The first 196 lines.
Netflix फ़िल्म
ओए…
नीचे नहीं, बस ऊपर-ऊपर।
अरे, खेत क्यों आए फिर?
थिएटर में कर लेते न ऊपर-ऊपर।
-क्या कहा? -गिन्नी, तुझे भरोसा नहीं है मुझ पर?
एक मिनट, साइड में आ, एक मिनट।
जैन… जैन, मैं सुबह क्या बोल रहा था?
बोल रहा था कि तीन दिन से गैस रुकी है, कभी भी पाद निकल जाती है।
चूतिए! मैं दोपहर… दोपहर में क्या बोल रहा था?
दोपहर में बोल रहा था कि गिन्नी से प्यार हो गया है, सच्चे वाला।
जी नहीं सकता अब उसके बिना।
बस… हीर कह देती रांझे को,
कि रांझे, "नीचे नहीं, बस ऊपर-ऊपर", तो?
हम्म।
बस यही प्रॉबलम है आजकल सबकी। कि हर चीज़ ऊपर-ऊपर से।
-सच्चे प्यार करने वाले की… -ओए!
मामाजी ना कमिश्नर बन गए हैं मेरे।
जो तूने झूठा ना, तो तेरी शिकायत कर दूँगी…
सुन मेरी बात, अपने मामे को बोल,
"सच्चे प्यार करने न वाले डरते नहीं हैं।
फिर क्या नीचे तो क्या ऊपर।"
जैन की कसम?
जैन की कसम, मेरी गिन्नी।
मान अरोड़ा कामदेव की नाजायज़ औलाद
मान अरोड़ा। उम्र 26 साल।
स्कूल में कोई पढ़ा नहीं पाया। कॉलेज कोई छुड़ा नहीं पाया।
स्पोर्ट्स कोटे में ऐडमिशन लिया है।
और स्पोर्ट्स कोटे में जो भी मिलता है…
ले लेते हैं।
जैन दी कसम।
- क्या हुआ? -एक सेकंड।
- ओ, जैन! -हाँ, गिन्नी, बोल न सच्चे वाला प्यार हो गया है।
फुद्दू, फोन पकड़।
गौरव जैन बाबूजी का इकलौता बेटा
गौरव जैन। बचपन से इन्होंने बाबूजी से इतनी चपेड़े खाई हैं।
-पापा। -हम्म?
-खलौना टूट गया। -हम्म!
…कि इनके सामने…
पापा, खिलौना जुड़ गया।
…चूँ तक नहीं निकलती।
लीजिए, समधी जी। मिठाई।
स्वादिष्ट है!
बस एक बार इसका कॉलेज खतम हो जाए, फिर बेटी आपकी।
-लीजिए। -मैं भी यही कहती हूँ,
जल्दी खतम हो और ये हमारे घर आए।
जी, ज़रूर।
तारा,
मैं न इस दहेज के सख्त खिलाफ़ हूँ।
बड़ों के आपस की बात है। मुझे कोई प्रॉबलम नहीं है।
आपको है तो अपने बाबूजी से खुद बात कर लो।
मैं ठीक हूँ।
बाबूजी से कौन बात…
पूरे हैं।
-सुन बे, चूतये। -हम्म?
पच्चीस लाख आ चुके हैं। 25 लाख शादी के बाद आएँगे।
अगर इस शादी में कुछ भी गड़बड़ हुई न,
तो मैं 26 साल पहले जाके कंडोम पहन लूँगा।
समझ आई बात? समझ आई न?
जी, बाऊजी। बस पहुँच रहा हूँ।
अरे, नहीं, नहीं, बेटा। आप कहाँ आओगे इस टाइम पे इतनी दूर?
ऐसा करता हूँ मैं आ जाता हूँ।
नहीं, बाऊजी, वो अरोड़ा ले रहा था…
ओहो, आज अरोड़े को दे रहे हो?
नहीं, मेरा मतलब…
थोड़ा मार्केट से कुछ ले रहा था।
बेटा, अगर इतना ही शौक है अपने दोस्तों को घुमाने का,
तो पहले गाड़ी और औकात खुद की बना लो।
-जी। -काट फ़ोन! मेरे हाथ में पेग है।
ये देख ले। सारी छत गंदी कर दी, यार।
ओह, स्ट्रेचेबल है लड़की। क्या हो गया!
