Rustum

Rustum (ರುಸ್ತುಮ್)

Download Hindi Subtitle

Release info

Rustum 2019 KANNADA WEBRip AMZN
A Commentary by tedi
Retail AMZN

Tags

webrip
web
BRip
Published on: 2022-12-12
Downloads: 14
Hearing Impaired: No

Hindi subtitle preview

The first 200 lines.

नमस्कार, साहब।

साहब, मैं महंतेश। आइये बैठिए ना।

कैसे हो, साहब?

साहब, यह मेरे आदमी है। चिंता की कोई बात नहीं।

कृपया आप बैठिए ना।

-यह सब क्या है? -'अतिथि देवो भवः।'

हम इसी तरह मेहमान नवाज़ी करते है।

मेरे बॉस ने आदेश दिया है की कोई भी मेहमान

खाली हाथ और पेट जाना नहीं चाहिए।

मुझे यहाँ क्यों बुलाया गया है!

तुम्हारे विभाग के लोगों से पता चला है की

तुम एक केस कि जाँच कर रहे हो।

हाँ सब जानते हैं साहब।

साहब, प्रेस्टीज विला में हमने एक विला बुक करवाया है।

मागडी रोड के पास दस एकड़ ज़मीन है।

इम्पोर्टेड बेंज़ कार, 2019 का मॉडल।

खर्चे 10 करोड़ रुपये है।

अगर आपको यह सारी चीज़ें चाहिए

तो फ़ौरन अपनी जाँच रोको

और सारे साबुत हमारे हवाले करो, साहब।

मेरे पिताजी मधुकर देशपांडे है, रिटायर्ड स्कूल हेडमास्टर है।

20 हज़ार रुपये महिना पेंशन मिलती है।

मेरी बिवी की बैंक में 60 हज़ार रुपये की नौकरी है!

मुझे सरकार 1 लाख रुपये तनख्वा देती है।

हमारे लिए इतना काफी है

और सारे सबूत सही जगह पहुँच जायेंगे।

साहब, एक मिनिट बस।

-हाँ। -उसे प्रस्ताव मंज़ूर है?

नहीं, साहब। उसे मंज़ूर नहीं है।

-एक और मौका दो। -ठीक है। कोशिश करता हूँ।

साहब, मेरे बॉस आपको और एक मौका देना चाहते है।

खटमल सिर्फ़ खून चूसता है, जानलेवा नहीं होता।

लालच देकर मेरे ईमान पर दाग नहीं लगा सकते।

साहब, अपना काम इमानदारी से ही करना चाहिए।

पर इमानदारी जान से ज़्यादा कीमती नहीं है।

आयएएस अधिकारी के सामने आवाज़ चढ़ाना ग़लत है

और तुम मुझे मारने की धमकी दे रहे हो!

कानून तुम्हें छोड़ेगा नहीं।

गृह मंत्री दुर्गाप्रसाद जी के घर से लाईव।

उनके बेटे, आदित्य के, जन्मदिन के अवसर पर..

मैं पिछले 30 सालों से राजनीति में हूँ।

सर पर किसी का हाथ नहीं था लेकिन सामान्य जनता और

मिडिया ने मुझे आज यहाँ पहुँचाया है

इसीलिए मैं सबका शुक्रिया करना चाहूँगा।

-साहब, क्या यह सच है की आप सीएम पद के अगले उम्मीदवार है? -नहीं।

व्यक्ति की छवि उसके पक्ष पर कभी हावी नहीं होनी चाहिए।

मैं तो पक्ष के वरिष्ठों के आदेशों का पालन करूँगा।

आप सबको...

...नए युवा अध्यक्ष से मिलवाना चाहता हूँ

-साहब, क्या वह अर्जुन है? -नहीं, मेरा दूसरा बेटा, आदित्य।

"मंड्या से हूँ आयी गन्ने का रस बेचने..."

"साड़ी है पहनी आपकी सेवा करने.."

"मंड्या से हूँ आयी गन्ने का रस बेचने..."

"साड़ी है पहनी आपकी सेवा करने.."

"चलो.. आओ, सभी.."

"चलो.. जल्दी आओ, सभी.."

"चलो.. आओ, सभी किसे चाहिए रस"

"दारू के बजाय रस पीकर हो जाओ मस्त.."

"नाम मेरा सिंगारव्वा.."

