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NETFLIX ओरिजिनल सीरीज़
इस जेनेट में नहीं है। अगली!
किसका इंतज़ार है? करो।
यह इतना आसान नहीं है।
उसने एक पूरी ज़िंदगी जी और मरने के बाद 802 ज़िंदगियाँ जीं,
फिर एक दूसरी ज़िंदगी जी, फिर मौत के बाद की दूसरी ज़िंदगी जी,
फिर एक तीसरी मौत के बाद की पहली ज़िंदगी जी...
इसकी मनोदशा मिर्ची शोरबे के एक बड़े पतीले की तरह है।
मुझे सभी यादें सही जगहों पर, सही क्रम में भेजनी होंगी।
शायद इसे शुरूआत से शुरू करना चाहिए। बिल्कुल शुरू से।
यार। जेनेट, मुझे एक तगड़ा जाम पिलाओगी?
यह लो, इसे अपने अंतिम संस्कार से बचाया था। इसे डुवाल डिचवॉटर कहते हैं।
इसमें मिडोरी, कॉफ़ी-मेट और डिच वॉटर हैं!
-तुम्हें मार्गरीटा देती हूँ। -हाँ, वह बेहतर रहेगी।
ऐसा नहीं है! सच में, पीकर देखो।
ठीक है, यह लो।
इसकी आँखें तुम जैसी हैं।
और मुस्कान तुम जैसी है।
-अब इसका नाम रखना होगा। -यह बड़ा फ़ैसला है।
-चिडी कैसा रहेगा? -मुझे पसंद आया।
तुम्हें पसंद आया, चिडी? या कोई और नाम रखना चाहोगे?
लगता है इसे पेटदर्द है।
चिडी।
अध्याय 48
तुम मेरी बात नहीं सुन रही। हमेशा अपनी चलाती हो।
तो वह सही तरीका क्या है?
मतलब मैंने तुम्हें कितनी बार बताया है?
-मुझे लगा तुम यही चाहती थी। -नहीं! यह तुम चाहते हो।
तुम गुस्से में हो क्योंकि तुम्हारी किताब नामंज़ूर हो गई।
-तुमने फिर वही बात कैसे छेड़ी? -तुम हमेशा यूनिवर्सिटी में होते हो।
क्यों न किसी ऐसे में दिलचस्पी दिखाओ जो 200 साल पहले नहीं मरा?
मुझे नहीं पता मैं यह कब तक सह पाऊँगा?
-हमें नाइजीरिया लौटना होगा। -हम वापस नहीं जाएँगे।
मेरा परिवार यहाँ है और हमने यह तुम्हारे करियर के लिए किया था।
-गुड मॉर्निंग, चिडी। -कुछ नाश्ता करना चाहोगे?
मेरी एक प्रस्तुति है।
आपको तलाक क्यों नहीं लेना चाहिए
यह रहा पाठ्यक्रम। एक अपने पास रखिए और आगे बढ़ा दीजिए।
मेरे लेक्चर में लगभग 55 मिनट लगेंगे।
तो हम शुरू करें?
भावनात्मक ज़िंदगी - आर्थिक मुश्किलें मुझे एक कुत्ता लेना चाहिए
तो इसका सिर्फ़ एक साफ़ नतीजा निकलता है
और वह यह है कि आप दोनों को शादीशुदा रहना चाहिए।
कोई सवाल?
यह बिल्कुल साफ़ और प्रेरक था।
और तुमने ज़ोरदार पक्ष रखा है।
हाँ, तर्क अच्छे थे। मेरे कुछ स्नातक छात्रों से बेहतर थे।
स्कूल के लिए तैयार हो जाओ। तुम्हें छोड़ दूँगा।
हम दोनों छोड़ देंगे।
-वह सफल रहा? -पूरी तरह।
वे फिर से ख़ुश हैं, ऊज़ो।
वे मेरे लिए एक पिल्ला लाने की भी बात कर रहे हैं।
पर ज़्यादा अहम यह है कि मैंने हमेशा के लिए साबित कर दिया
कि आप हमेशा हल ढूँढ़ सकते हैं।
-किस चीज़ का हल? -किसी भी चीज़ का। हर मुश्किल का हल होता है।
अगर तुम पर्याप्त किताबें पढ़ो और अच्छे से सोचो,
तो तुम किसी भी सवाल का जवाब पा सकोगे।
पता है तुम बहुत होशियार हो, पर यह गलत लगता है।
बच्चो? प्लीज़ बैठ जाओ।
एक मिसाल देता हूँ। कहाँ बैठें? इसका जवाब क्या है?
साफ़ तौर पर, हम पीछे पेंसिल शार्पनर के पास बैठना चाहेंगे,
पर आगे मुझे ब्लैकबोर्ड बेहतर दिखाई देगा,
या अच्छी हवा के लिए दरवाज़े के पास?
