The first 200 lines.
द वॉयर्ज़
टेडेस्की मूविंग
लग रहा है ज़िंदगी लिखकर दे रहा हूँ।
पेंट नहीं, दीवारों में छेद नहीं और छत से कुछ लटकाना नहीं।
पर्दे?
थॉमस, मकान मालिक हर किसी को यह घर किराए पर नहीं देते।
-यह हो रहा है! -पिप्पा, हिलना मत।
क्या आप हमारी तस्वीर खींच देंगी? शुक्रिया।
-मेरे टर्की। -मेरी चिकन।
-क्या हो रहा है? -खास नहीं। तुम बताओ।
हम वाकई यह कर रहे हैं, है न?
-लगता तो ऐसा ही है। हाँ। -हाँ।
-यह बड़ा कदम है। -बहुत बड़ा।
बहुत ही बड़ा। अगर यह कामयाब न हुआ...
-उफ़। -तो बुरा होगा।
क्यों न यह सब अभी खत्म कर दें?
-नाकामयाब होने से पहले खत्म कर दें? -जी... हाँ।
-मिलकर खुशी हुई। -बात करके अच्छा लगा।
-मैं आधा सामान ले लेती हूँ। -और बाकी का आधा मैं ले लूँगा।
हाँ, यह ठीक रहेगा।
जानू, यह हमारा घर है।
मैं यहाँ रहूँगी। तुम्हारे साथ।
नहीं।
अभी नहीं।
सही कहा! माफ़ करना!
किराएदार के दस्तखत
-यह क्या है? -क्लोरोफ़िल वाला पानी।
-क्या? -क्लोरोफ़िल वाला पानी।
यह लंबे जीवन का रहस्य है।
मैं अपनी वाइन से खुश हूँ।
ठीक है, तुम्हारी व्हाइन तुम्हें मुबारक।
ठीक है, रुको।
पता है साथ रहना शुरू ही किया है, पर बच्चों के बारे में बात कर सकते हैं?
-बच्चे? -हाँ।
हमारे लिए अभी यह बात करना ज़रूरी है।
ऐसा हो सकता है कि कम से कम चार साल तक हमारे बच्चे न हों?
-हाँ। अरे, बिल्कुल। -ठीक है?
-अरे! इतना... -तुमने मुझे डरा दिया।
सच कहूँ तो मैं सोच रही थी कि
मैंने अपनी सारी ज़िंदगी कॉलेज में बिताई है, ठीक है?
जहाँ तक मुझे पता है।
तुमने बीस के होने के बाद कुछ साल घटिया क्लबों में बिताए
-और पता नहीं क्या-क्या किया। -ड्रग्स।
और मैंने ये साल किसी मेडिकल लाइब्रेरी में बिताए,
-सुबह 2 बजे तक पढ़ते हुए। -सही।
इसलिए मैं नहीं चाहती कि कोई गोलू सा बच्चा आए
और मौज-मस्ती करने के आखिरी कुछ सालों का मज़ा खत्म कर दे।
हाँ, एक बात बताऊँ? मैं भी मौज-मस्ती करने के बारे में सोच रहा था।
तुम कोई बकवास बात कहने वाले हो।
नहीं। मैं... ठीक है,
तुम्हें लगेगा मैं थोड़ा हिला हुआ हूँ,
पर मैं एक अकॉर्डियन सीखने के बारे में सोच रहा था।
-नहीं। सच में? -तो तुम किसकी बात कर रही हो?
मैं चाहती हूँ कि इतवार की सुबह जब उठूँ तो ज़बरदस्त हैंगओवर हो
जो मुझे उन गलत फ़ैसलों की याद दिलाए जो एक रात पहले लिए थे।
इसकी बात कर रही हूँ।
सही कहा। यह तुम्हारा हक बनता है।
बेहिसाब हैंगओवर पाने का हक है, पिप्पा।
-हाँ। -बिल्कुल।
शानदार, गलत फ़ैसले लेने के नाम।
शानदार, गलत फ़ैसले लेने के नाम।
यहाँ आओ।
-मैं तुमसे प्यार करता हूँ। -मैं भी।
उन दोनों को देखो।
वह कोई फ़ोटोग्राफ़र वगैरह है क्या?
