The first 200 lines.
-आप अब तक गईं नहीं। -तुम भी तो नहीं गई।
सेलिन।
तुम्हें लगता है ये कपड़े तुम पर अच्छे लग रहे हैं?
-अगर अच्छे लगते, तो मूड ही ख़राब होता। -ऐसा?
रुको, ज़रा रुको!
एक सेकंड इधर आओ।
-आओ। -मुझे जाना है।
ठीक है, इसे पहन लो। अब ठीक है।
-आज रात लेट मत आना। -मैं जा रही हूं। बाय।
बाय।
अच्छा। क्या हम तैयार हैं?
एक क्विक ब्रीफ़िंग हो जाए।
लॉन्जरी कलेक्शन का क्या स्टेटस है?
क्या हम क्लाइंट प्रेजेंटेशन से शुरू करें?
बिल्कुल। मुझे इस बार कुछ ज़्यादा क्रिएटिव देखने की उम्मीद थी।
समझे?
मैम, आपके लिए एक कॉल है।
-किसका है? इतनी क्या जल्दी है? -मिस्टर यूसुफ़ हैं।
हां, मिस्टर यूसुफ़?
क्या? आपको वह नहीं मिला?
हां, मुझे पता है। बिल्कुल।
जानती हूं। मैं ख़ुद अभी भेजती हूं।
समझ गई।
सेलिन, तुमने जो चार्ट बनाया था वह गया नहीं?
मैंने आपको थर्सडे को ही ईमेल कर दिया था।
मुझे ईमेल किया था? वह सीधे क्लाइंट के पास क्यों नहीं गया?
-मुझे आपके अप्रूवल का इंतज़ार था। -हर चीज़ मुझे ही अप्रूव करनी होगी?
तो मेरे अप्रूवल के बिना यहां कुछ नहीं होता क्या?
इससे अच्छा तो सारे काम मैं ख़ुद ही कर लूं।
पता है इस वक़्त तुम्हारी जगह काम के लिए लोग क्या-क्या कर गुज़रें?
-आपने जैसा कहा, मैंने बस वही किया… -तुमने वह नहीं किया जो मैंने कहा था।
तो फिर हम यहां कर क्या रहे हैं? बस वक़्त बर्बाद कर रहे हैं?
बहुत हुआ। यह सब क्या है? क्या हम दुनिया बचा रहे हैं?
हम बस लेवेंट के एक ऑफ़िस में पैंटीहोज़ के ऐड बना रहे हैं।
इसमें इतनी जल्दी क्या है?
सिक्योरिटी को बुलाओ।
ज़रूरत नहीं है। मैं ख़ुद चली जाऊंगी।
मैं यहां रुककर ऑफ़िस का कोई सस्ता कबाड़ नहीं चुराने वाली।
ठीक है।
बैक टू द नाइंटीज़ पार्टी - म्यूज़िक - क्विज़ - सैटरडे
अरे! तुम्हारी बैटरी फिर से डाउन है। चलो भी, उठो। मैं इन सबसे थक चुकी हूं!
-अस्या, मैंने सब गड़बड़ कर दी। -पागल मत बनो।
तुमने उस नकचढ़ी को करारा जवाब दिया है।
मतलब तुम इस चक्र को तोड़ रही हो। यह किसी बड़ी चीज़ की शुरुआत है।
फिर से अपने ग्रह और तारों की बातें शुरू मत करो।
पता नहीं मुझे क्या हो गया था। तुम्हें सुनना चाहिए था जो मैंने उसे कहा।
कमीनी के साथ ऐसा होना ही था!
क्या उसने पिछले महीने किसी और के साथ ऐसा नहीं किया था?
असली ज़ालिम इंसान घर पर मेरा इंतज़ार कर रही है।
जब मां को पता चलेगा, तो वह मुझे कच्चा चबा जाएगी।
उसे भी वही बताना जो तुमने मुझे बताया। आख़िरकार वह तुम्हारी मां है।
तुम मुझे मेरी ही मां के बारे में समझा रही हो?
उसे हर चीज़ कंट्रोल करने की बीमारी है। मैंने यह जॉब इसलिए ली क्योंकि वह चाहती थी।
उन्होंने मेरा स्कूल चुना। मेरा करियर चुना…
मेरा मतलब, वह गलत भी तो नहीं है।
"अपनी मां की तरह कामयाब बनो। जो तुम्हें चाहिए, उसे हासिल करो।" है न?
मैं हमेशा उसकी आंखों में खटकती रही हूं।
-तुम अपना पौधा नहीं भूली। -यह पौधा नहीं है, इसका एक नाम है।
माफ़ करना, मटिल्डा।
चाची सेविंच… भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
अगर वह यहां होतीं, तो बिना कुछ कहे मुझे गले लगा लेतीं।
और फिर मुझे डांटती, जैसे, "तुमने इस पौधे का क्या हाल कर दिया?"
