Siddhartha

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A Commentary by indespensible

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Published on: 2019-10-23
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The first 200 lines.

-भाई, क्या तुम ठीक हो? -हाँ।

-ज़रूरत पड़े तो मुझे बुलाना, जाग रहा हूँ। -ठीक है।

मैं खिड़की के पास नहीं बैठ सकती। उड़ान से डर लगता है।

-मेरा दम घुटता है। -कोई बात नहीं। मेरे पीछे आइए।

संजना! उन्हें उड़ान से डर लगता है और वे खिड़की के पास नहीं बैठ सकती।

ठीक है, उन्हें यहाँ बैठने दो।

-जब तक कोई और जगह खाली नहीं होती... -प्लीज़ यहाँ बैठिए।

धन्यवाद!

-मुझे खिड़की के पास नहीं बैठना। -ठीक है।

सुनिए!

कितनी बार उन्हें यह सब बताना पड़ेगा?

उन्हें समझ नहीं आता कि मुझे खिड़की के पास नहीं बैठना।

मलेशिया एयरलाइन्स

माफ़ कर दीजिए मैंने आपको खरोंचा, मैं डर गई थी।

कृपया माफ़ कर दीजिए।

मुझे ऊँचाई से डर लगता है।

मैंने वह डर के मारे अनजाने में किया।

माफ़ कर दीजिए।

-सुनिए मैडम। -हाँ।

आपके लिए जगह बना दी गई है।

क्या आप कृपया मेरे पीछे आएँगी?

ठीक है।

मेरे नफ़रत के ज़ख्म की दवा प्यार होनी चाहिए।

मेरे तो प्यार की शुरुआत भी ज़ख्म से हुई।

भाई, यह जगह सबसे सुरक्षित है।

हिलाल का घर भी यहाँ से पास ही है।

हम भागे नहीं है। हम बस वहाँ से निकल गए।

चिंता मत करो और जो हुआ उसके बारे में मत सोचो।

मेरे साथ रहो।

ठीक है, सामान अंदर रखो।

-भाई, हमें हिलाल से मिलना चाहिए। -ठीक है।

सर, नमस्कार।

सर, यह राख को पवित्र जल में डालें

और प्रार्थना करें भगवान से कि आपके पिता की आत्मा को शांति मिले।

पंडित जी, मेरे पिता की आत्मा को ऐसे शांति नहीं मिलेगी।

उसके लिए इस राख को उस आदमी के खून से मिलाना होगा।

मेरे पिता की आत्मा को तभी शांति मिलेगी।

वह भाग गया। मतलब हम अभी नहीं जीते।

उसकी मौत ही हमारी जीत होगी।

उसे तब तक ढूँढो जब तक मौत उसे गले न लगा ले।

सर!

इन बेवकूफों का गुस्से में दिमाग नहीं चलता।

इसके बाप के कातिल को ढूँढने का मतलब है

मौत के मुँह में हाथ डालना, है न?

ये लोग नहीं बदलेंगे।

सूर्या!

-हाय, सहस्रा। -हाय!

-एक बार ट्रैक फिर से चेक कर लो, ठीक है? -हे!

-तुम कैसे हो? -हाय!

-हाय! -तुम कैसी हो सहस्रा?

-बढ़िया। -तुम कैसी हो सहस्रा?

ठीक, कैसा चल रहा है?

-अच्छा। -बढ़िया है।

हे!

हाय, पूजा!

-हाय! -आओ।

-हेल्लो! -हे, तुम कैसी हो?

एकदम बढ़िया!

-और... -तुम्हारे पिता कैसे हैं?

पिताजी अब ठीक हैं।

सहस्रा, बाद में बात करते हैं। अभी तुम्हारे प्रोग्राम का समय है।

-इसपर नज़र डालो। स्क्रिप्ट तैयार है। -ठीक है!

ठीक है।

सिर्फ रेडियो मिर्ची 98.3 पर, यह बहुत मस्त है गुरु!

वापसी पर स्वागत है!

हंसमुख सहस्रा की तरफ से हेल्लो,

कुआला लुम्पुर के तेलुगु लोगों को।

हम रोज़ आपसे एक दिलचस्प विषय पर बात करते हैं

आपके पसंदीदा प्रोग्राम "डिअर ज़िन्दगी" में।

क्या आप आज का विषय जानते हैं?

