The first 200 lines.
माफ़ी चाहूँगी, पिताजी।
तुम कहाँ थी?
एक सहेली के घर पर थी। जोज़ेफ़ीन।
जोज़ेफ़ीन? वह कौन है?
क्या मैं उसे जानती हूँ?
आप उसे नहीं जानतीं।
प्रभु, इस भोजन पर, इसे बनाने वालों पर कृपा करें
और भूखों का पेट भरें।
आमीन।
-आमीन। -आमीन।
प्रार्थना मज़ाकिया लगी, थियोफ़ील?
नहीं, पिताजी।
मैं कल नहीं आ पाऊँगा। डे बेल्स में कल वाद-विवाद मुकाबला है।
अच्छा है। दिमाग तेज़ करो। फ़्रांस को बुद्धिसंपन्न युवाओं की ज़रूरत है।
और मैं?
जब तुम अपने पिता के दफ़्तर में काम शुरू करोगी,
तुम्हारी पहुँच सभ्य समाज में काम आएगी।
अच्छी नौकरी, अच्छी शादीशुदा ज़िंदगी,
मैं तुम्हारे लिए बस यही चाहती हूँ।
वाद-विवाद मुकाबलों में इसे पत्नी नहीं मिलेगी।
मैं चल सकती हूँ? मैंने कभी वाद-विवाद मुकाबला नहीं देखा।
डे बेल्स में?
-क्यों नहीं? अगर तुम चाहो तो। -सवाल ही नहीं उठता।
तुम कौन हो?
आपने मुझे डरा दिया।
मैं अभी आती हूँ।
जल्दी आ जाना, बेटा।
ज़्यादा ऊँचा नहीं, इतना ठीक है।
गुड नाइट, दादीमाँ।
गुड नाइट, बेटा।
यूजीनी...
बताओ।
तुम विक्टर ह्यूगो के क्रियाकर्म पर गई थी, है न?
हाँ, दादीमाँ।
बहुत अच्छा था।
-वहाँ बहुत से लोग थे। -अच्छा?
अब तुम जा सकती हो।
फिर कभी।
आज रात। कब लौटकर आओगी?
नहीं, यूजीनी, नहीं। पिताजी ने ना कहा, मैं भी वही कहता हूँ।
वाद-विवाद मुकाबले में नहीं ले जाऊँगा। उन्हें पता चला तो?
वहाँ तुम्हारे जैसी लड़की? लोगों की नज़र ज़रूर पड़ेगी।
लोग कहेंगे कि तुम...
अब चुप रहो। तुम्हारे वाद-विवाद मुकाबले से कोई मतलब नहीं।
तुम्हारे और तुम्हारे दोस्तों के साथ घंटों तक बात करने से तो मरना पसंद करूँगी।
नहीं, मुझे कैफ़े पर छोड़ देना।
मुझे बाहर निकलना है। पढ़ना है, सिगरेट पीनी है... प्लीज़, थियो।
-अगर पिताजी को... -क्या पिताजी? पिताजी यहाँ नहीं हैं।
-चलो, लुई, मॉन्टमार्ट चलो! -जी, मैडम।
मॉन्टमार्ट? बहन, इतनी बेबाकी ठीक नहीं।
न मैंने तुम्हें देखा, न कहीं छोड़ा,
न मैं तुम्हें जानता हूँ, और तुम खुद घर लौटकर आओगी।
-क्या? -कुछ नहीं। तुम्हें देख रही हूँ।
-और? -बड़े खूबसूरत हो।
बेकार की बातें छोड़ो।
मेरी गर्दन मुर्गी जैसी है, कंधे हैं नहीं, टाँगें ज़रूरत से ज़्यादा लंबी,
ऊपरी हिस्सा छोटा है, इसलिए, नहीं, मैं खूबसूरत नहीं हूँ।
मुझे तो तुम खूबसूरत लगते हो।
मैंने कहा न, बेकार की बातें कर रही हो।
पता है।
हैलो! एक पाव दीजिएगा।
पाँच सेंट।
शुक्रिया।
यह जाम तुम्हारे नाम।
यह तुम्हारे नाम, खूबसूरत लड़के।
"कल, पौ फटते ही, जब धरती पर उजियारा छाएगा, मैं चला जाऊँगा।
"मुझे पता है कि तुम्हें मेरा इंतज़ार है।"
द कॉन्टेम्प्लेशन्स पढ़ रही हैं।
मुझे यह खंड पसंद है।
"और जब मैं आऊँगा, तुम्हारी कब्र पर
"खूबसूरत पत्तियों और फूलों का गुलदस्ता लाकर रखूँगा।"
यही है न?
मैं बैठ सकता हूँ?
हाँ, यह द कॉन्टेम्प्लेशन्स है।
नहीं, आप नहीं बैठ सकते।
मैं अकेले पढ़ना चाहती हूँ। शुक्रिया।
गलतफ़हमी के लिए माफ़ी चाहूँगा। मुझे लगा कि आप मेरी तरफ़ देख रही थीं।
ऐसा कम होता है कि कोई लड़की कविता पढ़ रही हो,
जो फिर किसी नौजवान को देखे...
मैं आपको नहीं देख रही थी।
तो, फिर...
आपको अकेला छोड़ देता हूँ।
मैं आपकी किताब देख रही थी।
देखा?
