The first 200 lines.
मैरिज, रिलेशनशिप...
इन्हें हम इमोशनल फ़ीलिंग्स की तरह देखते हैं।
लेकिन कोई भी इनके पीछे के साइंस को समझने की कोशिश नहीं करता।
द केमिस्ट्री ऑफ़ लव
किसी ऑफ़िस में आठ घंटे काम करने के लिए हम कई डिग्रियाँ लेते हैं।
लेकिन ऐसा कोई कॉलेज नहीं जो सिखाए कि ज़िंदगी भर के रिश्ते कैसे निभाने हैं।
क्या रिश्तों ने अपना वजूद खो दिया है?
मुझे लगता है प्रधानमंत्री बनना ज़्यादा आसान है
बजाय कि सबके साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना।
कपल्स थेरेपी
कपल्स वर्कशॉप में आपका स्वागत है!
मेरा नाम मित्रा मनोहर है।
साइकोलॉजिस्ट और मैरिज काउंसलर।
लोग काउंसलिंग के लिए तभी जाते हैं जब उनके रिश्ते में कोई परेशानी आती है।
ये गलत है!
मेरे हिसाब से, काउंसलिंग सैशन लेना ज़रूरी है
या तो शादी से पहले या शादी के ठीक बाद।
तो क्या पहले ही काउंसलिंग ले लेने से प्रॉब्लम्स आएंगी ही नहीं?
ये सच नहीं है।
इन प्रॉब्लम्स को इतना बड़ा ना बनाकर,
अगर कोई कपल ये सीख ले कि इनसे निपटना कैसे है
तो उनकी शादी बड़े अच्छे से चल सकती है।
कई कपल्स को नहीं पता है कि प्रॉब्लम्स से निपटना कैसे है।
ये कहती है इसे मुझसे बात करनी है। लेकिन मैं कर ही नहीं पाता
क्योंकि ये मुझे बोलने ही नहीं देती।
चाहे मैं जो कहूँ, ये कभी मेरी बात से सहमत नहीं होते।
इससे अच्छा है बात ही ना हो।
ये हर वक़्त ऑनलाइन चीज़ें खरीदती रहती है।
उसके लिए पैसे तुमसे तो नहीं लेती।
ये हमेशा मुझ पर शक करते रहते हैं।
मैं जब भी अपना फ़ोन उठाती हूँ, पूछते हैं, मैं क्या कर रही हूँ।
मैडम, टॉयलेट में फ़ोन चलाने की क्या ज़रूरत है?
ये हमेशा अपना फ़ोन बाथरूम में लेकर जाती है।
ये प्राइवेसी-प्राइवेसी करती रहती थी, जिस वजह से हम नए घर में शिफ्ट हुए।
और अब, इसकी माँ हमारे साथ आकर रहने लगी है।
मैं बात कर रहा होता हूँ, ये गेम खेल रही होती है। मुझे गुस्सा आता है।
ये बिल्कुल रोमैंटिक नहीं है।
हमेशा कमियाँ ही निकालते रहते, इससे अच्छा मैं गेम खेल लूँ।
अपनी फ़ैमिली के किसी काम में ये एक दिन पहले ही चली जाती है।
पर मेरी फ़ैमिली की बात हो तो इसे तैयार होने में दो घंटे लग जाते हैं।
सबसे लास्ट में हमेशा हम ही पहुँचते हैं।
पति-पत्नी को झगड़ा करने के लिए किसी वजह की ज़रूरत नहीं होती।
उनका पति-पत्नी होना ही काफ़ी है!
प्रॉब्लम्स अलग-अलग तरह की हो सकती हैं।
पर दो मुद्दे कॉमन हैं।
पहला है, कम्युनिकेशन।
"तू, तेरी…"
"ये तेरी वजह से, हो सकता है, होना चाहिए…"
यदि हम एक दूसरे पर इल्ज़ाम लगाने वाले ऐसे शब्दों से बचना सीख लें
तो हम कम्युनिकेशन की दिक्कत से बच सकते हैं।
दूसरा है, कनेक्शन।
आप एक दिन में कितने वक़्त फ़ोन चलाते हैं?
द केमिस्ट्री ऑफ़ लव कपल्स वर्कशॉप
आप हर दिन
लगभग साढ़े तीन घंटे फ़ोन चलाते हैं।
आप अपने पार्टनर की आँखों में देखते हुए कितना टाइम बिताते हैं?
अगर हम सब जोड़कर देखें
तो हम पांच मिनट भी ऐसा नहीं करते।
जब हम डेट कर रहे होते हैं,
या शादी के तुरंत बाद का दौर, हम एक-दूसरे की आँखों में देखते हैं, बातें करते हैं।
उसके बाद हम इस पर ध्यान नहीं देते। ना एक दूसरे को देखते और इतनी बात करते हैं।
ऐसे कैसे कनेक्ट करोगे?