सफ़र...

हाँ, ज़िन्दगी एक सफ़र है।

कुछ लोग हमसे इस सफ़र में जुड़ते हैं, फिर छोड़ जाते हैं।

कुछ लोग याद रह जाते हैं।

लेकिन एक-दो ऐसे होते हैं जो भुलाए नहीं जाते।

जब हम उनसे जुड़ी यादों के बारे में सोचते हैं,

और कभी-कभी, वे यादें हमें परेशान करती हैं।

अगर आपने भी कभी किसी को बिना जाने-पहचाने

ऐसा कुछ महसूस किया है तो मुझे ज़रूर बताएं।

कॉल करें 0302078668 पर।

तब तक के लिए, यह खूबसूरत गाना आपके लिए।

यहाँ सब ठीक है, भाई। हम अभी हिलाल से मिलने आए हैं।

-सूर्या कैसा है? -वह ठीक है।

उन्होंने पुलिस रिपोर्ट नहीं करवाई है।

इसका मतलब वे कुछ और करना चाहते हैं। हमें सावधान रहना होगा।

तुम इस बात का ध्यान रखना कि सूर्या इस माहौल में यहाँ नहीं आए।

ठीक है, मैं ध्यान रखूँगा। आप फ़िक्र मत करो।

तुम्हारी माँ से बात हुई। उन्होंने तुम्हें यहाँ भेजकर सही किया।

यह लो।

जब तक तुम यहाँ हो, तुम्हारा नाम सिद्धार्थ रहेगा।

अपनी असली पहचान किसी को मत बताना।

कुछ भी चाहिए तो मुझे कॉल करना।

भाई, क्या आप ठीक हो?

मुझे देखने दो।

लगता है संक्रमण बढ़ रहा है।

यहाँ एक अस्पताल है। वहाँ पुलिस वाली परेशानी नहीं आएगी।

मैं उनसे बात कर लूँगा, तुम जाओ।

हेल्लो!

क्या है यह सब? कितने दिनों बाद आई हो?

अगर छुट्टियों के बारे में बॉस को पता होता है, तो ही वह अवकाश कहलाता है।

अगर तुम अपनी मर्ज़ी से कितने भी दिन नहीं आते,

तो उसे फायदा उठाना कहते हैं।

नहीं, उसे लापरवाही कहते हैं।

सर, मेरे पिताजी बीमार हैं।

मैं वह नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती।

बहाने बनाना तो तुम्हारे बाएं हाथ का खेल होगा।

-धन्यवाद सर। -मुँह बंद करो और मेरी बात सुनो।

क्या तुम्हें लगता है तुम यहाँ जब मन किया तब आकर किसी भी विषय पर बात कर सकती हो?

तुम्हें मेरे हिसाब से आना होगा और वह जो लिखे वही बोलना पड़ेगा।

अगर तुम्हें अपनी बातें ही करनी है, तो मैं इसे लिखने के पैसे क्यों दूँ?

अगर यह दोबारा किया तो मैं तुम्हारा माइक बंद कर दूँगा।

अब निकलो यहाँ से।

मेरा बॉयफ्रेंड भी मुझसे ऐसे बदतमीज़ी से बात नहीं करता।

लेकिन वह मुझसे ऐसा सलूक क्यों कर रहा है? मुझे उसे सबक सिखाना चाहिए।

शांत हो जाओ।

हाय सहस्रा!

-हाय, तुम कैसी हो? -ठीक हूँ।

-अच्छा मैं चलती हूँ। -ठीक है, बाय।

-और क्या नया? -तुम अच्छी लग रही हो।

सच में?

-यह बॉस के लिए? -हाँ।

-वे गुस्से में हैं। उन्हें ठंडा पानी दो। -ठीक है।

यह मुझे दो।

-जाओ। -ठीक है।

ठीक है, बाय।

-रुको, यह किसके लिए? -बॉस।

उन्हें ज़हर दो, कॉफ़ी नहीं।

जाओ!

हे!

-अरे, धन्यवाद। -अरे, यह मेरी है।

-चलो भी। -प्लीज़!

प्लीज़।

ठीक है, लो।

10 मिनट के अंदर, बॉस की मूवी शुरू होगी।

क्या होगा?

