The first 200 lines.
सिगरेट पीना हानिकारक है। धूम्र पान जानलेवा हो सकता है।
धूम्र पान से कैंसर हो सकता है। धूम्र पान जानलेवा हो सकता है।
शराब, शरीर के लिए हानिकारक है।
शराब, शरीर के लिए हानिकारक है।
इस फिल्म के सभी किरदार काल्पनिक हैं। किसी भी जिंदा या मुर्दा व्यक्ति से
उसका मिलना, सिर्फ एक संयोग होगा।
इस फिल्म के निर्माण के दौरान किसी भी महिला का शोषण नहीं किया गया है।
इस फिल्म के निर्माण के दौरान, किसी भी महिला का शोषण नहीं किया गया है।
इस फिल्म की पृष्ठभूमि थाईलैंड है,
भाषा की समस्या न हो, इसलिए,
फिल्म के सभी किरदार, तमिल बोल रहे हैं।
प्रिय दर्शकों...
अभी फिल्म शुरू होने में दो मिनट बाकी हैं
अगर आप, टिशु पेपर लेकर नहीं आए हैं तो,
जल्दी से बाहर जाइए और ले आइए।
अगले दो घंटे तक, वो आपके बहुत काम आएगा।
पट्टाया
वर्तमान
चिकाटी गाडिलो चिठाकोतुडू
अच्छे से तैयार होना!
-रुको न, वही कर रही हूँ। -कोई देख लेगा।
-अभी थोड़ा समय है। -तुम बहुत सुस्त हो।
जल्दबाजी मत करो।
थोड़ा और ऊपर, बस थोड़ा और ऊपर।
अरे नहीं!
शर्ट का बटन लगाने में कितना टाइम लगता है?
मैं लगा तो रहा हूँ।
फिर से शुरू हो गए आपलोग?
मैं, अब सब समझने लगी हूँ।
-नमस्ते! -नमस्ते!
सब, यहाँ मेरी शादी तय करवाने आ रहे हैं।
पता नहीं, ऐसा कब तक होता रहेगा।
उम्मीद है कि इस बार सब ठीक हो जाएगा।
ये हैं मेरे डैड।
ये हैं, मेरी माँ।
अब तक, आप समझ गए होंगे कि मैं कौन हूँ, चंदू!
हम देखते हैं कि पिछली शादियाँ क्यों तय नहीं हो पाईं।
तुम, अनीता के पूर्व बॉयफ्रेंड हो न?
तुम, श्रद्धा के एक्स-बॉयफ्रेंड हो?
-साक्षी के? -कृतिका के?
-रेशमा? -लक्ष्मी के?
-चंदना के पूर्व आशिक? -तुम तो लतिका से प्यार करते थे न?
इसी वजह से आज तक मेरी शादी नहीं हुई।
मैं एक प्लेबॉय हूँ।
ये है मेरा बेटा, चंदू।
-हलो! -आपका बेटा तो अच्छा है।
लेकिन मेरी बेटी से शादी करने की कुछ शर्तें हैं।
ये शायद, दुल्हन के डैडी हैं।
आज, पहली बार उसकी शादी की बात नहीं चल रही है।
आप खुद देख लीजिये उसने शादी के लिए बात करने लोगों को कितना सताया है।
वो, स्प्राउट्स खा रहे हैं।
खाते रहिये!
इसे तो गोलियां चलानी थीं लेकिन ये गैस के गोले दाग रहा है।
बात सुनो बेटे,
इसके सेंटर पर निशाना साधो और दाग दो।
मैं घूम जाता हूँ।
सर, मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ?
इतनी दूर तक सही निशाना लगाना मुश्किल है।
क्या कह रहे हो, अगर यहाँ सही निशाना नहीं लगा सकते तो फिर बिस्तर में क्या करोगे?
बेटे, खड़े हो जाओ।
सर, आप क्या देख रहे हैं?
तुम ज्यादा लम्बे नहीं हो,
पता नहीं, तुम्हारा, वो भाई, कितना लम्बा होगा?
अरे नहीं!