"चलो रस पीके नाचो तो ज़रा.."

"नाम मेरा सिंगारव्वा.."

"चलो रस पीके नाचो तो ज़रा.."

"मेरे आने से ही रौशनी आ जाये.."

"बात यह सच है.."

"मेरा घूँघट सरकते ही सीटियाँ बजे.."

"बात यह सच है.."

"जो चाहे पैर चूमे.."

"दिन-रात मेरी पूजा करे.."

"जिसने भी सेल्फी ली डीपी रखे.."

"मुझसे मिलने के लिए लाइन लगे.."

"चली मैं जाऊ अगर, सालभर रुकना पड़े.."

"अगर अपना बनाना चाहे कोई, तो उसे माल्या की फ्लाइट लेनी पड़े.."

"बड़े, बच्चे, जो है बैठे और

खड़े सभी ध्यान से सुने.."

"नाम मेरा सिंगारव्वा.."

"चलो रस पीके नाचो तो ज़रा.."

"नाम मेरा सिंगारव्वा.."

"चलो रस पीके नाचो तो ज़रा.."

"एक, दो, तीन, चार... अब आगे क्या करे?"

"हाँ, चलते रहने दे.."

"पांच, छह, सात, आठ, गिनती यह चलती रहे.."

"बात यह सच है.."

"खड़े रहो सीधा, सब लंगड़ी खेल रहे.."

"चाहते है जो मुझे, साथ में बैठे.."

"जुड़ना चाहे जो भी मुझसे, मेरा हाथ पकडे रहे.."

"लाइन में आ जाये, जिन्होंने तोहफ़े है लाये.."

"अँधेरे में खो जाऊ, तो ढूंढना मुश्किल हो जाये.."

"फिर ढूंढने मुझे, रोशनी चाँद की लानी पड़े.."

"आगे से पीछे तक, सभी ध्यान से सुने.."

"सिंगारव्वा.."

"नाचो तो ज़रा.."

"सिंगारव्वा.."

"नाचो तो ज़रा.."

नमस्कार, साहब। कृपया हमारे बेटे को ढूंढ निकालिए।

हमारा विभाग इस मामले में ध्यान दे रहा है।

हम रात दिन उसकी खोज में लगे हुए है।

धीरज रखिये, उसके लापता होने के पीछे जिसका भी हाथ है

हमारा विभाग उन लोगों को छोड़ेगा नहीं।

धीरज रखिये।

साहब, मैं उसे धीरज रखने कह सकता हूँ

पर उसपे दो लोग निर्भर है, उनका क्या करूँ?

बुरा मत मानना

आपके बेटे के व्यक्तिगत जीवन में कोई समस्या है?

मेरे बेटे के चरित्र पर कोई दाग नहीं है।

उसपर कलंक ना लगाये।

मेरा वह मतलब नहीं था।

रोने और दु:खी होने से समस्या हल नहीं होगी।

अगर जाँच पड़ताल में आपका सहयोग मिले

तो बहुत अच्छा होगा।

साहब, हमें क्या करना होगा?

कोई सरकारी या अधिकृत कागज़ात हो

तो हमें दे दीजिये।

मेरा बेटा...

...ऑफिस फाइल्स कभी घर नहीं लाता था।

तो पेन ड्राइव या हार्ड डिस्क भी चलेगी

जिनका वह ज़्यादातर इस्तेमाल करता था।

जांच में इससे मदद मिलेगी।

-साहब मीटिंग का वक़्त हो चुका है। -ठीक है।

मुझे मीटिंग में जाना है, आप अगले हफ़्ते आ जाइए।

उसकी पेन ड्राइव या हार्ड डिस्क मिले तो जल्दी ले आइये।

ठीक है, साहब।

साहब...

...मेरे बेटे में भी उसकी निजी चीज़ों जीतनी ही

दिलचस्पी दिखाइये।

चलो, बेटा।

ताज़ा ख़बर

आय ए एस अधिकारी शुभकर देशपांडे लापता।

सीधा चलते है हमारे संवाददाता महेश के पास।

शुभकर देशपांडे विचित्र परिस्थितियों में लापता हुए हैं।

उनके लापता होने की शिकायत

पुलिस आयुक्त ने दर्ज की है।

पिछले छह महीनों में आय ए एस अधिकारी लापता होने का

यह तीसरा वाकिया है।

अब सवाल यह है की यह बस एक इत्तेफ़ाक है...

