

‪मैं सीरियस हूँ।

‪तुम सीरियस हो?

‪ठीक है,

‪तो सीरियसली बात करते हैं।

‪अब क्यों?

‪क्योंकि...

‪मुझसे नहीं हो रहा अब।

‪एक-एक करके,

‪सब चले जा रहे हैं मेरी लाइफ़ से।

‪एकदम अकेला महसूस कर रहा हूँ।

‪और अब डर लग रहा है...

‪तुम भी चली जाओगी।

‪मैं जा चुकी हूँ, सरताज।

‪नहीं मेघा, प्लीज़... प्लीज़ ऐसा मत बोलो।

‪हम सिर्फ़ लड़ेंगे।

‪नहीं…

‪बहुत लेट हो गया है।

‪ नहीं समझ में आता ना सरदार जी,

‪किधर जाएगा कहानी? अपुन को भी नहीं आता था।

‪अजीब लाइफ था उधर...

‪नाव के एक गार्ड को मार मार के टपका दिया,

‪लेकिन वो तब भी नहीं बोला ‪कि अपुन दुनिया के किस कोने में है।

‪अभी मरने के बाद क्या बोलता।

‪दिमाग में बदला लेने की ऐसी गर्मी थी कि अपुन

‪ठंडे पानी में ही तैरने लगा, बम्बई की तरफ़।

‪अपुन रोज तैरता था, पिछले दिन से थोड़ा जास्ती...

‪रोज बम्बई के थोड़ा और नजदीक।

‪इधर बोट में कुछ करने को भी नहीं था।

‪रोज तैरो, सड़ेला मछ्ली खाओ, ‪और गोपालमठ याद करके मूठ मारो।

‪यही अपुन का लाइफ़ था।

‪फिर एक दिन दूर देखा,

‪तो जवाब आरेला था।

‪1994

‪ ये पकड़।

‪ रुकिए, सर।

‪बैग आपका।

‪पहले मुझे बात करने दीजिएगा।

‪और कुछ?

‪मैडम आप जानती नहीं हैं,

‪बहुत अस्थिर आदमी है।

‪एक की जान चली गयी इनको नियंत्रण में रखने के लिए।

‪किधर है?

‪इधर ही था, सो रहा था।

‪हां?

‪-कमरे में कोई आया तो नहीं? ‪-नहीं।

‪ गणेश। गणेश!

‪मादरचोद, तेरी गांड में डालेगा मैं चाबी।

‪आ जा। ले ले चाबी।

‪डाल दे जिसकी गांड में डालना है।

‪ ये क्या है गायतोंडे?

‪-हम बात करने आ रहे थे ना। ‪-चुप कर भोसड़ी के।

‪मेरे को बम्बई वापिस जाने का है।

‪गोपालमठ।

‪ तू मुंबई वापस नहीं जा सकता रे।

‪ तू कौन है?

‪एक दोस्त।

‪तुम लोग को क्या मांगता है? बोलो ना।

‪मेरे को यहाँ बहनचोद बकरी के माफिक ‪बंद कर के रखा है।

‪ आफ्रीका में एक देश है केन्या...

‪उसका एक शहर है मोम्बासा...

‪इधर से नजदीक ही है।

‪ मैंने सुना ‪तू तैर के बम्बई जाना चाहता है।

‪ऐसे तैर के बम्बई जाएगा ना,

‪सिर्फ 188 साल लगेंगे तुझे।

‪कैलकुलेट किया है मैंने।

‪ तू मराठी पढ़ सकता है ना... पढ़।

‪ अपुन बम्बई के लिए ‪खड़े लंड के माफिक तड़प रहा था,

‪और बम्बई...

‪बम्बई अपुन को भूल रेली थी।

‪त्रिवेदी के भाई लोग ने बाबरी मस्जिद गिराया।

‪आईएसआई के पंटर, शाहिद खान, के साथ मिलके ‪ईसा ने शहर में बम लगाया।

‪पुलिस बोली अभी बहुत हुआ।

‪निकलो इधर से सब गैंग।

‪-उठाओ। ‪-साहिब।

‪ए! भारत सरकार... इज्जत से हाँ...

‪ चल आगे!

‪छोड़, मैं चल रही है, तू छोड़!

‪ ईसा और अपुन के जाने के बाद, ‪पूरा बैलेंस बिगड़ गया।

‪बम्बई के भाई लोग का सारा धंधा खल्लास।

‪और गोपालमठ... अक्खा बंजर।

‪भाग सकता है क्या मैं?

‪ देश का बंटवारा 1947 में हुआ था।

‪बम्बई का... 1993 में।

‪किसी ने कब्जा किया, ‪और किसी को दूर जाके अपना चाली बनाना पड़ा।

‪अपुन का बम्बई खतम हो रेला था।

‪नाम?

‪कुसुम देवी यादव।

‪क्या मांगता है?

‪इधर काम करो हमारे लिए, केन्या में।

‪मैं किसी की चाकरी नहीं करता।

‪अरे चाकरी नहीं है, पार्टनरशिप।

‪यहाँ धंधा शुरू करो।

‪धीरे-धीरे तेरे गैंग को भी निकलवा दूँगी जेल से।

‪ ईसा से बदला लेना है ना तेरे को।

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