The first 199 lines.
भारत के कोचीन समुद्री तट से दूर
कोचीन पहुँचने में कितना समय लगेगा?
एक घंटा।
अगर हम ऐसे ही तेज चलाते रहे तो इंजिन गर्म हो जाएगा।
"मैं तटरक्षक बोल रहा हूँ। अपना परिचय दो!"
"बोलो!"
चलाते रहो। उनकी चिंता मत करो।
"अपना परिचय दो!"
- तेज भागने दो। - और तटरक्षक को अनसुना कर दूँ?
कुत्ते के बच्चे! नाव भागने दे!
अगर तू भी कप्तान के पास पहुँचना नहीं चाहता तो!
नाव भगा! मादरजात!
आसिफ भाई, क्या कर रहे हों आप?
मूसा बीच में मत पड़! मैं जानता हूँ मैं क्या कर रहा हूँ?
हा...
हे! कुत्ते का बच्चा!
नाव का अपहरण करना बुरा विचार था।
चुप रहो मूसा!
हमें कुछ और दिन... लक्षद्वीप में ही रहना चाहिए था।
हमें इंतजार करना चाहिए था, आसिफ भाई!
मूसा, आखिरी बार कह रहा हूँ। इससे दूर रहो। यहाँ लीडर मैं हूँ।
अबु, तुम मैकेनिकल इंजिनीयर हो ना? तुम इसे ठीक कर सकते हो?
चलो उनको सबक सिखाते हैं!
उन्हें आश्चर्य में डाल देंगे!
आसिफ भाई मेरी बात सुनो। यह अच्छा नहीं होगा!
चुप करो वर्ना कसम से पहले तुझे ही मार दूँगा!
कुत्ते के बच्चे!
क्या किया यह तूने?
मैं यहाँ नहीं मरना चाहता।
जब तक मैं तुझे ना मार दूँ!
नाव पर जितने भी लोग हैं सब छत पर आ जाओ!
अपने हथियार फेंक दो!
फिर कहता हूँ, अपने हथियार फेंक दो!
नाव पर जितने भी लोग हैं सब छत पर आ जाओ!
हाथ ऊपर करके।
ध्यान से सुने, हाथ ऊपर करके!
द फॅमिली मैन
भाग एक द फॅमिली मैन
मुंबई भारत
जेके
श्री, तुमने अपनी दवाइयाँ ली या नहीं?
- मैंने वहाँ मेज पर रख दी थी। - हाँ। ले ली।
बिजली का बिल भरा या नहीं?
बिजली काटने का नोटिस आया है!
अरे मैं तो गया था यार! खिड़की ही बंद हो गयी थी।
- बहाने मत बनाओ! - अरे नहीं...
आजकल सबकुछ ऑनलाइन हो जाता है।
और सुनो!
- आज तुम बच्चों को छोड़ दोगे, प्लीज? - नहीं, मैं नहीं कर सकता यार!
श्रीकांत! बच्चों का सारा काम मैं करती हूँ।
आज एक दिन कुछ करने के लिए कहा तो तुम...
मेरी एक क्लास साथ में है और मैंने तैयारी तक नहीं की है।
प्लीज श्री?
प्लीज श्री? आज एक दिन, प्लीज?
धृति, मत करो!
- फोन रखो। - मम्मी मुझे इडली पसंद नहीं है।
अरे तुम्हें तो पसंद है ना?
इसलिए सांभर है। चटनी है। पोड़ी है।
और क्या चाहिए इडली में?
मम्मी मुझे घी बिलकुल पसंद नहीं है।
तुम लोगों को बस सड़क का खाना पसंद है।
जब तक गंदगी पेट में नहीं जाती ना, पेट नहीं भरता है।
खाओ चुपचाप!
भूख नहीं है।
लंच तक भूखी रहोगी?
यहाँ लोगों को खाने के लिए नहीं है और महारानी के नखरे खत्म नहीं होते।
मैं सैंडविच बना दूँ?
- तुम ही इन्हें बिगाड़ रहे हो! - मैं बिगड़ी हुई नहीं हूँ।
सुचि, मुझे इडली पसंद है।
जानती हूँ बाबू इसलिए तुम बहुत अच्छे बच्चे हो।
चलो मैं निकल रही हूँ। बाय!
- बाय सुचि! - बाय मम्मी!
बाय सुचि!
खाओ! हे चलो!
- पापा? मुझे चीज पसंद नहीं है! - हाँ?
माफ कर दो महारानी साहिबा! गलती हो गयी।
बाहर रास्ते से कुछ लेकर आऊँ?
- हाँ! - हाँ!
मुझे मैक डोनाल्ड चाहिए!
जेके
ओह! बहुत गर्मी है। एसी चालू करता हूँ!
- पापा! - इतना अच्छा मौसम है!
एसी क्यों चाहिए?
ताजी हवा में साँस लेना सीखो।
पापा! हम नई कार कब लेंगे?
जब तुम कमाने लगोगे तब!
- धृति! - हम्म!
तुम्हारे फोन के बाहर भी एक दुनिया है।
जरा सिर उठाकर भी देख लिया करो!
पूरा समय लड़कों के साथ चैट करती रहती है।
चुप बे गांडु!
यह कैसी भाषा है?
यार! अपने बाप की थोड़ी इज्जत किया करो यार!
पापा! अगर आप सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करेंगे तो आपको एक नई कार मिल जाएगी।
लेकिन आपको यही नौकरी क्यों करनी है?
क्योंकि सरकारी नौकरी में कुछ करना नहीं पड़ता ना इसलिए!
- हैं ना पापा? - अच्छा?
तुम्हें मैंने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी, स्वीकारी क्यों नहीं?