अरोड़े, पहले तो "फ़्लेक्सिबल" होता है।
हाँ, जो भी होता है, मेरी थोड़े ना गलती है।
नहीं, भाई, तेरी कहाँ गलती है, यार? सारी गलती तो मेरी है।
तेरे जैसे सेल्फ़िश बन्दे से दोस्ती की, मेरी पहली गलती।
गाड़ी यूज़ करने के लिए देता हूँ, दूसरी गलती।
बार-बार यूज़ करने के लिए देता हूँ, तीसरी गलती।
तू दस मिनट बोलकर जाता है, मैं 50 मिनट नहीं गिनता, यार।
वो भी तो मेरी गलती है।
नहीं, ये तो मेरी है।
लकी टू हैव यू जी
आ जाओ, पाजी, आ जाओ। इतना टाइम नहीं है।
- ब्लेड पे 500। - लाओ, लाओ।
ब्लेड पे 200 लगा दो ।
हाँ, ला। ला। ब्लेड।
- साइड दो, साइड दो। -क्या हो रहा?
ओ, पाजी, सट्टा चल रहा है सट्टा।
खन्ना कैसे मरेगा? चक्कू से या ब्लेड से?
ब्लेड से!
लाओ, पाजी, लाओ…
ओह, यह तो थोड़ा सीरियस लग रहा है। आजा देखते हैं।
ओए, उधर देख, यार। मेरा दोस्त मर रहा है, एँटरटेनमेंट चाहिए तेरे को।
और खन्ने!
आजा फिर! शुरू करते हैं, काम ख़तम करते हैं।
जैनू, मैं क्या कह रहा हूँ। मेरे हिसाब से ना चाकू सही रहेगा।
नहीं, अरोड़े। ब्लेड बेस्ट रहेगा, खन्ने।
मैं कह रहा हूँ, चाकू सही रहेगा। चाकू से झटके से कटता है।
ब्लेड से जब कटता है ना, खून ब्ल-ब्ल-ब्ल करके गिरता है।
बड़ा भद्दा लगता है।
यार, मैंने दो लोगों को अपने आँखों से मरते हुए देखा है। एक दम से मरते हैं।
कौनसे तूने दो लोगों को देखा हुआ है?
यार, तुझे क्या लेना है इस चीज़ से? मैं बोल रहा हूँ ना ब्लेड बेस्ट है।
जैनू की कसम, यार। चाकू बेस्ट है।
अरोड़े, हर बार मेरी कसम क्यों खाता है तू, यार?
यार, आई लव यू।
ओ यार, इसकी मत सुन। मैं बोल रहा हूँ, ब्लेड ट्राय कर। बेस्ट है, यार।
चाकू बढ़िया है, यार।
-यार, ब्लेड। -ओ, चाकू।
-यार, ब्लेड। -चाकू।
-ब्लेड! -मैंने कहा ना चाकू।
-चाकू, यार! -
पहले मैं सुइसाइड नोट लिखूंगा, फिर मरूंगा।
राजेश खन्ना दिल टूटा आशिक
राजेश खन्ना!
हेलो! हेलो! हेलो!
तीन महीने पहले यह कहते थे,
"बाबूमोशाय, ज़िंदगी बड़ी हो ना हो पर लंबी ज़रूर होनी चाहिए।"
क्योंकि इन्हें अपना हर लम्हा अपनी गर्लफ़्रेंड, वैशाली के साथ गुज़ारना था।
जो कि इनके साथ सेम कंपनी में नाइट शिफ़्ट करती थी।
हैलो।
खन्ने! थैंक यू!
-आई लव यू। -आई लव यू टू।
ले आए मेरी कॉफ़ी?
सर, बस दो ही लाया।
-हाँ, तो अपनी दे दे। -सर, आप वैशू की ले लो ना।
हम शेयर कर लेंगे।
हैप्पी बर्थडे टू मी!
हैप्पी बर्थडे खन्ना
हैप्पी बर्थडे टू मी!
