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धूम्रपान और शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इससे कैंसर होता है।
धूम्रपान और शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इससे कैंसर होता है।
भगत सिंघ, राजगुरु और सुखदेव
भारत माता के स्वतंत्रता के लिए, उन्होंने अंग्रेज़ों का विरोध किया,
उनके लालची प्रतिनिधियों के सामने न झुकते हुए,
उन्होंने ख़ुद को फांसी लगवा कर अपनी जान दे दी।
हज़ारों लोगों को उनके बलिदान से
आज़ादी की प्रेरणा मिली।
तुम में से कोई बताओ भगत सिंह ने क्या किया महान बनने के लिए।
मैं कहूंगा, पिताजी।
स्कूल में मुझे पिताजी न बुलाने की ताकीद दी थी, ना?
मैं कहूंगा, सर।
ठीक है।
"अगर हम "माफ़ कीजिये" कहने को राज़ी हो गए,
तो इस देश में स्वतंत्रता की लड़ाई रुक जाएगी।"
उसके बजाय, अगर मैं फ़ासी लगवा दूँ तो हर एक घर में भगत सिंह पैदा होगा।"
इसका यह मतलब है, की बहुत हिम्मत से उन्होंने फांसी लगवाई।
नहीं, सर। मैं बताता हूँ सच में क्या हुआ।
ज़रूर, केशव।
कौन संसद में बम फेंक सकता है, सर?
इससे ही भगत सिंह महान हैं, सर।
यह ग़लत है, केशव।
उसने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ बम फेंकने का रास्ता चुना।
नहीं, सर, बम फेंकने में ही महानता है।
बैठ जाओ।
जिन बच्चोंने परीक्षा अच्छे अंक मिले हैं, मैं उनको तोहफ़ा दूंगा।
मैं आज तुम्हारे लड़के के बारे में बात करने आया हूँ।
मुझे लगता है कि उसका सोचना ग़लत दिशा में जा रहा है।
वह हिंसा की तरफ़ आकर्षित हो रहा है।
उस पर नज़र रखिये।
एक विद्यार्थी के बजाय उसे आप अपने लड़के की तरह बरताव करते है,
और इस लिए आप यहाँ आए हैं।
मैं और किससे बात कर सकता हूँ?
आप सच कह रहे हैं।
वह घर में छोटी-मोटी चोरियाँ करने लगा है।
माँ के ख़िलाफ़ जाने लगा है।
उसके आने-जाने मुझे कुछ भी पता नहीं चलता।
चार तरीकें हैं, उन्हें सबक सीखने के।
उन्हें कोई भी अंदाज़ा नहीं किस ओर जाएं।
आप उसे फुसलाकर या धमका कर सीखा सकते हैं।
मिलता हूँ।
-अच्छे से पढ़ना। -ठीक है, सर।
मेरा नाम मिट्टी में मिला रहे हो।
क्या मैं इतना बुरा हूँ कि लोग मुझे सुझाव दे रहें हैं कि कैसे तुम्हेंं सिखाऊं?
तुम्हारी तालीम और अंकों के बारे में यह शिकायतेँ कर रहे हैं।
यह सब क्या है। तुम्हेंं शरम नहीं आती क्या?
जय को देखो और कुछ सीखो, जड़बुद्धि।
तुमने मुझे इतनी रात को स्कूल में क्यों बुलाया है?
मैं अपनी बैग भूल गया था।
तुम उस दिवार पर बैठ जाओ और मैं अपनी बैग ले लेता हूँ।
ठीक है।
अरे...
अरे...
रुको!
हाथों में क्या है?
अरे, रुको।
रुको।
तुम्हारा हाथ दे दो।
बैग कहाँ है।
अरे, मैं तो परीक्षा पत्र लेने आया था।
परीक्षा पत्र?
मैं तुम्हारी मदद नहीं करूँगा अगर तुम वह चुराने आए हो तो।
अरे, वह हम दोनोंं को मारेगा।
वह गुस्सा करे या मारे, मैं तुम्हारी मदद नहीं करूँगा।
रुको।
रुको।
तुम जहाँ भी जाओ, मैं तुझे ढूंढ लूंगा। मुझसे बच नहीं पाओगे।
तुम ऐसा क्यों कर रहे हो?