लग तो रहा है।
सब कुछ साफ़ दिख रहा है।
अच्छी जगह है...
चुम्मा-चाटी हो रही है।
एक-दूजे से प्यार करते हैं।
मामला बढ़ रहा है।
वह आदमी उसके कपड़े उतार रहा है।
-थॉमस! -शुरू हो गए।
-थॉमस। -क्या?
पड़ोसियों की जासूसी करना गलत है।
नहीं। हम जासूसी नहीं कर रहे।
हम बस खिड़की के बाहर देख रहे हैं। संयोग से वे हमारी नज़रों के सामने हैं।
ठीक है! उन्हें पता होना चाहिए कि लोग देख सकते हैं।
बिल्कुल।
-उन्हें पता होगा ही। -पता तो होगा।
क्या वह वही करने वाला है, जो मैं सोच रहा हूँ?
हाँ।
बढ़िया सीन है।
ठीक है।
थॉमस, हम छिछोरों की तरह उन्हें ताक रहे हैं।
-तुम्हें नहीं लगता? -नहीं! क्या? वे चाहते हैं हम देखें।
पर नहीं देखेंगे, क्योंकि तुम यही चाहती हो।
शुक्रिया। आज हमारी पहली रात है।
-बिल्कुल। -चलो अपने पड़ोसियों को अकेला छोड़ देते हैं।
वे मज़े कर रहे हैं। बढ़िया।
थॉमस! बस करो, गंदे आदमी।
ठीक है!
शाबाश। लगे रहो, दोस्त।
तो...
तुम्हारे लिए छोटा सा...
थॉमस?
जानू?
थॉमस।
थॉमस।
सेक्स।
तो, बधाई का मौका है।
-मैंने क्या किया? -तुमने? कुछ नहीं।
पर मैं तीन दिन से सोशल मीडिया से दूर हूँ।
न इंस्टाग्राम। न ट्विटर।
जोनी और मैंने एक महीने यह करने की कसम ली है।
बधाई हो, आरी।
मैंने पढ़ा है जो जोड़े स्क्रीन पर कम समय बिताते हैं,
वे महीने में पहले से दोगुना सेक्स कर सकते हैं।
सच में?
तो हस्तमैथुन करते समय वे क्या देखते हैं?
अरे, याद आया! साथ रहना कैसा लग रहा है?
कल रात कुछ अजीब हुआ।
हमारे सामने रहने वाले पड़ोसी
मज़े कर रहे थे, और हम सब कुछ देख पा रहे थे।
बाप रे! भद्दे लग रहे थे क्या?
बिल्कुल नहीं। खूबसूरत लग रहे थे।
तो तुमने कुर्सी लगाई, पॉपकॉर्न बनाए,
दूरबीन निकाली...
-नहीं। -क्यों नहीं?
अगर कोई जानबूझकर अपनी निजी ज़िंदगी दिखा रहा है,
तो यह मतलब नहीं कि देखते जाओ।
इस बारे में तुम बिल्कुल गलत हो।
देखने में कुछ भी गलत नहीं।
-शायद उन्हें दिखाने में मज़ा आता है। -मुझे नहीं लगता।
उन्हें दिखाना पसंद है,
तो देखने में कोई बुराई नहीं।
लंच पर मिलूँगी। तब तक मज़े करो।
इसके बाद आपको काफ़ी बेहतर दिखने लगेगा।
बस आराम कीजिए, ठीक है?
मैं पिछले 20 साल से हर हफ़्ते यह 40 बार करती रही हूँ,
और आधे से ज़्यादा मामले सफल रहे।
मज़ाक कर रही हूँ। ज़रा कैनुला देना।
बीस साल।
और मैं अब भी यह सोच रही हूँ कि आगे चलकर क्या करूँगी।
ठीक है, तीन, दो, और...