आज की इस तेज़ रफ़्तार दुनिया में
आप कह सकते हैं, "इस सबके लिए टाइम ही किसके पास है?"
आपकी बात भी सही है।
पर कम से कम एक मिनट के लिए, हर दिन एक दूसरे की आँखों में देख सकते हैं।
सुबह काम पर जाने से पहले या रात को सोने से पहले।
जब आपको ठीक लगे। असल में, आप ये अभी कर सकते हैं।
चलो, करके देखते हैं।
ठीक है, चलो मेरा ये भाषण अलग रखते हैं।
आप मुझसे पूछ सकते हैं, "क्या आप अपने रिलेशनशिप से खुश हैं?"
बिल्कुल!
मैं बहुत से लोगों की मदद करती हूँ,
लेकिन मैं रोज़ मिलने वाले हर इंसान से एक चीज़ सीखती हूँ।
मैं समस्या की वजह को समझती हूँ
और कोशिश करती हूँ कि वो चीज़ ज़िंदगी में ना आए।
हस्बैंड जो अपनी वाइफ़ के बारे में शिकायत करते हैं
उससे मुझे पता चलता है, मुझे क्या नहीं करना है।
इसलिए, मेरे और मेरे हस्बैंड के बीच कोई दिक्कत नहीं है।
सर, आप कहते हैं कि आपकी पत्नी की कभी आपसे लड़ाई नहीं हुई?
नहीं!
अगर आप किसी प्लान के लिए बिल्कुल आखिर में मना कर दो तो?
वो शिकायत नहीं करती।
क्या उन्होंने कभी आपके मैसेज चेक नहीं किए, और उसके बाद आपसे लड़ी हो?
-वो कभी मेरा फ़ोन नहीं छूती। -सच में?
और अगर आप अपने दोस्तों के साथ बाहर जाओ तो? ऐसा कैसे हो सकता है?
अपने पति को परेशान किए बिना कोई पत्नी, पत्नी कैसे हो सकती है?
ठीक है, मैडम साइकोलॉजिस्ट हैं, तो उनका समझ में आता है।
आप कभी उन पर चिल्लाएं हों?
जब हमारी नई-नई शादी हुई थी...
मित्रा, कितनी देर में तैयार होगी? हमें देर हो रही है।
सब ख़तम होने के बाद हम वहाँ पहुँचेंगे।
मित्रा, तुम क्या कर रही हो? हमें देर हो रही है।
शीशे में देखकर वही बात बोलो जो अभी तुमने मुझसे कही।
-देर हो रही है। -पहले करो न। प्लीज़!
मित्रा, कितनी देर में तैयार होगी? हमें देर हो रही है।
-चलते हैं। -फिर से।
मित्रा, कितनी देर में तैयार होगी?
हमें देर हो रही है।
फिर से।
मित्रा, कितनी देर में तैयार होगी? हमें देर हो रही है।
कैसा लगता है न?
अब से, जब भी तुम्हें गुस्सा आए, शीशे में देखना और बोलना।
उसके बाद मुझसे आकर कहना।
ये यहीं नहीं रुका।
हर बुधवार को हम "ऑनेस्टी आवर" करते हैं।
क्या लगता है तुम्हें उस दिन गुस्सा क्यों आया?
हमारे ब्रेन में एपिनेफ्रिन नाम का एक हार्मोन होता है...
ऑनेस्टी आवर
गुस्सा होने से बचने के कई तरीके हैं।
चिंता मत करो। मैं तुम्हें सिखा दूँगी।
ये पढ़ो!
इसे पढ़कर मेरी लव लैंग्वेज बताओ!
5 लव लैंग्वेजेस
ऑनेस्टी आवर
मनो, शांत हो जाओ, और याद करने की कोशिश करो तुमने कहाँ रखा था।
मुझे पता नहीं है क्या कहाँ रखा था? यहीं तो था।
अरे! ये अभी क्यों डाला? पैन तो गर्म तक नहीं हुआ?
ये एक गहरा कुआँ है।
तुम इसमें गिरते जा रहे हो।
तुमने मेरा फ़ोन चार्ज़िंग से क्यों हटा दिया? पांच पर्सेंट बचा है।
अपना चार्जर क्यों नहीं लेती?
एक साल हो गया। लोग सोच रहे होंगे हमारा बच्चा कब होगा।
चलो उनका मुँह बंद कर देते हैं।
उसके बाद हम चैन से गले भी नहीं लग पाएंगे।
मनो!
हे, क्या हुआ?
मैंने पार्टी के बारे में बताया था, भूल गई थीं क्या?
तुम्हें पता है अभी टाइम क्या हो रहा है?
पंद्रह, चौदह, तेरह, बारह…
कैसा लग रहा है तुम्हें?
4 हफ़्ते लगते हैं आपको अपने शरीर में बदलाव नज़र आना शुरू होने में
-हाय! -हाय!