"ऐसे ख़याल रखा जाता है इसका?"
फैमिली सेफ़्टी ऐप - जानती हूं तुम कहां हो? घर कब आ रही हो?
उन्हें कैसे पता चलेगा?
आज भी मेरे साथ बच्चे जैसा बर्ताव करती है। मेरे फ़ोन में एक ट्रैकिंग ऐप डाल रखा है।
तुम क्या करने वाली हो?
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फाइंडरचाइल्ड ऐप डिलीट करना चाहते हैं
यह करूंगी।
मां
वक़्त देखो। वह अब तक घर नहीं आई।
-और तुम अब भी मुझे दोष दे रहे हो। -पागल मत बनो। मैं तुम्हें क्यों दोष दूंगा?
उस पर थोड़ा और यकीन करो। वह अब कोई बच्ची नहीं रही।
तो उसे बच्चों जैसी हरकतें भी नहीं करनी चाहिए, सिनान।
-तुम कहां थीं, बेटा? -मैं आ तो गई।
यह क्या है, कोई होटल?
तुम सारी रात बाहर घूमती हो, फिर वापस आकर बस खाती हो, सोती हो…
सब सही तो है न?
मैं बस अस्या के साथ घूम रही थी, बस।
यहां दुनिया भर की टेंशन हो रही है और तुम "घूम" रही थीं?
तुम्हारे ऑफ़िस से फ़ोन आया था।
तुमने वहां तमाशा किया, न जाने क्या-क्या बकवास की,
और फिर वहां से उठकर चली आई।
एक बार पूछने में जान चली जाती क्या? पूछती क्यों नहीं कि मैंने जॉब क्यों छोड़ी?
मैं सोच रही हूं, भला क्यों छोड़ी होगी? वही पुरानी कहानी।
हमने इसके ग्रेजुएट होने से पहले इसके लिए एक अच्छी सी जॉब ढूंढ़कर दी,
ताकि इसे एक्सपीरिएंस मिले, यह सबसे अलग दिखे। है न?
और यह क्या करती है? नखरे दिखाती है और नौकरी छोड़ देती है।
क्यों? क्योंकि यह इसकी मनपसंद जॉब नहीं है।
जबकि हम सब तो अपने काम से प्यार करते हैं, है न?
दिन भर दूसरों के मसले सुलझाते हुए, बस एक केस से दूसरा केस देखना, है न?
तो क्योंकि आप नाख़ुश हैं, तो मैं भी नाख़ुश रहूं?
आख़िर आप चाहती क्या हैं?
तो अब तुम्हारा बेमकसद और बेमानी होना मेरी गलती है?
सारी चीज़ें आपके इर्द-गिर्द घूमती हैं। आपके नियम, आपके तरीके।
बेटा, यह तुम्हारी ज़िंदगी, तुम्हारे भविष्य का सवाल है।
जैसा बोओगे, वैसा काटोगे।
हां, यह मेरी ज़िंदगी है, पर मुझे ख़ुद नहीं पता कि मुझे क्या चाहिए।
पता नहीं मैं क्या करूंगी क्योंकि मेरे लिए सब कुछ आपने तय कर ही लिया है।
सिर्फ़ मेरा स्कूल ही नहीं, मैं अपने ख़ुद के कमरे का रंग तक नहीं चुन सकी।
सेलिन, बस करो।
आप चाहती हो न कि हम सब आपके नियमों के हिसाब से जिएं?
-तो अब हमें ही देख लीजिए। -बहुत हुआ। अपने कमरे में जाओ।
-डैड, क्या आप इसी वजह से नहीं गए थे? -बस बहुत हुआ!
बाक़ी सब पर इल्ज़ाम लगाना बंद करो।
ज़िंदगी में एक बार तो अपनी ज़िम्मेदारी लो।
जो शुरू करती हो, उसे ख़त्म किया करो।
मुझे हैरान करके दिखाओ।
मैंने समर हाउस बेच दिया है।
क्या?
वह नानी का घर था। बेच दिया, मतलब?
क्या वहां आपकी यादें नहीं हैं? आप कहती हैं न कि आपकी जवानी वहीं गुज़री है।
डैड से भी तो आप वहीं मिली थीं न?
हम काफी वक़्त से वहां नहीं गए हैं।
घर पुराना हो रहा था।
ख़रीददार दो दिन में आ रहे हैं।
और अब तुम्हारे पास एक काम है। क्या सही टाइमिंग है।
कल जाओ और सब कुछ पैक करना शुरू करो।
मुझे आप पर यक़ीन नहीं हो रहा।
तुमने ग़ुस्से में ऐसा कहा, या सच में वह घर बेच दिया?
मैंने घर बेच दिया है, सिनान।
मुझसे पूछे बिना? क्या मेरी कोई मर्ज़ी नहीं?
तुम यहां नहीं हो।
यह सही नहीं है। मैं अब यहां हूं न?
