The first 200 lines.
हॉर्स रेस... एकमात्र सट्टेबाजी खेल जिसके लिए भारत में लाइसेंस दिया जाता है।
कुछ लोगों के लिए यह व्यापार है और कुछ लोगों के लिए एक लत।
इसमें जीत, हार, धोखा और विश्वासघात भी होता है।
घोड़े को दौड़ते देखने में एक मज़ा है
लेकिन साथ ही यह कई परिवारों को तबाह करने का ख़तरा भी साथ लाता है।
यह कहानी है एक लड़के की दृढ़ संकल्प की
जिसने इस तरह का निराश जीवन जीने वालों और बिखरे संबंधों को एकजुट करने की कोशिश की।
गुड मॉर्निंग, सर।
गुड मॉर्निंग।
वे हमारे घोड़े पर कितने का सट्टा लगा रहे हैं?
-पच्चीस करोड़ का, सर... -बढ़िया है।
-के.आर के घोड़े पर...? -सिर्फ़ 15 करोड़।
-ख़तरा कितना है? -कुछ भी नहीं।
सर, हमारे जॉकी ने चौदह बड़े टाइटल जीते हैं।
वे के.आर के घोड़े पर तभी दांव लगाएंगे अगर उन्हें लगेगा कि वो जीतेगा।
हमारे घोड़े पर दांव लगाना उससे बेहतर है ना?
इसलिए, के.आर सर, हारेंगे सर...
-वह हमारा घोड़ा है... -मैं जानता हूं...
के.आर आपके पास ही बैठा है।
पांच नंबर का घोड़ा हमारा है जान...
-शाबाश... -हां!
-आगे बढ़ो... -चलो, आगे बढ़ो...
-शाबाश... -आगे बढ़ो...
चलो, शाबाश...
क्या हुआ, धर्मेंद्र?
इतना हिसाब-किताब करने के बावजूद तुम रेस हार गए।
बहुत आसान है...
तुमने घोड़े और जॉकी की जानकारी देखी।
मैंने उसके परिवार की जानकारी देखी।
बेचारा, वह अपने परिवार को लेकर बहुत जज़्बाती है।
जुनून एक कायर को भी जिता सकता है
और जज़्बा हो तो इंसान मज़बूत दुश्मन को भी हरा सकता है।
तुम्हें तो बहुत तजुर्बा है, इतनी छोटी सी बात तुम कैसे भूल गए?
जितनी रेसें हमने पिछले 10 सालों में जीती हैं
उससे कहीं ज्यादा रेसें हम हार रहे हैं।
हमारी कंपनी को अब तक तीन सौ करोड़ का नुकसान हो चुका है।
अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमें अपनी कंपनी को बंद करना होगा।
मुझे थोड़ा वक्त चाहिए।
आपको कितना समय चाहिए, सर?
के.आर कंपनी को जीतते देखकर अब हमें शर्म आने लगी है।
आपके पास इस समय सिर्फ़ दो ही विकल्प हैं।
या तो आप अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दें
या फिर अपने बेटे को वापस बुलाएं।
आपके पास केवल दो दिन का समय है। आप खुद ही फैसला करें।
तुम किस सोच में पड़ गए?
एक तुम्हारा बेटा ही तुम्हें इस मुश्किल से बाहर निकाल सकता है।
-क्या वह मान जाएगा? -तुम इसके अलावा और कर भी क्या सकते हो?
जाओ और अपने बेटे को लेकर आओ।
-पापा... और तेज़ चलाओ... -हम पहले से बहुत तेज़ जा रहे हैं।
अरे बच्चे!
बेटा, वह क्या है?
ऐसा करना ग़लत है। दोबारा ऐसा मत करना।
-हैलो बेटा। -हैलो पापा।
-थैंक यू, पापा। -आओ, मेरे गले लग जाओ।
पापा... बुढ़िया के बाल...
-एक बुढ़िया के बाल देना। -जी।
खतम हो गया।
तुम इतना धीरे क्यों खा रहे हो?
जल्दी खा लूंगा तो यह खत्म हो जाएगा, पापा।
मैं तुम्हें एक और दिला दूंगा।
पापा, टीचर ने मुझे मारा।
सबको पाठ समझ में आया क्या? चलो सब अपनी नोटबुक खोलो।
तुमने मेरे बेटे को क्यों मारा?
उसने एक सप्ताह से अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था।
इसलिए मैंने उसे मारा।
-अगर वह ग़लती करता है, तो उसे मत मारिए। -क्यों?
