The first 200 lines.
अरे कहाँ गया?
ओए जवाब दें!
कब आ रहा है घर?
छुट्टी नहीं ले सकता ये।
- बॉस से पंगा। - अरे इसे छोड़
तू और आदी आजा।
देखते हैं अकेले कितने दिन काट सकता है।
चले दादू के पास।
ओ हैलो! दाल बना लेता हूँ और अंडे भी उबाल लेता हूँ।
और जितने चिकन सूप वाले सरदार जी पूरे चंडीगढ़ में हैं ना,
उतने लिवरपूल के हर गली में है।
ओ जा वे जा।
बंदे तो बहुत तरह के मिलेंगे।
लेकिन प्यार कहाँ से लाओगे?
आप ना लोड मत लो।
दुनिया की सबसे अच्छी बीवी और सबसे अच्छा बच्चा है मेरे पास।
वो क्या कहती है तू?
अगर दुनिया में कहीं जन्नत है,
तो यहीं हैं।
ओ बल्ले बल्ले।
पापा, आप को कुछ चाहिए, तो भिजवा दें।
बस तुम तीनों आ जाओ।
मुझे कुछ नहीं चाहिए।
सिर पर हाथ रखना चाहता हूँ।
आदी का माथा चूमना चाहता हूँ।
आ जाओ, बच्चों।
मैं सच में बहुत मिस करता हूँ।
पापा, कोशिश करता हूँ।
अरे इसके वेकेशन पर।
- सच में… - क्या बात है। ये हुई ना बात।
सुन ना, नकुल…
आज वो स्टेफनी से बात करेगा ना?
हाँ, मौका मिलते ही कर लूँगा आज।
और अगर बात नहीं बनी,
मान लो…
तो रिज़ाइन कर दूँगा।
- वाह। - हाउस हसबैंड बन जाऊँगा।
- है ना? - कमाल का आइडिया है।
मैं ना चेक करके आती हूँ
कि बाहर के मनी प्लांट पर पाउंड उगने शुरू हुए कि नहीं।
आदी!
- जल्दी बेटा! क्या कर रहे? - तू ना एक काम कर, तू जॉब कर ले?
यार पर मेरा तो हाउसवाइफ का ही मन था ना।
ऑ।
तून ना मेरे सारे सपने ही क्रैश कर दिए, सच्ची।
आदी!
मैं ऊपर आ रही हूँ, ओके?
- और फिर ना मैं… -
आदी, प्लीज़ नीचे आ जाओ।
एक मिनट में नीचे नहीं आए ना बेटा,
तो मैं बहुत गुस्सा होने वाली हूँ।
ओके, अच्छा बच्चा। नीचे आओ जल्दी।
- डीआई आयशा हसन। लिवरपूल पुलिस। - यस, मैम?
हमारे पास नकुल सचदेव के लिए अरेस्ट वारंट है।
मैम, किस बात के लिए?
- नकुल! - हमारे पास क्रिमिनल
और पुलिस एक्ट 1984 की धारा
- आठ के तहत सर्च वारंट भी है। - मैम, मेरी बात तो सुनिए।
- अगर आप हमें रोकेंगी, - ज़रूर कोई कन्फ्यूजन है…
तो हमारे पास जबरदस्ती अंदर घुसने की परमिशन हैं।
नकुल, जल्दी आओ, पुलिस आई है।
घर की तलाशी लो!
- नकुल सचदेव। - आप लोग चाहते क्या हैं?
- वहीं खड़े रहो। - स्टेफनी फॉउलर के मर्डर
के आरोप में आपको गिरफ़्तार किया जाता है। गिरफ़्तार करो।
नकुल, क्या हो रहा है ये?
- क्या? - अपना हाथ पीछे करो।
कुछ भी कहने की ज़रूरत नहीं।
आप क्या बोल रही हैं?
- नहीं! - अपना बचाव नहीं कर पाएंगे…
अगर आपने कुछ भी छिपाया…
- नहीं! - सब ठीक है, प्लीज़।
- आदी! - अगर कुछ किया या बोला…
- पापा! पापा! - अंदर जाओ।
- कुछ नहीं हुआ। - पापा!
- सर चलिए। - सावी। सावी, मैंने कुछ नहीं किया।
मुझे मेरी पत्नी से बात करने दो।
- मैम, प्लीज़ - प्लीज़ उसे वहीं रोको।
सावी, आदी के साथ रहो।
- कहाँ लेके जा रहे हो? - सावी, सुनो,
अनू से बात करो।
- नकुल! - सावी, अनू को कॉल करो।
- चलो। - सावी।
मम्मा!
मम्मा।
एस सी ए आर ई डी।
मैं भी।
सभी धीरे-धीरे अंदर की ओर बढ़ें।
चलो बच्चू।
आ जाओ।
नाम?
आईडी, प्लीज़।
ठीक है।
लाइन में आगे बढ़ें।
आई एम सॉरी। आप इसे अंदर नहीं ले जा सकते।
मैम, ये बस एक खिलौना है।
इसकी इजाज़त नहीं है।
बच्चू, उसे दे दो।
वापस मिल जाएगा।
दे दो, प्लीज़।
स्टोन, पेपर, सीज़र।
स्टोन, पेपर, सीज़र।
- स्टोन… - मम्मा,
कल स्कूल नहीं जाना।
- कल क्या है? - कल फिश एंड चिप्स डे है,
और मुझे फिश और चिप्स पसंद नहीं।
आदी, यहाँ रहना है ना,
तो तुम्हें फिश और चिप्स पसंद करना शुरू कर देना चाहिए, ओके?
