The first 200 lines.
इस चलचित्र में दिखाए गए सभी पात्र और घटनाएँ काल्पनिक हैं
और किसी भी व्यक्ति, जीवित या मृत से कोई भी समानता संयोग मात्र है।
सुपर स्टार
रजनी
कोलकाता
ब्रेकिंग न्यूज़
अनाथे, यह नाम कोलकाता के हर नुक्कड़, हर गली में गूँज रहा है।
शहर में एक नया शांतिदूत…
जिसने कथित माफिया बिज़नसमैन मनोज पारेकर के खिलाफ जंग छेड़ दी है।
अनाथे कौन है, यह आज नया हैश टैग है।
यह बेहद ही जिज्ञासा के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, टीवी, प्रिंट मीडिया और अन्य
न्यूज़रूम में ट्रेंड कर रहा है।
अनाथे नाम पूरे कोलकाता में खास हो गया है।
ट्विटर, व्हाट्सएप, फेसबूक अनाथे की न्यूज़ से भर गए हैं।
एक व्यक्ति अनाथे जिसने अकेले यह जंग छेड़ रखी है…
जनता और पुलिस की नज़रों में आ गया है।
विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि मनोज पारेकर ने घोषणा की है
कि अनाथे को ढूँढने वाले को
बहुत सारा पैसा इनाम में देगा।
इसके अलावा कोलकाता की गलियों के कुछ असामाजिक तत्व
अनाथे को पकड़ने के लिए उसकी तलाश कर रहे हैं।
कौन है यह अनाथे? कहाँ से है यह? यह यहाँ क्यों आया है?
फतेहपुर, अलीपुर, बाटानगर, परागपुर, हावड़ा!
कोलकाता के हर नुक्कड़ और गली में ढूँढो!
साला! किधर है अनाथे?
उसकी तलाश में लग जाओ!
मैं चाहता हूँ हमारा गैंग उसे पकड़े!
दूसरी किसी गैंग के हाथ उस तक नहीं पहुँचने चाहिए।
हमें उसे ढूँढकर और उसे पकड़कर मनोज भाई के पास ले जाना है।
हम उसे खो नहीं सकते! पकड़ो उसे!
हमने देखा उसे!
हमने देखा उसे!
अनाथे…
क्या हुआ?
हम 20 लोग थे।
उसने 18 लोगों को मार डाला।
सिर्फ हम दो जान बचाकर आ सकें।
उसने तुम दोनों को बचकर आने दिया?
हाँ।
क्या तुम लोग बचकर सीधा यहाँ आए हो?
हाँ, हम सीधा यहीं आए हैं!
अनाथे को पकड़ा क्या?
बताओ। तुमने अनाथे को पकड़ा क्या?
हमने अनाथे को नहीं पकड़ा।
अनाथे ने ही हमें पकड़ लिया।
पकड़ो उसे!
जीवन नए जन्मे शीशु समान है।
यह कब रोएगा, कब मुस्कुराएगा…
कब सोएगा और कब जागेगा…
हर किसी के लिए एक रहस्य है।
छह महीने पहले कोलकाता शहर में…
अगर कोई कहता कि इन लोगों के सामने मैं इस रूप में दिखूँगा…
तो मैं इस बात पर हँस देता।
मेरा नाम है कालियन।
मेरा गाँव है सूराकोट्टई।
सूराकोट्टई छह महीने पहले
"वो एक शक्तिशाली चुंबक सा है देखो तो उसकी आँखों में!"
"वो एक करिश्माई बंदा है देखो हमारे भाई को!"
"सीटी की आवाज़ गूँजेगी हर तरफ"
"धूमधाम होगी और उत्सव मनेगा"
"कालियन बहादुरी का दूसरा नाम है"
"हम उसकी जीत के लिए उसका गुणगान करेंगे"
"आओ और हमारी खुशी में भाग लो"
कालियन पंचायत परिषद के अध्यक्ष
पंचायत संघ कार्यालय सूराकोट्टई, थंजावूर
"नेताजी!"
"नेताजी!"
"नेताजी!"
"नेताजी!"
"अनाथे यहाँ है!"
"गलियों में पटाखे और जश्न का माहौल है"
"अनाथे यहाँ है!"
