The first 200 lines.
आयरलैंड
मैं तुमसे पूछना चाहूंगी,
एक ज़िंदगी की कहानी कैसे लिखते हैं?
क्योंकि सच्चाई बहुत कम ही सामने आती है।
अक्सर झूठी बातें ही चलती हैं।
अगर तुम कभी वह सब जानना चाहोगे, तो मैं तुम्हें बता दूंगी।
वह सब बातें सच थीं, जानते हो?
क्योंकि अगर ना होतीं, तो कहां से शुरू करें समझ ही नहीं आता।
अगर हम सच से शुरू ना करें।
सच
और मेर्लिन, यह शेर की मांद में घुसने जैसा है।
मैं इस केस से जुड़ा जब एक दिन अचानक
एक वरिष्ठ ब्रिटिश समाचारपत्र संपादक ने मुझसे संपर्क किया,
और कहा कि लॉस एंजेलेस के डिस्ट्रिक्ट अटर्नी ने
उसकी मृत्यु का मामला फिर से खोल दिया है।
बीस साल बाद, इस मामले को सुलझाने का वक़्त आ गया है।
मुनरो की मृन्यु बहुत अधिक मात्रा में नींद की गोलियां खाने से हुई।
मुनरो की मौत से जुड़े सवालों का आज तक कोई जवाब नहीं मिला है।
क्या उसकी वजह नींद की गोलियां थीं? क्या वह आत्महत्या थी?
आरोप है कि मेर्लिन मुनरो की हत्या हुई थी।
और अजीब अफ़वाहें।
सीआईए के किसी आदमी ने मुनरो की हत्या की।
इस कहानी में एक राज़ छिपा है।
सेक्स और राजनीति।
कैनेडी बंधू।
क्यूबाई क्रांति।
प्रश्न चिन्ह, प्रश्न चिन्ह, प्रश्न चिन्ह।
और इन्हें समझने मैं आया।
मैं यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि वह किस तरह की इंसान थी।
वह बहुत डरी हुई थी।
मैंने एक हज़ार लोगों के इंटरव्यू लिए हैं।
उसमें एक मिथक है।
मेरे पास इंटरव्यू के 650 टेप इकट्ठे हो गए।
उम्मीद है मैं इससे अभिभूत नहीं हो गया।
उम्मीद है तुम्हारा फ़ोन टैप नहीं हो रहा।
सुनो, मुझे भी उम्मीद है, हां।
किताब लिखते वक़्त मैंने जो टेप जमा किए थे
उन्हें आम लोगों ने कभी नहीं सुना।
किसी को कुछ नहीं पता था।
मुझे पता चला कि उसकी रहस्यमयी मौत के बारे में हम जो जानते थे,
वह उससे बहुत अलग है जो मुझे पता चला,
और इससे लगता है कि उसकी मौत जिन हालात में हुई उन्हें रफ़ा-दफ़ा कर दिया गया था।
NETFLIX डॉक्यूमेंट्री
रिकॉर्ड की गईं सारी आवाज़ें
मेर्लिन मुनरो के दोस्तों और सहयोगियों की असली आवाज़ें हैं।
उन्हें अभिनेताओं द्वारा लिप-सिंक किया गया है।
1982 लॉस एंजेलेस
मैंने दुनियाभर में खोजी पत्रकारिता की है।
मैंने इस मामले पर दो-तीन हफ़्ते बिताने की योजना बनाई थी,
और इसमें तीन साल से ज़्यादा लग गए।
मेर्लिन मुनरो मेरे बचपन का हिस्सा थी,
पर मैं उसकी ज़िंदगी के बारे में बहुत कम जानता था।
मेर्लिन मुनरो, हॉलीवुड की मल्लिका।
मेर्लिन मुनरो की शोहरत
आलोचकों के होश उड़ा देती है और दर्शकों को पागल कर देती है।
मुझे पता था कि देश और विदेश में
लोग मेर्लिन के दीवाने थे।
मेर्लिन मुनरो अपने ज़माने की सेक्स सिंबल थी।
मेर्लिन मुनरो ने अपने काम की ऊंचाइयों को छुआ।
जब वह कैमरे के सामने आती थी, तो कमाल हो जाता था।
वह एक लाजवाब अदाकारा थी।
फ़िल्म जगत की एक जानी-मानी हस्ती।
मनोरंजन जगत की मल्लिका।
करोड़ों लोग उससे प्यार करते थे।
मेर्लिन दुनिया की सबसे मशहूर औरत थी।
अब भी है।
उनका शरीर जगमगाता था। किसी सितारे की तरह।
मैंने काम शुरू किया।
लोगों को ढूंढ़ा, दरवाज़े खटखटाए।
हॉलीवुड नाम के गप्पों के पिटारे में झांका।
फ़ोन से चिपक कर…
यह जानने के लिए कि जिस रात मेर्लिन की मौत हुई, तब क्या हुआ था?