उसकी परवरिश मैं कर रहा हूं। अगर वह ग़लती करता है तो इसमें ग़लती मेरी है।
उसे चोट लगती है तो मुझसे बर्दाश्त नहीं होता।
अगर आपने दोबारा ऐसा किया तो यह अच्छा नहीं होगा।
आप खुद को समझते क्या हैं?
बड़ा आया मेरे बेटे पर हाथ उठाने वाला!
अरे तुम्हारी टीचर को अच्छे से समझा दिया है, बेटा।
वह दोबारा तुम्हारे साथ ऐसा नहीं करेगा।
पापा, मैं आगे से अपना होमवर्क पूरा किया करूंगा।
यह पापा ने खिलाया...
यह मां ने खिलाया...
पापा, अगर मां हमारे साथ होतीं तो कितना अच्छा होता।
तब वो मुझे अपने हाथ से खाना खिलातीं।
कौन कहता है कि मां हमारे साथ नहीं है?
आसमान में वे सितारे देख रहे हो? वह हमें उन्हीं के साथ में देखती है।
यह लो खाओ...
घोड़ा खरीदते समय मैं यह परख लेता हूं कि वह अच्छी नस्ल का है या नहीं।
तुम किसी भी उठाईगीरी लड़की को ले आओगे और कहोगे कि वह मेरी बहू है?
आखिर कैसे सोच लिया तुमने कि मैं इससे सहमत होऊंगा?
मैंने इससे शादी इसलिए नहीं की कि आप इसको स्वीकार करें...
बल्कि मैंने इससे इसलिए शादी की है क्योंकि मैं इससे प्यार करता हूं।
क्या प्यार की रट लगा रखी है?
वह मेरा बिज़नेस पार्टनर है।
मैंने उससे वादा किया है कि तुम उसकी बेटी से शादी करोगे...
मैंने भी इससे वादा किया है...
कि मैं इसका जीवनसाथी बन कर रहूंगा।
वह यहां मेरे भरोसे पर आई है।
वह यहां तुम पर यकीन करने नहीं... तुम्हारे पैसे ऐंठने आई है!
एक बात याद रखें पापा...
आपने मुझे जो पढ़ाया-लिखाया, जो घुड़सवारी सिखाई, और ये सब धन-दौलत...
इस सब से ऊपर भी एक और चीज़ है।
ज़िंदगी। हमारे लिए वही बहुत है।
चलो लक्ष्मी...
मैंने गुस्से में तुम्हारे प्यार को ठुकरा दिया था
क्योंकि तुमने मुझे मना कर दिया था।
मुझे लगा था कि मैं तुम्हें सजा दे रहा हूं
लेकिन आखिर सज़ा तो मुझे ही मिल रही है ना?
मैं छह साल से अकेला हूं।
मुझे माफ़ कर दो बेटा और घर चलो।
मैं तुम्हारे हाथ जोड़ता हूं...
पापा...
गुस्से में आकर संबंध तोड़ देना गलत है।
लेकिन संबंधों के लिए गुस्सा छोड़ देना कोई गलत बात नहीं।
हम ज़रूर आएंगे।
यह तुम्हारा कमरा है, आज से तुम यहीं रहोगे।
तुम दोनों मेरे लिए मेरी दो आंखों की तरह हो।
अब से मैं अपने बेटे को इतना व्यस्त रखूंगा कि वह अपने बेटे से दूर हो जाएगा।
इस घर में उसकी पत्नी की तस्वीर और उसकी ज़िंदगी में उसका बेटा नहीं होने चाहिएं...
दादाजी... मेरे पापा कहां हैं? मुझे स्कूल के लिए देर हो रही है।
तुम्हारे पापा यहां नहीं है। वह एस्टेट फार्म गए हैं।
उन्होंने कहा है कि आज से तुम ख़ुद ही स्कूल जाओगे।
सच में?
पापा... सिद्धू कहां है? मुझे उसे स्कूल छोड़ने जाना है।
वह आज अपने दोस्तों के साथ स्कूल जाना चाहता था।
वह बस से चला गया।
ठीक है।
मैं केवल तभी खाऊंगा जब मेरे पापा मुझे खिलाएंगे।
तुम्हारे पापा नहीं आएंगे। खाना खाओ।
मुझे नही खाना।
पापा, सिद्धू क्या कर रहा है?
बस अभी खाना खाकर सोने गया है।
जब तक मैं ना खिलाऊं तब तक वह खाना नहीं खाता।
मैंने उसे अपने हाथों से खाना खिलाया...