"यह मस्त चाल और कपड़े हर किसी को पसंद है"
"बवंडर को कोई बाधा नहीं रोक सकती"
"अड़चनों से ऊपर उठो ज़िम्मेदारियाँ तुम्हारे इंतज़ार में हैं"
"चारे से व्हेल को नहीं पकड़ सकते"
"राख़ से उठ खड़े हो भगवान हमारे साथ है"
"पूरे विश्वास से लड़ो और हम दुनिया भी जीत सकते हैं"
"कौन तुम्हारे बराबर है? हम आसमान पर भी पहुँच सकते हैं!"
-"अनाथे की बातें लुभाती हैं" -"यह उसकी अदा है!"
-"अनाथे सुर में गाता है" -"यह उसकी अदा है!"
"अनाथे का नाच उत्सव और समारोह में जान डाल देता है!"
-"अनाथे की बातें लुभाती हैं" -"यह उसकी अदा है!"
-"अनाथे सुर में गाता है" -"यह उसकी अदा है!"
"अनाथे का नाच उत्सव और समारोह में जान डाल देता है!"
"अनाथे यहाँ है!"
"गलियों में पटाखे और जश्न का माहौल है"
"नेताजी!"
"नेताजी!"
"नेताजी!"
"नेताजी!"
"प्राचीन कीझाड़ी के पास एक नदी है जो कितना कुछ देती है"
"वहाँ खाने के लिए बहुत सा खाना है"
"भरपूर धान ने लोगों का दिल और आत्मा को आनंद से भर दिया है"
"इसकी जड़ों में साहस है यह चमत्कारों की धरती है"
"हमें सदैव साहस से खड़ा रहना चाहिए चाहे जो हो जाए, हम इस धरोहर के वंशज हैं"
"वो प्यारा, स्नेही और बुद्धिमान है वो हमारा जादूगर, शुभांकर और गुरु है"
"आओ!"
"समय सबसे महत्त्वपूर्ण है इसकी सबसे ज़्यादा कद्र करो"
"इच्छाएँ खतरनाक हो सकती हैं उनके कान मरोड़ कर दूर कर दो"
"इस दुनिया की खूबसूरती क्या है?"
"यह तुम्हारे दुश्मन को भी सहानुभूति दिखाती है"
"सबसे अच्छा बोध क्या है?"
"आत्मबोध ही सबसे बड़ा गुण है"
"तुम्हारे माथे पर पसीना हो दिल में सच हो"
"जो कुछ तुम चाहोगे ज़रूर तुम्हारे पास आएगा"
"वीरता तुम्हें देख रही है भोर तुम्हें जगाएगी"
"किसी से डरना नहीं!"
"तुम्हारे सारे सपने सच होंगे हार मत मानना"
-"अनाथे की बातें लुभाती हैं" -"यह उसकी अदा है!"
-"अनाथे सुर में गाता है" -"यह उसकी अदा है!"
"अनाथे का नाच उत्सव और समारोह में जान डाल देता है!"
-"अनाथे की बातें लुभाती हैं" -"यह उसकी अदा है!"
-"अनाथे सुर में गाता है" -"यह उसकी अदा है!"
"अनाथे का नाच उत्सव और समारोह में जान डाल देता है!"
"अनाथे यहाँ है!"
"गलियों में पटाखे और जश्न का माहौल है"
"अनाथे यहाँ है!"
"यह मस्त चाल और कपड़े हर किसी को पसंद है"
"नेताजी!"
-"अनाथे के ढेरों चाहने वाले हैं" -"वो तो बॉस हैं!"
-"अनाथे चलता है…" -"जैसे बिजली!"
"जब अनाथे लड़ता है…"
"हर जगह धमाके होते हैं!"
-"अनाथे के ढेरों चाहने वाले हैं" -"वो तो बॉस हैं!"
-"अनाथे चलता है…" -"जैसे बिजली!"
"जब अनाथे लड़ता है…"
"हर जगह धमाके होते हैं!"
-क्या हम रेलवे स्टेशन जा रहे हैं? -पुलिस स्टेशन अनाथे।
-देर हो रही है। -सिर्फ एक दस्तख़त, अनाथे।
-पचाकीली! -अभी की अभी!
डी-4 थिरूकट्टूपल्ली पुलिस स्टेशन थंजावूर - 612101
बैठो।
-नाटूदुराई जी। -रूको!