आप मुझे देख रही थीं।
-नहीं। -हाँ।
हाँ, देख रही थीं क्योंकि मेरे हाथों में किताब थी।
-नहीं। -मैंने पकड़ी हुई थी। मैं उसके पीछे ही था।
मैं आपकी किताब देख रही थी।
"आदमी में तीन चीज़ें होती हैं।
"पहली, शरीर या जिस्म, जैसा जानवरों में होता है
"और जीवन की आधार रूपी आत्मा से सजीव होता है।
"दूसरी, रूह,
"शरीर में अवतरित आत्मा।
"तीसरी,
"रूह और शरीर के बीच का रिश्ता।"
मेरे शरीर को नहीं तो आप मेरी रूह को देख रही थीं।
माफ़ कीजिएगा।
मैंने कुछ गलत कह दिया क्या?
नहीं।
नहीं, बल्कि एकदम सही कहा।
मुझे अच्छा लगा।
बहुत अच्छा लगा।
द बुक ऑफ़ स्पिरिट्स
लीजिए, यह आपके लिए है।
नहीं, मैं इसे नहीं ले सकती।
कुछ समय के लिए दे रहा हूँ।
वापस लौटा दीजिएगा।
वादा?
हाँ, वादा।
शुक्रिया।
यह क्या है?
और कविताएँ?
अरे, यह तो द बुक ऑफ़ स्पिरिट्स है।
साथ में अर्नेस्ट का संदेश भी है।
तो, मेरी बहन किसी से मिली।
नहीं!
यूजीनी क्लेरी, मॉन्टमार्ट में भटकती हुई।
मेरा पन्ना खो गया।
वाद-विवाद या समझदारी में सिर्फ़ तुम्हारे दोस्तों आगे नहीं।
उत्तरी पैरिस में जो देखने को मिलेगा, उससे हैरान रह जाओगे।
मुझे शक नहीं।
कुछ देर और रुक सकता हूँ?
हाँ, पर चुपचाप रहो।
तुम दोबारा उससे मिलोगी?
-किससे? -किससे?
अर्नेस्ट। उस कवि से।
वह जो औरतों की धड़कनें तेज़ कर देता है...
तुम्हारे हाथ ठंडे हैं।
अब जंग के मैदान में शोहरत कमाने का वक्त गया,
पर न्याय, व्यवस्था और इंसाफ़ के मामलों में मैंने देश की मदद की है।
हमारे दफ़्तर के लिए आपका प्रतिष्ठा पद बहुत बड़ी बात होगी।
मैं पूरी कोशिश करूँगा...
-तुम खुश लग रही हो, हॉरटॉन्स। -हाँ।
मैं समाज में कदम रखने वाली हूँ।
डचेस डे नॉएलिस की पार्टी में मुझे औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा।
किसी घोड़ी के दाँतों, बालों और पुट्ठे की नुमाइश की तरह?
बधाई हो! तुम क्या पहनोगी?
डूसे की ईवनिंग ड्रेस। रेशम की।
इसमें कोई शक नहीं कि तुम कमाल की लगोगी।
तुम मेरे बारे में यह सोचती हो? कि मैं घोड़ी हूँ?
माफ़ करना, मेरी बहन का वह मतलब नहीं था।
तुम्हें ठेस पहुँची हो तो माफ़ी चाहती हूँ, हॉरटॉन्स।
मुझे यह अपमानजनक लगता है पर तुम्हें नीचा नहीं दिखा रही।
मुझे नीचा दिखा रही हो। वही कर रही हो।
हॉरटॉन्स!
इस बार तुमने क्या कह दिया?
हमेशा की तरह, मुझे शर्मिंदा कर रही हो।
-उसे ठेस नहीं पहुँचाना चाहती थी। -चुप रहो।
तुम मेरे पेशे और हमारे नाम से खेल रही हो। ज़रा सोचो, बेवकूफ़ लड़की!
-शुक्रिया, मार्था। -मुझे खुशी हुई, मिस यूजीनी।
आगे! और आगे!
नहीं, पीछे।
दाहिनी तरफ़। संभलकर, लुई!
-दाहिनी तरफ़। -नहीं, दूसरी दाहिनी तरफ़।
-यह भारी है, यूजीनी! -वहाँ।
-यहाँ? -हाँ।
यह वहीं है जहाँ पहले था, है न?
हाँ, बिल्कुल सही कहा।
सजावट लेकर आएँ?
हाँ!
फीते कहाँ हैं?
वहाँ उस बड़ी पेटी में हैं।
-इसमें? -हाँ।
उस तक कैसे पहुँचूँ?
मेरी मदद करोगी?
यह वाली?
यूजीनी, मेरी मदद करो, मुझसे यह...
यूजीनी!
यूजीनी?
यूजीनी!
मैं यहीं हूँ।
मेरे साथ रहो।
मेरे साथ रहो।
बताओ, मैं क्या करूँ?
अब ठीक हूँ।
तुमने सच में मुझे डरा दिया!
फिर से वही था?
नहीं, वह नहीं था।
क्या मतलब?
और भी दिखते हैं।
अलग से एहसास होते हैं।
आजकल एक लड़की मुझसे बातें करती है।
वह तकलीफ़ में है।
काश कि तुम उसे सुन पाते।
वह मुझसे मदद माँगती है, पता नहीं कैसे मदद करूँ।
बहुत लाचारी महसूस होती है।
मेरे भाई!
मैंने वह किताब पढ़ी थी।
मुझे उससे हर चीज़ की जानकारी मिली।
मुझसे बात करो, कुछ तो कहो।
मुझे डर लगता है।
जानती हो कि मुझे इन चीज़ों से डर लगता है।
वह किताब मुझे बताती है कि मैं अकेली नहीं।
आत्माएँ होती हैं।
घबराओ नहीं।
पहली बार, मुझे खुद से डर नहीं लग रहा।
तुम्हें और लोग दिखाई दें तो?
पता है न तुम जैसी लड़कियों का क्या होता है।
मेरे जैसी लड़कियों का।
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