जो कोई सबसे ज़्यादा अंक प्राप्त करेगा तेरे पिताजी उसे पेन देने वाले हैं।
-हाँ। -इस लिए मैं ने परीक्षा पत्र चुराया।
अच्छे अंक पाने के लिए पढ़ना चाहिए, चोरी नहीं।
तुम ग़लती कर रहे हो।
कुछ पाने के लिए, मैं जो कुछ भी लगेगा मैं करूँगा और वह ग़लत नहीं है।
भगवान से प्रार्थना करने से ठीक होगा।
मैं तुजे ऊँचे अंको के लिए प्रार्थना करने लाया हूँ।
अरे, एक रुपया है तेरे पास?
किस लिए?
भगवाम को चढ़ाऊंगा।
अरे, तुम क्या कर रहे हो? यह तो पाप है।
क्या पाप?
भगवान हे कहा है कि मत लो?
वह तेरे नहीं है, ना?
फिर किसके हैं?
तेरे, उसके या उसके?
भगवान के हैं। यानि सबके।
चलो यहाँ से।
बधाई हो!
-धन्यवाद, सर. -ऐसे ही पढ़ते रहो।
एक तो मेहनत करना और दूसरा, जैसे भी हो उसे पाना।
कल जो चोरी की थी उससे यह ख़रीदा?
तो क्या? पेन बहुत ख़ास है, हैं ना?
ऐसे दुबारा मत करो।
क्या तुमने यह चुराया है?
तुमसे क्या मतलब?
ठहरो, मैं सर को बताती हूँ।
सर, केशव।...
अरे, केशव, रोको, नहीं!
-सर! -अरे, केशव!
यह क्या बदतमीज़ी है, बेवक़ूफ़।
इसने ही उस दिन प्रश्न पात्र चुराया था, सर।
यह लड़का भी उसके साथ था।
जय, तुम देख रहे हो?
इसमें तुम्हारी भी ग़लती है, जो तुमने मुझे बताया नहीं।
बताओ मुझे।
क्या यह सही परवरिश है?
क्या हुआ? लेकिन आप तो उसे समझा सकते थें।
यह टीसी लो और जाओ।
मुझे नहीं पता और क्या करें। हम यहाँ उसके पढाई के लिए आए हैं।
वह पूरी तरह भटक गया है.
हम उसे हॉस्टल भेजेंगे।
-फिर मिलेंगे, सर. -ठीक है।
अरे, तुम अपना बर्ताव बदलो।
वह तुझे हॉस्टल में धकिल करेंगे।
अगर यह ऐसे ही चलता रहा, बड़े होकर तुम्हेंं जेल में डालेंगे।
कृपया, मेरी बात सुनो।
में वही करूंगा जो मेरा मन चाहे।
में इतनी दूर चला जाऊँगा कि तुम मुझे ढून्ढ न सकोगे।
आरएसएस के लिए देश की पूजा ही भगवन की पूजा है.
जब सेना देश के सिमा पर रखवाली करते हैं,
तो देश मैं किसी भी समस्या के लिए स्वयं सेवक तैयार होते है।
जय ने आज स्वर्ण पदक जीता है नुक्लेअर
फिजिक्स में, RSS के सिद्धांतो के बल पर.
उसके लिये बहुत सारी बधाइयाँ।
दो लोगों का मैं शुक्रगुजार हूँ,
पिताजी, जिन्होने मुझे परिवार को प्यार करना सीखाया।
और, RSS, जिसने मुझे देश प्रेमी बनाया।
मेरी इच्छा थी कि मेरी शिक्षा देश के काम आये
इसीलिए, डीआरडीओ में काम करना मेरा लक्ष्य था.
डीआरडीओ.
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन।
जो संगठन सीमा पर खड़े सैनिकों को
अस्त्र और शास्त्र जुटाती है.
यह कहावत है जो मुझे सतेज रक्ति है.
स्वामी विवेकानंदजी ने कहा, "जागो और तब तक न रुको जब तक अपना लक्ष्य हासिल ना हो।
जय हिंद!
