Mirzapur

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Season 1

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S01 - AMZN WEB-DL - NG / ION10 / ASCENDANCE
A Commentary by bontoutou
Official Subtitle - Works with all WEBRip and WEB-DL from AMZN - NG / ION10 / ASCENDANCE

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Published on: 2019-10-01
Downloads: 110
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Hindi subtitle preview

The first 160 lines.

- -

"कालीन भैया।"

"किंग ऑफ़ मिर्ज़ापुर।"

तो, भोसड़ी के, हम हुए...

प्रिंस।

प्रिंस।

कालीन भैया द किंग ऑफ़ मिर्ज़ापुर

ये लीजिए, मुन्ना भैया।

फ्री में लेकर आए हैं।

अपनी पावर सॉलिड है कालीन भैया के नाम से।

पावर अगर दूसरे के नाम से हो,

तो अपनी नहीं ना हुई, बे, कम्पाउन्डर।

बैठो, ये भी ले लो।

अरे, यार!

कैसे चूतड़ मटका रहे हैं साले चूतिये।

हम दिखाते हैं इनको।

चलो बे, कम्पाउन्डर।

आदमी : अरे, भैया, जरा संभलकर। ओ, भैया, संभलकर!

कौन है, भैया?

- मुन्ना : ये हैं हम। - जीजाजी!

नाचो, भोसड़ी के, नाचो।

ऋतिक रोशन देखा है, हाँ, चलो नाचे वैसे।

मुन्ना : चलो! हाँ, ये! ये!

- क्या बात! ये! ये बात! -

हाँ , वो, वो। अगला, अगला कौन सा करेंगे?

सभी : नागिन, नागिन, नागिन, नागिन!

- -

आदमी : अब, बिजली, बिजली!

- पतंग, पतंग, पतंग! -

बैंड बज गया।

मिर्ज़ापुर

त्रिपाठी कार्पेट कंपनी

आदमी : सलाम, कालीन भैया।

हम्म।

मकबूल।

मकबूल : जी?

लाला जबान का पक्का है।

बर्फ़ी बढ़िया है, अच्छा नसा देगी।

एक काम करो, कालीन का प्रोडक्सन बढ़वा दो।

जी, भैयाजी।

और, कट्टों का क्या हुआ?

तैयार हैं।

भैयाजी आ गए। भैयाजी आ गए।

नमस्ते, भैयाजी।

दो मिनट कालीन भैया से बात करनी है।

ये तो तुलसी चौक का कबूतर है, भैयाजी।

भैयाजी, हम आपके गन डिस्ट्रिब्यूटर हैं।

हमसे कट्टा खरीदा था ये। उस कट्टे से इसका...

भैयाजी, हम ट्रिगर दबाए और हाथ में ही फट गया।

तो, भोसड़ी के, तुम इसके लिए हमारे दरवाजे पे चले आए?

नहीं, भैया। इसको हम मना किए थे, पर आपसे मिलने की जिद पकड़ लिया था।

देखके नहीं लिया था?

कितना में लिया था?

वो, डेढ़ हज़ार वाला।

अब डेढ़ हज़ार में, भोसड़ी के, एके 47 चाहिए तुमको?

मकबूल।

दो रे, छर्रा डालके।

आदमी : जी।

ये लो।

चलिए। कोशिश करिए।

करो।

भैयाजी, हम दाहिने हाथ से चलाते हैं।

थे। अब बायें से चलाओगे।

अब आगे का जीवन जो है ना, खाना-धोना, सब उसी से होगा, बायें से।

चलिए। चलिए। करिए कोशिश।

ओए, कबूतर।

भैयाजी?

ये लो। ले जाओ इसको हॉस्पिटल में।

मकबूल, ये देसी कट्टों का कुछ करना पड़ेगा, फटने का।

व्यापार में नुकसान होता है। चलो।

दोस्तों, आपकी ज़िंदगी में नया सवेरा लाएगा कौन?

गज्जूमल कॉलेज को मुन्ना त्रिपाठी के आतंक से मुक्त कराएगा कौन?

मुन्ना भैया को वोट दें

शांति और अमन लाएगा कौन?

मैं, आपका दीपू सिंह।

तो, दोस्तों, मुझे अपना प्रेसिडेंट चुनकर,

अपने और अपने कॉलेज के भविष्य को बेहतर बनाएँ।

तृतीय वर्ष - कॉमर्स

बहुत मजबूत कर लिए हैं कलाइयाँ, गुड्डू भैया। अब थोड़ा पढ़ भी लीजिए।

अरे, ए, पहलवान जी।

जरा उठिए। अगली एन्ट्री बताइए तो।

टीचर : अरे, खड़े होइए।

इ जो बनमानुस जैसा अपना शरीर बना रहे हैं ना ये एकदम मैच करता है

आपकी बुद्धि से।

अरे, दोनों के दोनों मोटे।

अरे, दो साल से फेल हो रहे हैं,

पंचवर्षीय योजना बनाना है क्या?