ठीक है पापा।
तो हमारी मीटिंग खतम होती है।
दादाजी, मैं क्लास में फर्स्ट आया हूं।
मुझे अपना प्रोग्रेस कार्ड पापा को दिखाना है।
पापा एक बिज़नेस मीटिंग में व्यस्त है। इसे यहां दो।
-जाओ और तैयार हो जाओ। -ठीक है।
पापा...
-तुम्हारे पापा ने इसे फाड़ दिया। -मेरे पापा ने ऐसा किया?
तुम कहां जा रहे हो? -अपने पापा के पास।
तुम्हारे पापा पहले से बहुत बदल चुके हैं।
उन्हें अब तुम्हारी कोई परवाह नहीं है।
उनके बगल में उस लड़की को देख रहे हो? वह उससे शादी करने वाले हैं।
उनकी शादी होते ही
वे तुम्हारी मां की तस्वीर को कूड़ेदान में फेंक देंगे।
वे तुम्हें घर से बाहर निकाल देंगे।
तुम्हारे पापा बहुत बदल गए हैं।
-तुमने मुझे क्यों मारा? -मेंरी मर्ज़ी! मैं मारूंगा।
-आप क्या कर लोगे? -चुप रहो!
-मैं आपसे नफ़रत करता हूं, पापा... -दफ़ा हो जाओ!
बेचारा बच्चा ही तो है...
पापा, उसकी शरारतें इन दिनों बढ़ती ही जा रही हैं।
सिद्धू।
सिद्धू।
सिद्धार्थ।
सिद्धार्थ।
सिद्धू। पापा...
-क्या हुआ? -सिद्धू कहां है?
सर... सर...
सिद्धार्थ घर छोड़ कर भाग गया।
'कुछ साल बाद।'
नहीं! रुक जाओ... साब... रुक जाओ...
पिच बढ़िया है।
अनासुया कह रही थी कि हम हॉर्स रेस आयोजित करेंगे।
अब शहर में तो यह करना मुश्किल होता इसलिए मैंने शहर के बाहर प्लान किया।
हां... अनासुया के लिए तो तुम कुछ भी करोगे, है ना?
अनासुया...
अब किसका इंतज़ार है?
चलो सट्टेबाज़ी शुरू करते हैं।
आज की पहली रेस सफेद घोड़े और काले घोड़े के बीच है।
उस पुतले पर से जो पहले लाल अंगोछा लेकर आएगा
वही रेस का विजेता होगा।
अनासुया की तरफ़ से सफेद घोड़े पर। पांच लाख की बाज़ी...
काले घोड़े पर पांच लाख...
आओ, बाज़ी लगाओ...
उस घोड़े पर चढ़ जाओ।
यह सब क्या है? यहां क्या हो रहा है?
हॉर्स रेसिंग...
इसे तेलुगु में "गुरुपु पांडु" कहा जाता है।
यह सब क्यों कर रहे हो?
आपकी कारों से हमारी सारी फसल बर्बाद हो गई।
केवल फसल ही तो बर्बाद हुई है।
यह ऐसे क्यों रो रहा है मानो अपनी जान गंवा बैठा हो?
-वह कौन है? -वह एक किसान है। खेती करने वाला...
खेती करने वाला?
यह खेत मेरी ज़िंदगी हैं। इन्हें मुझसे मत छीनो।
अरे, बूढ़े आदमी। अनसुया के घोड़े पर अपनी पांच एकड़ ज़मीन दांव पर लगाओ।
यह दोगुनी हो जाएगी। खेती करके तुम कितना कमा लोगे?
अगर तुम यहां से नहीं गए तो अच्छा नहीं होगा। इसी वक़्त यहां से चले जाओ।
तेरी इतनी हिम्मत?
क्या हुआ? उठिए।
क्या हुआ?
उन्होंने मेरी सारी फसल को बर्बाद कर दिया।
जब मैंने पूछा, तो उन्होंने मुझे मारा और धक्का दिया।
वे सभी रईसों के बिगड़े बच्चे हैं।
हम उनके खिलाफ कुछ भी नहीं कर सकते।
क्या मतलब? मेरी सारी फसल बर्बाद हो गई।
क्या मुझे न्याय दिलाने वाला कोई नहीं है?
एक इंसान है।
वह कौन?
जब बाघ गांव में आता है तो सब भाग खड़े होते है।
लेकिन एक इंसान उसके रास्ते में आता है।
क्योंकि वह नहीं जानता कि डर क्या है...
No comments yet. Be the first to leave one.