हैलो। ला ऑप्टीक से पिप्पा बोल रही हूँ। आपका चश्मा तैयार है।
पिप्पा?
हमारा क्लिनिक 6 बजे तक खुला है। स्वागत है। बाय।
यह क्या है?
जापान में, चिड़ियों को "पंख वाली दो आँखें" कहा जाता है।
इसकी एक अच्छी वजह है।
उनकी नज़रें इतनी तेज़ होती हैं
कि वे आठ मंज़िला इमारत के ऊपर से
नीचे फ़ुटपाथ पर रेंगने वाली चींटी भी देख सकती हैं।
आप इसे यह क्यों बता रही हैं?
यह गृह प्रवेश का तोहफ़ा है।
जब अपनी खिड़की से बाहर चिड़ियों को इससे पानी पीते हुए देखोगी
तो तुम्हें याद आएगा कि हमारी प्रजाति की नज़रें कितनी कमज़ोर हैं।
तुम और मैं, हम यहाँ बस उसे थोड़ा बेहतर बना रहे हैं।
शुक्रिया।
मुझे भी तोहफ़ा चाहिए।
हैलो, जानू!
हैलो!
थॉमस! यह बहुत प्यारा है!
हम बर्ट और अर्नी लग रहे हैं।
हमारे मिलनसार पड़ोसियों का क्या हाल है?
सच में? अब बस यही बात करेंगे?
देखो, वे हमारे जैसे ही हैं।
वे हमारे जैसे नहीं हैं। हमसे बेहतर हैं।
-हाँ। -अरे, ऐसे सामने खड़े होकर मत देखो।
सही कहा। छिपकर देखते हैं।
हम उनके दोस्त कैसे बनें?
उन पड़ोसियों को दोस्त बनाना चाहते हो जिन्हें हम ताड़ रहे हैं?
क्यों नहीं?
वह यकीनन बढ़िया क्वालिटी की दारू पी रहा है।
वह थोड़ी सी मुझे पिलाएगा और मैं फ़र्क जानने का नाटक करूँगा।
और फिर वह तुम्हें कपड़ों की बढ़िया दुकानें दिखा सकती है।
हाँ। लड़कियाँ तो बस खरीदारी ही करती हैं।
ठीक है। तो मैं उन दुकानों की जानकारी ले लूँगा।
उनके नाम क्या हैं?
उसका नाम तो मार्गो ही होगा।
बेशक। वह तो मार्गो ही लगती है।
और वह ब्रेंट है।
ब्रेंट मुझे शरीर के बालों की काट-छाँट का तरीका सिखा सकता है।
कल उसके निचले बालों की झलक देखी थी, शानदार ढंग से ट्रिम किए हुए थे।
-मैं भी ऐसे कर लूँ? -नीचे के बाल हटाने हैं?
-हाँ। -नहीं।
वापस काँटेदार होकर नहीं उगेंगे?
"काँटेदार।"
रुको, क्या उसका दम घुट रहा है?
ओह। वह साँस नहीं ले पा रहा।
-हाँ। -वह देख नहीं पा रही।
हम क्या करें?
-हाँ, वह देखो! -बढ़िया! जाओ!
-नहीं! -रसोई में जाओ! रसोई में!
अपने हेडफ़ोन हटाओ!
यह आपातकालीन स्थिति है!
ठीक है, 911 को कॉल करूँ?
नहीं, उसमें समय लगेगा। वहाँ जाओ।
-वे जान जाएँगे कि हम जासूसी कर रहे थे। -मरेगा तो नहीं। जाओ!
ठीक है। धत् तेरे की। तो मैं वहाँ जाऊँ?
-जाओ! -ठीक है। जा रहा हूँ!
-रुको। थॉमस! वापस आओ! -क्या हुआ?
-तुम क्या कर रही हो? नहीं! -नहीं, ऐसे मत करो।
-ज़ोर से! -वह क्या कर रही है?
अरे, ऐसे नहीं!
क्या कर रही हो? ऐसे नहीं करते!
देखो!
इस तरह!
-हाँ! इसी तरह! -यही तरीका है।
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