आप सभी के पास दस मिनट हैं।
जल्दी करिए।
पापा!
मेरे शेर।
कैसा है?
स्पेलिंग कॉम्पिटिशन की तैयारी चल रही है ना?
पूरी तरह से?
- क्या बात है। - पापा आज आप घर आ रहे हो ना?
बेटा, थोड़ा सा काम बाकी है।
लेकिन मैं वादा करता हूँ, बहुत जल्दी आऊँगा।
- नहीं, पापा। आज चलो ना, प्लीज़। - आज नहीं।
ठीक है?
पर देख मैंने तेरे लिए क्या बनाया है।
- ये देखों। - रुको।
ओके।
आपको जानना है, ये कैसे चलता है?
इसे ऐसे रखों।
इसके बम को प्रेस करो।
बूम!
तुम्हें पसंद आया?
कैसा है आदी?
रोज़ स्कूल नहीं जाने के नए बहाने बनाता है।
कभी कहता फिश एंड चिप्स डे है, कभी कहता, डेस्क को लेकर परेशानी है।
पापा पर जो गया है।
अपील?
हाँ मैं अनू से मिल रही हूँ रोज़।
असल में वो कोशिश भी कर रही है।
वो अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रही है।
वहाँ पर मैं अकेला नहीं था, सावी।
मुझे अच्छी तरह से याद है।
बारिश हो रही थी, मैं डिनर के लिए लेट था और जल्दी में था।
कोई था मुझसे टकराया था।
मैंने उसे देखा था। वो वहीं था।
मैं चेहरा नहीं देख पाया।
और शायद मेरे कोट पर खून के निशान तभी लगे होंगे।
अनू पूरी कोशिश कर रही है पता लगाने की।
तुम्हें पता है, वो
लोकल मुखबिर और ड्रग डीलर से भी कॉन्टैक्ट कर रही है।
उसका ओवरकोट का बटन मेरे लैपटॉप बैग से अटका था
मुझे … मुझे दिखा था…
मुझे अच्छी तरह याद है।
मैंने बटन टूट हुए देखा था, सावी।
अगर हम लोग वो पार्किंग लॉट में वो बटन को ढूंढने की कोशिश करें,
तो मुझे पूरा यकीन है सबूत तक पहुँच सकते हैं।
इससे हम साबित कर सकें
- कि मैं वहाँ अकेला नहीं था। - सब कोशिश कर रही है।
अच्छा, सुन। अंदर मेडिकल टीम तेरी शूगर टैप कर रही है ना?
हाँ, वो रोज़ आते हैं कुछ सैंपल्स लेने साले।
तुम खर्चे कैसे मैनेज कर रही हो?
क्योंकि सेविंग्स तो सारी खत्म हो गई होंगी।
और जितना मैं तुम्हें बचपन से जानता हूँ,
पापा से तुम लोगी नहीं।
हाँ, मैं जॉब के लिए कोशिश कर रही हूँ। रीसेशन है, तो इसलिए,
थोड़ी नौकरियाँ कम हैं…
रीसेशन?
या अपराधी माना गया हसबैंड?
आप सभी, जल्दी करिए।
आई एम रियली सॉरी, सावी।
नकुल, पापा कहते हैं
"वक़्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता है।"
जो आया है वो बीत जाएगा।
कब?
मैम, हमें केस 453 खत्म करना है।
वो अभी भी लटका हुआ है।
मैं तुम लोगों से बाद में बात करती हूँ।
ओके।
आसपास की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग्स देखी।
ड्रग डीलर्स से भी चेक किया।
उस दिन वहाँ पर कोई और नहीं था।
और वो बटन?
फोरेंसिक्स ने क्राइम सीन पर मौजूद हर एक छोटी चीज़
कलेक्ट की है।
मैंने खुद एक-एक सबूत क्रॉस चेक किया है।
स्नीफर डॉग्स इस्तेमाल करवाएँ।
लेकिन वहाँ कोई बटन नहीं है।
अनू, ये एक चोरी का मामला था।
स्टेफनी का हैंडबैग गायब था।
हाँ, अगर कोई चोरी के बाद क्रेडिट कार्ड स्वाइप करता
- तो अपना पक्ष रख भी सकते थे। - कैश का हुआ है तो?
कैश का कैसे साबित कर सकती हो?
और वैसे भी प्रॉसिक्यूशन का मानना है
हैंडबैग और फ़ोन, नकुल ने खुद ठिकाने लगा दिया होगा।
अनू, तू खुद पाँच साल से जानती है नकुल को।
तुम अच्छी तरह से जानती हो वो ऐसा नहीं कर सकता है।
जानती हूँ।
बस साबित नहीं कर सकती।
भगवान के लिए, वो निर्दोष है।
मैं समझ रही हूँ, सावी।
पर समझने की कोशिश करो
कि वो पॉर्किंग लॉट एक कंस्ट्रक्शन का काम चल रहे बिल्डिंग का था।
जहाँ पर सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहे थे।
एक मिनट के लिए भूल जाओ कि तुम नकुल की पत्नी हो।
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