-अभी ज्वाइन किया है? -हाँ।
-पहले दूसरे जिम में वर्कआउट करती थी। -ओह!
आपके स्टाइल से पता चल रहा है।
मेरे पति और बच्चे भी यही कहते हैं।
हट न। वज़न तो कम कर नहीं सकती।
सुबह जल्दी उठकर सैर पर जाया कर।
-बाहर इतनी जगह है। -बच्चे को अकेले छोड़कर कैसे जाऊं?
एक घंटे के लिए मेड को रुकने का बोल सकती हो।
ये बेकार के बहाने मत बनाया करो।
तुम्हारे लिए ब्रेकफ़ास्ट और लंच कौन बनाएगा?
माय डियर! मुझे ब्रेकफ़ास्ट और लंच की ज़रूरत नहीं है।
थोड़ा वज़न कम कर लो। बाकी सब मैं देख लूँगा।
मैं जिम जा तो रही हूँ।
-बार-बार मत बोला करो… -छह महीने हो गए हैं।
वज़न कम तो नहीं किया उल्टा और बढ़ गया है।
अगर रोज़ जिम की सफ़ाई करती फिर भी काम बन जाता।
जिम जाकर चुगलियाँ करती हो बस।
ऐसा नहीं है। मैं पूरी कोशिश कर रही हूँ।
-लेकिन हो ही नहीं रहा। -"स्विगी" से जंक फ़ूड मंगवाना बंद करो।
तुम पूरे दिन खाती हो और सूअर के जैसे सो जाती हो! ऐसे वज़न कम कैसे होगा?
ये ज़्यादा खाने की वजह से नहीं है।
-मेरा शरीर ही ऐसा है। -हमारी शादी के टाइम कैसी लगती थी तुम?
तुम कुछ 52 किलो की थी।
-अब? -73 किलो।
तुम्हारा वज़न 73 किलो है। तुम रोज़ जिम गई,
सही डाइट ली, मुझ जैसा बलि का बकरा ढूँढा और शादी कर ली।
अब हमारी शादी हो गई और एक बच्चा भी है,
तुम्हें लगता है मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं।
सही बताऊँ, तुमने मुझे धोखे में रखकर मुझसे शादी की है।
अरे, रुको! रुको!
बताओ, मैंने ब्रेकफ़ास्ट में क्या बनाया है।
-क्या? -तुम्हारी फ़ेवरेट डिश।
मेरी फ़ेवरेट... तुम बताओ…
टा-टा-डा!
पोहा?
मैंने तुम्हें सरप्राइज़ देने के लिए तुम्हारी पसंद की डिश बनाई।
-लेकिन तुम खुश नहीं लग रहे। -पिछले हफ़्ते भी तुमने पोहा बनाया था।
तुम सोच सकती हो इसलिए मुझे ख़ुशी नहीं हुई।
लेकिन ऐसा नहीं है।
तुम ये भी सोच सकती हो कि मैं मज़ाक कर रहा था। लेकिन ऐसा भी नहीं है।
पोहा देखकर इतना खुश हो गया कि शब्द ही नहीं मिले कुछ कहने को।
हे!
तुम ये बात अगले ऑनेस्टी आवर में तो नहीं बोलोगी न?
चिंता मत करो। मैं पोहे की बात नहीं करूँगी।
पर तुम्हारा ये दिखाना जैसे मैं ऑनेस्टी आवर में,
सवाल पूछकर तुम पर अत्याचार कर रही हूँ,
ये बात तो मैं ज़रूर करूँगी।
दिव्या, पहले खाना खा लो न।
क्लाइंट के मेल का रिप्लाय कर रही हूँ।
ये क्या है, दिव्या?
तुमने गीज़र भी ऑफ़ नहीं किया, और टॉवल बेड पर ही छोड़ दिया।
उसे वहीं छोड़ दो। मैं सुखाने डाल दूंगी।
ब्रेकफ़ास्ट से पहले कर देना।
दिव्या, क्या आज ऑफ़िस से जल्दी आ सकती हो?
क्या हुआ?
कुछ बात करनी है।
मैं जल्दी ही वज़न कम कर लूँगी।
जो मर्ज़ी आए करो। मुझे क्यों बता रही हो?
तुम कभी नहीं कहते मैं इस साड़ी में कैसी लगती हूँ।
तुम इस साड़ी में हमेशा अच्छी लगती हो।
मैंने ये साड़ी पहली बार पहनी है।
ये तुमने ही मेरे लिए खरीदी थी। याद भी है तुम्हें?
अगर याद ही नहीं रख सकते कि तुमने क्या खरीदा है, तो लाते ही क्यों हो?
तुम अकेली नहीं हो।
मैंने और भी कई औरतों को साड़ियाँ गिफ्ट की हैं।
ओह, तो ये सोचते हो तुम?
तुम अच्छी लग रही हो!
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