The first 200 lines.
बरानगर, कोलकाता
इशी, धीरे चलो।
अपना हाथ दे मुझे।
मीरा, ऊपर खींचो खुद को।
आपने दो लड़कियों को भागते देखा क्या?
क्या हो गया भाई?
उन बदमाश लड़कियों ने मेरा पर्स चुरा लिया।
क्या? चलो पकड़ते हैं उन्हें!
इस तरफ भागी हैं क्या? चलो!
तुम उस तरफ जाओ, मैं इस तरफ जाता हूँ।
हाँ, ठीक है, चल!
दुख रहा है क्या?
थोड़ा सा।
कोई बात नहीं। ठीक हो जाएगा।
सॉरी, मैं--
ए, कोई बात नहीं।
तुम्हें सॉरी बोलने की ज़रूरत नहीं है।
मैंने तुम्हें बताया था क्या कि जब
मैंने पहली बार किसी का पर्स चोरी किया था तो क्या हुआ था?
पता है वो मछली बाज़ार तक मेरे पीछे भागा था।
मैं मछली की टोकरी से टकराकर गिर गई थी।
वो फिसला और उसका सर फट गया।
मुझे ये पढ़कर सुनाओगी, इशी?
सीक्रेट गार्डन
मैंने पेड़ों के बीच से ऊपर आसमान को देखा…
एक अलग ही खुशी महसूस हुई।
जादू हमेशा अपनी तरफ खींचने वाला होता है।
जहाँ कुछ नहीं होता वहाँ से भी बहुत कुछ निकाल लेता है।
जादू हमारे चारों तरफ है।
हर समय, हर जगह।
लेकिन यहाँ तो कोई जादू नहीं है, इशी।
तो फिर मैं तुम्हें ऐसी जगह ले जाऊँगी जहाँ सिर्फ जादू होगा।
थैंक यू, इशी।
स्वीट ड्रीम्स, बच्चा।
मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगी।
जनता के सेवक सेवा ना करते हुए, भ्रष्टाचार कर, अपनी जेबें भरते हैं।
और व्यापारी देश के हक का पैसा छुपा कर देश की प्रगति को धीमा करते हैं।
और इन्हें ये सब करने की ताकत और हिम्मत देते हैं इशी संगमित्रा जैसे लोग…
जो ऐसे देशद्रोहियों का काला चेहरा सफेद करने का काम करते हैं।
वेदाया कन्सल्टिंग नाम की एक पीआर कंपनी
के एक लाख से भी अधिक डॉक्युमेंट्स मिले हैं,
देश के अलग-अलग मीडिया हाउस को।
जिनसे लॉबीस्ट इशी संगमित्रा पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है।
बताया जाता है कि 1990 के दशक से ही,
इशी देश के हर भ्रष्ट बिजनेसमैन और नेता के संपर्क में रही हैं।
लेकिन अब वक़्त है, असलियत का।
हम याद दिला दें दर्शकों को कि इस केस की जाँच--
हश हश
बड़ी कॉम्पलीकेटिड स्थिति है यार।
आपका ओहिताशी सलाद, मैम।
कुछ साफ नहीं है।
जवाब ढूँढना आसान नहीं है, यार।
हाँ, पर ये इशी मैडम हमें सवाल पूछने लायक तो समझें ना।
कम से कम चार दफ़ा खैरियत पूछी होगी हमने।
और ऐसा भी नहीं है कि वो ऑनलाइन नहीं होती है चैट पर।
- पता है। - लेकिन ये बहुत
न्यूज़ है।
आसानी से नहीं दबेगी।
-एक्सक्यूज़ मी? -एक्सक्यूज़ मी नहीं!
पता है हमारी सोसाइटी का खडूस
चेयरपर्सन मुझसे आज क्या पूछने आया था?
इशी की बाकी डिटेल्स।
- चूतिया। - किसलिए?