टोनी, मैंने अक्सर कहा है कि मैं एक ऐसा दृश्य बना सकता हूं
जो उसे पढ़ने वाले हर इंसान को चौंका देगा,
पर वह सरकारी एजेंसियों, मेरे दोस्तों, उन लोगों के लिए
बहुत महंगा साबित होगा, जिन्हें मैं जानता हूं।
-हां। -मैं यह नहीं करना चाहता।
वह मुश्किल था।
पर मैं कभी भी पत्रकारों से बात नहीं करता।
पर मैं कुछ नहीं कह सकता और मुझे सब पता है।
वह दीवार में सिर मारने जैसा था।
-मुझे लगता है तुम वक़्त बर्बाद कर रहे हो। -क्यों?
मैं सोच रहा था…
मैं वो नहीं होना चाहता जोकि सब ग़लतफ़हमियां दूर कर रहा है।
-पर, मेरा मतलब, मैं तुम्हें नहीं जानती। -ठीक है।
इस बात को रहने ही दो।
मैं आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
तो उसकी बजाय,
मैंने वही किया जो आख़िरी छौर पर पहुंचने पर किया जाता है।
मैंने शुरू से शुरुआत की।
हॉलीवुड,
जगमगाते हुए सितारों और मोहिनियों का शहर।
हॉलीवुड,
एक समृद्ध, जगमगाता, आकर्षक, लाजवाब मिथकीय राज्य।
हॉलीवुड, दुनिया की ग्लैमर राजधानी।
हॉलीवुडलैंड
जब मैं छोटी थी, और मुझे शनिवार दोपहर की फ़िल्में याद हैं…
चलो बुलेवार्ड चलते हैं और देखते हैं हमें क्या मिलता है!
…और मैं हॉल से बाहर ही नहीं आती थी। उन्हें वापस जाकर मुझे लाना पड़ता था।
आह, गार्बो!
बुरा, अच्छा, फ़र्क नहीं पड़ता।
हॉलीवुड का मैदान!
जो कुछ भी पर्दे पर होता है।
और इस गेट के पीछे…
आकाशगंगा से भी ज़्यादा सितारे हैं!
अगर यक़ीन नहीं होता, तो हमारे पीछे आइए!
जीन हार्लो मेरी पसंदीदा थी।
उसके बाल सफ़ेद थे।
अद्वितीय मार्लिन डीट्रिक!
कैरी ग्रांट अपनी मुस्कान के साथ।
हमेशा की तरह, कैरी सबसे हंस के मिल रहे हैं!
और क्लार्क गेबल।
जब क्लार्क यहां पहुंचे…
भीड़ अब भी अपने पसंदीदा सितारों के लिए चिल्ला रही है!
हालांकि मैं बच्ची थी और अभिनय के बारे में कुछ नहीं जानती थी,
मैं…
मैं जानना चाहती थी।
क्या मैं एल रोज़ेन से बात कर सकता हूं, प्लीज़?
बोल रहा हूं।
हैलो, मिस्टर रोज़ेन।
हां।
टेप #71ए
एल रोज़ेन हॉलीवुड एजेंट
-मेर्लिन मुनरो। मैं उसे अच्छी तरह जानता था। -आप जानते थे?
-मैं शुरुआत की बात कर रहा हूं। -हां।
जब वह बच्ची थी।
उस वक़्त आप…
मैं… एल रोज़ेन एजेंसी इंडस्ट्री की श्रेष्ठ एजेंसियों में से एक थी।
-अच्छा। -हम कैरी ग्रांट, फ़्रेडरिक मार्च, जैक ओकी,
-जूडी गारलैंड के साथ काम करते थे। -अच्छा।
पर इस काम का इतिहास ही यही है कि
मुझे पूरा विश्वास है कि तुम्हें नहीं पता होगी।
-इस काम में, सुनहरे सालों में… -हां।
…हर कास्टिंग निर्देशक, हर स्टूडियो के पास एक ब्लैक बुक होती थी,
आप समझ रहे हैं मेरी बात?