-चिडी? -ज़रा रुकिए।
माफ़ कीजिए।
अरे, नहीं।
मैं अब भी कहूँगा कि प्रोफ़ेसर लिंडेमैन ने चिडी को छोड़कर गलती की।
वह बहुत तेज़ दिमाग है।
एक दिन, वह उसके इस्तेमाल से दुनिया की सबसे बड़ी मुश्किलें हल करेगा।
इतना पनीर काफ़ी है? उम्मीद करता हूँ कि इतना काफ़ी है।
भेड़, बकरी और गाय के दूध का बना पनीर है।
-जाकर और ला सकता हूँ। -नहीं, इतना पनीर बहुत है।
मुझे पूछना होगा, चिडी हमेशा इतना ध्यान रखता है?
अपने बचपन से ही।
यकीनन तुमने इसके पहले महान लेक्चर के बारे में सुना होगा?
नहीं, वह पुराना किस्सा फिर से नहीं। बहुत शर्मिंदगी होती है।
बता दीजिए।
बहुत वक़्त पहले, एमेका और मेरे बीच अनबन चल रही थी।
और हमारे नन्हे चिडी ने आठ साल की उम्र में आकर हमें एक घंटे का लेक्चर दिया।
सिर्फ़ इस बारे में कि हमें शादीशुदा क्यों रहना चाहिए।
और इतने सालों बाद भी हम शादीशुदा हैं।
मैंने इसी वजह से दर्शनशास्त्र पढ़ा।
सबसे बड़े सवाल और सबसे बड़े जवाब। आपको बस उन्हें ढूँढ़ना होगा।
मुझे भी दर्शनशास्त्र पसंद है।
पर मैं यह तर्क दूँगी
कि सैद्धांतिक भौतिक विज्ञान दर्शनशास्त्र से बड़े सवाल पेश करता है।
तुम वाकई ऐसा सोचती हो?
क्या मुझे भौतिक विज्ञान पढ़ना चाहिए?
तो, ज़ाहिर है, तुम मेरे माता-पिता को पसंद आई।
मुझे बहुत ख़ुशी हुई। वे बहुत अच्छे हैं।
हमें अलग होना होगा।
क्या? क्यों?
मुझे काफ़ी वक़्त से ऐसा लग रहा था।
बस ऐसा है... हम साथ में क्यों हैं?
क्योंकि यही ठीक है। तुम्हें काँट पसंद है, मुझे काँट पसंद...
-हम कोई किताब समूह नहीं हैं। -हम कोई... किताब समूह बिल्कुल नहीं हैं।
ठीक है, अगर हमारे रिश्ते में कोई दिक्कत है,
तो उसे हल करने का कोई रास्ता होगा।
तो, चलो लाइब्रेरी चलते हैं।
दर्शनशास्त्र इस्तेमाल करना है? डेविड ह्यूम कैसा रहेगा?
"तर्क सिर्फ़ जुनून का गुलाम है और उसे वही होना चाहिए।"
मतलब, भावनाएँ, चाहतें, एहसास।
-तुम्हें इनमें से कुछ है? -बेशक मेरी भावनाएँ हैं।
मेरे अंदर तुम्हारे लिए और हमारे रिश्ते के लिए गहरी भावनाएँ हैं।
और इस वक़्त, मैं तुम्हें दिखाऊँगा कि कैसे...
काँट ने ह्यूम के अधिकतर मूल सिद्धांतों को नकारा।
हे भगवान।
-तो आपको क्या लगता है? -मुझे लगता है कि ये 3,600 पन्ने हैं।
मेरी एक नौकरी है, चिडी। मेरा एक परिवार है।
इसे पढ़ने से पहले तक मुझमें जीने की इच्छा थी।
यह लेखन उन्माद और गूढ़ता के घने जाल से भरा है।
मज़ेदार, "स्नातक छात्र सदियों तक इसका विश्लेषण करेंगे" लिहाज़ से?
नहीं, अराजकतावादी सोच के लिहाज़ से।
ठीक है। मैं लेखन को आसान कर दूँगा।
बीच के अध्याय दोबारा लिखूँगा, और शोध करूँगा...
नहीं, चिडी!
तुम हर दार्शनिक के पूछे हर सवाल का जवाब नहीं दे सकते।
तो, तुम्हें इन पन्नों में से कौन से ज़रूरी लगते हैं?
-सभी। एक बराबर। -चुप हो जाओ!
-लेकिन... क्या मुझे... -चुप हो जाओ!
नैतिक दर्शनशास्त्र के सबसे महान लेखन भावनात्मक हैं।
उनका तर्क होता है कि दुनिया कैसी है और कैसी होनी चाहिए।
इस लेखन में महान दिमाग का इस्तेमाल हुआ है, पर दिल कहाँ है?