है…
रिंकी, वैशाली कहाँ है?
प्लीज़ डिस्टर्ब ना करें, मीटिंग जारी है
कौनसे सुइसाइड नोट सत श्री अकाल से शुरू होता है?
मेरा सुइसाइड नोट है। मैं जैसे मर्ज़ी शुरू करूँ।
ठीक है।
यह लो, पाजी, तुम्हारा ऑर्डर।
रख दे।
लो जी।
-लाम्बे! -हाँ जी?
कढ़ी लाल कैसे हो गई?
पाजी, लड़के ने ना मसाला चेंज कर दिया।
-क्या कर दिया? -बोला ना, मसाला चेंज कर दिया…
तेरी लूली ना चेंज कर दूँ मैं!
तू बहनचोद होता कौन है मेरी ज़िंदगी में कुछ चेंज करने वाला!
कोई भी मेरी ज़िंदगी में कुछ चेंज कैसे कर सकता है?
-चख तो ले, यार? -क्या… क्या करूंगा चख कर? क्या करूंगा?
- बुरा नहीं है यार। - वही तो बोल रहा था मैं।
बुरा नहीं है।
ओ, यार, मैं एक बात बोलूँ? यहाँ का माहौल ना बहनचोद डिप्रेसिंग सा है।
वाइब चेंज करते हैं।
जब चंडीगढ़ के रैडिसन में गरम-गरम पूल में ठंडी-ठंडी स्कॉच पिएगा ना
तो वेश्या का नशा अपने आप ही उतर जाएगा।
-वैशाली। -ओ हाँ, जो भी है।
चलेगा ना?
शाबाश! वैसे अकाउंट में कितने हैं तेरे?
पचपन होंगे।
पर्फ़ेक्ट। पचास में हो जाएगा। सात फिर भी बच जाएँगे।
-सात कैसे बच गए? -तू अंकल को फ़ोन लगा, जैनू,
और बोल दस मिनट में आ रहे हैं गाड़ी लेने।
-पापा को कॉल करूँ मैं अभी? इस टाइम? -हाँ।
यार, तू कैसी बात करता है?
पाजी, स्कूटर साइड कर दो। गाड़ी निकालनी है।
-ओ पकड़ अपना स्कूटर, खुद ही कर दे। -यार, मैं…
बहनचोद, मुश्किल से माना था ना, यार? तू इमैजिन कर।
तीन-तीन क्यूट-क्यूट लौंडे रैडिसन में
स्कूटर पर ट्रिपलिंग करके जाएँगे। बेइज़्ज़ती ख़राब नहीं हो जाएगी?
सच में, गाड़ी चाहिए, यार।
फोर्ड पीबी 11
हाँ, चन्नो, समझा कर।
देख, बैठना पड़ता है ना इनके साथ भी। हाँ।
हाँ, आ जाऊँगा टाइम से।
चल, बाय!
ये कहाँ से आ गया, यार?
हिसाब कर लो।
शुक्रिया! शुक्रिया!
शंटी!
रोटियां ज़्यादा हो रही हैं तेरी।
मिस्टर हनी सिंह पंजाबी श्रवण कुमार
मिस्टर हनी सिंह।
चरण सिंह के ट्रांसपोर्ट बिज़नेस के पचास ट्रकों के इकलौते मालिक।
इनकी दो कमज़ोरियाँ हैं।
-पहली… -ओए!
…इनके स्वर्गवासी पिताजी।
पापाजी की मूंछें नीचे क्यों हैं?
पाजी!
उधर फ़ोटो में भी तो नीचे है।
वह तो उस दिन फ़ोटो खिंचाते टाइम मूड ख़राब था उनका।
पर आज ज़िंदा होते तो मूड ओके होता ना?
- सही कहा। -हँ।
खड़ी कर! बहन…
खड़ी कर! बहन… चल, जल्दी बना। भाई है भई।
ओ, ठंडे हो जाओ जी।
और यह रही इनकी दूसरी कमज़ोरी।
इनके दिल का टुकड़ा…
थोड़ा सा पीछे हो जाओ।
वो ना, निशान पड़ जाते हैं।
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