आप मेरे दोस्त नहीं हैं! आप मेरे पिता हैं।
वह डरती है पापा।
अगर आप इसके फेसबुक पर आओगे... तो आपको इसके बॉयफ़्रेंड्स के बारे में पता चल जाएगा ना?
- - ओए मादर...
- क्या हुआ? - अरे कुछ नहीं भैया! कुछ नहीं।
- अरे! - क्या बोला बोल?
अरे कुछ नहीं बोला यार!
अरे बोल भोसडीके! क्या हुआ?
गाली क्यों दे रहा है? बोला ना, बात खत्म। जाने दे। बच्चे बैठे हैं।
दिखाई नहीं दे रहा तुझे?
तेरे बच्चों के कारण तुझे छोड़ रहा हूँ!
समझा लो अपने बाप को!
चूतमारी का!
आपने उसे सुनाया क्यों नहीं?
मुझे पता था कि आप कौन सी गाली देने वाले हों?
आप डरते क्यों हों पापा?
मैं बोल देता हूँ!
अबे ओए मादरजात!
साला! खिड़की बंद करो!
- क्या बोला रे? - अरे कुछ नहीं!
क्या बोला?
वापस बोल! रूक!
दिमाग खराब है क्या?
तुम्हारी माँ ने सुना तो कमरे में बंद कर देगी!
और इसका आरोप भी मुझपर कि मैंने सब सिखाया है।
हद है यार!
इतने बड़े स्कूल में जाते हो...
ऐसी सड़कछाप भाषा बोलते हो तुम लोग!
क्या फर्क रहेगा उस बाइकवाले में और तुम में?
बड़ा होकर यही बनना है?
मैं जब बड़ा होऊँगा ना, तो सबके मुँह पर एक मुक्का मारूँगा।
ए!
खिड़की बंद है। लो ताजी हवा!
और उस थकेले से माफी मांग रहे थे?
जब कि गलती उसकी थी।
मैं सच बोल रही हूँ...
डॉक्टर ने गलती से हमें किसी और का बच्चा दे दिया है!
बेचारा, मेरा असली भाई...
किसी और परिवार में बड़ा हो रहा है।
यह ले!
- अरे! - क्या चल रहा है यह?
क्या कर रही हो?
- रूको! - लड़ते रहो!
आऊ!
- बस-बस! - बस!
अरे दरवाजे तक तो छोड़ सकता हूँ?
- नहीं! - नहीं!
इतनी खराब कार भी नहीं है।
तुम लोगों को पता नहीं कितने भाग्यशाली हो तुम लोग!
मैं पाँच किलोमीटर सायकल से स्कूल जाया करता था।
और हमारे दादा जी नदी पर करके!
एहसान फरामोश बच्चे!
आ रहा हूँ बहन के! इंसान की गांड़ में ही घुस जाओ!
अरे बहुत जल्दी आ गया तू!
सिर्फ एक घंटा देरी से! बस!
बजे हुए की और मत बजा।
बच्चों को स्कूल छोडकर आ रहा हूँ।
आज शर्मा तेरी लेनी वाला है!
- क्या बात कर रहा है! - एकदम खोलकर!
एक सेकंड!
अब गया! लगी तेरी!
जी सर!
सर, बहुत भयानक दुर्घटना हो गयी थी, सर!
नहीं! मेरा नहीं सर! मेरा नहीं।
एक टॅक्सी वाले ने वडापाव वाले को मार दिया सर।
सर, क्या कहूँ, खून से लथपथ हो गया था।
टैक्सी वाला नहीं! वह, वडापाव वाला।
जब एम्ब्युलेन्स आयी तब मैं वहाँ से निकल पाया सर!
निकल गया सर!। बस ऊपर ही आ रहा हूँ।
जल्दी आ रहा हूँ। ठीक है।
जी सर।
सर जी! इस कहानी में, मैं जिंदा बचता हूँ कि नहीं?
बॉस के मूड पर निर्भर है सब।
आप कहीं से सीखते हैं क्या साहब?
क्या खड़े-खड़े कहानी बना लेते हैं।
शादी कर ले! खड़े-खड़े बहुत कुछ बनाएगा तू!
- ए हीरो, पैसे देना! - छुट्टा नहीं है।
- नमस्ते। सब बढ़िया? - नमस्ते सर।
- अच्छी लग रहे हों। - सर!
संकट विश्लेषण और निगरानी दल
श्रीकांत, जे. के.
तुम लोगों को इस बार भी मीटिंग के लिए देरी हो गयी।
अच्छा? देरी हो गयी क्या?
माफ करना!
ऊपर आओ।
ये तीनों समुद्री रास्ते से घुसने की कोशिश कर रहे थे।
मछली पकड़नेवाली नाव का अपहरण किया और कप्तान को मार दिया।
दक्षिण कोचीन से लगे भारतीय समुद्री सीमा में पकड़े गए।
भारतीय तटरक्षक की हिरासत में हैं।
मोइनूद्दीन उर्फ आसिफ।
त्रिवेन्द्रम बस धमाका। मैसूर उच्च न्यायालय धमाका...
दोनों में संदिग्ध है।
नाव लक्षद्वीप से रजिस्टर्ड थी।
हमारा अनुमान है कि कुछ दिनों से वे वहीं छिपे हुए थे।
बाकी दोनों कौन हैं सर?
सब केरल से हैं।
आसिफ के गाँव के आसपास से ही हैं।
कुछ सालों से पहले अचानक गायब हो गए थे।
ऐसा शक है कि दोनों सीरिया जाकर आईसीस से जुड़ गये।
हालाँकि उनके नाम पर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
मूसा रहमान, कासरोड से। उम्र चौबीस साल और कानपुर आईआईटी से है!
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