जैसे परिवार को तुम्हारी जरुरत है, युद्ध में जाने के लिए तैयार रहो।
पलक जैसे आँख की हिफाज़त के लिए तुम भी तैनात रहो सैनिक की तरह
जैसे परिवार को तुम्हारी जरुरत है। युद्ध में जाने के लिए तैयार रहो
पलक जैसे आँख की हिफाज़त के लिए तुम भी तैनात रहो सैनिक की तरह
अब हर दिल गाएगा राष्ट्रगान
तुम भी हर क्षण सैनिक बनना
अब हर दिल गाएगा राष्ट्रगान
तुम भी हर क्षण सैनिक बनना
तुम में हिम्मत है
आगे बढ़ो और सैनिक बन जाओ
कठिनाइयों से वह नहीं डगमगता
जग तक दुश्मन का अंत न देखे
युद्ध में, उसका शरीर, मन और दिल गाए राष्ट्रगान
जैसे परिवार को तुम्हारी जरुरत है युद्ध में जाने के लिए तैयार रहो
पलक जैसे आँख की हिफाज़त के लिए तुम भी तैनात रहो सैनिक की तरह
डरो मत, छोड़ो इस डर को ख़ुद से लड़ो तोड़ो जंजीरें
इन जख्मों को पर ग़ुरूर करो राष्ट्र का हमेशा वंदन करो
सैनिक, हर कोई है सैनिक
सैनिक, हर कोई है सैनिक
हर दिन एक युद्ध है जिन्दगी बेकाम है अगर समझौता करो
सैनिक, हे सैनिक
ध्वज तुम्हारा हौसला है जित ही तुम्हारा लक्ष्य
सैनिक
सैनिक
चलो, रुको ना किसी के लिए तुम हो इस शौर्य के मालिक हो
चलो ना घबराते इस गड़गड़ाहट को जिस भूमि ने जनम दिया उसके लिए प्राण दो
दिखाओ तुम्हारा शौर्य
सैनिक बनो तुम
कठिनाइयों से वह नहीं डगमगता
युद्ध में, उसका शरीर, मन और दिल गाए राष्ट्रगान
करो जो तुम सोचा झट्से लक्ष्य को देखो एकाग्रता से
देशप्रेम में कंधे पर सच का भार होगा
जैसे परिवार को तुम्हारी जरुरत है युद्ध में जाने के लिए तैयार रहो
पलक जैसे आँख की हिफाज़त के लिए तुम भी तैनात रहो सैनिक की तरह
चियर्स
इक़बाल
सात साल हो गए है जब हुम पहले मिले थे।
हमने पुरे पांच सौदे किये हैं और कोई नाकामयाबी नहीं है।
बम के धमाके,
बैंक डकैटी, हत्या...
पुलिस के पास एक भी सुराग नहीं है.
बढ़िया!
मुझे भी तुमसे मिलने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़े।
हमारी आखरी कार्यवाही अब भी इंटरपोल जांच-पड़ताल कर रही है
इस लिए हम पूरी तरह जाँच कर के मिल रहे हैं।
कोई पुलिस रिकॉर्ड नहीं,
ना कोई तुम्हारा चेहरा पहचानता है और ना फिंगरप्रिंट के निशान।
तुम्हेंं पकड़ना नामुमकिन है।
पर मैं जो सौदा पेश कर रहा हूँ एक नायाब सौदा है,
500 करोड़।
लेकिन मुझे शक है कि केशव यह कबूल करेगा या नहीं।
क्यों
हम भारत सर्कार को निशाना बना रहें है.
यह जोखिम वाला काम है क्यों कि सवाल देश के प्रति
प्यार की भावना का है।
मैं प्यार सिर्फ़़़ एक है...
पैसा।
भारत हो या पाकिस्तान, परिवार हो या दोस्त,
मुझे सिर्फ़़ पैसे से मतलब है।
दुनिया पैसे के सामने झुकती है
और मेरे पास इतना पैसा है कि दुनिया मेरे सामने झुकती है।
बताओ मुझे।
डीआरडीओ ने एक शास्त्र निर्माण किया भारतीय सेना के लिए।
वह तैयार और प्रतिष्ठित है।
सूटकेस जितना बड़ा मिसाइल लॉंचर,
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