क्योंकि सोसाइटी की अगली एजीएम का अजेन्डा ये डिसाइड करने का है कि किस टाइप के लोग,
किस बैकग्राउन्ड के लोग अलाउड होंगे हमारी सोसाइटी में।
तुम्हारे पास भी आएँगे।
तुम्हारे घर में, डॉली।
और ये सब, उसने जो रायता फैलाया है उसकी वजह से हो रहा है।
बस भी कर यार। इसमें उसकी
-गलती नहीं है। - और मैं बता रही हूँ,
ये कोई अचानक आसमान से टपका, मरा कौआ वाली स्थिति नहीं है।
पता है ना वो अंदर की आवाज़, गट फीलिंग।
अगर मुझसे पूछो तो, उससे बेहतर जानकारी कोई नहीं दे सकता।
तो क्या? इसका मतलब ज़माने के सामने ज़लील कर दिया जाए?
ये बहुत अजीब था।
और वो क्या था, वो मरा हुआ कौआ? उफ़!
पानी पीने के लिए अलार्म।
नहीं आ पाऊँगी। पार्टी में मिलती हूँ।
उम्मीद है वो ठीक हो।
एमिली को कहो कि मैं बस पहुँच रही हूँ। ओके?
और ये ज़रा मॉडल से कहो ना थोड़ा मुस्कुराए। क्या मातम मना रहे हैं।
डॉल्स, तुम मेरे पैसे दे दोगी?
बिलकुल।
अरे मेहर कहा ना, तुम अपना दिमाग लगाओ, प्लीज़।
वो ठीक होगी।
हाँ।
और वैसे भी आज रात को मिल रहे हैं ना पार्टी में।
पार्टी में तो हो चुकी दिल की बातें।
अगर ज़्यादा भी नहीं, फिर भी कम से कम 500 लोग आएँगे।
बहुत भीड़ हो जाएगी।
तो क्या हुआ? हम कुछ जुगाड़ कर लेंगे।
एक और?
मैं तो एक और ले रही हूँ।
तुमने कॉनफ़िडेन्शियल डेटा इस्तेमाल किया…
वो डेटा जिसका एक्सेस पूरे इंडिया में सिर्फ कुछ चुने हुए लोगों के पास है।
दो दिन में 180 करोड़ बना डाले तुमने।
और हद इस बात की है…
कि तुम मुझे रंडी बोल रहे हो।
हमारी सारी डीलिंग्स प्राइवेट थीं।
हर जगह, साला हर जगह मेरा नाम छाप दिया इन्होंने।
जिस रास्ते पे तुम हो ना…
मरोगी।
मरना तो सबको है।
लेकिन मुझे एक बात समझ में ही नहीं आती…
कि औरतों को डर का एहसास दिलाने का ज़िम्मा…
ये आदमी लोग अपने सिर पे क्यों ले लेते हैं!
मुझे तो लगता है…
कि आदमियों से ज़्यादा डरपोक और कोई नहीं है।
हाँ-हाँ, राजीव सिकंद से ही मिलने आई है वो।
मैं ना अभी बाद में बात करता हूँ।
नर्क बना रखी है लाइफ साली ने।
सामने आ जाए तो कसम से गला घोंट दूँगा मैं उस कमीनी औरत का!
पता नहीं किन-किन को मारेगी?
बड़ा नुकसान करा दिया है। कंपनी बंद कराएगी कमीनी औरत!
हाँ, ये सही है।
ओके। स्माइल, गर्ल्स।
एक और। अच्छा है।
तुम्हारे जैसी पर्फेक्शनिस्ट
कभी इस बात को एक्सेप्ट नहीं करेगी।
लेकिन शो बहुत शानदार होने वाला है।
अगर तुम कहती हो तो।
मैंने छोड़ दी।
सुनो… मुझे ये पूछते हुए बहुत बुरा लग रहा है।
बोलो।
परसों की जगह तुम हमें सारी ड्रेस कल भेज सकती हो क्या?