हिम्मत कहाँ है?
मैं समझ गया। सच में।
तो, मैं घर जाकर आपके लिए एक छोटा सा लेख लिखूँगा,
यह तर्क दूँगा कि मुझे इस बड़े लेख पर काम करते रहना चाहिए।
चुप हो जाओ!
हफ़्ता बुरा गया। अफ़सोस है, यार।
सच में, पता नहीं किसका ज़्यादा दर्द है, अपनी थीसिस मुलाकात का या अलासांद्रा का।
वह होशियार थी, और मज़ेदार भी...
मुझे लगा कि शायद वही मेरा जवाब थी।
ज़िंदगी में कुछ चीज़ों के जवाब नहीं होते।
अलासांद्रा यही कह रही थी न? तुम्हारे सलाहकार ने भी तो यही कहा था न?
ज़िंदगी भर तुम्हारे हर परिचित ने
तुमसे हर पल यही कहा न?
ठीक है, मैं इसे हल कर सकता हूँ।
मुझे बस अलासांद्रा को प्रभावित करने का जवाब चाहिए,
अपने सलाहकार को प्रभावित करने का अलग जवाब चाहिए
या, अच्छा यही हो कि एक जवाब से दोनों को प्रभावित करूँ।
-पता है इसके लिए क्या करना होगा? -मत कहो।
-वेन डायग्राम। हाँ। -वेन डायग्राम नहीं।
अगर दूसरे लोगों की बात नहीं सुनते, कम से कम अपनी बात तो सुनोगे?
कसम से, कभी-कभी सच में...
...तुम्हारा दोस्त बना रहना असंभव है।
तुम एक भी फ़ैसला नहीं कर पाते हो।
देखो, थोड़ा और समय लेने में क्या हर्ज़ है ताकि बिल्कुल सही...
स्वागत है! सब ठीक है।
चिडी? अंदर आ जाओ।
बशर्ते बाहर तुम ज़्यादा आराम से हो?
मुझे लगता है आप चाहते हैं कि मैं...
सुनो, फ़ैसला मैं ले लेता हूँ। अंदर आओ।
बढ़िया।
इसे देखो।
तुम्हारा फ़्रिज तुम्हारा नाश्ता चुनेगा।
जई का दलिया और बादाम का दूध।
गाढ़ा। तुम्हें फ़ैसला लेने की ज़रूरत नहीं है।
इसे तुम्हारी ज़रूरत पता है।
और तुम्हारे बाकी सारे अनुरोधों के लिए...
-जेनेट? -कैसे हो?
जेनेट को ब्रह्माण्ड के सभी सवालों के जवाब पता हैं।
कुछ भी पूछ लो।
मुझे कौन सा जवाब चाहिए?
ज़ाहिर तौर पर कुछ संजीदा होना चाहिए। हल्का या गंदा नहीं होना चाहिए।
या शायद मुझे छोटे से शुरू करके आगे बढ़ना चाहिए।
मैं... या... मैं नहीं...
-सबसे बड़ी मछली कौन सी है? -व्हेल शार्क।
बढ़िया।
माफ़ करना। बाद में बेहतर सवाल पूछूँगा।
माफ़ी माँगने की ज़रूरत नहीं, चिडी। मेरे लिए सभी सवाल उतने ही अहम हैं।
तो, हम दोनों की अच्छी पटेगी।
मुझे जाकर कुछ और निवासियों का स्वागत करना है।
मेरे जाने से पहले तुम्हें अपने किसी और सवाल का जवाब चाहिए?
हाँ। क्या जई के दलिए के बराबरी के रिश्ते में कुछ है?
-क्या कोई... -जीवनसाथी?
हाँ।
द गुड प्लेस में हर इंसान का एक आदर्श मेल है।
एक घंटे बाद, चेहरे जैसे दिखने वाले एक छोटे से घर में आना,
और तुम्हारे सबसे अहम सवाल का जवाब मिल जाएगा।
उसका नाम एलेनोर है।
अरे, यार। यह याद है?
हाँ! यह आठ मिनट पहले की बात है।
तो, तुमने जेनेट को शादी का प्रस्ताव दिया और तुमने हाँ की, और अब तुम शादीशुदा हो।
मुझे लगा था कि ऊँची आवाज़ में बोलने पर यह कम अजीब लगेगा, पर ऐसा नहीं हुआ।
शुक्रिया, दोस्त।
अगर तुम हमें कुछ तोहफ़ा देना चाहो, तो मुझसे माँगना होगा।
जेसन, शायद मुझे तुम्हारी मदद चाहिए। तुमसे कुछ पूछूँ?
मुझसे पहले कभी किसी ने सलाह नहीं माँगी।
और तुम हाई स्कूल के प्रिंसिपल हो।
कॉलेज प्रोफ़ेसर।
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