The first 179 lines.
फ़िल्म में दिखाए गए सभी पात्र, घटनाएँ और स्थान काल्पनिक हैं।
कहते हैं ज़िंदगी की कहानी,
ज़िंदगी से पहले शुरू हो जाती है।
ज़िंदगी खत्म हो जाती है, पर… कहानी चलती रहती है।
ज़िंदा रहने की जंग कुर्बानियाँ माँगती है।
और इस जंग में दो तरह के सिपाही होते हैं।
एक वो जिन्हें भीख में ज़िंदगी मिलती है।
और दूसरे वो,
जो मौत से लड़कर ज़िंदगी को छीन लेते हैं।
कहते हैं जंग और प्यार में मिले घाव… कभी नहीं भरते।
मेरी ज़िंदगी भी घावों का गुच्छा है।
कौन से घाव जंग में मिले और कौन से प्यार में…
पता नहीं।
मैं इन घावों के साथ ज़िंदा हूँ।
और ये… मेरे लड़कर ज़िंदा रहने की कहानी है।
अल्लाहु अकबर!
काबुल, अफगानिस्तान
अल्लाहु अकबर!
मुख्य बाज़ार की ओर चलो।
माफ़ करना…
-मुझे लगा मैंने इसे बुलाया है। -ओह!
माफ़ करना। मेरी पश्तो इतनी अच्छी नहीं है।
सॉरी…
तुम कहाँ जा रहे हो?
तुम्हें अंग्रेज़ी आती है?
अंग्रेज़ी, हाँ।
मैं मुख्य बाज़ार की ओर जा रहा हूँ।
अच्छा, मैं भी वहीं जा रही हूँ।
क्या मैं तुम्हें वहाँ छोड़ दूँ?
या…
तुम मुझे वहाँ छोड़ सकते हो?
क्यों नहीं।
ओके।
ये तो बहुत लंबी लिस्ट है।
किराने का सामान।
इतना सारा?
कितने लोगों के लिए?
नहीं, नहीं। ये सिर्फ मेरे लिए है।
सिर्फ तुम्हारे लिए--
ओह तेरी… बहुत खाता है।
आप हिन्दी बोलती हैं।
आप हिन्दी बोलते हैं!
आप इंडियन हैं?
मैं तुर्की का नागरिक हूँ।
पर मेरी माँ पंजाब से थी।
ओके।
मेरी फैमिली भी पंजाब से है।
मैं इस्मत हूँ।
-डॉक्टर मिर्ज़ा अली। -हाय।
तो, आप अफगानिस्तान में क्या कर रहे हैं?
मैं टर्की में रहता हूँ।
पर संयुक्त राष्ट्र के एक प्रोग्राम के लिए यहाँ हूँ।
वाह! ओके।
पर आप अफगानिस्तान में क्या कर रही हैं?
मेरी स्टोरी आपकी जितनी कूल नहीं है।
घिसी-पिटी कहानी है।
इंडिया में मेरे रिश्तेदार मेरे निकाह के लिए दवाब डाल रहे थे।
मेरा मन नहीं लग रहा था।
तो, यहाँ पे मुझे एक असाइनमेंट मिली और मैं एकदम से आ गई।
क्या करती हैं आप?
मैं एक पत्रकार हूँ।
मैं टाइम्स के लिए काम करती हूँ।
चलिए अच्छी बात है।
आपके निकाह ना करने की ज़िद ने,
यहाँ अफगानिस्तान में मुझे एक हिंदुस्तानी से मिला दिया।
सही है।
मैं एक बात बता दूँ,
मुझे निकाह से परेशानी नहीं थी।
रिश्तेदारों से परेशानी थी।
और वैसे भी वो जो लड़के मुझे दिखा रहे थे…
मुझे पंजाबी लड़के पसंद नहीं हैं।
पर क्यों?
मैं भी आधा पंजाबी हूँ।
क्या ख़राबी है मुझ में?
ओके।
तो, अगर किसी दिन… आपसे निकाह करने की नौबत आएगी,
तब इत्मीनान से सोच के बताऊँगी।
ओके?
मुझे अजीब लग रहा है ये कहने में, पर…
पता नहीं मैं यहाँ क्या कर रही हूँ?
मैं आपको यकीन दिलाता हूँ, यहाँ आपकी कोई भी फूफी या खाला आपसे नहीं टकराएँगी।
ये बैंड अलग-अलग मुल्कों और तहज़ीबों का म्यूज़िक बजाता है।
शायद मेरी पसंद का भी सुना दे।
आइए।
ये कहाँ से सीखा तुमने?
अब्बा मिलिट्री में थे ना।
तो, उन्होंने बचपन में ही सिखा दिया था।
मोर्स कोड कहते हैं इसे।
मुझे भी सीखना है।
सिखाओगी?