तो, हर लड़की, मैं उन बच्चों की बात कर रहा हूं जो शुरुआत कर रहे थे,
जैसे कि मेर्लिन मुनरो, जब वे शुरू करती हैं,
सारे कास्टिंग निर्देशक,
अपनी ब्लैक बुक में लिख लेते थे कि कौन उनके साथ सो सकता है।
हां।
पर, अब यह काम बदल चुका है।
आज, वह काम पैसा करता है।
सही।
यह सेक्स हुआ करता था। याद रखना ये।
सभी लड़कियों को आमंत्रण!
और अब, उन सब ख़ूबसूरत लड़कियों के पास एक मौक़ा है।
सही लड़कियों को चुनने की विधी बड़ी सावधानीपूर्वक है।
वाह, वाह, कितनी सुंदर हैं ये सब।
प्यारी है न?
सुंदर है न?
गर्दन, साढ़े 12 इंच।
छाती, साढ़े 34 इंच।
स्वाभिमान। रोमांच। आकांक्षा।
ये दुनिया के हर कोने से आई हैं, अपने जादुई मौक़े की तलाश में।
हैलो?
हैलो?
मैं आपकी क्या मदद कर सकती हूं?
टेप #50ए
ग्लोरिया रोमानॉफ़ दोस्त और रोमानॉफ़ रेस्तरां की मालिक
आप मुनरो को शुरू से जानती थीं।
मेरे पति उनसे पहले मिले थे, 40 के दशक की शुरुआत में।
ओह, इतने पहले से?
ओह, हां।
बहुत दयालु लड़की, स्नेही लड़की, बहुत प्यारी थी वह।
वह रेस्तरां और क्लबों में अक्सर दिखाई देती थी।
पर रोमानॉफ़ में।
हां। बहुत मज़ेदार था।
और वह बहुत अलग था।
वहां हर तरह के लोग आते थे…
और वह एजेंटों के लिए एक मक्का था।
वहां फ़िल्म जगत की हस्तियां आती थीं।
-सभी सुंदर लड़कियां वहां इकट्ठी होती थीं। -अच्छा।
और ज़ाहिर है, मेर्लिन उनमें से एक थी।
हॉलीवुड इतना जवान है
कि इसके कई अग्रणी निर्माता अब भी इस उद्योग में सक्रीय हैं।
जैसे जोसेफ़ स्केंक, ट्वेंटिएथ सेंचुरी फ़ॉक्स के अध्यक्ष
मि. स्केंक स्क्रीन पर महान, नाटकीय कहानियों का ज़माना लाए।
आपने स्केंक और उसके बारे में कहानियां सुनी हैं?
वे सच थीं, है न?
ओह, बिलकुल। स्केंक एक इंसान था।
समझ रहे हो न?
-हां। -उसके कई थे।
वह एकमात्र नहीं था।
स्केंक के यहां एक समूह इकट्ठा हो गया था।
-वह हमेशा उसके घर पर होती थी। -हां।
और वह अपनी छाप छोड़ने लगी थी।
तो अभी हम कहां है?
साल 1948 में।
"लेडीज़ ऑफ़ द कोरस" के साथ।
पुरुष प्रधान, फ़िल्मों में महिलाओं का शोषण होता था।
पर यह जल्द ही साफ़ हो गया कि मेर्लिन दबने वालों में से नहीं थी।
वह चाहती थी कि उसे गंभीरता से लिया जाए।
वह एक अदाकारा बनना चाहती थी।
उसने सिस्टम को अपने हिसाब से चलाया।
जॉनी हाएड देश के सबसे प्रभावशाली एजेंटों में से एक था।
जॉनी हाएड उससे प्यार करता था।
उसने उसके लिए अपनी पत्नी को छोड़ दिया।
वह 53 साल का था, उससे 30 साल बड़ा और बहुत अमीर।
हाएड हॉलीवुड में सबसे ताक़तवर लोगों को जानता था।
वह गंभीर रूप से बीमार भी था और उसके पास जीने के लिए 18 महीनों से कम बचे थे।
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