उसे इतना दमदार तो होना ही चाहिए कि मेरी बेटी को खुश कर सके।
यही एक शर्त है।
मैं सोच रहा हूँ कि बेटे की शादी के बाद, तिरुपति मंदिर में मुंडन करवा लूं।
मगर वो तो अपना पूरा ध्यान बीवी को खुश रखने के उपाय सोचने पर लगा रहा है।
मैं शादी के पहले कुछ बातों का पता लगा लेना चाहता हूँ।
पहले, उन्हें मिलने देते हैं।
अगर दोनों ने एक दूसरे को पसंद कर लिया तो फिर हम आगे की जांच-पड़ताल करेंगे।
कोई ऐतराज़ तो नहीं है?
मिल लो.
तुम एक मिनट चुप रहोगे क्या?
जाओ बेटे, हमारी बेटी ऊपर है।
तुमदोनों बैठकर, आपस में बातचीत कर लो।
बाद में, हम इस मामले में आगे की बातें करेंगे।
-ऊपर? -हाँ, ऊपर.
-ये क्या हो रहा है? -उन्हें बात करने दो।
-हाय, मैं चंदू! -पूजा!
-क्या हाल है? -बढ़िया।
-और तुम, कैसे हो? -बढ़िया!
ये इतना क्या सोच रही है?
मैंने तुम्हें पहले कहीं देखा है, क्या?
हम पहले कहीं मिले हैं?
तुम ये सोच रही हो कि तुम मुझसे कहाँ मिली हो, या किसी से मेरे बारे में सुना है?
शायद, तुम्हारे बारे में सुना है।
लगता है इस बार भी खेल खराब होने वाला है।
कुछ कहा!
नहीं, गुस्सा करने की ज़रुरत नहीं है।
हो सकता है तुम्हारी किसी सहेली ने मुझे अपना बॉयफ्रेंड बताकर मेरी फोटो दिखाई हो।
ये सब मेरी करनी का ही फल है।
कोई बात नहीं। मैं नीचे जाकर कह देता हूँ, मुझे शादी नहीं करनी।
वैसे, मिलने के लिए, शुक्रिया।
-चंदू! -मिलकर ख़ुशी हुई।
एक्सक्यूज़ मी!
अब, इसे क्या हो गया?
-बेटे, तुम्हें लड़की पसंद आई? -लड़की, सुन्दर है न?
डैड, मुझे नहीं लगता, यहाँ बात बनेगी।
वजह, मैं बताता हूँ।
बेटे, तुम्हारी पहले से भी कई गर्लफ्रेंड्स हैं न?
अंकल!
मैं ज्यादा तो नहीं जानता
इसलिए परेशान होने की ज़रुरत नहीं है।
अगर गर्लफ्रेंड्स हैं भी तो कोई बात नहीं।
नहीं?
अच्छा, वो सब, अब एक्स-गर्लफ्रेंड्स हैं या
उनसे आज भी मिलते जुलते हो?
नहीं, अब तो सब एक्स हो चुकी हैं।
मैं अब उनसे मिलता भी नहीं हूँ।
क्या मतलब?
अच्छी बात है।
पहले कभी अफेयर्स हों तो बुरा क्या है?
हाँ!
अफेयर्स रखना अच्छी बात है?
आजकल की लड़कियों को पटाने और
उनके साथ रिश्ते बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है।
लड़कों को बहुत कुछ करना पड़ता है।
हमेशा उनके नखरे सहने पड़ते हैं।
बहुत दिमाग लगाना पड़ता है।
और हाँ, सुपरहिट फिल्मों के डायलाग भी याद करने पड़ते हैं।
इतना सबकुछ करने के बाद ही लड़की हाथ आती है।
मगर ये सब करने के लिए भी दिन रात मेहनत करनी पड़ती है।
तब, जाकर बात बनती है।
अगर, इतना सबकुछ करने के बाद भी बात नहीं बने तो,
क्या वजह हो सकती है?
हर लड़की का अपना अपना बहाना होता है।
और अगर लड़की नहीं मिलती है,
तो, वो बोरिंग भी लगने लगती है।
ये अच्छा नहीं होगा कि उनसे सीधे सीधे ही कह दिया जाए?