बेशक।
यूएन के साथ मेरा काम कुछ ही दिनों में खत्म हो रहा है।
इसके बाद में टर्की वापस चला जाऊँगा।
खुद का क्लीनिक खोलने का सपना है।
शायद पूरा कर पाऊँ।
पहला कदम ईमान से उठाओ।
सपनों की क्या मजाल कि वो पूरे ना हो।
मिर्ज़ा तुम जहाँ भी जाओगे,
जो भी करोगे,
मेरी दुआएँ हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगी।
पर मेरा दिल हमेशा अफसोस करेगा।
काश तुम्हारी दुआओं के साथ-साथ तुम भी मेरे साथ होती।
मतलब?
इस ताबीज़ में कुरान की आयतें लिखी हैं इस्मत।
-अगर तुम इसे-- -पहेलियों में मत बात करो।
क्या तुम मेरी शरीके हयात बनोगी?
दो महीने बाद…
हमने अभी बॉर्डर क्रॉस किया है।
अब हम अफगानिस्तान में प्रवेश कर रहे हैं।
स्काई रेंजर टू अल्फा 1, क्या आपको संदेश मिला?
स्काई रेंजर टू अल्फा 1, क्या आपको संदेश मिला?
क्या आपको संदेश मिला?
ठीक हो?
हम्म।
सलाम, डॉक्टर साहब।
वालेकुम सलाम बशीर। कैसे हो?
प्लीज़ आप कतार में खड़े ना रहें।
यह मेहमानों के लिए है।
आप परिवार के सदस्य की तरह हैं।
आपको नहीं लगता हमारा निकाह भी कुछ ऐसे होना चाहिए था?
हमने निकाह तो कर लिया पर, किसी को पता नहीं चला।
हमने आपसे निकाह करने के लिए हाँ कह दी इसी में खुश रहिए।
मेरे कुनबे में एक रस्म है।
25 साल बाद निकाह की सभी रस्मों को दोबारा किया जाता है।
ओह।
25 साल के बाद की तारीख मैंने अभी बुक कर ली है।
तो 25 साल रह पाओगे मेरे साथ?
शक है?
अपनी आखिरी साँस मैं आपके साथ ही लूँगा। ये वादा है आपसे डॉक्टर मिर्ज़ा अली का।
आई लव यू।
और मैं तुम्हारे प्यार में मर सकता हूँ।
स्काई रेंजर टू अल्फा 1।
स्काई रेंजर टू अल्फा 1।
अल्फा 1, बोलिए।
अल्फा 1 बोलिए।
सर, कॉर्डिनेट्स यहीं से भेजे गए थे।
क्या आपको लगता है अल्फा 1 पकड़े गए हैं'?
मैं रेस्टरूम होकर आती हूँ।
चलिए, मैं रास्ता दिखा देता हूँ।
नहीं, नहीं, मैं ढूँढ लूँगी।
हाँ?
अल्फा 1 टू स्काई रेंजर।
ये अल्फा 1 टू स्काई रेंजर, रिस्पॉन्स दीजिए।
आओ…
ये स्काई रेंजर है, कॉपी।
स्काई रेंजर आपको संदेश मिला?
मिला।
बख्शी सर से बात कराओ।
इस्मत!
अरे तुमको ही ढूँढ रही थी मैं।
-आओ किसी से मिलवाता हूँ… -नहीं, नहीं वो…
मेरी तबीयत बहुत खराब हो रही है तो, मैं घर जाना चाहती हूँ।
क्या हुआ?
पेट दर्द।
पीरियड आने वाला है ना तो… शायद इसलिए…
-मैं साथ चलता हूँ। -नहीं, नहीं।
आप रुकिए ना। मैं…
वो देखिए शहज़ाद को।
कितना खुश लग रहा है ना।
वो हमारे निकाह पर आया था ना,
आपको भी उसके निकाह पर रहना ही चाहिए।
मैं संभाल लूँगी।
मिर्ज़ा भाई, शहज़ाद आपका इंतज़ार कर रहा है।
आज फनकारी दिखा ही दीजिए मिर्ज़ा भाई।
उम्र भर लगी है इज़्ज़त कमाने में।
सारी आज ही उतरवा दोगे?
नहीं, नहीं आज कोई बहाना नहीं।
या तो, आज आप गाएँगे या फिर घर नहीं जाएँगे।
मर्ज़ी आपकी।
वही गाना मिर्ज़ा भाई जो फूफी गाया करती थी।
याद है?
सर, आप अंदर क्यों आ गए?
तुमसे कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
-मैं क्या करता? मेरे पास कोई चॉइस नहीं थी। -ओके, ओके।
बंदूकें कहाँ हैं?
मुझे उम्मीद है डॉक्टर मिर्ज़ा को पता नहीं उसकी बीवी इस्मत क्या प्लानिंग कर रही है?
हम्म?
हाँ, दुर्गा?
कोई बेवकूफी तो नहीं की?
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