एमिली, ये बहुत मेहनत से की गई इम्ब्रोइड्री वाले ब्राइडल लहँगे हैं।
कोई पैंटी नहीं हैं।
मैं जानती हूँ, डार्लिंग। पर टाइम कम है।
देखो, इसमें तुम्हारा ही फायदा है।
तुम्हारे पास जितना ज़्यादा टाइम होगा, उतना ही तुम--
कितनी चाहिए?
पंचानवे।
सत्तर
पता है, दिल्ली फैशन वीक खत्म करना,
और अपना इंटरनेशनल स्टोर खोलना…
वो भी एक ही हफ़्ते में…
बहुत बड़ी बात है, ज़ायरा शेख।
मैं तुम्हें दुबई में मिलती हूँ, ओके?
मैंने अल-जुमेराह में तुम्हारे लिए सूइट बुक किया है।
उसके लिए, एम…
मुझे नहीं लगता, मैं…
क्या?
तुम अपने ही स्टोर की लॉन्च पर ना आने का सोच रही हो?
मुझे नहीं पता था कि तुम डरती भी हो।
मैं डर नहीं रही।
ये बहुत…
पता नहीं क्यों… बेकार लग रहा है।
तुम इंडिया की तीसरी फीमेल डिजाइनर हो…
जो अपना खुद का इंटरनेशनल स्टोर खोल रही है।
नाम की इज्ज़त तो रखनी ही पड़ेगी।
दुबई में ड्रिंक्स मेरी तरफ से!
- इसे देख सकते हैं? - हाँ।
ये वाला देखो।
ए! इधर आ।
क्या बकवास-- तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है?
हे भगवान! तेरी पूरी लाइफ की सैलरी से ज़्यादा महँगा है ये लहँगा।
पुरी जी को थैंक्स दे दे कि मैं तेरे सर पे हूँ।
और मेरी वजह से तू लोन लेने से बच जाएगी।
कौन देगा इस गंदगी का पैसा? तेरा बाप?
सुनो!
दुबई शिप होनी हैं सारी ड्रेस।
कल।
कल?
एम्ब्रॉइडरी अभी आई कहाँ है? मास्टर जी को पता भी है या नहीं?
-मेहर… - नहीं।
यूँ तो ज़ायरा ये घबराहट बढ़ाने वाली बात कह रहे हो! 13 पीस की तो अभी कटिंग बाकी है।
हो जाएगा।
हो जाएगा।
गुड।
शूट के बाद, ये लहँगा हमारे घर ड्रॉप कर देना। ओके?
स्माइल ना, गर्ल्स!
साइबा: इशी से बात हुई?
ज़ायरा: नहीं
तो?
स्कूल कैसा चल रहा है?
शुक्रवार को मेरे तीन टेस्ट हैं, मॉम।
साइंस का तो चैप्टर भी खत्म नहीं हुआ।
तो टेस्ट के लिए पढ़ ना।
तू हमेशा क्यों चिपका रहता है--
मॉम!
हैलो। ये क्या हुआ है?
मैं ना हवा में उड़ने की कोशिश कर रहा था।
वास बहुत ऊँचा था।
छींक आ गई। सॉरी।
मिट्टी को दोनों हाथ से दबाओ…
ऐसे।
अनू…
याद है मम्मा ने क्या कहा?
-फुटबॉल को लिविंग रूम में नहीं लाते। -फुटबॉल को लिविंग रूम में नहीं लाते।
ज़ेन अपनी छोटी बहन का ध्यान रखना।
देखा, इसीलिए मैंने कहा लॉन वाला ग्राउन्ड फ्लोर खरीदो।
खेलने के लिए जगह होती।
छी!
अब ये पसीने लेके मेरी शीट्स पर मत बैठ यार!
मेरी भी तो हैं।
वैसे, इशी कैसी है?
उसके कॉन्टैक्टस तो तू जानता है। कुछ नहीं होगा उसे।
लेकिन यार हर जगह, हर चैनल पर वही का वही दिखाया जा रहा है।
वही खबर चल रही है।
वो तो होगा ही ना।
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