अरे नहीं! ऐसा किया तो खेल खराब हो जाएगा! प्लीज़!
तो, फिर, एक काम करो।
ट्रिप पर कहीं चले जाओ।
साथ में थोड़ा वक़्त बिताओ।
ट्रिप? मगर कहाँ?
जहां तुम चाहो।
लेकिन हाँ, अकेले जाना ठीक नहीं होगा
अगर कोई और भी जोड़ी मिल जाए तो उसे भी ले जाना।
मगर, शादी के पहले?
अंकल, आंटी मज़ाक तो नहीं कर रही हैं?
देखो भई, मैं कभी कभार मज़ाक कर भी लेता हूँ।
मगर. मैं कभी मज़ाक नहीं करती।
अजीब बात है!
आपका बेटा, सैर करने जा रहा है,
आपको कोई ऐतराज़ तो नहीं है?
अरे नहीं!
जब आपलोगों को ऐतराज़ नहीं है तो मुझे किस बात पर ऐतराज़ होगा?
उसे जाने दीजिये।
शिवा वाइन्स
-हे। -हे। मेरी बात सुनो।
क्या बात है?
-तुम्हारा बॉस कहाँ है? -वो वहाँ अपनी जान दे रहा है।
-मुझे छोड़ दो, मैं अपनी जान दे दूंगा। -चाक़ू फेंक दो।
-मुझे मत रोको। -चाक़ू फेंक दो, तुम्हारी जान चली जाएगी।
तुमलोग ये क्या कर रहे हो?
-ये, क्या कर रहे हो? -देखो, ये देखो।
तुम्हें क्या हो गया है?
सामूहिक आत्महत्या!
-सामूहिक आत्महत्या? -क्यों?
किसान और आशिक नाकाम होकर, आत्महत्या करते हैं।
मैं शादी में नाकाम होकर आत्महत्या कर रहा हूँ।
कहीं ये किसी फिल्म का कोई घिसा पिटा सीन तो नहीं है?
ये तो देश की भलाई के लिए जान दे रहा है।
मगर मेरी समस्या घर की है।
ठीक है, मगर तुम्हें क्या हुआ है?
अगर हमें जंग में जाना हो तो कोई परेशानी नहीं होती है,
लेकिन अगर कोई कहे कि भरी दोपहर में धूप में हमाली करो तो जान जलती है।
सही कहा।
अबे, तुझे क्या हो गया?
मैंने बार की पहली सालगिरह पर इसे खूब सजाया था।
-आइटम गाने के लिए एक हूर को भी बुलाया था। -मगर वो है कहाँ?
मगर ये लोग यहाँ चाक़ू लेकर सारा खेल खराब कर रहे हैं।
असल में चाक़ू तो मुझे निकालना चाहिए था।
अब तुम्हें क्या चाहिए? तुम, जश्न मनाना चाहते हो?
हे, म्यूजिक शुरू करो!
आ जा करें, आ जा करें, हो हंगामा
आ जा करें, आ जा करें, हो हंगामा
चल करें कुछ धूम धमाका
आ जा करें, हो हंगामा
आ जा करें, हो हंगामा
चल करें कुछ धूम धमाका
गुंटूर के छोकरे, बड़े कमाल के
नेल्लोर के छोकरे, दिल रख दें जान पे
पुथुर के छोकरे होते बड़े कमीने
चित्तूर वाले रख दें मसल के
पचास में होगा पास
पच्चीस में न बुझेगी प्यास
सौ में लगा दूँगी आग
पचास में होगा पास
पच्चीस में न बुझेगी प्यास
सौ में लगा दूँगी आग
है दम तो आ जा सनम
दूर से न डाल सितम
पूरे जिस्म में हो रही जलन
आ बुझा दे न, मेरी ये अगन
भरी जवानी है, गदराया है बदन
आया जो करीब तो, सुलग उठेगा तन
लगाईं जो डुबकी, तो हो जाएगा पार
देख के जलवा रह जाएगा तू हक्का बक्का
जल जाएगा मेरी आग में मेरा वादा है, पक्का
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