मेरे चारों आदमियों को रिहा करो…
और उनके बदले में इन चारों को डाल दो।
एफ़आईआर फ़ाइल हो चुकी है।
लेजर में भी रिकॉर्ड है।
यह बदल नहीं सकता सर।
अगर हम सही तरीके से हाथों को बदल दें तो किस्मत अपने आप बदल जाती है।
-तो क्या हम कानून नहीं बदल सकते? -हम ऐसा नहीं कर सकते सर।
तो इसे बदलना चाहिए।
कहाँ है पेपर? पेन कहाँ है? मुझे कहाँ दस्तख़त करना है?
यहाँ चलिए।
हमने इस स्टेशन में कल ही तो दस्तख़त किया था!
-वह दूसरे इलाके में था। -अरे यार!
-कहाँ दस्तख़त करूँ मैं? लेजर कहाँ है? -वह वहाँ है।
जब आँधी आती है तो हम घर में घुसते हैं।
जब भूकंप आता है तो हम घर से बाहर निकलते हैं।
हम ज़िंदा रहने के लिए बहुत सी चीज़ें बदलते हैं। क्या हम, लोग नहीं बदल सकते?
-बदल दो! -वाह!
क्या उदाहरण है!
पता है, मेरे पास टाइम नहीं है।
अब अगर मुझे वह बूक दे दो,
मैं जल्दी से इस पर दस्तख़त करूँगा और तुरंत चला जाऊँगा।
कौन हो तुम? वहाँ जाओ और बैठ…
वह तुम्हारी बजा देगा रविवार, सोमवार, मंगलवार और बुधवार को!
-तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऐसा कहने की? -तुमने सुना नहीं उन्होंने जो कहा?
जाओ और वहाँ बैठो!
अगर मुझे गुस्सा आ गया तो मैं गला घोंटकर मार दूँगा तुम्हें!
मच्छर जितना दिखता है और हमारा गला घोंटने की बात करता है!
जैसा मैं कहता हूँ अगर तुम वैसा करोगे तो तुम अपनी जीप में घर जाओगे।
अगर नहीं करोगे तो शववाहिनी में घर जाओगे।
मैं बहुत ही ढीठ दुष्ट हूँ।
माफ़ कीजिए श्रीमान दुष्ट जी!
अगर आप मुझे वह रजिस्टर दे दें,
मैं जल्दी से इस पर दस्तख़त करूँगा और तुरंत चला जाऊँगा।
यहाँ दुष्ट कौन है?
आपका नाम दुष्ट नहीं है?
मेरे मामा का नाम दुष्ट नहीं है!
मैंने बोल दिया उसे!
इनका नाम दुष्ट नहीं है!
आओ, देर हो रही है।
क्या हम उसकी धुलाई करके, रजिस्टर दस्तख़त करें और यहाँ से निकले?
हम यहाँ पर हमारी पिछली धुलाई के कारण ही हैं।
-ठीक है! -तुम बदलोगे या नहीं?
मैं बहुत गरम दिमाग आदमी हूँ।
माफ़ कीजिए, श्रीमान गरम दिमाग जी!
अगर आप मुझे वह रजिस्टर दे दें तो,
मैं जल्दी से इस पर दस्तख़त करूँगा और तुरंत चला जाऊँगा।
तुम गरम दिमाग किसे बोल रहे हो?
-इनका नाम गरम दिमाग नहीं है। -अच्छा?
ए! सुन इधर! तू मेरे मामा को भड़का रहा है!
-इस मच्छर का मुँह बंद करना पड़ेगा। -जाओ यहाँ से!
-मेरे साथ आ। -मैं तो बोलता हूँ, मारो उसे!
मेरे साथ पंगा मत लो।
मैं भयानक आदमी हूँ।
अब मैं समझा।
आपका नाम श्रीमान भयानक है!
श्रीमान भयानक!
-अगर मुझे वह रजिस्टर दे दें… -यह वाला, है न?
-हाँ। -यह लो।
हे भगवान! पचाकीली!
यह देखो कबाड़ा!
ऐसे लगता है ताश के पत्ते किसी ने मिला दिये।
अब इसमें से रजिस्टर कैसे ढूँढेंगे?
हमारे पास ज़्यादा समय नहीं है। हम दो लोग हैं और चार हाथ हैं।
अब इसे कैसे संभाले?
-इन बेकार लोगों को मदद के लिए काम पर लगा लें? -प्लीज़!
हमें काम पर लगा ले? अच्छा?
No comments yet. Be the first to leave one.