या नेता या उद्योजक का इसके पीछे कोई हाथ है।

पुलिस से कुछ मदद मिलेगी ऐसा नहीं लगता।

सुनो...

उसके ऑफिस में क्या वह...

अपने बेटे के बारे में ऐसा कह रही हो?

तुम ऐसा कैसे बोल सकती हो?

वह रोते हुए चली गयी।

ऐसी बातें करने के बजाय

हमें उसका सहारा बनना चाहिए।

सुमित्रा...

इमानदार अधिकारी को हर कदम पर समस्या का सामना करना पड़ता है।

ठीक है, पर क्या हमने उसे ढूंढने की कोशिश नहीं की?

कोई मदद करने आगे नहीं आया।

मेरा हमेशा से मानना है की सच्चाई की हमेशा जित होती है।

बुरे वक़्त में कोई ना कोई ज़रूर आता है।

कौन आएगा मदद करने?

-रास्ते से हट जा बे पागल। -हे भगवान।

हे कन्नड़ा देवी आपने यह साबित किया है की

कोई कहीं से भी आये लेकिन उसे यहाँ सर झुकाके रहना चाहिए।

-आशीर्वाद दो, कन्नड़ा देवी। -हेलो।

-अरे भुत! -मैं भुत नहीं, कुली हूँ।

-आयटम कहा है? -तुम...

-कन्नड़ आता है? -हाँ।

-कन्नड़ा बोलो। -सामान कहाँ है?

-भगवान। -खराब लगा ना?

इसलिए मैंने पूछा था आयटम कहाँ है?

यह है ना..

-अरे वह कौन है? -अरे ठीक से खड़ा रह।

वाई-फाई? वाई-फाई?

वाई-फाई?

-वाई-फाई? -आइटम दो। -क्या ढूंड रहा है?

-सामन ढूंढ रहा है। -क्यों, बस महसूस करो।

-सामान की बात कर रहे? -हाँ

हाँ, चलो।

-वाह! बहुत अच्छे! -अभी, कुली को बुलाओ।

-हाँ। -जिम में पैसे दिए हैं, वहां वर्कआउट नहीं करते?

-सब अपना अपना सामान उठा सकते हैं। है न, अभी? -हाँ, अम्मा।

-अम्मू, चलो। -हां।

मेरी बीवी कहाँ गयी? वाई-फाई! वाई-फाई!

नमस्कार! तुम वाई-फाई बेच रहे हो या ढूंड रहे हो?

ढूंड रहा हूँ! आपने देखा

-सर? -वाई-फाई कैसे दिखता है?

-एक मिनट। मेरी बीवी है। -ओह!

मेरी बीवी।

वह अमीर घर से है इसलिए मैं उसे वाई-फाई बुलाता हूँ!

रात भर साथ थी, लेकिन अब मिल नहीं रही है।

अमीर घर से है तो ज़रूर 3-टायर ऐसि में होंगी?

-फर्स्ट क्लास में देखिये। -बस करो!

अगर आपको कहीं दिखे तो मुझे ज़रूर बताना।

-भागकर आ जाऊंगा। -ठीक है।

-मेरा नंबर है.. -बोलो। -9000420420

-तुम्हें कैसे पता? -पूरी रात आप यही रटन कर रहे थे।

-फ़ोन करना। मैं आ जाऊंगा। -नमस्कार, यहाँ आओ।

-एक सलाह दे सकता हूँ? -बिलकुल।

अपने वाई-फाई का पासवर्ड रखो

बाकि लोग इस्तेमाल करेंगे। -हाँ।

-ध्यान रखना। -ठीक।

-मेरे चश्मे। -मैं ऐसे ही।

शुक्रिया।

चश्मे दे दिए लेकिन कुछ अजीब कहा उसने।

भूल गया। वाई-फाई!

मेरी बैग ले लो।

-कैसा लगा? -अच्छा है!

-अंजू, घर पसंद आया? -खुबसूरत है!

जैसे अम्बानी का घर है।

-बदमाश। सामान निकालो। -आप मुझसे काम करवाओगे?

Comments

No comments yet. Be the first to leave one.

Keep it about this subtitle — sync, quality, typos.500 characters left