सबसे पहले, कुछ बहने की आवाज़ आएगी। फिर वे परेशान होंगे।

फिर वे बाथरूम की ओर भागेंगे।

और फिर, शायद एम्बुलेंस आए।

-एम्बुलेंस क्यों आएगी? -अरे, मेरी कॉफ़ी कहाँ है?

-क्या यह वह वाली है? -हाँ।

तुम्हारे इलाज के लिए आए कि मेरे?

मैं तुम्हें यहाँ लाकर थक गई।

तुम उसकी कॉफ़ी क्यों लेकर आई?

मुझे तुम्हारी करामात के बारे में कैसे पता होता?

जल्दी चलो वरना डॉक्टर चला जाएगा। चलो।

मुझे डॉक्टर से मिलने से पहले रेस्टरूम जाना है।

हाय!

तुम कल ठीक थी न?

मुझे व्हीलचेयर में बैठना अच्छा लगता है।

यह मेरी दोस्त है पूजा।

-हाय! -हाय।

मैं इसे यहाँ लाई क्यों कि इसका पेट ख़राब हो गया।

तुम यहाँ कैसे?

अरे नहीं! क्या मैंने बहुत ज़्यादा खरोंचा? क्या घाव संक्रामक हो गया?

हाँ, बहुत ज़्यादा। मेरा दिल भी।

मुझे माफ़ कर दो।

मज़ाक कर रहा हूँ।

एक छोटी सी दुर्घटना हो गई।

वैसे मेरा नाम सहस्रा है। मैं एक रेडियो शो की होस्ट हूँ।

तुम क्या करते हो? कहाँ रहते हो?

मेरे पास इन सवालों के जवाब नहीं हैं।

लेकिन मैं तब नहीं जानता था,

कि यह मेरी ज़िन्दगी के सवालों का जवाब बन जाएगी।

और एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब देना होगा।

हेल्लो ज़िन्दगी में हंसमुख सहस्रा के साथ आपका स्वागत है।

क्या आप जानते हैं आज वर्ल्ड स्माइल्स डे है।

तो आप सबको इस दिन की बधाई।

स्माइल्स डे मनाया जाता है हार्वी बॉल की याद में

जो खुश चेहरे के प्रतीक के संस्थापक हैं।

आज हम किसी की मुस्कुराहट का कारण बनेंगे।

आज शाम को, वर्ल्ड स्माइल्स डे कार्यक्रम हमारे रेडियो केन्द्र के नीचे होगा।

तो आइए और अपने प्रियजनों के साथ इस जश्न का हिस्सा बनिए।

और अब हम अपना प्रोग्राम शुरू करते हैं।

आज का हमारा विषय है संयोग।

कभी-कभी, जब हम उन लोगों के बारे में सोचते हैं जिन्हें हम पसंद करते हैं,

हम चाहते हैं कि वे हमसे एक बार मिलने आएँ।

और फिर वह एकदम से सामने आ जाते हैं।

कितना अच्छा संयोग है न।

कॉल करें 0302078668 पर और हमें बताएँ

अगर ऐसा कुछ आपके साथ भी हुआ है।

मुस्कराएँ! हैप्पी वर्ल्ड स्माइल डे

हैप्पी स्माइल्स डे!

यह तुम्हारे लिए!

मुस्कराएँ!

हाय आंटी। हैप्पी स्माइल्स डे!

मुस्कराइए।

मुस्कराओ!

-हैप्पी स्माइल्स डे! -धन्यवाद!

वैसे तुमने अपना नाम नहीं बताया।

सिद्धार्थ,

मुझे उसे ऐसे देखकर बहुत ख़ुशी होती है बधरा।

अगर तुम्हें उड़ने से डर लगता है तो यहाँ क्यों आई?

यह जगह, मेरा काम, ये दोस्त, यही मेरी ख़ुशी का कारण हैं।

मैंने ऊँचाई के डर से सामना करना सीखा ये खुशियाँ ढूंढने के लिए।

मेरे पिताजी को भी मनाया।

वैसे, सिद्धार्थ का क्या?

मुझे भी तुम्हारी तरह उसके बारे में ज़्यादा कुछ नहीं पता।

मुझे फ़लसफ़ा पसंद हैं लेकिन समझ नहीं आता।

ये हमेशा तुम्हारे साथ रहते हैं। कौन हैं ये?

नारंगी टी-शर्ट वाला मेरा छोटा भाई है।

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