हां, तुम्हें तकलीफ़ नहीं करनी चाहिए थी।
कुछ चीज़ें सच में कभी नहीं बदलतीं।
और कुछ चीज़ें बहुत बदल गई हैं।
जैसे कि तुम।
पुरानी ज़ेनेप कहां है?
मुझे भी वह याद है।
उसके वह ख़्वाब, वह ख़ुशी, वह आज़ादी का एहसास।
उन सबका क्या हुआ?
वह सब पीछे छूट गया।
तुमने मुझ से उम्मीद छोड़ दी।
हम दोनों ने ही छोड़ दी।
मैं हमेशा से यहीं था।
ख़ैर, मुझे चलना चाहिए।
वापस होटल?
फ़िलहाल के लिए, यही ठीक है।
गुड नाइट।
-नानी, आप क्या कर रही हैं? -नानी की प्यारी बच्ची!
इधर आओ। देखो, बिल्कुल तुम्हारी तरह, एक नन्हा सा पौधा।
मैं इसे लगा रही हूं।
ताकि ज़मीन में इसकी जड़ें मज़बूत हों, मेरी प्यारी सेलिन।
नानी की प्यारी बच्ची!
नानी की रोशनी, मेरी छोटी परी!
"बेमकसद, यह और वो।" मैं ऐसी क्यों हूं भला?
यह सब तुम्हारी वजह से है। तुम तो कुछ सुनोगी ही नहीं।
पर हां, तुम्हें तो सब कुछ पता है।
समर हाउस
तुम्हें अंदाज़ा भी है तुम्हारी जगह पाने को लोग क्या कुछ कर गुज़रेंगे?
बाक़ी सब पर इल्ज़ाम लगाना बंद करो।
ज़िंदगी में एक बार तो अपनी ज़िम्मेदारी लो।
जो शुरू करती हो, उसे ख़त्म किया करो। मुझे हैरान करके दिखाओ।
वह ग़लत भी नहीं है।
"अपनी मां की तरह कामयाब बनो। जो तुम्हें चाहिए, उसे हासिल करो।" है न?
"मेरी क्लास की प्यारी दोस्त, ज़ेनेप।"
अपनी चाहतों के साथ सेलिन
सेलिन।
यह तो बड़ा अजीब है।
नानी, आप कितनी ख़ूबसूरत थीं।
एज़गी, कान, मीने, ज़ेनेप, सिनान, दोरुक अगस्त 1996
तेरी ही राहों में खड़ी हूं, आ अब मुझे ढूंढ ले
हाल मेरा मत पूछ, दर्द ये थमेगा क्या? तू डरना नहीं
-यह रही मेरे दिल की इकलौती मालकिन -हां, बिल्कुल
अब लौटकर तू मेरे पास आ रहा है कोई नया पैंतरा नहीं था क्या बचा?
यह बहुत मीठा है।
फ़ोन बज रहा है, पर मैं उठा नहीं सकती लाख बहाने बना लूं, पर कोई बात बनती नहीं
थोड़ा मुस्कुराओ।
दिल कांपता है मेरा, मुझे पागल बना रहा है दिल नहीं, एहसास ये समझ न आए
चीयर्स।
इस इश्क़ को जिस नज़र से भी भी देखूं हर तरफ़ से नाकाम ही होता है
मेरे पास कुछ नहीं, कुछ भी नहीं मेरे पास कोई हल नहीं
मैं भाग नहीं सकती, कोई ज़ोर नहीं चलता यह दिल अपनी जगह पर टिकता ही नहीं
क्या तुम फिर से उसी शुरुआत पर लौट गए? मैं तुम्हारे जाल में नहीं फंसने वाली
मैं चाहती हूं तुम मेरी बोनी के क्लाइड बनो चलो हम यहां से चलें कहीं दूर
वाह, मिस ज़ेनेप।
आपने मुझे देखकर कभी ऐसे स्माइल नहीं किया।
आपने मुझे कभी मुस्कुराने ही कहां दिया।
काश मैं आपकी जवानी के दिन देख पाती।
"नौ अगस्त, 1996।"
डैम।
यह तो बहुत पुरानी बात है।
250 कूपन के बदले
ख़ूबसूरत डिज़ाइन
यह मौक़ा हाथ से जाने न दें। अभी कूपन जमा करना शुरू करें
और यह स्टीरियो स्पीकर आपका होगा।
क्या हो रहा है?
ख़त्म न होने वाली भागदौड़, काम, ज़िम्मेदारियां,
इन सब से लोग दूर हो जाते हैं…
कभी-कभी किसी की आवाज़ सुनने से आपको सुकून मिलता है।
ज़ेनेप।
माफ़ करना, बेटा। तुम्हें वहां खड़े देखकर मैं चौंक गई थी।
नानी?
तुम नीचे वाले नए किराएदारों के साथ हो? तुम्हें कुछ चाहिए क्या?
बेटा?
बेटा?
आइसक्रीम!
आइसक्रीम!
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