बैठ जाइए। लंठ कहीं के।

हँस काहे रहे हो, बे?

गुरूजी हमें लंड कह रहे हैं। हम मुँह तोड़ देंगे इनका बाहर।

अरे, वो लंड नहीं कह रहे हैं। वो लंठ कह रहे हैं।

इसमें "ठ" होता है "ड" नहीं होता है।

लंठ माने, दिमाग से गधा, जड़बुद्धी।

हाँ, फिर ठीक है।

वैसे भी, बुद्धि होती, लुढ़क-लुढ़कके तुम्हारी क्लास में थोड़े ही आते।

बबलू : हम्म, इसलिए तो कह रहे हैं कि थोड़ा पढ़ लीजिए।

पढ़के घंटा होगा, बबलू।

सारी सीट जो है ना, रिज़र्वेसन वाले ले जाएँगे।

हमारा तो तुम जानते हो, बे।

- इस साल मिस्टर पूर्वांचल हम ही बनेंगे। - अच्छा।

इक्यावन हजार इनाम है।

कालीन भैया स्पौन्सर हैं। अपने हाथों से ट्रॉफी देंगे हमको।

हम्म, अच्छा है, अच्छा है।

बहुत अच्छा है।

दीपू : नमस्ते, नमस्ते!

अगर आप लोगों को इस कॉलेज से गुंडाराज हटाना है, तो कृपया मुझे ही मत दें।

दीपू सिंह। नाम याद रखिएगा। दीपू सिंह को वोट दें।

अरे, दीपू बाबू!

अबे, अबे दाबो बे, जाओ ना।

कम्पाउन्डर : पकड़, ओए। अबे, रुक।

ऐ!

पंकज : अरे, भोसड़ी!

अबे साले, कॉलेज घुमाएगा?

पंकज : ए, सफेद कोट! कहाँ गए नेताजी?

- बता रहे हो कि पढ़ाएँ केमिस्ट्री? -

पकड़ो मादरचोद को, साले को पकड़ो।

पंकज : मादरचोद, बोतल फेंकेगा, बे!

ललित : कहाँ भाग रहा है?

पंकज : गांड फटी, नेताजी?

पंकज : जाओ, जाओ। आते हैं।

मुन्ना : अच्छा नाश्ता करके आए हैं, भगा रहा है गांडू!

नमस्कार, मास्टर।

का भैया?

ये आप लोग पीछे क्या देख रहे हैं? सिनेमा हो रहा है क्या? पढ़िए-लिखिए।

बबलू, मुन्ना भैया को देख।

कैसे दौड़ाए हैं इसको।

छोड़ो। तुम्हें

पचास... पचास बार बोले हैं

पढ़ने-लिखने वाले छात्रों को राजनीति से दूर रहना चाहिए। हैं?

अबे, पढ़ाई-लिखाई में ध्यान लगाओ। आई-ए वाई-एस बनो

और देश को संभालो।

लेकिन नहीं। तुम्हारे गांड में चनूने... चनूने काट रहे हैं।

- मादरचोद। -

चुनाव में खड़े होंगे। कनवेसिंग करेंगे।

अबे भोस...

कम्पाउन्डर : चलो, चलो, चलो, बेटा, चलो।

क्या नाम है हमारा? मुन्ना त्रिपाठी।

गज्जूमल कॉलेज का राजा।

तो बेटा, अगर हम चुनाव में खड़े हो रहे हैं,

तो इसका मतलब चुनाव का नतीजा पहले ही आ चुका है।

है ना?

छोटी सी बात है।

इनकी कैंची बनाओ।

नहीं, भैया।

- कर दें गोल? हाँ? - ललित : जी, भैयाजी।

मुन्ना : कर दें? हाँ?

मुन्ना : हाँ, बेटा, गोल, हाँ?

इस डील में तो खन्ना की दोनों एफ़डी टूट गईं।

- हाँ, भैया, तुम। -

शाम को तुम्हारे लिए कैंटीन में चाय और समोसा।

नाम ले देना।

मुन्ना भैया, अंडे करा दीजिए, पचास।

खली बनना है ना इनको।

मुन्ना : चाय आप पी लीजिएगा, मास्टर साहब।

चलो बे।

दीपू सिंह को टंगड़ी काहे मारे, भैया?

देखे नहीं कितनी साबासी दिए हमें?

क्या कर रही है?

इतना टाईट चुड़ीदार पहनती है ना तू? दोलन-आन्दोलन होता है।

इसलिए लड़के तेरे पीछे चलते-चलते पूरा बजार घूम आते हैं।

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